तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की हाइड्रा को लेकर की गई एक टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा और बीआरएस ने उनकी आलोचना करते हुए बयान को आपत्तिजनक बताया है। रेवंत रेड्डी ने शनिवार को बंगलूरू में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि हैदराबाद में झीलों और जल निकायों पर बड़े पैमाने पर हो रहे अतिक्रमण को देखने के बाद उन्होंने हाइड्रा बनाने का फैसला किया था। उन्होंने कहा, गरीब लोगों का झीलों और नालों पर कब्जा करना तो मैं समझ सकता हूं। आजकल, अमीर लोग अपने फार्महाउस के कारण जल निकायों पर कब्जा कर रहे हैं और अपने ड्रेनेज को जल निकायों से जोड़ रहे हैं। मैंने उन सभी मुद्दों पर ध्यान दिया है। फिर मैंने एक टास्क फोर्स HYDRAA (हाइड्रा) बनाने का फैसला किया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, हाइड्रा यह शब्द हिटलर का पसंदीदा शब्द था। उसकी मुख्य टीम को ‘हाइड्रा’ कहा जाता था, जो किसी की भी हत्या कर सकती थी। इसलिए, मैंने हिटलर से प्रेरणा ली है और इसका नाम हाइड्रा रखा है।उन्होंने बताया कि हाइड्रा की स्थापना के बाद इसके प्रमुख के रूप में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को नियुक्त किया गया।सीएम रेवंत रेड्डी यहीं नहीं रुके। उन्होंने हाइड्रा की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा, “मैंने बड़े पैमाने पर तोड़-फोड़ कराई है। अगर आप ईरान की तस्वीरें देखें, तो उनकी तुलना इस्राइल के साथ युद्ध के दौरान हुई तबाही से कर सकते हैं। उसी तरह हाइड्रा की ओर से की गई तोड़-फोड़ को भी देखा जा सकता है।“केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस की “खतरनाक हिटलर और इमरजेंसी वाली मानसिकता” एक बार फिर सामने आ गई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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