Bihar New CM: बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी आज लेंगे शपथ, अब दो डिप्टी सीएम जदयू से होंगे

बिहार में भारतीय जनता पार्टी पहली बार अपना मुख्यमंत्री दे रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल से होकर जनता दल यूनाइटेड के रास्ते 2017 में भाजपा में आए पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी के पुत्र सम्राट चौधरी को बिहार का 24वां मुख्यमंत्री चुना गया है। पहले भाजपा फिर एनडीए की विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट के नाम पर मुहर लगी। पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने उन्हें मखाना की माला पहनाकर अपनी विरासत सौंपी। आज सुबह 10:50 बजे लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। राज्यपाल सम्राट चौधरी के साथ दो डिप्टी सीएम को शपथ दिलाएंगे। आज सम्राट चौधरी समेत तीन लोग ही शपथ लेंगे। बाकी मंत्री बाद में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, शिवराज सिंह, बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता, एनडीए से सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। 2020 में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी तो भाजपा ने दो डिप्टी सीएम दिए। इसमें रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को मौका मिला। इसके बाद दो बार फिर एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण हुआ। इन दोनों बार डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को बनाया गया। अब चूंकि भाजपा बड़े भाई की भूमिका है, तो जदयू से दो डिप्टी सीएम होंगे। पहले चर्चा थी कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार डिप्टी सीएम बनेंगे। लेकिन, वह नहीं माने। इसलिए जदयू ने भूमिहार जाति से आने वाले विजय चौधरी और यादव जाति से आने वाले बिजेंद्र यादव को डिप्टी सीएम बनाने का फैसला लिया। दोनों नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाने हैं। Nitish Kumar : ‘2030 तक का इंतजाम कर जा रहा हूं’- CM पद से इस्तीफे के साथ नीतीश कुमार का संदेश बिहार में भाजपा विधायक दल का नेता सर्वसम्मति से चुने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

TOP News: संसद के विशेष सत्र पर सियासत तेज; जंग के बीच जेलेंस्की का बड़ा दावा; उत्तर भारत में गर्मी के तेवर

उत्तर भारत में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। उधर, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि उनके रोबोट के सामने रूसी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया है। श्री अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण आज से शुरू हो गया है। देशभर में नामित पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक और यस बैंक की 556 शाखाओं में पंजीकरण कराया जा सकेगा। उधर,, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि परिसीमन की जल्दबाजी वाली प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले सभी राजनीतिक दलों और राज्यों के साथ व्यापक परामर्श किया जाए। थरूर ने कहा कि यदि प्रक्रिया में जल्दबाजी की गई तो यह देश के संघीय ढांचे के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी का आध्यात्मिक सत्र 15 अप्रैल को गौतमबुद्धनगर के यमुना सिटी में होने जा रहा है। इसमें वह ‘जीवांजलि विचारों से बदलाव तक’ विषय पर संबोधित करेंगी। उधर, अमेरिका में इस्राइल के राजदूत येहिएल लाइटर ने दक्षिण लेबनान में युद्ध विराम को लेकर कोई प्रतिबद्धता जताने से इनकार किया। हालांकि, वॉशिंगटन डीसी में लेबनान के राजदूत नाडा हमादेह के साथ अपनी बैठक को उन्होंने ‘शानदार दो घंटे की बातचीत’ बताया। संसद के विशेष सत्र में इस सप्ताह महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। वहीं, महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस में मुस्लिम कर्मचारियों द्वारा हिंदू महिला कर्मचारियों के यौन शोषण और धर्म परिवर्तन मामले में पुलिस गहन जांच कर रही है। पुलिस अब फरार आरोपी निदा खान समेत गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों को खंगाल रही है। आईपीएल की बा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

Delimitation: 'परिसीमन से पहले दलों और राज्यों से परामर्श करें', शशि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी से की अपील

यह वीडियो/ हटाएं यह भी पढ़ें - ‘डिग्रेसिव प्रोपोर्शनेलिटी’ का सुझाव थरूर ने लोकसभा में जनसंख्या को संघीय समानता के साथ संतुलित करने के लिए ‘डिग्रेसिव प्रोपोर्शनेलिटी’ के सिद्धांत को अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह सिद्धांत यूरोप में यूरोपीय संसद की संरचना में लागू होता है, जहाँ छोटे और बड़े राज्यों के बीच संतुलन बनाया जाता है। भारत को भी सख्त लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व (एक व्यक्ति, एक वोट) और छोटे राजनीतिक इकाइयों की आवाज सुनिश्चित करने की आवश्यकता के बीच एक समझौता करने की आवश्यकता है। यूरोपीय मॉडल का उदाहरण यूरोपीय मॉडल के अनुसार, यह सिद्धांत बताता है कि अधिक आबादी वाले राज्यों को अधिक सीटें मिलेंगी, लेकिन जनसंख्या बढ़ने के साथ प्रतिनिधियों और नागरिकों का अनुपात भी बढ़ेगा। उदाहरण के लिए, यूरोपीय संसद में, किसी भी सदस्य राज्य के पास 6 से कम और 96 से अधिक सीटें नहीं हो सकती हैं। माल्टा जैसे छोटे देश का एक सदस्य लगभग 80,000 नागरिकों का प्रतिनिधित्व कर सकता है, जबकि जर्मनी जैसे बड़े देश का एक सदस्य लगभग 8,50,000 नागरिकों का प्रतिनिधित्व कर सकता है। इसका उद्देश्य बड़े देशों के एक स्थायी पूर्ण बहुमत को रोकना है जो छोटे देशों के सामूहिक हितों को दरकिनार कर सके। भारत के संदर्भ में लागू करने की आवश्यकता थरूर ने इस सिद्धांत को भारत में लागू करने पर बहस की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल महिलाओं के प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि परिसीमन के कारण उत्पन्न हुए उत्तर-दक्षिण विभाजन को भी संबोधित करना चाहिए। एक सख्त जनसंख्या-आधारित पुनर्वितरण से उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal Polls: 'बंगाल में नहीं बनने देंगे बाबरी मस्जिद', अमित शाह की दो टूक; कबीर और ममता पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक मुद्दे ने जोर पकड़ लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मालदा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए बाबरी मस्जिद जैसे ढांचे के प्रस्ताव पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि बंगाल में ऐसी किसी भी संरचना को बनने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने नवगठित आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एजेंट करार दिया। अमित शाह ने सीधे तौर पर हुमायूं कबीर और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह भारत है और यहां कोई भी व्यक्ति बाबरी मस्जिद जैसा ढांचा नहीं बना सकता। उन्होंने यह भी दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन होगा और भाजपा ऐसी योजनाओं पर रोक लगाएगी। अमित शाह ने आरोप लगाया कि कबीर, ममता बनर्जी के इशारे पर काम कर रहे हैं और दोनों की सोच एक जैसी है। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी और उनके सहयोगियों का यह सपना चुनाव परिणाम आने के बाद टूट जाएगा।गजोले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा ‘ममता दीदी और हुमायूं कबीर मुझे ध्यान से सुनें। यह भारत है और यहां कोई भी काबिल आदमी बाबरी मस्जिद नहीं बना सकता।’ उन्होंने आगे कहा हुमायूं कबीर अपने कान खोलकर सुनें जब मैं कहता हूं कि भाजपा मस्जिद के निर्माण की अनुमति नहीं देगी। ममता बनर्जी और उनके भतीजे को भी पता होना चाहिए कि 5 मई को मस्जिद बनाने के उनके सपने चकनाचूर हो जाएंगे।दरअसल, हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा क्षेत्र में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद बनाने का प्रस्ताव रखा था। यह मुद्दा तब और विवादित हो गया जब 6 दिसंबर को, बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर, इस परियोजना की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 14, 2026 · 2 min · National Desk

India Crude Import: ईरान युद्ध के बीच मार्च में रूसी कच्चे तेल का आयात तीन गुना बढ़ा, 5.3 अरब यूरो के पार नंबर

अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इस संकट के बीच, भारत ने मार्च 2026 में रूस से कच्चे तेल की रिकॉर्ड खरीदारी की है। अमेरिका से मिली एक महीने की विशेष छूट का फायदा उठाते हुए, भारतीय रिफाइनरियों ने फिर से रूसी तेल आयात शुरू कर दिया है, जिससे भारत एक बार फिर वैश्विक बाजार में रूसी जीवाश्म ईंधन का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बन गया है। रूस से तेल के आयात में भारी उछाल यूरोप स्थित थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ (सीआरईए) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात मूल्य तीन गुना से अधिक बढ़कर 5.3 अरब यूरो हो गया। मात्रा के लिहाज से भी इस आयात में दोगुना उछाल देखा गया है। कुल मिलाकर, भारत ने इस महीने 5.8 अरब यूरो के रूसी जीवाश्म ईंधन का आयात किया, जिसमें 91 प्रतिशत हिस्सेदारी केवल कच्चे तेल की रही, जबकि शेष हिस्से में 337 मिलियन यूरो का कोयला और 178.5 मिलियन यूरो के पेट्रोलियम उत्पाद शामिल थे। दिलचस्प बात यह है कि मार्च में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में 4 प्रतिशत की कमी आई, इसके बावजूद रूसी कच्चे तेल के आयात में दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई। इसके मुकाबले फरवरी में भारत 1.8 अरब यूरो के रूसी आयात के साथ तीसरे स्थान पर था। सरकारी और निजी रिफाइनरियों की वापसी इस जबरदस्त उछाल का मुख्य कारण संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा रूसी तेल पर दी गई एक महीने की प्रतिबंधों से छूट थी। वाशिंगटन द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बाद आसमान छूती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए समुद्र में पहले से मौजूद और पूर्व-मंजूर जहाजों पर यह छूट दी गई थी। इस छूट के कारण सर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 14, 2026 · 2 min · National Desk

CM Bihar: सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बन रहे, यह जानकर तेजस्वी यादव भी खुश; बोले- भाजपा भी अब लालू...

मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी के नाम की घोषणा हो गई है। सबसे पहले उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया और फिर भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में घोषित कर दिया। अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर कहा कि आज जो मुख्यमंत्री बन रहे हैं, वह लालू की पाठशाला से ही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब भारतीय जनता पार्टी भी लालू यादव की विचारधारा पर चलने लगी है। सम्राट चौधरी ने क्या मैसेज दिया? सम्राट चौधरी ने कहा कि करीब 30 साल से मैं राजनीति में पूरी तरह सक्रिय हूं। लेकिन, पहले कोई विचारधारा नहीं थी। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों से प्रभावित होकर इस पार्टी में जुड़ा। कैलाशपति मिश्र जी के साथ भी कुछ वक्त तक काम किया। 2015 के चुनाव से मैं लगातार भाजपा के लिए काम करता रहा। पार्टी में प्रदेश के पदाधिकारी के तौर पर, विधानमंडल के नेता, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्ममंत्री के रूप में काम करने का मौका मिला। सम्राट चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मुझ पर विश्वास जताते हुए भाजपा के विधान मंडल का दायित्व सौंपने पर हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा, उनके विश्वास और सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है। मैं पूर्ण निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ जन-जन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेता हूं। देश के प्रधानमंत्री कुशल नेतृत्व एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन में बिहार को विकास, सुशासन और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहूंगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 14, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Live: अमेरिकी-इस्राइली हमले में ईरान को लगभग 270 अरब डॉलर का नुकसान

03:30 PM, 14-Apr-2026 ईरान-ओमान बातचीत और क्षेत्रीय तनाव ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ओमान के विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत की और क्षेत्र में चल रही शांति वार्ता और हालात पर चर्चा की। ईरान ने कहा कि वह क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए तैयार है, लेकिन वह अमेरिका के हस्तक्षेप के खिलाफ है। ओमान ने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता लौट आएगी। ओमान पहले भी ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा चुका है। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अमेरिका की कोई भी उकसाने वाली कार्रवाई वैश्विक शांति के लिए खतरा बन सकती है। साथ ही, ईरान के विदेश मंत्री ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से बातचीत में भी यही चिंता दोहराई कि मौजूदा तनाव आगे और बढ़ सकता है। 03:29 PM, 14-Apr-2026 ईरान का आरोप और संयुक्त राष्ट्र को पत्र ईरान ने पांच अरब देशों बहरीन, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और जॉर्डन से मुआवजे की मांग की है। ईरान का आरोप है कि इन देशों ने अपने इलाके का इस्तेमाल अमेरिका और इस्राइल के हमलों के लिए होने दिया, इसलिए वे इस “आक्रामकता” में शामिल हैं। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर यह भी कहा कि ये देश अब ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा (Self-defence) का अधिकार नहीं जता सकते, क्योंकि उन्होंने खुद हमलों में सहयोग दिया है। 01:08 PM, 14-Apr-2026 चीनी राष्ट्रपति ने पश्चिम एशिया में शांति को बताया जरूरी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के सभी देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का पूरा स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 14, 2026 · 2 min · National Desk

Noida Workers Protest: 2026 में यूपी समेत 12 राज्यों ने बढ़ाया फैक्टरी कर्मियों का न्यूनतम वेतन; अब कहां-कितना

उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार को फैक्टरी कर्मियों ने उग्र प्रदर्शन किए। इनमें मुख्यतः होजरी के काम से जुड़े कर्मचारी शामिल रहे। प्रदर्शनों की मुख्य वजह थी श्रम कानूनों के तहत वेतन बढ़ाने की मांग। इसके अलावा काम पर बेहतर सुविधाएं, छुट्टियां और वेतन हर महीने की 10 तारीख को दिए जाने से जुड़ी मांगें भी उठाई गईं। इन सभी मुद्दों पर कर्मचारी संगठन बीते कई दिनों से प्रशासन से बात कर रहे थे। इतना ही नहीं बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने इस मांग के लिए धरना भी दिया। प्रशासन भी इनमें से अधिकतर मांगों को मानने के लिए तैयार हो गया, हालांकि वेतन में बढ़ोतरी का पेंच अटका रहा। यही वजह रही कि सोमवार को प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गए। अब मंगलवार को भी नोएडा में कुछ जगहों पर फिर से कर्मचारियों के प्रदर्शनों की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में यह जानना अहम है कि उत्तर प्रदेश के जिस नोएडा को औद्योगिक शहर के रूप में पहचान मिली है, वहां सरकार की तरफ से फैक्टरी कर्मियों के लिए न्यूनतम वेतन के क्या मानक तय किए गए हैं? 2026 में श्रम कानून के तहत किन-किन राज्यों में फैक्टरी कर्मियों का वेतन बढ़ाने को लेकर नोटिफिकेशन जारी किए गए हैं? जिन राज्यों में यह नोटिफिकेशन जारी हुए हैं, वहां अकुशल से लेकर कुशल कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन को कितना रखा गया है? इन सबके मुकाबले यूपी कहां ठहरता है? …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 14, 2026 · 2 min · National Desk

तमिलनाडु में BJP का महिलाओं पर बड़ा दांव: 2000 रुपये मासिक मदद से मुफ्त गैस सिलिंडर तक, घोषणापत्र में और क्या?

तमिलनाडु में इसी महीने होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जहां एक ओर सियासत में जबरदस्त गर्माहट देखने को मिल रही है। वहीं दूसरी ओर अब राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां भी और तेज कर दी है। इसी क्रम में भाजपा ने चेन्नई में आगामी चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन, भाजपा नेता के अन्नामलाई और तमिलिसाई सुंदरराजन मौजूद रहे। एफआईआर दर्ज करवाना आसान बनाया जाएगा। पीड़ितों-गवाहों के संरक्षण के उपाय भी किए जाएंगे। यौन अपराधों सहित जघन्य मामलों के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। निर्भया कोष का अधिकतम उपयोग कर महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने का वादा। महिलाओं के नेतृत्व वाली सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाएंगे। पार्टी ने चुनाव को लेकर अपनी योजनाएं और वादे जनता के सामने रखे। पार्टी ने एलान किया कि सत्ता में आने पर हर घर की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये दिए जाएंगे और हर परिवार को एक बार 10,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। बता दें कि भाजपा इस चुनाव में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में 27 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।घोषणापत्र में कहा गया है कि हर साल पोंगल, तमिल नववर्ष और दीपावली के मौके पर 3 मुफ्त गैस सिलिंडर दिए जाएंगे। इसके साथ ही- ये भी पढ़ें:- मुख्यमंत्री के खिलाफ मां ने मोर्चा खोला: NCW से की CM हिमंत की शिकायत; कहा- चुनावी रैली में लगाए अनर्गल आरोप भगवान मुरुगन के सम्मान में थाईपूसम को राज्य पर्व घोषित किया जाएगा। तिरुपरनकुंड्रम पहाड़ी पर कार्त …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 14, 2026 · 2 min · National Desk

Uranium Row: ट्रंप ने दोहराया- ईरान को संवर्धन की इजाजत नहीं; वार्ता में नाकाम तेहरान को 20 साल का बैन नामंजूर

पश्चिम एशिया में सुलगते टकराव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दा अब प्रतिष्ठा और दबदबे की सीधी लड़ाई बन चुका है। बीते दिनों पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई अहम बातचीत भले ही बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई हो, लेकिन इसने यह साफ कर दिया है कि दोनों देश अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हैं। मीडिया रिपोर्टस की माने अमेरिका 20 साल तक परमाणु कार्यक्रम रोकने की सख्त शर्त पर अड़ा है, तो ईरान 5 साल से आगे झुकने को तैयार नहीं। ऐसे में यह विवाद अब सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि नाक का सवाल बन गया है। समझौते के करीब पहुंचे थे दोनों देश इस बात को ऐसे समझिए कि बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान दोनों देश लगभग 80% तक सहमति के करीब पहुंच गए थे। राजनीतिक विश्लेषक इयान ब्रेमर के अनुसार, बीच का रास्ता निकालते हुए करीब 12.5 साल का समझौता हो सकता है। दूसरी ओर यह बैठक खास इसलिए भी थी क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच यह 10 साल से ज्यादा समय बाद पहली सीधी बातचीत थी। साथ ही यह ईरानी क्रांति (1979) के बाद सबसे उच्च स्तर की बातचीत मानी जा रही है। ये भी पढ़ें:- North Korea: पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच उत्तर कोरिया ने किया खतरनाक मिसाइलों का परीक्षण, क्या है किम का प्लान? समझिए किन-किन मुद्दों पर हुई चर्चा? इस बातचीत में सिर्फ परमाणु कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि कई बड़े मुद्दे शामिल थे- होर्मुज जलसंधि को खोलना। ईरान पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध। सुरक्षा गारंटी (एक-दूसरे पर हमला न करने का भरोसा) बातचीत का माहौल कैसा रहा? यह बातचीत करीब 20 घंटे तक चली और माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। एक समय ऐसा भी आया जब बहस तेज हो गई और आवाजें बाहर तक सुनाई देने लगीं। इसके बाद मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के अधिक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 14, 2026 · 2 min · National Desk