Hot Seat Results Live: पांच प्रदेशों में तीन CM आगे, स्टालिन पीछे; सबसे चर्चित विधानसभा सीटों पर किनका दबदबा?

यह राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट है, जहां तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सीधा और कांटे का मुकाबला बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से है। शुभेंदु और ममता 2021 में भी आमने-सामने थे। तब ममता शुभेंदु के गढ़ नंदीग्राम में चुनाव लड़ने पहुंचीं थीं। जहां उन्हें हार मिली थी।उत्तर बंगाल की इस अस्थिर सीट पर टीएमसी के उदयन गुहा और भाजपा के अजय रॉय के बीच टक्कर है। यह अहम इसलिए है क्योंकि 2021 के चुनाव में यहां हार-जीत का अंतर महज 57 वोटों का रहा था। तब भाजपा के नीशीथ प्रमाणिक ने टीएमसी के उदयन गुहा को मात दी थी। 2007 के भूमि विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रही इस सीट पर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी का सामना टीएमसी के पवित्र कर से है। 2021 के चुनाव में शुभेंदु ने इस सीट पर खुद को चुनौती पेश करने आईं ममता बनर्जी को चुनाव हरा दिया था।यह अल्पसंख्यक बहुल सीट है, जहां आईएसएफ के मौजूदा विधायक नौशाद सिद्दीकी को टीएमसी के शौकत मोल्ला कड़ी चुनौती दे रहे हैं। पिछली बार टीएमसी का जोर होने के बावजूद नौशाद ने यह सीट जीती थी।संदेशखाली में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कड़ा संघर्ष है, जबकि आसनसोल दक्षिण में औद्योगिक गिरावट और बेरोजगारी के बीच भाजपा की अग्निमित्रा पॉल और टीएमसी के तापस बनर्जी आमने-सामने हैं। 7. खड़गपुर सदर: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष यहां से अपनी वापसी की कोशिश कर रहे हैं। उनका कड़ा मुकाबला टीएमसी के प्रदीप सरकार से है, जिन्होंने 2019 के उपचुनाव में यह सीट जीती थी। हालांकि, 2021 के चुनाव में यहां से भाजपा के हिरंमय चट्टोपाध्याय ने प्रदीप सरकार को मात दी थी। 8. नौदा और रेजिनगर: इन दोनों सीटों से हुमायूं कबीर मैदान में हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 4, 2026 · 2 min · National Desk

केरल में खुला भाजपा का खाता: चथन्नूर सीट से बीबी गोपाकुमर ने दर्ज की जीत, जानिए नेमोम का हाल

उम्मीदवार पार्टी कुल वोट स्थिति अंतर बी.बी. गोपाकुमार भाजपा 51,923 विजेता — एडवोकेट आर. राजेंद्रन सीपीआई 47,525 उपविजेता 4,398 वोट से हार पार्टी मुख्यालय में राजीव चंद्रशेखर ने कहा, ‘आज नेमोम और चथन्नूर की जनता ने कांग्रेस और माकपा को स्पष्ट जवाब दे दिया है। अब विधानसभा में भाजपा-एनडीए के दो विधायक होंगे।’ चंद्रशेखर ने शुरू से ही इस चुनाव को ‘माकपा विरोधी चुनाव’ करार दिया था। उन्होंने कहा कि लोग भ्रष्टाचार और सबरीमाला से जुड़े कथित मुद्दों से तंग आ चुके थे, जिसका असर नतीजों में दिख रहा है।चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, कोल्लम जिले की चथन्नूर सीट से भाजपा उम्मीदवार बीबी गोपकुमार ने 4, 398 वोटों से जीत दर्ज की है। वहीं, राजधानी की हाई-प्रोफाइल नेमोम सीट पर खुद राजीव चंद्रशेखर 18 में से 14 राउंड पूरे होने के बाद 4,100 से ज्यादा वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं। इन दोनों सीटों पर भाजपा की जीत अब महज औपचारिक घोषणा की बात रह गई है।चंद्रशेखर ने केवल केरल ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित देश के अन्य हिस्सों में हुए चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने प्रचार के दौरान बार-बार कहा था कि भाजपा को एक भी सीट नहीं मिलेगी, लेकिन जनता ने उनके घमंड को तोड़ दिया है।केरल की राजनीति में नेमोम सीट भाजपा के लिए सबसे खास है। साल 2016 में ओ राजगोपाल ने यहीं से जीत दर्ज कर केरल विधानसभा में पार्टी का खाता खोला था। हालांकि 2021 में पार्टी यह सीट हार गई थी, लेकिन 2026 में प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर को मैदान में उतारकर भाजपा ने इसे फिर से अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई बना लिया। दूसरी ओर, कोल्लम जिले की चथन्नूर सीट पर भाजपा का आधार काफी पुराना है। यहां बीबी गोपक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 4, 2026 · 2 min · National Desk

केरल में जली लालटेन: विधानसभा चुनाव में पहली बार RJD प्रत्याशी की जीत, लालू यादव की पार्टी के ये नेता कौन हैं?

और पढ़ें कूत्तुपरम्बा सीट पर किस उम्मीदवार को कितने वोट मिले? यह पहली बार है जब राजद से कोई उम्मीदवार केरल में विधानसभा चुनाव जीता है। पीके प्रवीण को कुल 70448 वोट मिले हैं। उन्होंने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की उम्मीदवार जयंती राजन को 1286 मतों के अंतर से हराया है। जयंती को कुल 69162 वोट मिले। वहीं, तीसरे नंबर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार शिजीलाल रहे, जिन्हें 22195 वोट मिले। किस दल को कितनी सीटों पर जीत मिली? निर्वाचन आयोग के अब तक के आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस 42 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है और 21 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने 20 सीटों पर जीत हासिल की है और छह सीट पर आगे है। आईयूएमएल ने नौ सीटें हासिल की हैं और 13 पर आगे हैं। आयोग के मुताबिक, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की है व तीन पर आगे है। इसके अलावा, केरल कांग्रेस को छह सीटें मिली हैं और एक पर आगे है। रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। भाजपा ने एक सीट पर जीत दर्ज की है और दो पर आगे है। ये भी पढ़ें: पीके प्रवीण कौन हैं? चुनावी हलफनामे के अनुसार पीके प्रवीण एक कारोबारी हैं। उन्होंने अन्नामलाई विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर और एम.फिल की पढ़ाई की है। वह करोड़ों की संपत्ति के मालिक हं, जिसमें 1.33 करोड़ की चल संपत्ति व 2.05 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल है। उन पर 15 लाख रुपये की देनदारी है। उनके ऊपर अब तक कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। यह पहली बार है जब राजद से कोई उम्मीदवार केरल में विधानसभा चुनाव जीता है। पीके प्रवीण को कुल 70448 वोट मि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 4, 2026 · 2 min · National Desk

Hot Seat Results Live: वोटों की गिनती में तीन सीएम आगे, स्टालिन अब भी पीछे; इन 25 सीटों पर कांटे की टक्कर

यह राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट है, जहां तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सीधा और कांटे का मुकाबला बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से है। शुभेंदु और ममता 2021 में भी आमने-सामने थे। तब ममता शुभेंदु के गढ़ नंदीग्राम में चुनाव लड़ने पहुंचीं थीं। जहां उन्हें हार मिली थी।उत्तर बंगाल की इस अस्थिर सीट पर टीएमसी के उदयन गुहा और भाजपा के अजय रॉय के बीच टक्कर है। यह अहम इसलिए है क्योंकि 2021 के चुनाव में यहां हार-जीत का अंतर महज 57 वोटों का रहा था। तब भाजपा के नीशीथ प्रमाणिक ने टीएमसी के उदयन गुहा को मात दी थी। 2007 के भूमि विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रही इस सीट पर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी का सामना टीएमसी के पवित्र कर से है। 2021 के चुनाव में शुभेंदु ने इस सीट पर खुद को चुनौती पेश करने आईं ममता बनर्जी को चुनाव हरा दिया था।यह अल्पसंख्यक बहुल सीट है, जहां आईएसएफ के मौजूदा विधायक नौशाद सिद्दीकी को टीएमसी के शौकत मोल्ला कड़ी चुनौती दे रहे हैं। पिछली बार टीएमसी का जोर होने के बावजूद नौशाद ने यह सीट जीती थी।संदेशखाली में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कड़ा संघर्ष है, जबकि आसनसोल दक्षिण में औद्योगिक गिरावट और बेरोजगारी के बीच भाजपा की अग्निमित्रा पॉल और टीएमसी के तापस बनर्जी आमने-सामने हैं। 7. खड़गपुर सदर: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष यहां से अपनी वापसी की कोशिश कर रहे हैं। उनका कड़ा मुकाबला टीएमसी के प्रदीप सरकार से है, जिन्होंने 2019 के उपचुनाव में यह सीट जीती थी। हालांकि, 2021 के चुनाव में यहां से भाजपा के हिरंमय चट्टोपाध्याय ने प्रदीप सरकार को मात दी थी। 8. नौदा और रेजिनगर: इन दोनों सीटों से हुमायूं कबीर मैदान में हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 4, 2026 · 2 min · National Desk

Vikramshila Setu News : भागलपुर जाने का उपाय क्या बचा? विक्रमशिला सेतु गिरने के बाद नवगछिया का रास्ता बंद

और पढ़ें पिछली सदी में लोग नाव-जहाज के सहारे गंगा पार कर भागलपुर जाते थे। राबड़ी देवी सरकार ने विक्रमशिला सेतु बनाया तो यह संकट खत्म हुआ। अब विक्रमशिला सेतु बीच से ही टूटकर गंगा में समा गया है। इसके साथ ही भागलपुर, बांका या इस होकर झारखंड जाना संभव नहीं है। मतलब, नवगछिया की तरफ से भागलपुर का रास्ता बंद। ऐसे में रास्ते क्या हैं, यह समझें। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 4, 2026 · 1 min · National Desk

पांच राज्यों के चुनावी नतीजे आज: असम-तमिलनाडु-केरल में किसके सिर सजेगा जीत का ताज, बंगाल में कौन मारेगा बाजी?

सभी राज्यों में चुनावों के बाद सियासी दलों ने अपनी-अपनी जीत के दावे किए हैं। हालांकि, मतगणना के बाद ही साफ हो पाएगा कि किसके दावों में कितना दम है। तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने कड़े मुकाबले की उम्मीद जताई है। मतगणना के एक दिन पहले पार्टियों ने जीत के दावे के साथ संभावित राजनीतिक परिदृश्यों पर चर्चा कर समीक्षा बैठकें भी कीं।पश्चिम बंगाल में सबसे कड़ा मुकाबला देखा गया, वहां चुनावी सरगर्मी आखिरी पलों तक बनी रही। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने एक मंदिर में प्रार्थना करते हुए कहा, “ईश्वर हमारे साथ है। सनातन धर्म के हितों की रक्षा करने वाली सरकार आ रही है।” भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को सत्ता से हटाने का भरोसा जताया है। वहीं, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने दावा किया कि ममता बनर्जी 200 से अधिक सीटों के साथ वापसी करेंगी। टीएमसी ने मतगणना एजेंटों के लिए व्यवस्थाओं को लेकर चिंताएं भी जताईं, साथ ही ईवीएम को लेकर सुरक्षा खामियों के आरोप भी लगाए। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन के सत्ता में बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है। राज्य में हुए बंपर मतदान और एग्जिट पोल के नतीजों ने इस अनुमान को बल दिया है। वीसीके प्रमुख थोल. तिरुमावलवन ने कहा कि डीएमके गठबंधन निर्णायक जीत हासिल करेगा। राज्य में मतगणना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।असम में भाजपा अपने शासन के रिकॉर्ड के आधार पर एक और कार्यकाल हासिल करने की उम्मीद कर रही है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत का भरोसा जताया है। वहीं, विपक्षी दलों ने भ्रष्टाचार के आरोपों को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 4, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal: उत्तर 24 परगना में VVPAT पर्चियां मिलने से हड़कंप, नोआपाड़ा सीट पर गहराया विवाद; DEO ने दी सफाई

#WATCH | North 24 Parganas | West Bengal Assembly Elections 2026 | VVPAT slips allegedly from booth number 29 of Noapara Assembly were found discarded in Subhashnagar of Ichapur Nilganj Panchayat of Madhyamgram Assembly, a day before the vote counting was scheduled in the… pic.twitter.com/BRWS3aRMdT May 3, 2026 #WATCH | North 24 Parganas, West Bengal | CPIM candidate from the seat, Gargi Chatterjee, says, “This is the state of the Election Commission. It isn’t the ‘Nirvachan’ Commission. It’s ‘Nirjatan’ (oppressive) Commission… Some slips of my name, some of the BJP, and two to three… pic.twitter.com/5BTI8cAnDy — ANI (@ANI) May 3, 2026 Barasat, West Bengal: On reports of VVPAT slips from the Noapara Assembly constituency being found lying on the street, BJP leader Locket Chatterjee says, “The strong room has very good security. Today, the incident that took place—VVPAT slips from Noapara were found in… pic.twitter.com/23dC5HsBeB — IANS (@ians_india) May 3, 2026 इस घटना की जानकारी मिलते ही सीपीआई(एम) की उम्मीदवार गार्गी चटर्जी मौके पर पहुंचीं। पुलिस भी वहां जांच के लिए पहुंची। इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के त्रिणांकुर भट्टाचार्य और भाजपा के अर्जुन सिंह भी चुनाव मैदान में हैं। गार्गी चटर्जी ने इस घटना को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्वाचन आयोग नहीं बल्कि ‘निर्यातन (दमनकारी) आयोग’ बन गया है। उनके मुताबिक, मौके पर मिली पर्चियों में सबसे ज्यादा उनके नाम की पर्चियां हैं, कुछ भाजपा की हैं और 2-3 पर्चियां टीएमसी उम्मीदवार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 4, 2026 · 2 min · National Desk

कैलाश मानसरोवर यात्रा: बालेन सरकार की आपत्ति को MEA ने किया खारिज, लिपुलेख दर्रे को बताया था नेपाल का हिस्सा

नेपाल ने भारत और चीन द्वारा लिपुलेख दर्रे से आगामी कैलाश मानसरोवर यात्रा आयोजित करने की योजना पर रविवार को आपत्ति जताई है। नेपाल का दावा है कि यह इलाका काठमांडू के अधिकार क्षेत्र में आता है। सरकार ने कहा है कि उसने इस संबंध में अपनी स्थिति भारत और चीन दोनों को कूटनीतिक माध्यमों से अवगत करा दिया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर नेपाल की यह आपत्ति भारत द्वारा यात्रा के जून और अगस्त के बीच आयोजित होने की घोषणा के कुछ दिनों बाद आई है। नेपाल के दावे को विदेश मंत्रालय ने किया खारिज इस पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि इस मामले में भारत का रुख हमेशा से स्पष्ट और एक जैसा रहा है। उन्होंने बताया कि लिपुलेख दर्रा 1954 से कैलाश मानसरोवर यात्रा का पारंपरिक रास्ता रहा है और कई दशकों से इसी मार्ग से यात्रा होती आ रही है, इसलिए इसमें कुछ भी नया नहीं है। उन्होंने नेपाल के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत ऐसे क्षेत्रीय दावों को न तो सही मानता है और न ही ये ऐतिहासिक तथ्यों और सबूतों पर आधारित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एकतरफा तरीके से सीमा का विस्तार दिखाना स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह नेपाल के साथ सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है। सीमा से जुड़े लंबित विवादों को भी आपसी संवाद और कूटनीति के जरिए सुलझाने की बात कही गई है। — MOFA of Nepal 🇳🇵 (@MofaNepal) May 3, 2026 बता दें कि नेपाल इससे पहले भी लिपुलेख को अपना हिस्सा बताता रहा है। उसने पिछले साल कुछ नक्शे जारी किए थे, जिसमें लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था, जबकि ये तीनों इलाके भारतीय सीमा में आते हैं। 4 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 4, 2026 · 2 min · National Desk

कैलाश मानसरोवर यात्रा: बालेन सरकार की आपत्ति को MEA ने किया खारिज, लिपुलेख दर्रे को बताया था नेपाल का हिस्सा

नेपाल ने भारत और चीन द्वारा लिपुलेख दर्रे से आगामी कैलाश मानसरोवर यात्रा आयोजित करने की योजना पर रविवार को आपत्ति जताई है। नेपाल का दावा है कि यह इलाका काठमांडू के अधिकार क्षेत्र में आता है। सरकार ने कहा है कि उसने इस संबंध में अपनी स्थिति भारत और चीन दोनों को कूटनीतिक माध्यमों से अवगत करा दिया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर नेपाल की यह आपत्ति भारत द्वारा यात्रा के जून और अगस्त के बीच आयोजित होने की घोषणा के कुछ दिनों बाद आई है। नेपाल के दावे को विदेश मंत्रालय ने किया खारिज इस पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि इस मामले में भारत का रुख हमेशा से स्पष्ट और एक जैसा रहा है। उन्होंने बताया कि लिपुलेख दर्रा 1954 से कैलाश मानसरोवर यात्रा का पारंपरिक रास्ता रहा है और कई दशकों से इसी मार्ग से यात्रा होती आ रही है, इसलिए इसमें कुछ भी नया नहीं है। उन्होंने नेपाल के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत ऐसे क्षेत्रीय दावों को न तो सही मानता है और न ही ये ऐतिहासिक तथ्यों और सबूतों पर आधारित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एकतरफा तरीके से सीमा का विस्तार दिखाना स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह नेपाल के साथ सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है। सीमा से जुड़े लंबित विवादों को भी आपसी संवाद और कूटनीति के जरिए सुलझाने की बात कही गई है। — MOFA of Nepal 🇳🇵 (@MofaNepal) May 3, 2026 बता दें कि नेपाल इससे पहले भी लिपुलेख को अपना हिस्सा बताता रहा है। उसने पिछले साल कुछ नक्शे जारी किए थे, जिसमें लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था, जबकि ये तीनों इलाके भारतीय सीमा में आते हैं। 4 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 3, 2026 · 2 min · National Desk

कुश्ती विवाद: विनेश ने उठाए निष्पक्षता और सुरक्षा पर सवाल, WFI ने दी गारंटी, लेकिन आयोजन स्थल बदलने से इनकार

कुश्ती विवाद: विनेश ने उठाए निष्पक्षता और सुरक्षा पर सवाल, WFI ने दी गारंटी, लेकिन आयोजन स्थल बदलने से इनकार विनेश फोगाट ने गोंडा में होने वाले टूर्नामेंट को लेकर सुरक्षा और पक्षपात की आशंका जताई और कहा कि किसी भी अप्रिय घटना के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। वहीं, भारतीय कुश्ती महासंघ ने सुरक्षा की गारंटी दी, लेकिन आयोजन स्थल बदलने से साफ इनकार कर दिया। सुरक्षा की गारंटी संजय सिंह ने स्पष्ट कहा कि गोंडा में 10 से 12 मई तक होने वाला यह टूर्नामेंट तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विनेश की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जाएगी और मुकाबलों में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) द्वारा अनुमोदित रेफरी मौजूद रहेंगे। साथ ही सभी मुकाबलों की रिकॉर्डिंग भी की जाएगी, जिससे किसी तरह के पक्षपात की संभावना नहीं रहेगी। विनेश ने जताई आशंका दूसरी ओर, विनेश फोगाट ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यदि प्रतियोगिता के दौरान उनके या उनकी टीम के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए भारत सरकार जिम्मेदार होगी। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि जिस स्थान पर टूर्नामेंट आयोजित हो रहा है, वहां पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह का प्रभाव हो सकता है, जिससे फैसलों में पक्षपात की गुंजाइश बनती है। टूर्नामेंट का स्थान बदलना मुश्क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 3, 2026 · 2 min · National Desk