गौतमबुद्धनगर में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन अब खत्म ही हो चुका है। एक तरफ इस प्रदर्शन के पीछे मजदूर बिगुल दस्ता संगठन का नाम आ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ डीएम ने आदेश दिया है कि अगर उपद्रव होगा तो आउटसोर्सिंग एजेंसियां ब्लैकलिस्ट होंगी। नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के पीछे मजदूर बिगुल दस्ता नामक संगठन का नाम सामने आया। संगठन के मुख्य आरोपी रूपेश राय को पुलिस ने हिरासत में लिया है। संगठन से जुड़े कई अन्य लोगों को भी पकड़ा गया है। अब तक 17 व्हाट्सएप ग्रुप की पहचान कर ली गई है। जहां से श्रमिकों के हिंसक आंदोलन को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया था।रूपेश राय बिगुल दस्ता नाम का संगठन संचालित करता है। अमर उजाला ने प्रदर्शन के दूसरे दिन यानी शनिवार को बातचीत करने का प्रयास किया था, तब संगठन के लोग श्रमिकों को प्रदर्शन जारी रखने के लिए लगातार अपील कर रहे थे। हालांकि, उनका कहना है कि शुक्रवार को भी वह इस प्रदर्शन में श्रमिकों के साथ शामिल होने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उनका कहना था कि पुलिस ने उन्हें रोक लिया था। उन्होंने कहा कि वह श्रमिकों की आवाज को बुलंद करने का प्रयास कर रहे हैं।बीते शनिवार को एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रदर्शन के दौरान रूपेश राय श्रमिकों को प्रदर्शन जारी रखने के लिए कहते हुए नजर आ रहा है। जबकि आज सेक्टर-84 स्थित उद्योगों में शांतिपूर्वक श्रमिक काम पर लौट आए हैं। बीते दिनों बने तनाव के बाद फिर कंपनी में काम कर रहे हैं। सरकार के वेतन बढ़ाने के आदेश का असर दिख रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
नोएडा हिंसा: साजिश के पीछे ये संगठन; 17 Whatsapp ग्रुप से भड़की आग; कंपनियों के बाहर लगे वेतन वृद्धि के बोर्ड
गौतमबुद्धनगर में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन अब खत्म ही हो चुका है। एक तरफ इस प्रदर्शन के पीछे मजदूर बिगुल दस्ता संगठन का नाम आ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ डीएम ने आदेश दिया है कि अगर उपद्रव होगा तो आउटसोर्सिंग एजेंसियां ब्लैकलिस्ट होंगी। नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के पीछे मजदूर बिगुल दस्ता नामक संगठन का नाम सामने आया। संगठन के मुख्य आरोपी रूपेश राय को पुलिस ने हिरासत में लिया है। संगठन से जुड़े कई अन्य लोगों को भी पकड़ा गया है। अब तक 17 व्हाट्सएप ग्रुप की पहचान कर ली गई है। जहां से श्रमिक