Election: एकजुटता की अपील बेअसर क्यों? कांग्रेस में बगावत, ऑपरेशन डैमेज कंट्रोल पर प्रियंका ने संभाली कमान

Election: एकजुटता की अपील बेअसर क्यों? कांग्रेस में बगावत, ऑपरेशन डैमेज कंट्रोल पर प्रियंका ने संभाली कमान पार्टी सूत्र बताते हैं कि हाईकमान की ओर से भेजे गए दोनों वरिष्ठ नेताओं ने चंडीगढ़ में शनिवार को चन्नी खेमे के कुछ वरिष्ठ नाराज नेताओं से बुलाकर वन-टू-वन मुलाकात कर उनसे फिलहाल स्थिति को शांत रखने की अपील की। उधर, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से भी फोन पर बात कर उनसे राहुल गांधी के आने तक कोई बड़ा फैसला न लेने का आग्रह किया गया है। हाईकमान द्वारा संपर्क करने के बाद शनिवार को चन्नी भी थोड़े नरम दिखे मगर उनके समर्थक चन्नी को सीएम फेस घोषित करने या उन्हें पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की जिद पर अड़े रहे। समर्थकों का साफ कहना है कि उन्हें मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का नेतृत्व स्वीकार नहीं है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि हाईकमान की ओर से भेजे गए दोनों वरिष्ठ नेताओं ने चंडीगढ़ में शनिवार को चन्नी खेमे के कुछ वरिष्ठ नाराज नेताओं से बुलाकर वन-टू-वन मुलाकात कर उनसे फिलहाल स्थिति को शांत रखने की अपील की। उधर, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से भी फोन पर बात कर उनसे राहुल गांधी के आने तक कोई बड़ा फैसला न लेने का आग्रह किया गया है।हाईकमान द्वारा संपर्क करने के बाद शनिवार को चन्नी भी थोड़े नरम दिखे मगर उनके समर्थक चन्नी को सीएम फेस घोषित करने या उन्हें प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 2 min · National Desk

Iran: खामेनेई के जनाजे के लिए क्यों खोदी जा रहीं 3000 कब्रें, लाखों की भीड़ के बीच ईरान क्या बना रहा प्लान?

क्या सचमुच 3,000 कब्रें तैयार की गई हैं? लाखों लोगों की भीड़ के लिए क्या तैयारी की गई है? क्या पहले भी जनाजे में बड़े हादसे हो चुके हैं? ईरान में शनिवार से शुरू हुए जनाजे के कार्यक्रम कई दिनों तक अलग-अलग शहरों में चलने हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी और राष्ट्रीय संकट प्रबंधन संगठन ने कथित तौर पर प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा को एक गोपनीय पत्र भेजा है। इसमें सबसे खराब स्थिति में 1500 से 3000 लोगों की मौत की आशंका जताई गई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रशासन ने लापता लोगों और संभावित मृतकों से निपटने के लिए अलग टास्क फोर्स बनाई। हालांकि, इस कथित दस्तावेज को ईरान सरकार ने सार्वजनिक नहीं किया है।रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तेहरान के बेहेश्त-ए-जहरा कब्रिस्तान में नई कब्रों की तैयारी शुरू कर दी गई। अखबार ने तेहरान नगर निगम के एक गुमनाम कर्मचारी के हवाले से लिखा है कि तैयारियां वास्तविक हैं और अधिकारियों को सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। कर्मचारी के अनुसार, इतनी बड़ी भीड़ और तेज गर्मी में क्या होगा, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। हालांकि, ईरान सरकार ने नई कब्रों की तैयारी या 3,000 संभावित मौतों से जुड़े किसी दावे की पुष्टि नहीं की है।रिपोर्ट के मुताबिक, जनाजे के कार्यक्रम तेहरान से शुरू होकर कोम, इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला होते हुए मशहद में दफन के साथ समाप्त होंगे। प्रशासन ने तेहरान में 11,000 बसें तैनात की हैं। मेट्रो और बस सेवाएं चौबीसों घंटे मुफ्त चलाने की व्यवस्था की गई है। अस्थायी रसोई बनाई गई हैं, जबकि कई स्कूलों और मस्जिदों को लोगों के ठहरने के लिए तैयार किया गया है। ट्रैफिक पर विशेष नियंत्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 2 min · National Desk

Instagram: इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों को लेकर केंद्र सख्त, मेटा को जारी किया नोटिस

मेटा से मांगी जा सकती है विस्तृत रिपोर्ट सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय मेटा की कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली, ों की समीक्षा प्रक्रिया और उसके प्लेटफॉर्म पर अवैध एवं हानिकारक सामग्री के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी भी मांग सकता है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस मामले पर मेटा की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। इससे पहले मंत्रालय ने मेटा से पूछा था कि इंस्टाग्राम पर ऐसे कैसे प्रसारित हुए और उन्हें रोकने के लिए प्लेटफॉर्म की ओर से क्या कदम उठाए गए। साथ ही यह भी पूछा गया कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को बढ़ावा देने वाले ों पर रोक लगाने के लिए कंपनी क्या कदम उठा रही है? वाट्सएप यूजरनेम फीचर पर जवाब के लिए मेटा ने मांगी तीन दिन की मोहलत इस बीच, वाट्सएप के यूजरनेम फीचर को लेकर मेटा की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर विस्तृत जवाब देने के लिए तीन दिनों का समय मांगा है। इसके बाद मंत्रालय ने मेटा को नोटिस जारी कर दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में भारत सरकार ने वाट्सएप यूजरनेम फीचर के रोलआउट को फिलहाल रोक दिया था। इसके जवाब में वाट्सएप ने स्पष्ट किया कि उसका नया यूजरनेम फीचर पूरी तरह वैकल्पिक होगा। कंपनी का कहना है कि इसे लागू करने से पहले पहचान की चोरी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और अनचाहे संपर्क जैसी समस्याओं से बचाव के लिए कई सुरक्षा उपाय जोड़े गए हैं। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूछे गए कई सवालों के जवाब में कहा कि किसी भी यूजर के लिए यूजरनेम बनाना अनिवार्य नहीं होगा। साथ ही …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 2 min · National Desk

चढ़ावा चोरी प्रकरण: एसबीआई से करार खत्म कर सकता है राम मंदिर ट्रस्ट, कल की बैठक में लिया जाएगा अंतिम निर्णय

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट का पूरा वित्तीय ढांचा पुनर्गठित किया जाएगा। इसके तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के साथ मौजूदा व्यवस्था समाप्त कर ट्रस्ट के खातों को किसी अन्य सरकारी अथवा निजी बैंक में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर भी विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट अब चढ़ावे की गिनती, लेखा-जोखा और वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह पेशेवर व्यवस्था के तहत संचालित करना चाहता है। इसके लिए स्थायी चार्टर्ड अकाउंटेंट, मैनेजमेंट ग्रेजुएट, सेवानिवृत्त बैंक अधिकारियों और अनुभवी बैंक कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।बताया जा रहा है कि चढ़ावे की गणना और बैंकिंग कार्यों में आउटसोर्सिंग व्यवस्था पूरी तरह समाप्त करने की तैयारी है। अब यह जिम्मेदारी सेवानिवृत्त बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की निगरानी में कराई जाएगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई जा सके। छह जुलाई को होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।चढ़ावा चोरी में एसबीआई बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही रही। वहीं, कई कर्मियों की मिलीभगत भी पुलिस जांच में सामने आई है। वहीं, इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। हालांकि, अब तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह उच्चाधिकारियों की मंशा पर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने भी अभी शिकंजा नहीं कसा है। सवाल है कि आखिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों की जा रही है।दान राशि की गणना करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी एसबीआई बैंक की थी। इसके लिए ट्रस्ट और बैंक के बीच बाकायदा लिखित करार हुआ था। लेकिन वर्षों से रकम पार ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 2 min · National Desk

'नेतन्याहू जानते हैं, बॉस कौन है': ट्रंप बोले- इस्राइली प्रधानमंत्री ने किया व्हाइट हाउस में मुलाकात का अनुरोध

अगर नेतन्याहू की यह अमेरिका यात्रा होती है तो फरवरी में व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में हुई मुलाकात के बाद दोनों नेताओं की यह पहली बैठक होगी। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, उस बैठक में नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान की योजना पेश की थी।ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में मुलाकात का अनुरोध किया है और नाटो शिखर सम्मेलन से लौटने के बाद यह बैठक अगले सप्ताह भी हो सकती है। हालांकि, एक इस्राइली अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रंप के व्यस्त कार्यक्रम के कारण अगले सप्ताह बैठक होना मुश्किल हो सकता है। ट्रंप 7-8 जुलाई को तुर्किये में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले हैं।अधिकारी ने कहा, “बैठक उसके अगले सप्ताह हो सकती है।” इस्राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की कि नेतन्याहू ने शुक्रवार को अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ट्रंप को बधाई देने के लिए उनसे फोन पर बात की थी।इस्राइली प्रधानमंत्री के कार्यालय के बयान में कहा गया, “बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका वैश्विक स्वतंत्रता का संरक्षक है और इस्राइल दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों को बेहद महत्व देता है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू और राष्ट्रपति ट्रंप ने जल्द ही अमेरिका में मुलाकात करने पर सहमति जताई।“प्रस्तावित बैठक ऐसे समय में हो रही है जब ट्रंप और नेतन्याहू के बीच युद्ध और क्षेत्रीय नीतियों को लेकर मतभेद बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी की बैठक के बाद ट्रंप के करीबी सलाहकारों में नेतन्याहू को लेकर संदेह बढ़ा है। एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस से कहा, “ट्रंप के कई करीबी सलाहकारों का मानना है कि ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर चढ़ावा मामला: 'भगवान राम के नाम को बदनाम किया', टीएमसी प्रमुख का भाजपा पर हमला; क्या आरोप लगाए?

नीट को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा एक अन्य बयान में ममता बनर्जी ने कहा कि नीट को लेकर देश में बहुत अव्यवस्था है। लेकिन इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह राम मंदिर मामले में भी कोई स्पष्ट दिशा नहीं है। लेकिन सरकार की नजर सिर्फ दान पेटियों पर है। ममता बनर्जी ने कहा, इतने कम समय में इस तरह की खुली लूट हो रही है। मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि कृपया सरकार ठीक से चलाइए। ये भी पढ़ें: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी हमला बोला इससे पहले, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा,आखिरकार सुरंगजीवियों को बाहर आना ही पड़ा, क्योंकि अब अपयश का पानी सुरंग में गले तक भर गया है। फिर भी 140 करोड़ देशवासी और दुनियाभर के चढ़ावा देने वाले सनातनी पूछ रहे हैं कि हर काम में आगे रहने वाले इस गंभीर मसले पर खुद सामने क्यों नहीं आए। अखिलेश यादव ने आगे कहा, अपने से पीछे वाले को आगे क्यों कर दिया। क्या इसमें भी ये सोचकर साजिश की गई है कि ‘महापाप’ के दोष और जनाक्रोश से खुद को बचा लो और दूसरे को फंसाकर उससे सफाई दिलवा दो। षड्यंत्रजीवी तो आपस में भी एक-दूसरे की मुखबिरी कर रहे हैं। बंटवारे की लड़ाई सारे राज खोल देगी। एक अन्य बयान में ममता बनर्जी ने कहा कि नीट को लेकर देश में बहुत अव्यवस्था है। लेकिन इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह राम मंदिर मामले में भी कोई स्पष्ट दिशा नहीं है। लेकिन सरकार की नजर सिर्फ दान पेटियों पर है। ममता बनर्जी ने कहा, इतने कम समय में इस तरह की खुली लूट हो रही है। मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि कृपया सरकार ठीक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 2 min · National Desk

Delhi SIR: बंद घर और बदले पते, पूर्वी दिल्ली में घर-घर भटक रहे हैं बीएलओ; मतदाता सूची अपडेट करना हुआ जटिल

दिल्ली में मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग के निर्देश पर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को फील्ड में कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर, शकरपुर, जाफराबाद, चांद बाग और जगतपुरी समेत कई रिहायशी इलाकों में घर-घर जाकर किए जा रहे सत्यापन में बड़ी संख्या में घर बंद मिल रहे हैं या सूची में दर्ज मतदाता वहां रह ही नहीं रहे हैं। इससे मतदाता सूची को अद्यतन करने का कार्य अपेक्षा से अधिक जटिल हो गया है।शकरपुर के यू-ब्लॉक पार्ट-84 के बीएलओ केशव ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि मतदाता सूची में दर्ज कई पते अब पुराने हो चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में किरायेदार और मकान मालिक दूसरे इलाकों या राज्यों में स्थानांतरित हो चुके हैं। इसके अलावा सूची में दर्ज कई बुजुर्ग मतदाताओं का निधन हो चुका है, लेकिन उनके नाम अब भी रिकॉर्ड में बने हुए हैं। इन परिस्थितियों में प्रत्येक पते का सत्यापन करने और सही जानकारी जुटाने में काफी समय और मेहनत लग रही है।एसआईआर अभियान के कारण बीएलओ पर कार्यभार काफी बढ़ गया है। तय समय सीमा के भीतर हजारों मतदाताओं का सत्यापन करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। दिनभर धूप और गर्मी में घर-घर जाने के बावजूद कई स्थानों पर ताले लगे मिलते हैं या लोग उपलब्ध नहीं होते। कुछ मामलों में स्थानीय स्तर पर अपेक्षित सहयोग भी नहीं मिल पाता, जिससे सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।फील्ड में आ रही चुनौतियों के बीच रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन्स (आरडब्ल्यूए) बीएलओ की मदद के लिए आगे आई हैं। कन्फेडरेशन ऑफ एनसीआर आरडब्ल्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 2 min · National Desk

PoK Protests: पीओके में बढ़ा PAK सरकार का विरोध, विदेशों में बसे कश्मीरियों से पांच जुलाई को प्रदर्शन की अपील

सभा को संबोधित करते हुए ख्वाजा ने कहा कि किसी भी कानून के तहत सेना को किसी की हत्या करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान के नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि अगर वह सार्थक संवाद करने में सक्षम नहीं है तो उसे पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने ब्रिटेन में रहने वाले कश्मीरी समुदाय से पांच जुलाई को बड़े स्तर पर प्रदर्शन आयोजित कर पाकिस्तान की कार्रवाई की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने की अपील की।मेहराम ख्वाजा ने कहा, “मैं अपील करता हूं कि पांच जुलाई को विदेशों में रहने वाले सभी कश्मीरी अपनी आवाज बुलंद करें। बर्मिंघम से लेकर लंदन तक सभी कश्मीरी पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठाएं।” उन्होंने पाकिस्तान पर क्षेत्र के संसाधनों के दोहन का आरोप लगाया और कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय अब अपने ही नागरिकों की हत्या की जा रही है।उन्होंने विभिन्न शहरों के लोगों से सड़कों पर उतरने, बाजार और चौक पूरी तरह बंद रखने की भी अपील की। सभा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। अपने संबोधन में ख्वाजा ने पाकिस्तान की सेना पर निर्दोष नागरिकों की हत्या का आरोप दोहराया। उन्होंने आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने का भी जिक्र किया।इस बीच, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का दावा किया गया है। वीडियो में जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के प्रमुख सदस्यों में शामिल सरदार अमन खान ने पीओके, कश्मीर घाटी, लद्दाख, पुंछ और राजौरी के लोगों से पांच जुलाई के प्रस्तावित प्रदर्शन का समर्थन करने की अपील की है। संगठन के अनुसार, यह प्रदर्शन पीओके …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 5, 2026 · 2 min · National Desk

UP: शिक्षकों के लिए डबल खुशखबरी, कैशलेस के साथ 10 लाख शिक्षक-कार्मिकों को मिलेगा ग्रुप लाइफ इंश्योरेंस कवर

उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग अपने शिक्षकों, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइयां, शासकीय व अनुबंधित कार्मिक सभी को सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा देने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के साथ एमओयू करेगा। इससे विभाग के लगभग 4.50 लाख स्थायी तथा 5.50 लाख संविदा कार्मिक एसबीआई के विशेष सैलरी पैकेज में बीमा सुरक्षा से जुड़ेंगे। संविदा कार्मिकों को भी मिलेगा लाभ यह एमओयू मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आठ जुलाई को वाराणसी में होने वाले कैशलेस चिकित्सा सुविधा व डीबीटी वितरण कार्यक्रम में होगा। प्रस्ताव के अनुसार जिन स्थायी कार्मिकों का वेतन 10 हजार रुपये से अधिक है, उन्हें 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा।इसके साथ ही एक करोड़ रुपये का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर, एक करोड़ रुपये का स्थायी दिव्यांगता बीमा कवर और 1.60 करोड़ रुपये तक का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर मिलेगा। साथ ही अनहोनी की स्थिति में कार्मिकों के बच्चों की शिक्षा और बेटियों के विवाह के लिए भी एड ऑन कवर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे शिक्षकों-कर्मचारियों के परिवार को भी आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। एमओयू के तहत 10 हजार रुपये से अधिक कुल मासिक वेतन पाने वाले संविदा कार्मिकों को 30 लाख रुपये तक का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर मिलेगा। स्थायी विकलांगता की स्थिति में 30 लाख तथा आंशिक विकलांगता में 15 लाख का इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। इसके अलावा एयर एक्सीडेंट की स्थिति में 30 लाख का इंश्योरेंस कवर भी मिलेगा। किसी अनहोनी होने पर कार्मिकों के बच्चों की पढ़ाई व बेटियों के विवाह के लिए भी एड-ऑन कवर भी दिया जाएगा। वहीं 10 हजार से कम नेट मासिक वेतन पाने वाले कार्मिकों को ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 4, 2026 · 2 min · National Desk

Parliament Monsoon Session: 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा संसद का मानसून सत्र, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है। संसदीय परिपाटी के मुताबिक मानसून सत्र दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा भी कराई जाएगी। करीब तीन सप्ताह के इस मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी। औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 वित्त विधेयक, 2026 दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर लिखा, भारत सरकार की अनुशंसा पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मानसून सत्र 2026 में संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने की स्वीकृति दे दी है। यह सत्र 20 जुलाई, 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त, 2026 तक चलेगा। रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा और निर्णय लिए जाएंगे।बीते दिनों मेडिकल की पढ़ाई से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा- NEET के पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी विवाद जैसे कई मामले लगातार सुर्खियों में है। ऐसे में संसद सत्र के दौरान हंगामा होने की आशंक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 4, 2026 · 2 min · National Desk