शुभेंदु अधिकारी ने अपनी जीत के आंकड़ों को साझा करते हुए कहा, ‘यह जीत बहुत महत्वपूर्ण थी। ममता बनर्जी को हराना अनिवार्य था। यह राजनीति से ममता बनर्जी का संन्यास है। इस बार भी वह 15,000 से अधिक मतों से हार गईं।’ मतदान के पैटर्न पर बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुस्लिमों ने उनके लिए खुलकर वोट किया। वार्ड नंबर 77 में सभी मुस्लिम मतदाताओं ने ममता को वोट दिया। वहीं हिंदुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने मुझे आशीर्वाद दिया और जिताया।‘शुभेंदु ने इस जीत को विचारधारा की जीत बताते हुए कहा, ‘यह जीत हिंदुत्व की जीत है। सीपीआईएम के कट्टर समर्थकों ने भी मुझे वोट दिया। भवानीपुर में सीपीएम के 13,000 वोट थे, जिनमें से कम से कम 10,000 वोट मुझे ट्रांसफर हुए। मैं इसके लिए सीपीएम मतदाताओं का आभार व्यक्त करता हूं।’ उन्होंने दावा किया कि बंगाली हिंदुओं के साथ-साथ गुजराती, जैन, मारवाड़ी, पूर्वांचली और सिख समुदाय ने उन्हें खुलकर समर्थन दिया है।केंद्रीय नेतृत्व से संवाद पर शुभेंदु ने बताया, ‘अमित शाह ने मुझे दो-तीन बार फोन किया था। वह भवानीपुर को लेकर चिंतित थे। मैंने उन्हें पहले ही आश्वस्त कर दिया था। फोन इस्तेमाल करने की अनुमति न होने के कारण मैं बात नहीं कर पाया था, लेकिन अब उन्हें जानकारी दूंगा। वह इंतजार कर रहे हैं। अभी मुझे नंदीग्राम का प्रमाण पत्र भी लेना है।‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भवानीपुर की इस ऐतिहासिक जीत पर ट्वीट करते हुए जनता का आभार जताया और शुभेंदु अधिकारी को बधाई दी। उन्होंने लिखा, ‘भवानीपुर के लोगों को मेरा नमन। आपका जनादेश स्पष्ट कर चुका है कि बंगाल अब अराजकता और तुष्टीकरण की राजनीति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। शुभेंदु अधिकारी जी को इस प्रचंड जीत के लि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
भवानीपुर में खिला कमल: शुभेंदु अधिकारी ने दी सीएम ममता बनर्जी को शिकस्त, दीदी की राजनीति को लेकर किया ये दावा
शुभेंदु अधिकारी ने अपनी जीत के आंकड़ों को साझा करते हुए कहा, 'यह जीत बहुत महत्वपूर्ण थी। ममता बनर्जी को हराना अनिवार्य था। यह राजनीति से ममता बनर्जी का संन्यास है। इस बार भी वह 15,000 से अधिक मतों से हार गईं।' मतदान के पैटर्न पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मुस्लिमों ने उनके लिए खुलकर वोट किया। वार्ड नंबर 77 में सभी मुस्लिम मतदाताओं ने ममता को वोट दिया। वहीं हिंदुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने मुझे आशीर्वाद दिया और जिताया।'शुभेंदु ने इस जीत को विचारधारा की जीत बताते हुए कहा, 'यह जीत हिंदुत्व की जी