Explainer: महंगे सिलिंडर पर विपक्ष ने उठाए सवाल, सरकार बोली- दुनिया में सबसे कम, जानें विदेशों में क्या कीमत?

आखिर गैस सिलिंडर की कीमत फिर क्यों बढ़ी? क्या सच में भारत में गैस दुनिया से सस्ती है? भारत में घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमत बढ़ने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या वाकई भारत में गैस दूसरे देशों के मुकाबले सस्ती है। सरकार ने अलग-अलग देशों के आंकड़े जारी कर दावा किया है कि भारतीय उपभोक्ता अभी भी दुनिया के कई देशों से कम कीमत पर रसोई गैस खरीद रहे हैं। भारत में सामान्य उपभोक्ता को 14.2 किलो का घरेलू सिलिंडर 942 रुपये में मिल रहा है। वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद यही सिलिंडर प्रभावी रूप से 642 रुपये का पड़ता है। सरकार का कहना है कि यह दुनिया में सबसे कम कीमतों में से एक है। पड़ोसी देशों की बात करें तो पाकिस्तान में इसी वजन का सिलिंडर करीब 1046 रुपये का है। नेपाल में इसकी कीमत 1207 रुपये तक पहुंच गई है। बांग्लादेश में घरेलू गैस सिलिंडर करीब 1225 रुपये में मिल रहा है, जबकि श्रीलंका में इसकी कीमत लगभग 1241 रुपये बताई गई है। यानी भारत की तुलना में इन देशों में रसोई गैस ज्यादा महंगी है। विकसित देशों में कीमतें और ज्यादा हैं। अमेरिका में 14.2 किलो के बराबर घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत करीब 1755 रुपये बताई गई है। ऑस्ट्रेलिया में यह करीब 1765 रुपये तक पहुंचती है। सबसे ज्यादा कीमत कनाडा में देखने को मिलती है, जहां इसी मात्रा की गैस करीब 2411 रुपये में मिलती है। सरकार का दावा है कि अगर भारत में भी गैस की कीमत पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से तय की जाए तो एक घरेलू सिलिंडर 1600 रुपये से ज्यादा का हो सकता है। लेकिन केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियां अभी भी बड़ा हिस्सा खुद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 7, 2026 · 2 min · National Desk

Amarnath Yatra: मौसम लेगा अमरनाथ श्रद्धालुओं की परीक्षा, सामान्य से अधिक बारिश की आशंका; सेना और सरकार सतर्क

अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होने जा रही है। दुर्गम मानी जाने वाली इस यात्रा के दौरान इस बार मौसम भी श्रद्धालुओं की परीक्षा लेगा। विशेषज्ञों के अनुसार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूर्वी हिस्से में मानसूनी बारिश के सामान्य से अधिक रहने की आशंका है। इसी के मद्देनजर यात्रा मार्ग पर तैयारी की जा रही है। सेना के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय भी तेजी से तैयारी में जुटा हुआ है। हमेशा इस कार्य में करीब 800 कर्मचारी लगाए जाते हैं। इसबार मौसम के रुख को देखते हुए यह संख्या बढ़ाई गई है। बर्फ हटाने के लिए बीआरओ स्नो कटर, स्नो ब्लोअर, अर्थमूवर, जेसीबी व लोडर की मदद ले रहा है। श्रीनगर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मुख्तियार अहमद के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और मानसून की तीव्रता तय करती है कि बारिश का रुख इस बार कैसा रहने वाला है। लंबे समय के पूर्वानुमान के आधार पर अभी तक जो तस्वीर बन रही है, उसके अनुसार जुलाई के पहले और दूसरे सप्ताह में सामान्य एवं सामान्य से अधिक बारिश होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।श्रद्धालुओं को इस दौरान सतर्क रहने की जरूरत है। बेहतर है कि मौसम विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें। अमरनाथ यात्रा इस बार 57 दिन की रहने वाली है। यह आगामी 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन तक चलेगी। करीब दो माह तक श्रद्धालु अमरनाथ की पवित्र गुफा में स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे।अमरनाथ यात्रा मार्ग पर अभी सामान्य स्थानों पर सात से आठ फीट तक बर्फ जमी है। हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और ऊंचाई वाले इलाकों में यह 10 से 12 फीट तक मौजूद है। पहलगाम के 32 किलोमीटर दायरे के साथ ही चंदनबाड़ी में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के करीब एक हजार कर्मचारी बर् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 7, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal: धार्मिक स्थलों का कायाकल्प करेगी शुभेंदु सरकार, सीएम बोले- अब पूरे बंगाल में भगवा झंडा लहराएगा

सीएम शुभेंदु ने कहा, ‘गंगासागर मेले को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। वहीं, दक्षिणेश्वर और कालीघाट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जाएगा।’ शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि सनातन धर्म के अनुयायी के तौर पर शामिल हुए हैं और ऐसे आयोजनों में उनकी राजनीतिक पहचान का कोई महत्व नहीं है। उन्होंने कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं कोषाध्यक्ष श्री गोविंद देव गिरि जी महाराज को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में पश्चिम बंगाल रोजगार की कमी और व्यापक भ्रष्टाचार से जूझता रहा। उन्होंने कहा कि तृणमूल शासन में विकास की बजाय तुष्टिकरण की राजनीति को प्राथमिकता दी गई। अधिकारी ने आरोप लगाया, ‘वोट बैंक की राजनीति के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों को जानबूझकर खुला रखा गया और सनातनियों को धार्मिक आयोजनों की अनुमति के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाना पड़ता था।‘पश्चिम बंगाल को आध्यात्मिक दृष्टि से पवित्र भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि अब तुष्टिकरण, अराजकता और निवेश की कमी का दौर खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा, ‘अब राज्य में ऐसा नहीं होगा। पिछले 15 वर्षों में भ्रष्टाचार चरम पर था, लेकिन अब बदलाव आएगा। भगवा झंडा पूरे बंगाल में लहराएगा और असल बदलाव का मार्ग प्रशस्त करेगा।‘मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में सभी प्रकार की गुंडागर्दी पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य और केंद्र में एक ही विचारधारा की सरकार होने से विकास कार्यों …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 7, 2026 · 2 min · National Desk

LPG Price Hike: तीन महीने में दूसरी बार महंगा हुआ घरेलू सिलिंडर, रसोई गैस में 29 रुपये बढ़े; जानें नई कीमत

आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के सूत्रों के अनुसार, घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलिंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें 7 जून से लागू होंगी। कीमतों में बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो जाएगी। यह पिछले तीन महीनों में दूसरी बार है जब घरेलू गैस सिलिंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 7 मार्च को प्रति सिलिंडर 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। शहरवार घरेलू LPG सिलिंडर की कीमतें शहर घरेलू LPG सिलिंडर की कीमत दिल्ली ₹942.00 मुंबई ₹941.50 कोलकाता ₹968.00 चेन्नई ₹957.50 पटना ₹1,031.50 जयपुर ₹945.50 उद्योग सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। मार्च में की गई 60 रुपये की वृद्धि के बावजूद तेल विपणन कंपनियों को घरेलू एलपीजी बिक्री पर नुकसान उठाना पड़ रहा था। सूत्रों का कहना है कि ताजा संशोधन से पहले सरकारी तेल कंपनियों को हर घरेलू एलपीजी सिलिंडर पर लगभग 703 रुपये का नुकसान हो रहा था। ऐसे में बढ़ती लागत को देखते हुए कीमतों में इजाफा करना आवश्यक माना गया। तेल कंपनियों पर अब भी दबाव उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, हालिया मूल्य वृद्धि के बावजूद सरकारी तेल कंपनियां अभी भी पेट्रोल और डीजल को लागत से कम कीमत पर बेच रही हैं। अनुमान है कि कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 11 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 33.6 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे पहले 1 जून को कमर्शियल LPG सिलिंडर की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 7, 2026 · 2 min · National Desk

विदेश से भारत लौटकर आंदोलन क्यों?: CJP के सूत्रधार अभिजीत कितने तैयार, मौजूदा सिस्टम को चुनौती पर क्या बोले?

अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने कहा, पिछले दो-तीन दिनों से मेरी मां-बहन रो रहे थे कि कि तुम वापस आ जाओगे तो ये लोग तुम्हें अंदर डाल देंगे। मेरे घर वापस आने से उन्हें डर लग रहा था। ये अकेले मेरी मांग का डर नहीं है। इस देश में जो भी बच्चा, छात्र, युवा राजनीति के ऊपर और इस सरकार के खिलाफ बोलेगा तो उसकी मां को डर लगता है कि मेरे बेटे को कहीं ये अंदर न डाल दें। कब तक हम ऐसे डर के जिएंगे। एक बार इनको बता दो कि इनकी डर की राजनीति से अब हम डरने वाले नहीं हैं। सीजेपी ने क्या कहा? सीजेपी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन पूरे देश में फैल जाएगा। सीजेपी प्रवक्ता आशीष रांका और सौरव दास ने कहा कि यह आंदोलन शिक्षा और शासन से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की व्यापक मुहिम की शुरुआत है। संगठन ने दावा किया कि यह आंदोलन मई में ऑनलाइन अभियान के रूप में शुरू हुआ था और इंस्टाग्राम पर इसके 22 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं। सीजेपी ने कहा कि देशभर के युवाओं को परीक्षा और भर्ती में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया। प्रवक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते या प्रधानमंत्री उन्हें नहीं हटाते तो आंदोलन देशभर में फैलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई राज्यों से समर्थन संदेश मिल रहे हैं और संगठन एक हफ्ते बाद आगे की रणनीति तय करेगा। सीजेपी ने दावा किया कि 6 जून 2026 का दिन देश की राजनीति में बदलाव के रूप में याद रखा जाएगा। संगठन ने कहा कि यह आंदोलन शिक्षा प्रणाली में सुधार और ‘रीसेट’ की मांग को लेकर शुरू किय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 6, 2026 · 2 min · National Desk

Cockroach Janta Party Protest LIVE: अभिजीत दिपके ने दी डेडलाइन, कहा- पांच बजे तक इस्तीफा दें धर्मेंद्र प्रधान

04:13 PM, 06-Jun-2026 पांच बजे तक शिक्षा मंत्री दें अपना इस्तीफा- अभिजीत कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि शाम पांच बजे तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। ऐसा नहीं हुआ तो पीछे नहीं हटेंगे। अगले शनिवार फिर जुटेंगे। अपने शहरों में आवाज उठाएंगे। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि शाम पांच बजे तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। ऐसा नहीं हुआ तो पीछे नहीं हटेंगे। अगले शनिवार फिर जुटेंगे। अपने शहरों में आवाज उठाएंगे। 01:31 PM, 06-Jun-2026 सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का किया समर्थन लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन विवाद समेत परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए किया जा रहा है। वांगचुक ने कहा कि उनका मुद्दा सिर्फ नीट या सीबीएसई तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि वह पिछले चार दशकों से दूरदराज के सरकारी स्कूलों की शिक्षा सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हालात नहीं बदलने से निराशा बढ़ी है। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन विवाद समेत परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए किया जा रहा है। वांगचुक ने कहा कि उनका मुद्दा सिर्फ नीट या सीबीएसई तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की श …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 6, 2026 · 2 min · National Desk

कर्नाटक में पोर्टफोलियो संकट: सुबह CM शिवकुमार बोले- सब ठीक है; अब रामलिंगा रेड्डी इस्तीफे पर अड़े, कही ये बात

उन्हें दिया गया आश्वासन पूरा नहीं हुआ रेड्डी ने क्या बताया? रेड्डी ने इस बता पर नहीं कि टिप्पणी कांग्रेस नेतृत्व पर सामाधान निकालने का विश्वास जताया दरअसल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी ने शुक्रवार को उस समय इस्तीफे की घोषणा कर दी थी, जब उन्हें बंगलूरू विकास विभाग के बजाय प्रमुख व मध्यम सिंचाई विभाग (मेजर एंड मीडियम इरिगेशन) का प्रभार सौंपा गया। रेड्डी का कहना है कि उन्होंने कभी किसी विशेष विभाग की मांग नहीं की, लेकिन उन्हें जो आश्वासन दिया गया था, उसके पूरा नहीं होने से वह निराश हैं।शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला इस मुद्दे को सुलझाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुरजेवाला ने उनसे इस्तीफा वापस लेने की अपील की है और पार्टी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने बताया कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवकुमार के साथ उनकी विस्तृत चर्चा हुई थी। पहले मुख्यमंत्री उनके घर आने वाले थे, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण दोनों की मुलाकात एक होटल में हुई, जहां विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की गई। रेड्डी ने कहा कि शनिवार को भी उन्होंने सुरजेवाला से उन सभी मुद्दों पर चर्चा की, जिन पर एक दिन पहले मुख्यमंत्री से बात हुई थी। उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री और सुरजेवाला आपस में बैठक करेंगे और हमारी चर्चा के सभी बिंदुओं पर विचार करेंगे। उसके बाद जो फैसला होगा, उसे देखा जाएगा।जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें कोई वैकल्पिक विभाग या अतिरिक्त जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव मिला है, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 6, 2026 · 2 min · National Desk

UP: योगी के 'टोंटी वाले' तंज पर अखिलेश यादव का तीखा पलटवार, बोले- सीएम यानी 'करप्ट माउथ'

अखिलेश यादव ने इन मुद्दों पर कसा तंज • मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 1994 के आसपास अजय सिंह बिष्ट अपने पारिवारिक परिवहन व्यवसाय में सहयोग कर रहे थे। • उस समय उनके पास तीन बसें और एक ट्रक था। • संभवतः उन्होंने यह भाषिक अभद्रता उसी दौर में, डग्गामार वाहन चलवाते समय सीखी। • अजय सिंह बिष्ट के पिता श्री आनंद सिंह बिष्ट और गोरखनाथ मठ के पूर्व महंत श्री अवैद्यनाथ जी यानी श्री कृपाल सिंह बिष्ट जी, रिश्ते में भाई बताए जाते हैं। • कहा जाता है कि बाद में उनके चाचा ने ही उन्हें मठ में बुलाया। • महंत श्री अवैद्यनाथ जी ने अपने भतीजे अजय सिंह बिष्ट को कुछ ही वर्षों में मठ का उत्तराधिकारी बना दिया। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया उत्तराधिकारी के रूप में उन्हीं को क्यों चुना गया? क्या यह केवल योग्यता का निर्णय था या रिश्तेदारी का भी प्रभाव था? पहले मठ की गद्दी मिली, फिर कुछ ही वर्षों में लोकसभा की सीट भी। स्पष्ट किया जाए कि मठ में महंत चुनने के लिए क्या कोई औपचारिक चुनाव प्रक्रिया हुई थी? डग्गामार वाहन चलवाने वाला व्यक्ति क्या 4 वर्षों में ही इतना योग्य हो गया? यदि नहीं, तो क्या इसे ‘पक्षपाती परिवारवाद’ नहीं कहा जाना चाहिए? और अंत में- पद और परिधान रिश्तों और समय की मदद से मिल सकते हैं, पर भाषा और व्यवहार नहीं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 6, 2026 · 2 min · National Desk

H-1B वीजा धारकों की बढ़ेंगी मुश्किलें?: ग्रीन कार्ड मिलना नहीं होगा आसान, अमेरिकी संसद पेश हुआ ये प्रस्ताव

रिपब्लिकन सांसद चिप रॉय ने अमेरिकन व्हाइट-कॉलर वर्कर जॉब्स एक्ट नाम से यह विधेयक पेश किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब 40 वर्षों में एच-1बी वीजा प्रणाली का गलत इस्तेमाल हुआ है। उनके मुताबिक, अमेरिकी कंपनियां कम वेतन पर विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देकर अमेरिकी तकनीकी कर्मचारियों को पीछे कर रही हैं। इस विधेयक में कहा गया है कि अब वीजा प्रणाली को मेरिट यानी योग्यता और ज्यादा वेतन के आधार पर चलाया जाना चाहिए। अभी एच-1बी वीजा का आवंटन लॉटरी सिस्टम के जरिए होता है।इस विधेयक का सबसे बड़ा प्रस्ताव यह है कि एच-1बी वीजा धारकों के लिए ग्रीन कार्ड का रास्ता लगभग बंद कर दिया जाए। अभी तक एच-1बी वीजा पर काम करने वाले लोग अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते थे। लेकिन नए प्रस्ताव में ड्यूल इंटेंट नीति खत्म करने की बात कही गई है। यानी वीजा धारक को यह साबित करना होगा कि वह अमेरिका में स्थायी रूप से बसने का इरादा नहीं रखता। इसके अलावा विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद सीमित समय तक काम करने की अनुमति देने वाले ओपीटी कार्यक्रम को भी खत्म करने का प्रस्ताव है। इसका असर हजारों भारतीय छात्रों पर पड़ सकता है।प्रस्तावित कानून के तहत एच-1बी वीजा की अधिकतम अवधि छह साल से घटाकर सिर्फ दो साल करने की बात कही गई है। साथ ही अब लॉटरी सिस्टम की जगह ज्यादा वेतन देने वाली कंपनियों को प्राथमिकता दी जा सकती है। ट्रंप प्रशासन पहले ही कानूनी माइग्रेशन कार्यक्रमों पर सख्ती बढ़ा चुका है। नई एच-1बी याचिकाओं पर एक लाख डॉलर तक की फीस लगाने और सख्त नियम लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा चुके हैं। इस विधेयक को अमेरिकी टेक वर्कर्स और इमिग्रेशन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 6, 2026 · 2 min · National Desk

तृणमूल कांग्रेस: ममता की संभावित संसदीय पारी पर चर्चा, सीट छोड़ने को तैयार नहीं यूसुफ पठान

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित पराजय के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राष्ट्रीय राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, यदि ममता बनर्जी भविष्य में लोकसभा का रुख करती हैं तो बहरामपुर सीट उनके लिए प्रमुख विकल्पों में से एक हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, इसी सिलसिले में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के माध्यम से बहरामपुर के सांसद यूसुफ पठान तक सीट छोड़ने का संदेश पहुंचाए जाने की चर्चा सियासी गलियारों में है। सूत्रों का दावा है कि यूसुफ ने इस्तीफे से इनकार कर दिया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 6, 2026 · 1 min · National Desk