अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद के बीच विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने जांच एजेंसी से बड़ी मांग की है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने अयोध्या के डीएसपी और मामले के जांच अधिकारी अशुतोष तिवारी को पत्र लिखकर कहा है कि जिन नेताओं ने सार्वजनिक मंचों पर मंदिर के चढ़ावे में चोरी या घोटाले के आरोप लगाए हैं, उनके बयान भी जांच के दौरान दर्ज किए जाएं। वीएचपी का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए आरोप लगाने वालों से भी तथ्यों और सबूतों की जानकारी लेना जरूरी है। किन नेताओं के बयान दर्ज करने की मांग की गई है? पत्र में कहा गया है कि राम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा मामले से जुड़ी एफआईआर संख्या 0090/2026 की जांच चल रही है। इस दौरान कई राजनीतिक नेताओं ने टीवी चैनलों, सोशल मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में गंभीर आरोप लगाए हैं। वीएचपी का कहना है कि इन नेताओं ने दान की रकम, आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के गायब होने जैसे दावे किए हैं। इसलिए जांच एजेंसी को यह जानना चाहिए कि इन दावों का आधार क्या है और उनके पास कौन-कौन से सबूत मौजूद हैं। आलोक कुमार ने अपने पत्र में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव समेत अन्य नेताओं का जिक्र किया है। पत्र के अनुसार, इन सभी नेताओं ने अलग-अलग मंचों पर राम मंदिर के चढ़ावे और दान में कथित गड़बड़ी को लेकर सार्वजनिक बयान दिए हैं। वीएचपी का कहना है कि जब किसी मामले में इतने गंभीर आरोप लगाए गए हैं तो संबंधित लोगों के बयान दर्ज करना जांच का हिस्सा होना चाहिए। पत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: VHP ने जांच अधिकारी को लिखा पत्र, केजरीवाल-प्रियंका के बयान दर्ज करने की क्यों की मांग?
अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद के बीच विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने जांच एजेंसी से बड़ी मांग की है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने अयोध्या के डीएसपी और मामले के जांच अधिकारी अशुतोष तिवारी को पत्र लिखकर कहा है कि जिन नेताओं ने सार्वजनिक मंचों पर मंदिर के चढ़ावे में चोरी या घोटाले के आरोप लगाए हैं, उनके बयान भी जांच के दौरान दर्ज किए जाएं। वीएचपी का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए आरोप लगाने वालों से भी तथ्यों और सबूतों की जानकारी