खरगे के बयान पर गरमाई सियासत: चुनाव आयोग पहुंची भाजपा; कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
भाजपा की ओर से चुनाव आयोग को लिखी गई चिट्ठी ने यह साफ कर दिया है कि वे इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष को घेरने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। भाजपा ने इस पूरे मामले को प्रधानमंत्री पद की गरिमा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुचिता से जोड़ दिया है।भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों को एक औपचारिक पत्र लिखकर मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर तत्काल संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। भाजपा का तर्क है कि खरगे का बयान प्रथम दृष्टया आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन है।पार्टी ने मांग की है कि चुनाव आयोग खरगे को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने या अपना बयान वापस लेने का निर्देश दे। इसके साथ ही, भाजपा ने आयोग से यह भी अपील की है कि कानून और चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार खरगे पर चुनावी अभियान से जुड़े उचित प्रतिबंध लगाए जाएं या अन्य सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि चुनावी मर्यादा बनी रहे।भाजपा केवल चुनावी प्रतिबंधों तक ही सीमित नहीं रही है, बल्कि उसने खरगे के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। आयोग को भेजे गए पत्र में भाजपा ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं का जिक्र किया है। भाजपा ने मांग की है कि खरगे के खिलाफ धारा 175, 171/174 और 356(1) के साथ-साथ अन्य लागू होने वाली कानूनी धाराओं के तहत दंडात्मक और नियामक कार्यवाही शुरू की जाए। भाजपा चाहती है कि जांच के दौरान जो भी अपराध पाए जाएं, उनके आधार पर कांग्रेस अध्यक्ष को कानूनी अंजाम भुगतना पड़े।भाजपा ने चुनाव आयोग से यह भी अनुरोध किया है कि खरगे के इस विवादित बयान के प्रचार-प्रसार पर तुरंत रोक लगाई जाए। भाजपा की मांग है कि चुनाव अभियान सामग्री और डिजिटल प्रचार से इस बयान को हटाया जाए। साथ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...