पीओके में पाकिस्तानी सेना का अत्याचार: हजारों प्रदर्शनकारियों पर बरसाईं गोलियां, एक व्यक्ति की मौत; कई घायल

जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के आह्वान पर रविवार को अब्बासपुर के सरदार गुलाम हुसैन खान स्पोर्ट्स स्टेडियम में 40 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी जुटे। शरीफ सरकार के जुल्म और 600 से अधिक मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद आक्रोश चरम पर है। सरकार की ज्यादती के खिलाफ आंदोलन चला रहे जेएएसी ने इस्लामाबाद की निर्मम कार्रवाई को चुनौती देते हुए गैर-कानूनी ढंग से गिरफ्तार नेताओं व कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की।जेएएसी ने कहा कि बुनियादी अधिकारों के लिए हो रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने डुडियाल में भीड़ पर बिना उकसावे के गोलियां चलाईं। वहीं, इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की पीओके इकाई ने दावा किया कि डड्याल अंब में हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई।मुजफ्फराबाद में सुरक्षाबलों-प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई। जेएएसी ने एक्स पर लिखा कि सुरक्षाबलों ने गोलाबारी की। कई प्रदर्शनकारियों की बाइक क्षतिग्रस्त कर दीं। पुलिस व पाकिस्तानी रेंजर्स ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके अलावा मनक पियन, संगी मेरा, तरीकाबाद, लोअर छत्रा और बेइला नूर शाह में भी झड़पें हुईं।पाकिस्तान पुलिस की हिंसक कार्रवाई में आठ जून को कम से कम 30 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी। जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। पीओके में जेएएसी और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद है।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जेएएसी के सदस्य सरदार अमन खान ने मेंढर, पुंछ, राजौरी, डोडा में रहने वालों से अपील की है कि उनकी तरफ राशन और दवाओं की कमी है। हमें आपकी मदद चाहिए। पाकिस्तानी नियंत्रण से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 6, 2026 · 2 min · National Desk

'भारत हमारे साथ है': जेडी वेंस की टिप्पणी पर इस्राइली पीएम नेतन्याहू का जवाब, बोले- हमारे कई दोस्त हैं

‘फॉक्स न्यूज संडे ब्रीफिंग’ को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल को भारत सहित कई अन्य देशों का भी समर्थन प्राप्त है। उन्होंने व्यंग के लहजे में कहा, “हमारे कुछ और दोस्त भी हैं, जैसे भारत नाम का एक छोटा-सा देश। वहां 1.4 अरब लोग रहते हैं और हमें वहां जबरदस्त समर्थन मिलता है।“पिछले महीने व्हाइट हाउस में एक ब्रीफिंग के दौरान जेडी वेंस ने कहा था कि इस्राइल को अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता का सम्मान करना चाहिए। जब उनसे उन खबरों के बारे में पूछा गया कि इस्राइली नेतृत्व अमेरिका-ईरान समझौते से नाखुश है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना कर रहा है, तो वेंस ने कहा था, “अगर मैं इस्राइल सरकार के मंत्रिमंडल में होता, तो मैं उस एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी की आलोचना नहीं करता जो पूरी दुनिया में अब भी मेरे साथ है।“इस पर अब नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें फेसबुक पर भारत से काफी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा, “आप जानते हैं, मेरा फेसबुक पर एक अकाउंट है और वहां मुझे जबरदस्त समर्थन मिलता है। हो सकता है कि मुझे कई अन्य जगहों से भी समर्थन मिल रहा हो।” उन्होंने वेंस के इस दावे को खारिज किया कि इस्राइल का कोई दूसरा सहयोगी नहीं है।नेतन्याहू ने कहा, “हमारे बहुत-बहुत दोस्त हैं।” उन्होंने कहा कि कई देश इस्राइल के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “कई नेता मुझे फोन करते हैं और कहते हैं, ‘देखिए, जनमत को लेकर मुझे कुछ दिक्कत है, लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम आपका सम्मान करते हैं। क्या हम कुछ समझौते कर सकते हैं? क्या आप हमें अपनी सेना के कुछ तौर-तरीके सिखा सकते हैं? क्या हमें आपकी एआई और साइबर विशेषज्ञता मिल सकती है?“इस्राइल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 6, 2026 · 2 min · National Desk

PM मोदी का हरियाणा दौरा: देश को कब मिलेगी पहली हाइड्रोजन ट्रेन, सामने आई ऐतिहासिक तारीख; CM सैनी आएंगे जींद

तैयारियों को लेकर आज मुख्यमंत्री करेंगे समीक्षा बैठक प्रधानमंत्री के इस बेहद महत्वपूर्ण दौरे को लेकर हरियाणा सरकार और संगठन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। तैयारियों का जायजा लेने के लिए कल (6 जुलाई) मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद जींद पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री सैनी जींद में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था से लेकर जनसभा की तैयारियों पर चर्चा होगी। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। पीएम के इस दौरे को लेकर जींद और पूरे हरियाणा के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 1 min · National Desk

यूपी: क्या CBI कर सकती है राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच? हाईकोर्ट सोमवार को ले सकता है फैसला

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दानपात्रों से चढ़ावा चोरी होने के आरोपों को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दाखिल जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी। इस याचिका में पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने और मंदिर के चढ़ावे का भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक से ऑडिट कराने की मांग की गई है। यह याचिका इसी साल 12 जून को दाखिल की गई थी, लेकिन गर्मियों की छुट्टियों के कारण इस पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। अब सोमवार (6 जुलाई) को न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ इस पर सुनवाई करेगी। स्थानीय अधिवक्ता मोहित अशोक ने यह जनहित याचिका व्यक्तिगत रूप से दायर की है। याचिका में कोर्ट से आग्रह किया गया है कि कथित हेराफेरी के इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपी जाए। साथ ही मंदिर के दानपात्रों में आने वाले नकद धन, सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य कीमती सामानों का हिसाब-किताब देश की सबसे बड़ी लेखापरीक्षक संस्था ‘कैग’ से कराया जाए। इसके अलावा राज्य सरकार को यह निर्देश देने की भी मांग की गई है कि इस पूरे मामले की जांच किसी पुलिस अधीक्षक स्तर के बड़े अधिकारी की निगरानी में कराई जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र प्रभु श्रीराम के मंदिर में चढ़ावे की चोरी और हेराफेरी की खबरें लगातार समाचार पत्रों में आ रही हैं। इससे देशभर के भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसलिए सच सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच और लेखापरीक्षा होना बेहद जरूरी है। इस मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार के सतर्कता विभाग के प्रमुख सचिव, केंद्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक, नियंत्रक-महालेखापरीक्षक और श्रीर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 2 min · National Desk

ये क्या हुआ?: चाहकर भी स्कूल भवन का उद्घाटन नहीं कर पाए शिक्षा मंत्री! क्या प्रियंका के हाथों ही कटेगा रिबन?

उद्घाटन की लगी पट्टिका भी हटाई गई कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता ठाकुर कौल सिंह भी मौजूद रहे। शिक्षा मंत्री के आगमन से पहले तक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के नए भवन की उद्घाटन पट्टिका लगी हुई थी, लेकिन कुछ देर बाद उसे हटा दिया गया। जब शिक्षा मंत्री कार्यक्रम स्थल पहुंचे तो वहां केवल प्राथमिक पाठशाला भवन की पट्टिका दिखाई दे रही थी। इसके बाद मंत्री ने पूजा-अर्चना की और जैसे ही वे जनसभा को संबोधित करने पहुंचे, पीछे से दूसरी पट्टिका भी हटा दी गई। अंततः न तो प्राथमिक पाठशाला के नए भवन का उद्घाटन हुआ और न ही वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के भवन का। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 1 min · National Desk

Prashant Kishor: बांकीपुर उप चुनाव में प्रशांत किशोर की दावेदारी के चार कारण BJP को डराएंगे; क्या है पूरा खेल?

खुद को किंग मेकर मानते-मानते, अब आखिरकार प्रशांत किशोर स्वयं बिहार विधानसभा में एक विधायक बनने के लिए चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। प्रशांत किशोर दो महीने पहले तक इस बात का खंडन कर रहे थे। फिर, यह दिखा कि लगभग 15 दिनों से उनके चुनाव में उतरने की तैयारी चलने लगी। चार दिन पहले अपने ही खंडन का ‘खंडन’ करते हुए जन सुराज ने स्पष्ट संकेत दिया। आज, रविवार को प्रशांत किशोर खुद सामने आए और बांकीपुर उप चुनाव में उतरने का एलान किया। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र भारतीय जनता पार्टी की पारंपरिक सीट है। पूरे 31 साल से यहां कमल खिलता रहा है। तो क्या यह प्रशांत किशोर के लिए रिस्क है? या, यह प्रशांत किशोर का चैलेंज है? और, अगर यह चैलेंज है तो इसकी वजह क्या है? रिस्क तो है, लेकिन खोने के लिए कुछ वैसा नहीं है जो बिहार विधानसभा चुनाव के बाद बचा हुआ हो। यह कहना गलत इसलिए नहीं है कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड को 25 सीटें मिलने पर भी आफत का दावा किया था और कहा था कि अगर जदयू से इतने विधायक बन गए तो वह राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने जिन नेताओं के खिलाफ बाकायदा मोर्चा खोला था, वह सभी बिहार विधानसभा चुनाव जीतकर सदन में पहुंच गए। रही बात उनकी अपनी पार्टी की, तो नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को उनकी कुर्सी तक पहुंचाने का दावा करने वाले प्रशांत किशोर ने 243 में से 238 सीटों पर प्रत्याशी दिए थे और उनमें से दो ही अपनी जमानत बचा सके थे। खुद प्रशांत किशोर के नाम का जन सुराज पार्टी की अंतिम सूची तक इंतजार होता रह गया था, लेकिन वह अंतिम समय में एक तरह से मैदान छोड़ गए थे। इसलिए, जो खोना था वह बिहार विधानसभा चुनाव में खो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले कोलकाता में तनाव, भाजपा ने TMC पर क्या लगाया आरोप?

भाजपा ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। भाजपा के अनुसार, रविवार तड़के कुछ लोगों ने भारी औजारों से स्मारक स्थल के उस हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया, जहां शिलापट्ट लगाया गया था। स्थानीय कार्यकर्ताओं का दावा है कि शनिवार देर रात तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया था, लेकिन आधी रात के बाद चबूतरे और नामपट्ट को नुकसान पहुंचाया गया।इस घटना के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा ने अमहर्स्ट स्ट्रीट थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और यातायात निगरानी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। हालांकि, अब तक किसी राजनीतिक दल की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर कोलकाता में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वह न्यू टाउन स्थित इको पार्क में डॉ. मुखर्जी की प्रस्तावित 125 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा भवानीपुर स्थित उनके पैतृक आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और बिस्वा बांग्ला मेला प्रांगण में आयोजित जयंती समारोह को संबोधित करेंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 1 min · National Desk

Explainer: क्या है टाइम कैप्सूल? अमेरिका 250 साल के लिए करेगा दफन, इंदिरा से PM मोदी तक संजो चुके हैं इतिहास

पहले जान लेते हैं टाइम कैप्सूल क्या होता है? अमेरिका 2276 के लोगों के लिए आखिर क्या छोड़ रहा है? 250 साल तक कैप्सूल सुरक्षित कैसे रहेगा? अब बात भारत के ‘काल पात्र’ की… सरकार बदलते ही टाइम कैप्सूल क्यों निकाल लिया गया? क्या आज भी ‘कालपात्र’ का पूरा सच सामने नहीं आया है? क्या गुजरात के मुख्यमंत्री रहते पीएम मोदी ने भी दफन कराया था कैप्सूल? कुछ शिक्षण संस्थानों ने भी दफन कराया टाइम कैप्सूल दुनिया के कौन-कौन से टाइम कैप्सूल आज भी चर्चा में हैं? अमेरिका का टाइम कैप्सूल बाकी देशों से अलग क्यों? क्या भविष्य की पीढ़ियों के लिए टाइम कैप्सूल एक अनमोल विरासत है? टाइम कैप्सूल की खबर सामने आने के बाद भारत के भी एक पुराने अध्याय की चर्चा होने लगी। बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में भी ऐसा प्रयोग आज से पांच दशक पहले किया गया था। यानी 50 साल पहले। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 15 अगस्त 1973 को लाल किले के लाहौरी गेट के पास ‘कालपात्र’ नाम का टाइम कैप्सूल जमीन में दफन कराया था। इसे एक हजार साल बाद खोलने की योजना थी। हालांकि बीच में इसे निकाल लिया गया था।खैर भारत के टाइम कैप्सूल की बात करने से पहले ये जान लेते हैं कि टाइम कैप्सूल क्या होता है? किस धातु से बनाया जाता है? अमेरिका का टाइम कैप्सूल दुनिया से कितना अलग है और क्यों है? टाइम कैप्सूल पर बाकी के देशों ने कितनी प्रगति की है? क्या वाकई टाइम कैप्सूल देश के इतिहास को बचाने के लिए अहम है? इतना ही नहीं साथ ही ये भी जानेंगे कि 2276 के लोगों के लिए अमेरिका आखिर क्या छोड़ रहा है? और ये 250 साल तक सुरक्षित कैसे रहेगा…?टाइम कैप्सूल एक मजबूत और पूरी तरह सीलबंद कंटेनर होता है। इसमें किसी देश, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 2 min · National Desk

MP News: शिवपुरी बनेगा भारत का नया डिफेंस हब, 2500 करोड़ की फैक्ट्री में बनेंगे मिसाइल, हथियार और गोला-बारूद

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को शिवपुरी जिले को विकास की बड़ी सौगात देते हुए 211 करोड़ से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने 2,500 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाले अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की आधारशिला रखी, जिसे दक्षिण एशिया के निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा डिफेंस एवं एयरोस्पेस निर्माण संयंत्र बताया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि शिवपुरी तेजी से औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अदाणी डिफेंस प्लांट की स्थापना से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और मध्य प्रदेश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल होगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 1 min · National Desk

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: VHP ने जांच अधिकारी को लिखा पत्र, केजरीवाल-प्रियंका के बयान दर्ज करने की क्यों की मांग?

अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद के बीच विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने जांच एजेंसी से बड़ी मांग की है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने अयोध्या के डीएसपी और मामले के जांच अधिकारी अशुतोष तिवारी को पत्र लिखकर कहा है कि जिन नेताओं ने सार्वजनिक मंचों पर मंदिर के चढ़ावे में चोरी या घोटाले के आरोप लगाए हैं, उनके बयान भी जांच के दौरान दर्ज किए जाएं। वीएचपी का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए आरोप लगाने वालों से भी तथ्यों और सबूतों की जानकारी लेना जरूरी है। किन नेताओं के बयान दर्ज करने की मांग की गई है? पत्र में कहा गया है कि राम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा मामले से जुड़ी एफआईआर संख्या 0090/2026 की जांच चल रही है। इस दौरान कई राजनीतिक नेताओं ने टीवी चैनलों, सोशल मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में गंभीर आरोप लगाए हैं। वीएचपी का कहना है कि इन नेताओं ने दान की रकम, आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के गायब होने जैसे दावे किए हैं। इसलिए जांच एजेंसी को यह जानना चाहिए कि इन दावों का आधार क्या है और उनके पास कौन-कौन से सबूत मौजूद हैं। आलोक कुमार ने अपने पत्र में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव समेत अन्य नेताओं का जिक्र किया है। पत्र के अनुसार, इन सभी नेताओं ने अलग-अलग मंचों पर राम मंदिर के चढ़ावे और दान में कथित गड़बड़ी को लेकर सार्वजनिक बयान दिए हैं। वीएचपी का कहना है कि जब किसी मामले में इतने गंभीर आरोप लगाए गए हैं तो संबंधित लोगों के बयान दर्ज करना जांच का हिस्सा होना चाहिए। पत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 2 min · National Desk