ममता बनर्जी ने कहा, ‘भाजपा ने 100 से ज्यादा सीटें लूटी हैं। चुनाव आयोग अब भाजपा का कमीशन बन चुका है। मैंने इस संबंध में चुनाव अधिकारी और मनोज अग्रवाल से भी शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।’ दीदी ने इस जीत की वैधता पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया। ममता बनर्जी ने आगे कहा, ‘क्या आपको लगता है कि यह कोई जीत है? यह एक अनैतिक जीत है, नैतिक जीत नहीं है। चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और केंद्रीय बलों के साथ मिलकर जो कुछ भी किया है, वह पूरी तरह से अवैध है। यह सिर्फ लूट, लूट और लूट है। हम फिर से वापसी करेंगे।‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने मतगणना के दौरान गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोपहर 3 बजे से उनके कार्यकर्ताओं को पीटा गया और उनके साथ बदसलूकी करते हुए उन्हें लात मारी गई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मतगणना केंद्र के सीसीटीवी बंद कर दिए गए और उनके एजेंटों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। ममता बनर्जी ने कहा, ‘मैं खुद पांच मिनट के लिए अंदर गई थी और एजेंट को अनुमति देने का अनुरोध किया था, जिस पर आश्वासन तो मिला लेकिन बाद में कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं हुआ।‘15 साल के लंबे शासन के बाद टीएमसी को राज्य में भारी सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ा। जमीन पर पार्टी के प्रति जनता में असंतोष, भ्रष्टाचार के आरोप और आर्थिक पिछड़ेपन जैसे मुद्दों ने मतदाताओं को विकल्प तलाशने पर मजबूर किया। इसके साथ ही, चुनाव में धार्मिक ध्रुवीकरण एक बड़ा कारक बनकर उभरा। भाजपा की ओर से लगाए गए तुष्टिकरण के आरोपों और हिंदू मतों के बड़े पैमाने पर एकीकरण ने टीएमसी के पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंध लगाई, जिससे पार्टी कई मजबूत गढ़ों …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें