Congress: दिग्विजय की पटवारी से दूरी और उमंग से नजदीकी से कांग्रेस में नए समीकरण? सवालों में पार्टी की एकजुटता

लगभग दो दशक से सत्ता से बाहर चल रही मध्यप्रदेश कांग्रेस आज भी अंदरूनी खींचतान से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाई है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के रूप में कांग्रेस ने नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपा है, लेकिन प्रदेश की राजनीति में दिग्विजय सिंह और कमलनाथ जैसे वरिष्ठ नेताओं का प्रभाव अभी भी कायम है। इसी बीच उमंग सिंघार का अचानक दिग्विजय सिंह के निवास पहुंचना और दोनों नेताओं के बीच करीब दो घंटे तक बंद कमरे में चर्चा होना कई सवाल छोड़ गया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह केवल शिष्टाचार मुलाकात थी या फिर कांग्रेस के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत? ये भी बता दें कि दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार के रिश्ते हमेशा सहज नहीं रहे हैं। वर्ष 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह पर सरकार में हस्तक्षेप और पर्दे के पीछे से फैसले लेने जैसे आरोप लगाए थे। उस समय दोनों नेताओं के बीच खुलकर बयानबाजी भी हुई थी। जीतू-दिग्विजय विवाद के बाद बढ़ी हलचल यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह के बयानों को लेकर पार्टी असहज स्थिति में नजर आई थी। जीतू पटवारी ने उज्जैन में सरकारी जमीन आवंटन को लेकर भाजपा सरकार पर 500 करोड़ रुपये की जमीन एक रुपये में देने का आरोप लगाया था। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा कि संबंधित जमीन सरकारी ट्रस्ट की है और उसे निजी संस्था को नहीं दिया गया। भाजपा ने इसे कांग्रेस के अंदर की लड़ाई बताकर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया। इस मामले के बढ़ने के बाद दिग्विजय सिंह ने भोपाल में यह स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और उनके तथा जीतू पटवार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 7, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi Indonesia Visit: रक्षा, व्यापार और ऊर्जा संबंधों को बढ़ाएंगे भारत-इंडोनेशिया, द्विपक्षीय वार्ता आज

पीएम मोदी की यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति, महासागर दृष्टिकोण और स्वतंत्र, खुले तथा समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। दिल्ली से रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि यात्रा के दौरान समुद्री सुरक्षा, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी, व्यापार और निवेश जैसे मुद्दों पर अहम निर्णय लिए जाएंगे।वहीं, द्विपक्षीय वार्ता में सबसे बड़ा आकर्षण ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सौदा है। सूत्रों के अनुसार, इंडोनेशिया पहले तय की गई बैटरी की खरीद से आगे बढ़कर अब बड़े पैमाने पर ब्रह्मोस मिसाइल प्रणालियों को खरीदने की तैयारी में है। उम्मीद की जा रही है कि फिलीपीन के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला बड़ा आसियान देश बन जाएगा।दोनों देश स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य सुरक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा, विनिर्माण और महत्वपूर्ण खनिज जैसे समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों को मजबूत करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों का द्विपक्षीय वस्तु व्यापार वित्त वर्ष 2023 के 38.8 अरब डॉलर से घटकर 2026 में 24.8 अरब डॉलर रह गया।तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में सोमवार को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे पीएम मोदी का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रपति सुबियांतो ने खुद हवाईअड्डे पर पहुंचकर अगवानी की। सुबियांतो के साथ उनके चार मंत्री भी थे। मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के स्वागत करने के अंदाज से वह बहुत प्रभावित हुए। हम दोनों देशों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर बात करेंगे। पीएम इंडोनेशिया में 8 जुलाई तक रहेंगे। फिर ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड की यात्रा पर जाएंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 7, 2026 · 2 min · National Desk

Jammu: जम्मू-कश्मीर सरकार का बड़ा फैसला, गंभीर बीमारों को अब विधायक दे सकेंगे 20 लाख तक की मदद

जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा और बेहद मानवीय फैसला लेते हुए केंद्र शासित प्रदेश के विधायकों को बड़ी वित्तीय शक्ति सौंपी है।अब सभी विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र विकास कोष (सीडीएफ) से गंभीर और जानलेवा बीमारियों से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए हर साल 20 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता सीधे मंजूर कर सकेंगे। सरकार के इस कदम से महंगे इलाज के कारण लाचार होने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। पूर्व के नियमों के तहत विधायक निधि का उपयोग केवल बुनियादी ढांचे और निर्माण कार्यों जैसे सड़क, बिजली या पानी के प्रोजेक्ट्स पर ही किया जा सकता था। चिकित्सा सहायता के लिए इसमें बेहद सीमित प्रावधान था जिससे विधायक चाहकर भी बड़ी मदद नहीं कर पाते थे।इस संशोधित दिशा-निर्देश के बाद अब जरूरतमंद मरीज सीधे अपने क्षेत्रीय विधायक से संपर्क कर वित्तीय सहायता की गुहार लगा सकेंगे। प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए विधायक द्वारा अनुशंसित यह राशि सीधे संबंधित अस्पताल या मेडिकल संस्थान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और बिना किसी देरी के मरीज का इलाज शुरू हो सके। इस फैसले से आपातकालीन स्वास्थ्य संकट के समय कागजी और प्रशासनिक देरी से मुक्ति मिलेगी और समय पर इलाज मिलने से कई कीमती जानें बचाई जा सकेंगी।कैंसर के सभी प्रकार के महंगे इलाजदिल की गंभीर बीमारियां और सर्जरीकिडनी फेल्योर (डायलिसिस और ट्रांसप्लांट प्रक्रियाएं)लिवर की गंभीर बीमारियांमेजर न्यूरोसर्जरी जैसी जटिल स्वास्थ्य समस्याएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 7, 2026 · 2 min · National Desk

Italy: मेलोनी पर ट्रंप के तंज को लेकर इटली ने दिखाया अमेरिकी राष्ट्रपति को आईना, क्या बोले रक्षा मंत्री?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर मेलोनी की एक संपादित तस्वीर साझा की। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, “मुझसे दूरी बनाए रखने का आदेश (रिस्ट्रेनिंग ऑर्डर) चाहिए।” यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब दोनों नेताओं की इस सप्ताह नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात होने की संभावना है।ट्रंप की टिप्पणी पर इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेत्तो ने कहा कि इस पोस्ट पर उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं है। उन्होंने कहा, “सबसे अहम बात अमेरिका जैसे महत्वपूर्ण सहयोगी देश के साथ रिश्ते बनाए रखना है। लोग आते-जाते रहते हैं, लेकिन रिश्ते बने रहते हैं।“इटली के विदेश मंत्री अंतोनियो तायानी ने भी विवाद को ज्यादा तूल नहीं दिया। उन्होंने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि दोनों देशों के संबंध किसी एक व्यक्ति की टिप्पणी से कहीं बड़े हैं।” हालांकि, प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ट्रंप की ताजा टिप्पणी पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।दोनों नेताओं के बीच तनाव की शुरुआत हाल ही में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद हुई थी। पिछले महीने ट्रंप ने दावा किया था कि सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने उनसे कई बार तस्वीर खिंचवाने का अनुरोध किया था और उन्होंने सिर्फ इसलिए इसकी अनुमति दी क्योंकि उन्हें “उन पर तरस आ गया था।“ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया था कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं करने के बाद मेलोनी घरेलू राजनीतिक कारणों से अमेरिका के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रही हैं।मेलोनी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था, “ये लगातार और बिना किसी वजह के किए जा रहे हमले पूरी तरह निरर्थक हैं।” उन्होंने ट्रंप को जवाब देते हुए कहा था, “आपकी दोस्त होने से मेरी लोकप्रियता नह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 7, 2026 · 2 min · National Desk

Set Back For Nirav Modi: 2019 से जेल में बंद नीरव मोदी के पास कानूनी विकल्प खत्म, क्या जल्द लाया जाएगा भारत?

13,000 करोड़ रुपये से अधिक के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का भगोड़ा नीरव मोदी यूरोपीय मानवाधिकार कोर्ट में अंतिम कानूनी जंग हार गया है। इसके साथ ही उसके भारत प्रत्यर्पण में बची आखिरी कानूनी रुकावट भी दूर हो गई। सूत्रों का कहना है कि ब्रिटेन सरकार की ओर से नीरव के प्रत्यर्पण की औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं और उसे जल्द ही भारत लाया जा सकता है। ब्रिटेन की अदालतों में अपील के सभी रास्ते खत्म होने जाने के बाद नीरव ने इस साल अप्रैल में स्ट्रॉसबर्ग स्थित यूरोपीय मानवाधिकार कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने मोदी की याचिका को गुमनाम रखने की अनुमति दी थी। इससे पूरी प्रक्रिया गोपनीय बनी रही। यह कोर्ट ऐसे मामलों के लंबित रहने के दौरान उनसे जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं करता है।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नीरव को कोई राहत देने से इन्कार कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रत्यर्पण को चुनौती देने के उसके सारे कानूनी रास्ते अब आधिकारिक रूप से बंद हो गए हैं। उसने यह याचिका तब दायर की गई थी जब ब्रिटेन हाईकोर्ट ने उसे प्रत्यर्पण को चुनौती देने की इजाजत देने से मना कर दिया था। कोर्ट ने माना था कि जेल की स्थितियों और व्यवहार के बारे में भारत की ओर से दिए गए आश्वासन पर्याप्त हैं।नीरव मार्च 2019 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। राजनयिक सूत्रों ने यह भी बताया कि ब्रिटिश अधिकारियों की ओर से उसे सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नीरव मोदी का भारत प्रत्यर्पण कभी भी हो सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 6, 2026 · 2 min · National Desk

सीमा की सड़कों के नाम पर सरकारी धन की लूट: किसने किया BRO में घोटाला? CBI ने 26 ठिकानों पर एक साथ की छापेमारी

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सीमा सड़क संगठन (BRO) में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और फर्जी मजदूरों के नाम पर भुगतान से जुड़े चार मामलों की जांच के तहत 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 26 स्थानों पर छापेमारी की। जांच में 10 अधिकारियों समेत कई लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। तलाशी के दौरान अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी बरामद हुए हैं। ये तलाशी अभियान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में चलाए गए। यह कार्रवाई लद्दाख में BRO के ‘प्रोजेक्ट विजयक’ और ‘प्रोजेक्ट योजक’ से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की जांच का हिस्सा है।CBI के अनुसार, जांच का केंद्र कैजुअल लेबर (अस्थायी मजदूरों) की तैनाती और फर्जी मजदूरों के नाम पर वेतन भुगतान में कथित अनियमितताएं हैं। एजेंसी को आशंका है कि इस तरीके से सरकारी धन का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया।CBI ने BRO के टेक्निकल बोर्ड ऑफ ऑफिसर्स द्वारा की गई आंतरिक जांच के बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से दर्ज कराई गई आपराधिक शिकायतों के आधार पर चार FIR दर्ज की हैं। शुरुआती जांच में मजदूरों की तैनाती और वेतन भुगतान से जुड़ी वित्तीय गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं।जांच के दायरे में सरकारी धन का दुरुपयोग, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश जैसे अपराध शामिल हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत आपराधिक कदाचार और रिश्वतखोरी से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है।FIR में कुल 10 अधिकारियों के नाम दर्ज हैं। इनमें लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर रैंक के अधिकारी और इंजीनियर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 6, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: मेकेदातु परियोजना पर सुप्रीम कोर्ट तक हुआ है संघर्ष, अब तमिलनाडु में सर्वदलीय बैठक की मांग क्यों?

Explainer: मेकेदातु परियोजना पर सुप्रीम कोर्ट तक हुआ है संघर्ष, अब तमिलनाडु में सर्वदलीय बैठक की मांग क्यों? क्या कर्नाटक का मेकेदातु बांध तमिलनाडु के किसानों के लिए नई मुश्किल बन सकता है? क्या कावेरी जल विवाद फिर बड़ा राजनीतिक और कानूनी मुद्दा बनने जा रहा है? इन सवालों के बीच मेकेदातु परियोजना एक बार फिर चर्चा में है। तमिलनाडु की विपक्षी पार्टी पीएमके ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि कर्नाटक के आश्वासनों पर भरोसा नहीं किया जा सकता, जबकि राज्य सरकार नए ट्रिब्यूनल की मांग कर रही है। दूसरी ओर, कर्नाटक इस परियोजना को बंगलूरू की पेयजल जरूरतों और विकास के लिए जरूरी बता रहा है। पढ़ें क्या है विवाद और अब तक इसमें क्या-क्या हुआ… कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। तमिलनाडु विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर कर्नाटक सरकार की उस योजना का विरोध किया है, जिसमें कावेरी नदी पर मेकेदातु में पेयजल और बैलेंसिंग जलाशय बनाने की बात कही गई है। तमिलनाडु को आशंका है कि कर्नाटक अब इस परियोजना की संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) केंद्र को सौंपने की तैयारी कर रहा है। यह स्थिति तब बनी, जब सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 के अपने फैसले पर पुनर्विचार की तमिलन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 6, 2026 · 2 min · National Desk

Shyama Prasad Mookerjee: '370 हटाना सच्ची श्रद्धांजलि', श्यामा प्रसाद की जयंती पर पीएम मोदी ने किया याद

भारतीय जनसंघ के संस्थापक और राष्ट्रवादी विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का योगदान कई क्षेत्रों में रहा। वे एक बेहतरीन विचारक और शिक्षाविद थे। वहीं, गृहमंत्री शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ‘राष्ट्र प्रथम’ के आदर्श को अपने जीवन का ध्येय बनाया। पीएम मोदी ने क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर लिखा,’डॉ. मुखर्जी का योगदान कई क्षेत्रों में रहा। वे एक बेहतरीन विचारक और शिक्षाविद थे, जिन्होंने इनोवेशन और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का समर्थन किया। उद्योग मंत्री के तौर पर, उन्होंने औद्योगिक आत्मनिर्भरता की नींव रखी। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि पारंपरिक क्षेत्र और लोगों की आजीविका फलती-फूलती रहे। बंगाल के अकाल के दौरान उनके मानवीय प्रयासों से मुसीबत में घिरे लोगों के प्रति उनकी गहरी संवेदना झलकती थी। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत की एकता और अखंडता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।’ पीएम मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर एक लेख लिखा, जिसमें उनके अलग-अलग क्षेत्रों में किए गए कामों जैसे वाइस चांसलर, मंत्री, राजनीतिक नेता आदि पर जोर दिया गया। भारत की एकता को मजबूत करने में उनके बेमिसाल प्रयासों को जिक्र किया गया। 2019 में अनुच्छेद 370 और 35(A) को हटाना उनके प्रयासों के लिए एक सच्ची श्रद्धांजलि है।केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 6, 2026 · 2 min · National Desk

तृणमूल दावेदारी विवाद: TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर होगा किसका हक? EC में दस्तावेज जमा करने की अंतिम तारीख आज

चुनाव आयोग ने पिछले सप्ताह दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद उन्हें 6 जुलाई शाम 5:30 बजे तक दस्तावेज, संगठनात्मक रिकॉर्ड और समर्थन के प्रमाण जमा करने को कहा था। विवाद का केंद्र पार्टी का चर्चित ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न, संगठनात्मक संपत्तियां, वित्तीय संसाधन और पार्टी मुख्यालय हैं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद शुरू हुए बगावत के दौर में इन सभी पर दोनों गुटों ने दावा किया है।समयसीमा समाप्त होने के बाद चुनाव आयोग रिकॉर्ड का परीक्षण करेगा और इसके आधार पर दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। इस दौरान दोनों पक्ष अपने दावों के समर्थन में कानूनी और संवैधानिक तर्क रख सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक, ममता समर्थक गुट की ओर से वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी सोमवार को नई दिल्ली पहुंचकर आयोग को दस्तावेज सौंपेंगे। दूसरी ओर, ऋतब्रत समर्थक गुट का दावा है कि उसके पास विधानसभा में दो-तिहाई से अधिक विधायकों का समर्थन है और इससे जुड़े दस्तावेज पहले ही आयोग को सौंपे जा चुके हैं।ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला कालीघाट गुट पार्टी की स्थापना से जुड़े इतिहास और संगठन की निरंतरता को आधार बना रहा है, जबकि बागी गुट विधानसभा और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बीच अपने बहुमत का दावा कर रहा है। यह टकराव पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाल के वर्षों के सबसे बड़े राजनीतिक विभाजनों में से एक माना जा रहा है।शुरुआत में यह विवाद केवल विधायक दल तक सीमित था, लेकिन अब यह पूरे संगठन पर नियंत्रण की लड़ाई बन चुका है। पिछले महीने बागी गुट ने विशेष बैठक बुलाकर वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को अध्यक्ष चुना और समानांतर राष्ट्रीय नेतृत्व की घोषणा की। गुट का दावा है कि मौजूदा नेतृत्व निर्वाचित प्रतिनिध …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 6, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक आज: चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला, चढ़ावा चोरी समेत एजेंडे में और क्या?

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सोमवार यानी आज एक अहम बैठक करेगा। यह बैठक अयोध्या राम मंदिर में दान में हेराफेरी की जांच के बीच हो रही है। ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के मठ ‘मणि राम छावनी’ में यह पहली बैठक होगी। सूत्रों के अनुसार, बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला मुख्य मुद्दा होगा। दान चोरी के विवाद से नाम जुड़ने के बाद दोनों ने पद छोड़ दिया था। इस्तीफे स्वीकार होने पर, ट्रस्ट के नए प्रशासनिक ढांचे पर विचार किया जाएगा। बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की भूमिका पर भी चर्चा की उम्मीद है। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने सभी नियमित और पदेन सदस्यों को चर्चा के लिए बुलाया है। पदेन सदस्यों में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रशांत लोखंडे, यूपी के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद, अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा शामिल हैं। अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास भी बैठक में शामिल हो सकते हैं और वरिष्ठ ट्रस्टी के. परासरन वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बैठक में जुड़ सकते हैं।बैठक में हेराफेरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट पर जानकारी दी जा सकती है। राम मंदिर के भविष्य के प्रबंधन ढांचे पर भी चर्चा होगी। 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए बिना ऑडिट वाला आय और खर्च का विवरण पेश किया जाएगा। बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय जानकारी भी मंजूरी के लिए रखी जाएगी।राम मंदिर के प्रबंधन की देखरेख के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति पर भी चर्चा होगी। ट्रस्ट में 11 नियमित सदस्य हैं, जिनमें अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास और कोषाध्यक्ष गोवि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 6, 2026 · 2 min · National Desk