UP: अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट पर घोटाले का आरोप, पुलिस को अभी नहीं मिली है लिखित शिकायत; ट्रस्ट ने दिया जवाब

सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अपने एक्स एकाउंट पर लिखा है कि पूरी दुनिया में भगवान राम के उपासकों के लिए एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पाई गई है। वे आगे लिखते हैं कि यह मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है। उन्होंने यह भी लिखा है कि न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग है, क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है। उन्होंने इस मामले में सरकार की चुप्पी को संदिग्ध करार दिया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 7, 2026 · 1 min · National Desk

INDIA गठबंधन की कल बैठक: कौन से दल-नेता पहुंचेंगे, कौन दे सकता है एकता को झटका, किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

INDIA गठबंधन की कल बैठक: कौन से दल-नेता पहुंचेंगे, कौन दे सकता है एकता को झटका, किन मुद्दों पर होगी चर्चा? आइये जानते हैं कि सोमवार को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक कहां आयोजित होगी? इनमें कौन से दलों की उपस्थिति की संभावना है? इनके कौन से नेता बैठक में पहुंच सकते हैं? इसके अलावा इस बार कौन से दलों ने इस विपक्षी गठबंधन से दूरी बनाने का पहले ही एलान किया है? इस बार बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है? इंडिया गठबंधन की पिछली बैठकें कब-कहां हुई थीं और इनमें किन मुद्दों पर चर्चा हुई थी? आइये जानते हैं… देशभर में एनडीए शासन के खिलाफ तैयार हुए विपक्षी दलों के गठबंधन- ‘इंडिया’ की बहुप्रतीक्षित बैठक सोमवार (8 जून) को होनी है। इस बैठक में केंद्र की राजनीति में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के साथ अलग-अलग राज्यों के कई दलों के शामिल होने की संभावना है। हालांकि, पिछली सभी बैठकों के मुकाबले इस बार बैठक का स्वरूप कुछ अलग दिखना तय माना जा रहा है। दरअसल, एक के बाद एक लगातार चुनाव नतीजों और सत्ता परिवर्तन की वजह से कई विपक्षी दल एक-दूसरे के ही खिलाफ नजर आने लगे हैं। ऐसे में बीते वर्षों में हुई इंडिया गठबंधन की पार्टियों की मुलाकात और चर्चा दोनों में ही परिवर्तन संभव है। कहां आयोजित होने वाली है 8 जून की बैठक? 8 जून 2026 को होने वाली विपक्षी गठबंधन की बैठ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 7, 2026 · 2 min · National Desk

'मैंने हिटलर से प्रेरणा ली और...': तेलंगाना CM के हाइड्रा वाले बयान पर विवाद, तोड़फोड़ की तुलना ईरान से की

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की हाइड्रा को लेकर की गई एक टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा और बीआरएस ने उनकी आलोचना करते हुए बयान को आपत्तिजनक बताया है। रेवंत रेड्डी ने शनिवार को बंगलूरू में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि हैदराबाद में झीलों और जल निकायों पर बड़े पैमाने पर हो रहे अतिक्रमण को देखने के बाद उन्होंने हाइड्रा बनाने का फैसला किया था। उन्होंने कहा, गरीब लोगों का झीलों और नालों पर कब्जा करना तो मैं समझ सकता हूं। आजकल, अमीर लोग अपने फार्महाउस के कारण जल निकायों पर कब्जा कर रहे हैं और अपने ड्रेनेज को जल निकायों से जोड़ रहे हैं। मैंने उन सभी मुद्दों पर ध्यान दिया है। फिर मैंने एक टास्क फोर्स HYDRAA (हाइड्रा) बनाने का फैसला किया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, हाइड्रा यह शब्द हिटलर का पसंदीदा शब्द था। उसकी मुख्य टीम को ‘हाइड्रा’ कहा जाता था, जो किसी की भी हत्या कर सकती थी। इसलिए, मैंने हिटलर से प्रेरणा ली है और इसका नाम हाइड्रा रखा है।उन्होंने बताया कि हाइड्रा की स्थापना के बाद इसके प्रमुख के रूप में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को नियुक्त किया गया।सीएम रेवंत रेड्डी यहीं नहीं रुके। उन्होंने हाइड्रा की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा, “मैंने बड़े पैमाने पर तोड़-फोड़ कराई है। अगर आप ईरान की तस्वीरें देखें, तो उनकी तुलना इस्राइल के साथ युद्ध के दौरान हुई तबाही से कर सकते हैं। उसी तरह हाइड्रा की ओर से की गई तोड़-फोड़ को भी देखा जा सकता है।“केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस की “खतरनाक हिटलर और इमरजेंसी वाली मानसिकता” एक बार फिर सामने आ गई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 7, 2026 · 2 min · National Desk

'ये शर्मनाक है': राम मंदिर चंदे पर अखिलेश ने उठाए सवाल, करोड़ों की गड़बड़ी का किया दावा; मांगी कोर्ट की दखल

ये बेहद शर्मनाक है, चुप्पी पर उठ रहे सवाल अखिलेश यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने इसे दुनिया भर के राम भक्तों के लिए “बेहद संवेदनशील” बताया। यादव ने कहा कि यह स्थिति मंदिर ट्रस्ट के लिए “बेहद शर्मनाक” है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि राम मंदिर को दिए गए दान से करोड़ों रुपये गायब होना बहुत संवेदनशील खबर है। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने मंदिर ट्रस्ट और सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की चुप्पी “संदिग्ध” प्रतीत होती है। पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने इस कथित विसंगति को सार्वजनिक चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के लिए यह बेहद शर्मनाक स्थिति है। कोई भी आगे आकर स्पष्टीकरण देने को तैयार नहीं है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 7, 2026 · 1 min · National Desk

पूर्व सीएम एमके स्टालिन का बड़ा दावा: कहा- तमिलनाडु में टीवीके सरकार पर संकट, तीन महीने भी चलना मुश्किल

तमिलनाडु में इसी साल मई के महीने में एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला था। अभिनेता से नेता बने सी. जोसफ विजय ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। पिछले 60 साल में यह पहली बार हुआ है जब तमिलनाडु में द्रमुक (डीएमके) या अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) से इतर किसी तीसरे दल की सरकार बनी है। इस बड़े बदलाव के बाद राजनीतिक विश्लेषक इसे एक नए युग की शुरुआत मान रहे थे। लेकिन विपक्षी दलों का सोचना इससे बिल्कुल अलग है।चेन्नई में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला। दरअसल, यह कार्यक्रम विदुथलाई चिरुथाईगल काची के पूर्व विधायक पनैयूर बाबू और उनके समर्थकों को द्रमुक में शामिल कराने के लिए आयोजित किया गया था।नेताओं का पार्टी में स्वागत करते हुए स्टालिन ने कहा कि जब यह सरकार सत्ता में आई थी, तब मैंने कहा था कि मैं छह महीने तक इसकी आलोचना नहीं करूंगा। लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। अब ऐसा डर सताने लगा है कि मुझे अपने तय समय से पहले ही बोलना पड़ेगा। स्टालिन ने सरकार की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनता के बीच इस सरकार को लेकर भारी असंतोष है। आलोचनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब सवाल छह, पांच या चार महीनों का नहीं रह गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सरकार तीन महीने भी टिक पाएगी।अपने इस तीखे राजनीतिक हमले के बीच एमके स्टालिन ने अपनी पार्टी के नए कार्यकर्ताओं को अनुशासन की सीख भी दी। उन्होंने दल-बदल कर आए नेताओं से साफ कहा कि वे अपनी पुरानी पार्टी की बुराई न करें। उन्होंने द्रमुक के संस्थापक सीएन अन्नादुरई के एक प्रसिद्ध कथन का जिक् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 7, 2026 · 2 min · National Desk

Politics: इंडिया गठबंधन में बैठक से पहले बढ़ा तनाव, CPIM ने कांग्रेस से मांगा जवाब; डीएमके ने किया बहिष्कार

विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की 8 जून को होने वाली बैठक से पहले सहयोगी दलों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। एक ओर सीपीआईएम ने केरल विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई है, वहीं डीएमके ने बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इस बीच भाजपा नेताओं ने विपक्षी गठबंधन की एकता पर सवाल उठाए हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 7, 2026 · 1 min · National Desk

CBSE: सीबीएसई OSM विवाद पर राहुल गांधी ने PM पर निशाना साधा, कहा- पीएम चाहते हैं युवा रील बनाएं और पकौड़े तलें

Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को सीबीएसई और सीओईएमपीटी के बीच कथित मिलीभगत का खुलासा करने वाले छात्र सार्थक सिद्धांत और उनके साथी निसर्गा अधिकारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि युवा “रील बनाते रहें और पकौड़े तलते रहें”, लेकिन इन दोनों युवाओं ने सवाल पूछे और उनके जवाब भी खोजे। सीबीएसई ओएसएम विवाद में राहुल गांधी का बयान राहुल गांधी ने अपने एक्स (Twitter) अकाउंट पर पिछले सप्ताह सार्थक सिद्धांत के साथ हुई मुलाकात का एक वीडियो भी साझा किया। सार्थक सिद्धांत सीबीएसई की ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) से प्रभावित 18 वर्षीय छात्र हैं, जिन्होंने कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में OSM के लिए विक्रेता चयन की निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की ओर ध्यान दिलाया है। राहुल गांधी ने सरकार और सिस्टम पर उठाए सवाल वीडियो के साथ हिंदी में लिखे अपने पोस्ट में गांधी ने कहा, “सार्थक 18 साल के हैं, फिर भी, सोच, साहस और सिद्धांतों के मामले में उनका कोई मुकाबला नहीं है। उन्होंने और उनके सहयोगी निसर्गा ने वह कर दिखाया जो देश के प्रमुख मीडिया घराने और खोजी पत्रकार नहीं कर सके: उन्होंने सीबीएसई और सीओईएमपीटी के बीच मिलीभगत को राष्ट्र के सामने उजागर किया।” राहुल गांधी ने कहा कि 18 साल के एक छात्र ने अपनी समझ और मेहनत से ऐसा काम किया है, जो जांच एजेंसियों से भी बेहतर माना जा सकता है। उनके अनुसार, यह युवाओं की जीत है और सरकार की नाकामी को दिखाती है। उन्होंने कहा, “मोदी जी चाहते हैं कि हमारे युवा बिना सवाल पूछे या आंखें खोले रील बनाते और पकौड़े तलते रहें। लेकिन इन युवकों ने सवाल पूछे और उन्हें जव …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 7, 2026 · 2 min · National Desk

Rajya Sabha Polls: TDP ने राज्यसभा चुनाव के लिए घोषित किए तीन उम्मीदवार; विजय, रामकृष्ण और सतीश को मिला टिकट

आंध्र प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी ने अपने तीन उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। टीडीपी प्रमुख और मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने चिंतकायला विजय, भाष्यम रामकृष्ण और मौजूदा राज्यसभा सदस्य साना सतीश को पार्टी उम्मीदवार बनाया है। नायडू ने वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में तीनों नेताओं को बी-फॉर्म सौंपे। इस फैसले को टीडीपी की नई राजनीतिक रणनीति और संगठन में वफादार नेताओं को आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। आखिर टीडीपी ने किन नेताओं पर लगाया दांव? टीडीपी ने जिन तीन नेताओं को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है, उनमें चिंतकायला विजय पार्टी संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। विजय फिलहाल टीडीपी के प्रदेश महासचिव हैं और पहले तेलुगु युवथा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने अमेरिका और भारत के संस्थानों से पॉलिटिकल मैनेजमेंट और गवर्नेंस की पढ़ाई की है। दूसरे उम्मीदवार भाष्यम रामकृष्ण शिक्षा क्षेत्र से जुड़े बड़े नाम माने जाते हैं। वे एक निजी शैक्षणिक समूह के अध्यक्ष हैं, जिनके संस्थान आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में चलते हैं। पार्टी के मुताबिक उन्होंने शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कई काम किए हैं। तीसरे उम्मीदवार साना सतीश पहले से राज्यसभा सदस्य हैं और पार्टी नेतृत्व ने उन पर एक बार फिर भरोसा जताया है। क्या बोले उम्मीदवार और पार्टी नेता? राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद चिंतकायला विजय ने चंद्रबाबू नायडू और आईटी मंत्री नारा लोकेश का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने यह साबित कर दिया है कि मुश्किल समय में साथ खड़े रहने वाले कार्यकर्ताओ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 7, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: महंगे सिलिंडर पर विपक्ष ने उठाए सवाल, सरकार बोली- दुनिया में सबसे कम, जानें विदेशों में क्या कीमत?

आखिर गैस सिलिंडर की कीमत फिर क्यों बढ़ी? क्या सच में भारत में गैस दुनिया से सस्ती है? भारत में घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमत बढ़ने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या वाकई भारत में गैस दूसरे देशों के मुकाबले सस्ती है। सरकार ने अलग-अलग देशों के आंकड़े जारी कर दावा किया है कि भारतीय उपभोक्ता अभी भी दुनिया के कई देशों से कम कीमत पर रसोई गैस खरीद रहे हैं। भारत में सामान्य उपभोक्ता को 14.2 किलो का घरेलू सिलिंडर 942 रुपये में मिल रहा है। वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद यही सिलिंडर प्रभावी रूप से 642 रुपये का पड़ता है। सरकार का कहना है कि यह दुनिया में सबसे कम कीमतों में से एक है। पड़ोसी देशों की बात करें तो पाकिस्तान में इसी वजन का सिलिंडर करीब 1046 रुपये का है। नेपाल में इसकी कीमत 1207 रुपये तक पहुंच गई है। बांग्लादेश में घरेलू गैस सिलिंडर करीब 1225 रुपये में मिल रहा है, जबकि श्रीलंका में इसकी कीमत लगभग 1241 रुपये बताई गई है। यानी भारत की तुलना में इन देशों में रसोई गैस ज्यादा महंगी है। विकसित देशों में कीमतें और ज्यादा हैं। अमेरिका में 14.2 किलो के बराबर घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत करीब 1755 रुपये बताई गई है। ऑस्ट्रेलिया में यह करीब 1765 रुपये तक पहुंचती है। सबसे ज्यादा कीमत कनाडा में देखने को मिलती है, जहां इसी मात्रा की गैस करीब 2411 रुपये में मिलती है। सरकार का दावा है कि अगर भारत में भी गैस की कीमत पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से तय की जाए तो एक घरेलू सिलिंडर 1600 रुपये से ज्यादा का हो सकता है। लेकिन केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियां अभी भी बड़ा हिस्सा खुद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 7, 2026 · 2 min · National Desk

Amarnath Yatra: मौसम लेगा अमरनाथ श्रद्धालुओं की परीक्षा, सामान्य से अधिक बारिश की आशंका; सेना और सरकार सतर्क

अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होने जा रही है। दुर्गम मानी जाने वाली इस यात्रा के दौरान इस बार मौसम भी श्रद्धालुओं की परीक्षा लेगा। विशेषज्ञों के अनुसार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूर्वी हिस्से में मानसूनी बारिश के सामान्य से अधिक रहने की आशंका है। इसी के मद्देनजर यात्रा मार्ग पर तैयारी की जा रही है। सेना के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय भी तेजी से तैयारी में जुटा हुआ है। हमेशा इस कार्य में करीब 800 कर्मचारी लगाए जाते हैं। इसबार मौसम के रुख को देखते हुए यह संख्या बढ़ाई गई है। बर्फ हटाने के लिए बीआरओ स्नो कटर, स्नो ब्लोअर, अर्थमूवर, जेसीबी व लोडर की मदद ले रहा है। श्रीनगर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मुख्तियार अहमद के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और मानसून की तीव्रता तय करती है कि बारिश का रुख इस बार कैसा रहने वाला है। लंबे समय के पूर्वानुमान के आधार पर अभी तक जो तस्वीर बन रही है, उसके अनुसार जुलाई के पहले और दूसरे सप्ताह में सामान्य एवं सामान्य से अधिक बारिश होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।श्रद्धालुओं को इस दौरान सतर्क रहने की जरूरत है। बेहतर है कि मौसम विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें। अमरनाथ यात्रा इस बार 57 दिन की रहने वाली है। यह आगामी 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन तक चलेगी। करीब दो माह तक श्रद्धालु अमरनाथ की पवित्र गुफा में स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे।अमरनाथ यात्रा मार्ग पर अभी सामान्य स्थानों पर सात से आठ फीट तक बर्फ जमी है। हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और ऊंचाई वाले इलाकों में यह 10 से 12 फीट तक मौजूद है। पहलगाम के 32 किलोमीटर दायरे के साथ ही चंदनबाड़ी में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के करीब एक हजार कर्मचारी बर् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 7, 2026 · 2 min · National Desk