पहले जान लेते हैं टाइम कैप्सूल क्या होता है? अमेरिका 2276 के लोगों के लिए आखिर क्या छोड़ रहा है? 250 साल तक कैप्सूल सुरक्षित कैसे रहेगा? अब बात भारत के ‘काल पात्र’ की… सरकार बदलते ही टाइम कैप्सूल क्यों निकाल लिया गया? क्या आज भी ‘कालपात्र’ का पूरा सच सामने नहीं आया है? क्या गुजरात के मुख्यमंत्री रहते पीएम मोदी ने भी दफन कराया था कैप्सूल? कुछ शिक्षण संस्थानों ने भी दफन कराया टाइम कैप्सूल दुनिया के कौन-कौन से टाइम कैप्सूल आज भी चर्चा में हैं? अमेरिका का टाइम कैप्सूल बाकी देशों से अलग क्यों? क्या भविष्य की पीढ़ियों के लिए टाइम कैप्सूल एक अनमोल विरासत है? टाइम कैप्सूल की खबर सामने आने के बाद भारत के भी एक पुराने अध्याय की चर्चा होने लगी। बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में भी ऐसा प्रयोग आज से पांच दशक पहले किया गया था। यानी 50 साल पहले। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 15 अगस्त 1973 को लाल किले के लाहौरी गेट के पास ‘कालपात्र’ नाम का टाइम कैप्सूल जमीन में दफन कराया था। इसे एक हजार साल बाद खोलने की योजना थी। हालांकि बीच में इसे निकाल लिया गया था।खैर भारत के टाइम कैप्सूल की बात करने से पहले ये जान लेते हैं कि टाइम कैप्सूल क्या होता है? किस धातु से बनाया जाता है? अमेरिका का टाइम कैप्सूल दुनिया से कितना अलग है और क्यों है? टाइम कैप्सूल पर बाकी के देशों ने कितनी प्रगति की है? क्या वाकई टाइम कैप्सूल देश के इतिहास को बचाने के लिए अहम है? इतना ही नहीं साथ ही ये भी जानेंगे कि 2276 के लोगों के लिए अमेरिका आखिर क्या छोड़ रहा है? और ये 250 साल तक सुरक्षित कैसे रहेगा…?टाइम कैप्सूल एक मजबूत और पूरी तरह सीलबंद कंटेनर होता है। इसमें किसी देश, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Explainer: क्या है टाइम कैप्सूल? अमेरिका 250 साल के लिए करेगा दफन, इंदिरा से PM मोदी तक संजो चुके हैं इतिहास
पहले जान लेते हैं टाइम कैप्सूल क्या होता है? अमेरिका 2276 के लोगों के लिए आखिर क्या छोड़ रहा है? 250 साल तक कैप्सूल सुरक्षित कैसे रहेगा? अब बात भारत के 'काल पात्र' की... सरकार बदलते ही टाइम कैप्सूल क्यों निकाल लिया गया? क्या आज भी 'कालपात्र' का पूरा सच सामने नहीं आया है? क्या गुजरात के मुख्यमंत्री रहते पीएम मोदी ने भी दफन कराया था कैप्सूल? कुछ शिक्षण संस्थानों ने भी दफन कराया टाइम कैप्सूल दुनिया के कौन-कौन से टाइम कैप्सूल आज भी चर्चा में हैं? अमेरिका का टाइम कैप्सूल बाकी देशों से अलग क्यों? क्या