Bengal Election: 'बांचते चाईं बीजेपी ताई का दिया नारा', बंगाल में सुनील बंसल बने भाजपा के लिए साइलेंट गेमचेंजर

लोकसभा चुनाव में मिली शिकस्त को बंसल ने चुनौती के रूप में स्वीकार किया। बंग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की प्रताड़ना को जमीनी स्तर पर मुद्दा बना कर तृणमूल के भोद्रोलोक और बंगाल अस्मिता से जुड़े वोट बैंक को तोड़ने के लिए बांचते चाईं-बीजेपी ताई (जीना है तो भाजपा जरूरी) का नारा गढ़ा जो देखते ही देखते पार्टी का प्रमुख नारा बन गया। जमीनी स्तर पर संगठन खड़ा करने के लिए बंसल ने कई प्रयोग किए। इसके लिए 1.65 लाख घर-घर बैठकें आयोजित करने के साथ ही हर विधानसभा में कमल मेलाओं का आयोजन और फुटबॉल मैच आयोजित कराए। इस दौरान हिंसा के कारण वोट देने से वंचित रहने वाले बूथों की पहचान की, जिससे हिंसामुक्त चुनाव में मदद मिली।बंसल ने ऐसे वर्ग को चिन्हित किया जो बीते कई चुनाव से वोट नहीं डाल पा रहे थे। उनकी टीम का दावा है कि इस चुनाव में करीब 10% ऐसे मतदाताओं ने वोट डाले जो इससे पहले मतदान केंद्रों तक नहीं पहुंच पाते थे। तृणमूल के ताकतवर महिला वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए उन्होंने संदेशखाली व आरजीकर दुष्कर्म मामले को महिला स्वाभिमान और सम्मान से जोड़ने की सफल रणनीति बनाई। भाजपा नेताओं के मछली खाने जैसे दृश्य पार्टी को बंगाल अस्मिता से जोड़ने के लिए बंसल की ही बनाई रणनीति थी। इसके साथ ही उन्होंने तृणमूल की सिंडिकेट राजनीति पर भी जमीनी स्तर पर प्रहार की रणनीति तैयार की और सबसे अहम टिकट वितरण में स्थानीय लोगों को तरजीह दी। पश्चिम बंगाल में अब मिली सफलता ने सवालों को पीछे छोड़ दिया है और राष्ट्रीय राजनीति में बंसल के कद को और बड़ा कर दिया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 5, 2026 · 2 min · National Desk

Election Results: क्षत्रपों की मुखर आवाज हुई कुंद, बनी अखिल भारतीय पार्टी; BJP के लिए क्यों बेहद अहम नतीजे?

द्रमुक व तृणमूल की हार से विपक्ष और कमजोर पड़ा। बंगाल की जीत राज्यसभा में भाजपा को अपने दम पर बहुमत में मददगार साबित होगी। बंगाल में सत्ताधारी दल को लोकसभा में ऐतिहासिक रूप से बढ़त मिलती रही है। 2029 के आम चुनाव के लिए भी राह आसान होगी। भाजपा दावा कर सकती है कि वह ऐसी पार्टी है, जिसकी अपील विभिन्न क्षेत्रों और संस्कृतियों तक फैली हुई है।बंगाल में जीत और असम में तीसरी बार सत्ता बरकरार रखना, पार्टी के लिए नई ऊंचाई है। कभी सिर्फ हिंदी बेल्ट तक सीमित मानी जाने वाली भाजपा ने पश्चिम भारत को जीतने के बाद अब बंगाल के गढ़ पर भी कब्जा कर पूर्वी भारत तक अपनी पहुंच बना ली। यह इस वैचारिक दावे को भी मजबूती देता है कि भारतीय सभ्यता एक ही इकाई है। बंगाल में जीत के साथ, खुद को सिर्फ हिंदू, हिंदी, हिंदुस्तान व आक्रामक राजनीति से जोड़कर देखने वाली सोच को भी खत्म कर दिया।भाजपा ने तकरीबन उन सभी क्षेत्रीय क्षत्रपों को खत्म कर दिया, जो उसके लिए चुनौती बन सकते थे। शरद पवार व अरविंद केजरीवाल के कमजोर पड़ने तथा नीतीश कुमार व नवीन पटनायक के प्रभाव के फीका पड़ने के बाद अब ममता, स्टालिन व विजयन भी हार गए।तमिलनाडु में भाजपा विजय की टीवीके की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ा सकती है। सूत्राें का कहना है, भाजपा ने आखिरी मिनट तक बातचीत का रास्ता खुला रखा था और चूंकि विजय अकेले दम पर सरकार बनाने की स्थिति में नहीं हैं, इसलिए हम विकल्प खुले रखेंगे।दक्षिण के दो राज्य केरल व तमिलनाडु अब भी भाजपा की पहुंच से बाहर हैं, पर भाजपाशासित राज्यों में 78% आबादी रहती है। हालांकि, दक्षिण में भाजपा के प्रदर्शन को झटका कहना जल्दबाजी होगी। पार्टी ने केरल में तीन सीटें जीत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। तमिलनाडु में एक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 5, 2026 · 2 min · National Desk

भवानीपुर में खिला कमल: शुभेंदु अधिकारी ने दी सीएम ममता बनर्जी को शिकस्त, दीदी की राजनीति को लेकर किया ये दावा

शुभेंदु अधिकारी ने अपनी जीत के आंकड़ों को साझा करते हुए कहा, ‘यह जीत बहुत महत्वपूर्ण थी। ममता बनर्जी को हराना अनिवार्य था। यह राजनीति से ममता बनर्जी का संन्यास है। इस बार भी वह 15,000 से अधिक मतों से हार गईं।’ मतदान के पैटर्न पर बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुस्लिमों ने उनके लिए खुलकर वोट किया। वार्ड नंबर 77 में सभी मुस्लिम मतदाताओं ने ममता को वोट दिया। वहीं हिंदुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने मुझे आशीर्वाद दिया और जिताया।‘शुभेंदु ने इस जीत को विचारधारा की जीत बताते हुए कहा, ‘यह जीत हिंदुत्व की जीत है। सीपीआईएम के कट्टर समर्थकों ने भी मुझे वोट दिया। भवानीपुर में सीपीएम के 13,000 वोट थे, जिनमें से कम से कम 10,000 वोट मुझे ट्रांसफर हुए। मैं इसके लिए सीपीएम मतदाताओं का आभार व्यक्त करता हूं।’ उन्होंने दावा किया कि बंगाली हिंदुओं के साथ-साथ गुजराती, जैन, मारवाड़ी, पूर्वांचली और सिख समुदाय ने उन्हें खुलकर समर्थन दिया है।केंद्रीय नेतृत्व से संवाद पर शुभेंदु ने बताया, ‘अमित शाह ने मुझे दो-तीन बार फोन किया था। वह भवानीपुर को लेकर चिंतित थे। मैंने उन्हें पहले ही आश्वस्त कर दिया था। फोन इस्तेमाल करने की अनुमति न होने के कारण मैं बात नहीं कर पाया था, लेकिन अब उन्हें जानकारी दूंगा। वह इंतजार कर रहे हैं। अभी मुझे नंदीग्राम का प्रमाण पत्र भी लेना है।‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भवानीपुर की इस ऐतिहासिक जीत पर ट्वीट करते हुए जनता का आभार जताया और शुभेंदु अधिकारी को बधाई दी। उन्होंने लिखा, ‘भवानीपुर के लोगों को मेरा नमन। आपका जनादेश स्पष्ट कर चुका है कि बंगाल अब अराजकता और तुष्टीकरण की राजनीति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। शुभेंदु अधिकारी जी को इस प्रचंड जीत के लि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 5, 2026 · 2 min · National Desk

Hot Seat Results: बंगाल में दीदी तो तमिलनाडु में स्टालिन हारे, शुभेंदु और विजय का चला जादू; देखें पूरी टैली

स्टालिन को लगा बड़ा झटका, अभिनेता विजय की दोहरी जीत तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक जमीन हिला दी है। जहां मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी ही सीट नहीं बचा पाए, वहीं राजनीति में कदम रखने वाले सुपरस्टार विजय ने दोहरी जीत के साथ सबको चौंका दिया है। विधानसभा सीट प्रमुख उम्मीदवार ताजा स्थिति कोलाथुर एमके. स्टालिन हार एदापद्दी के. पलानीस्वामी जीत पेरम्बूर टीवीके प्रमुख विजय जीत त्रिची ईस्ट टीवीके प्रमुख विजय जीत चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी उदयनिधि स्टालिन जीत बोडिनायक्कनूर ओ. पन्नीरसेल्वम जीत मैलापुर तमिलिसाई सुंदरराजन हार अविनाशी एल. मुरुगन अविनाशी हार इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर कोलाथुर सीट पर देखने को मिला। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की हार ने डीएमके के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। इसे शहरी मतदाताओं की नाराजगी और सरकार के प्रति एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।टीवीके प्रमुख अभिनेता विजय ने पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट, दोनों ही सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। उनकी पार्टी के प्रवेश से न केवल वोट बैंक बंटा, बल्कि त्रिची ईस्ट जैसे त्रिकोणीय मुकाबले में उन्होंने अपनी ताकत साबित कर दी।अन्नाद्रमुक से निष्कासित होने के बाद द्रमुक के टिकट पर मैदान में उतरे पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम बोडिनायक्कनूर सीट जीतने में सफल रहे। उन्होंने साबित किया कि इस क्षेत्र में उनकी व्यक्तिगत पकड़ आज भी कायम है।पार्टी के बड़े चेहरे पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन और केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन अपनी सीटें बचाने में नाकाम रहे। मैलापुर और अविनाशी जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर भाजपा को हार का स्वाद चखना पड़ा है।जहां विपक्ष के नेता के. पलानीस्वामी ने एदापद्दी की अपनी पारंपरिक सीट से जीत का …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 5, 2026 · 2 min · National Desk

Hot Seat Results: बंगाल में दीदी तो तमिलनाडु में स्टालिन हारे, शुभेंदु और विजय का चला जादू; देखें पूरी टैली

स्टालिन को लगा बड़ा झटका, अभिनेता विजय की दोहरी जीत तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक जमीन हिला दी है। जहां मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी ही सीट नहीं बचा पाए, वहीं राजनीति में कदम रखने वाले सुपरस्टार विजय ने दोहरी जीत के साथ सबको चौंका दिया है। विधानसभा सीट प्रमुख उम्मीदवार ताजा स्थिति कोलाथुर एमके. स्टालिन हार एदापद्दी के. पलानीस्वामी जीत पेरम्बूर टीवीके प्रमुख विजय जीत त्रिची ईस्ट टीवीके प्रमुख विजय जीत चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी उदयनिधि स्टालिन जीत बोडिनायक्कनूर ओ. पन्नीरसेल्वम जीत मैलापुर तमिलिसाई सुंदरराजन हार अविनाशी एल. मुरुगन अविनाशी हार इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर कोलाथुर सीट पर देखने को मिला। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की हार ने डीएमके के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। इसे शहरी मतदाताओं की नाराजगी और सरकार के प्रति एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।टीवीके प्रमुख अभिनेता विजय ने पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट, दोनों ही सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। उनकी पार्टी के प्रवेश से न केवल वोट बैंक बंटा, बल्कि त्रिची ईस्ट जैसे त्रिकोणीय मुकाबले में उन्होंने अपनी ताकत साबित कर दी।अन्नाद्रमुक से निष्कासित होने के बाद द्रमुक के टिकट पर मैदान में उतरे पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम बोडिनायक्कनूर सीट जीतने में सफल रहे। उन्होंने साबित किया कि इस क्षेत्र में उनकी व्यक्तिगत पकड़ आज भी कायम है।पार्टी के बड़े चेहरे पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन और केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन अपनी सीटें बचाने में नाकाम रहे। मैलापुर और अविनाशी जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर भाजपा को हार का स्वाद चखना पड़ा है।जहां विपक्ष के नेता के. पलानीस्वामी ने एदापद्दी की अपनी पारंपरिक सीट से जीत का …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 4, 2026 · 2 min · National Desk

'मुझे लात मारी गई': सीएम ममता बनर्जी का गंभीर आरोप, बोलीं-सीसीटीवी बंद कर एजेंटों को रोका

ममता बनर्जी ने कहा, ‘भाजपा ने 100 से ज्यादा सीटें लूटी हैं। चुनाव आयोग अब भाजपा का कमीशन बन चुका है। मैंने इस संबंध में चुनाव अधिकारी और मनोज अग्रवाल से भी शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।’ दीदी ने इस जीत की वैधता पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया। ममता बनर्जी ने आगे कहा, ‘क्या आपको लगता है कि यह कोई जीत है? यह एक अनैतिक जीत है, नैतिक जीत नहीं है। चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और केंद्रीय बलों के साथ मिलकर जो कुछ भी किया है, वह पूरी तरह से अवैध है। यह सिर्फ लूट, लूट और लूट है। हम फिर से वापसी करेंगे।‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने मतगणना के दौरान गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोपहर 3 बजे से उनके कार्यकर्ताओं को पीटा गया और उनके साथ बदसलूकी करते हुए उन्हें लात मारी गई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मतगणना केंद्र के सीसीटीवी बंद कर दिए गए और उनके एजेंटों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। ममता बनर्जी ने कहा, ‘मैं खुद पांच मिनट के लिए अंदर गई थी और एजेंट को अनुमति देने का अनुरोध किया था, जिस पर आश्वासन तो मिला लेकिन बाद में कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं हुआ।‘15 साल के लंबे शासन के बाद टीएमसी को राज्य में भारी सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ा। जमीन पर पार्टी के प्रति जनता में असंतोष, भ्रष्टाचार के आरोप और आर्थिक पिछड़ेपन जैसे मुद्दों ने मतदाताओं को विकल्प तलाशने पर मजबूर किया। इसके साथ ही, चुनाव में धार्मिक ध्रुवीकरण एक बड़ा कारक बनकर उभरा। भाजपा की ओर से लगाए गए तुष्टिकरण के आरोपों और हिंदू मतों के बड़े पैमाने पर एकीकरण ने टीएमसी के पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंध लगाई, जिससे पार्टी कई मजबूत गढ़ों …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 4, 2026 · 2 min · National Desk

मोयना का अशोक डिंडा पर भरोसा कायम: दूसरी बार जीते पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज, 10 गुना से ज्यादा वोटों से जीते

मोयना का अशोक डिंडा पर भरोसा कायम: दूसरी बार जीते पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज, 10 गुना से ज्यादा वोटों से जीते और पढ़ें भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा लगातार दूसरी बार पश्चिम बंगाल से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव जीते हैं। भाजपा ने डिंडा को मोयना विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। डिंडा पिछली बार इसी सीट से चुनाव लड़कर विधायक बने थे और एक बार फिर मोयना की जनता ने डिंडा पर अपना भरोसा कायम रखा है। डिंडा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद 2021 में भाजपा से जुड़े थे। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार को दी मात डिंडा ने 2021 में मोयना सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तृणमूल कांग्रेस के संग्राम कुमार डोलाई को 1260 वोटों के अंतर से हराया था। हालांकि, इस बार उन्होंने अपने जीत का अंत काफी बड़ा कर लिया। डिंडा ने इस बार अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तृणमूल कांग्रेस के चंदन मंडल को 16241 वोटों के अंतर से मात दी। इस तरह उन्होंने लगातार दूसरी बार इस सीट से जीत दर्ज की। भारत के लिए खेल चुके हैं डिंडा अशोक डिंडा ने 2009 में भारत के लिए टी20 में डेब्यू किया था और उन्होंने इस प्रारूप में देश के लिए आखिरी बार 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। वहीं, डिंडा ने 2010 में जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था और 2013 में इंग्लैंड के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 4, 2026 · 2 min · National Desk

भवानीपुर में खिला कमल: शुभेंदु अधिकारी ने दी सीएम ममता बनर्जी को शिकस्त, दीदी की राजनीति को लेकर किया ये दावा

शुभेंदु अधिकारी ने अपनी जीत के आंकड़ों को साझा करते हुए कहा, ‘यह जीत बहुत महत्वपूर्ण थी। ममता बनर्जी को हराना अनिवार्य था। यह राजनीति से ममता बनर्जी का संन्यास है। इस बार भी वह 15,000 से अधिक मतों से हार गईं।’ मतदान के पैटर्न पर बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुस्लिमों ने उनके लिए खुलकर वोट किया। वार्ड नंबर 77 में सभी मुस्लिम मतदाताओं ने ममता को वोट दिया। वहीं हिंदुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने मुझे आशीर्वाद दिया और जिताया।‘शुभेंदु ने इस जीत को विचारधारा की जीत बताते हुए कहा, ‘यह जीत हिंदुत्व की जीत है। सीपीआईएम के कट्टर समर्थकों ने भी मुझे वोट दिया। भवानीपुर में सीपीएम के 13,000 वोट थे, जिनमें से कम से कम 10,000 वोट मुझे ट्रांसफर हुए। मैं इसके लिए सीपीएम मतदाताओं का आभार व्यक्त करता हूं।’ उन्होंने दावा किया कि बंगाली हिंदुओं के साथ-साथ गुजराती, जैन, मारवाड़ी, पूर्वांचली और सिख समुदाय ने उन्हें खुलकर समर्थन दिया है।केंद्रीय नेतृत्व से संवाद पर शुभेंदु ने बताया, ‘अमित शाह ने मुझे दो-तीन बार फोन किया था। वह भवानीपुर को लेकर चिंतित थे। मैंने उन्हें पहले ही आश्वस्त कर दिया था। फोन इस्तेमाल करने की अनुमति न होने के कारण मैं बात नहीं कर पाया था, लेकिन अब उन्हें जानकारी दूंगा। वह इंतजार कर रहे हैं। अभी मुझे नंदीग्राम का प्रमाण पत्र भी लेना है।‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भवानीपुर की इस ऐतिहासिक जीत पर ट्वीट करते हुए जनता का आभार जताया और शुभेंदु अधिकारी को बधाई दी। उन्होंने लिखा, ‘भवानीपुर के लोगों को मेरा नमन। आपका जनादेश स्पष्ट कर चुका है कि बंगाल अब अराजकता और तुष्टीकरण की राजनीति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। शुभेंदु अधिकारी जी को इस प्रचंड जीत के लि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 4, 2026 · 2 min · National Desk

केरल में खुला भाजपा का खाता: इन तीन सीटों पर दर्ज की जीत, जानें प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर ने क्या कहा

क्रमांक सीट विजेता उम्मीदवार कुल वोट जीत का अंतर स्थिति 1 चथन्नूर बी.बी. गोपाकुमार 51,923 4,398 16/16 2 कझाकोट्टम वी. मुरलीधरन 46,564 428 18/18 3 नेमोम राजीव चंद्रशेखर 57,192 4,978 25/25 केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि राज्य में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए के अब तीन विधायक होंगे। उन्होंने इस जीत को कांग्रेस और माकपा के उन दावों का करारा जवाब बताया है, जिसमें कहा गया था कि भाजपा का खाता भी नहीं खुलेगा।पार्टी मुख्यालय में राजीव चंद्रशेखर ने कहा, ‘आज नेमोम और चथन्नूर और कझाकोट्टम की जनता ने कांग्रेस और माकपा को स्पष्ट जवाब दे दिया है। अब विधानसभा में भाजपा-एनडीए के तीन विधायक होंगे।’ चंद्रशेखर ने शुरू से ही इस चुनाव को ‘माकपा विरोधी चुनाव’ करार दिया था। उन्होंने कहा कि लोग भ्रष्टाचार और सबरीमाला से जुड़े कथित मुद्दों से तंग आ चुके थे, जिसका असर नतीजों में दिख रहा है।चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, कोल्लम जिले की चथन्नूर सीट से भाजपा उम्मीदवार बीबी गोपकुमार ने 4, 398 वोटों से जीत दर्ज की है। वहीं, राजधानी की हाई-प्रोफाइल नेमोम सीट पर खुद राजीव चंद्रशेखर ने 4,978 से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की है। इसके अलावा कझाकोट्टम से वी मुरलीधरन ने भी जीत दर्ज की है। चंद्रशेखर ने केवल केरल ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित देश के अन्य हिस्सों में हुए चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने प्रचार के दौरान बार-बार कहा था कि भाजपा को एक भी सीट नहीं मिलेगी, लेकिन जनता ने उनके घमंड को तोड़ दिया है।केरल की राजनीति में नेमोम सीट भाजपा के लिए सबसे खास है। साल 2016 में ओ राजगोपाल ने यहीं से जीत दर्ज कर केरल विधानसभा में पार्टी का खाता खोला था। ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 4, 2026 · 2 min · National Desk

Thalapathy Vijay: पिता के घर पहुंचकर विजय ने बजाई सीटी, बालकनी से फैंस का किया अभिवादन

अभिनेता विजय ने सिनेमाई पर्दे पर अपना लोहा मनवाया। अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज किया। अब वे राजनीति में उतरे हैं। पहली बार अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के जरिए वे चुनावी अखाड़े में उतरे और यहां भी करिश्मा कर दिखाया। राज्य की कुल 234 सीटों में से 109 सीटों पर उनकी पार्टी बढ़त बनाए हुए है। एक्टर जीत पक्की होते देख अपने पिता का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। VIDEO | Tamil Nadu Election Results: Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) chief Vijay waves at supporters giving him huge cheer at his father’s residence in Chennai. His party is set to emerge as the single largest party in Tamil Nadu Assembly Polls.#TamilNaduPollResults2026… pic.twitter.com/v1Od59GynR — Press Trust of India (@PTI_News) May 4, 2026 VIDEO | Tamil Nadu Election Results: Ecstatic as Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) has emerged as the single largest party, party chief Vijay’s father SA Chandrasekhar says, “We are very happy, I met my son…"#TamilNaduPollResults2026 #Results2026WithPTI… pic.twitter.com/Z819BmlWND — Press Trust of India (@PTI_News) May 4, 2026 #WATCH | Tamil Nadu | TVK chief and actor Vijay leaves from his residence in Chennai to meet his father His party, TVK is leading on 109 seats of the total 234 in the state. pic.twitter.com/KBq34LCiHj — ANI (@ANI) May 4, 2026 तमिलनाडु चुनाव में अपनी पार्टी टीवीके के शानदार प्रदर्शन के बाद विजय अपने पिता के चेन्नई स्थित घर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद समर्थकों का अभिवादन किया। समर्थकों ने भी विजय का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान वि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 4, 2026 · 2 min · National Desk