सभी राज्यों में चुनावों के बाद सियासी दलों ने अपनी-अपनी जीत के दावे किए हैं। हालांकि, मतगणना के बाद ही साफ हो पाएगा कि किसके दावों में कितना दम है। तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने कड़े मुकाबले की उम्मीद जताई है। मतगणना के एक दिन पहले पार्टियों ने जीत के दावे के साथ संभावित राजनीतिक परिदृश्यों पर चर्चा कर समीक्षा बैठकें भी कीं।पश्चिम बंगाल में सबसे कड़ा मुकाबला देखा गया, वहां चुनावी सरगर्मी आखिरी पलों तक बनी रही। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने एक मंदिर में प्रार्थना करते हुए कहा, “ईश्वर हमारे साथ है। सनातन धर्म के हितों की रक्षा करने वाली सरकार आ रही है।” भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को सत्ता से हटाने का भरोसा जताया है। वहीं, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने दावा किया कि ममता बनर्जी 200 से अधिक सीटों के साथ वापसी करेंगी। टीएमसी ने मतगणना एजेंटों के लिए व्यवस्थाओं को लेकर चिंताएं भी जताईं, साथ ही ईवीएम को लेकर सुरक्षा खामियों के आरोप भी लगाए। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन के सत्ता में बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है। राज्य में हुए बंपर मतदान और एग्जिट पोल के नतीजों ने इस अनुमान को बल दिया है। वीसीके प्रमुख थोल. तिरुमावलवन ने कहा कि डीएमके गठबंधन निर्णायक जीत हासिल करेगा। राज्य में मतगणना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।असम में भाजपा अपने शासन के रिकॉर्ड के आधार पर एक और कार्यकाल हासिल करने की उम्मीद कर रही है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत का भरोसा जताया है। वहीं, विपक्षी दलों ने भ्रष्टाचार के आरोपों को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें