Explainer: भारत में पहली बार निजी कंपनी लॉन्च करेगी ऑर्बिटल रॉकेट; क्या है मिशन आगमन, दुनिया के लिए कितना खास?

भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को कैसे मिला बढ़ावा? स्पेस स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार के बड़े कदम। 2023 भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023: निजी कंपनियों के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र के दरवाजे खोले गए और उनकी भागीदारी बढ़ाई गई। इन-स्पेस सीड फंड योजना: नए स्पेस स्टार्टअप्स को शुरुआती आर्थिक मदद देने के लिए योजना शुरू की गई। 2024 प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति में ढील: अंतरिक्ष क्षेत्र में विदेशी निवेश के नियम आसान किए गए। अनुमोदन के लिए नए नियम (एनजीपी-2024): निजी कंपनियों को अंतरिक्ष गतिविधियों की मंजूरी देने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल बनाई गई। इन-स्पेस प्री-इन्क्यूबेशन उद्यमिता कार्यक्रम (पीआईई): नए उद्यमियों और स्टार्टअप्स को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सहयोग देने की शुरुआत हुई। 1,000 करोड़ रुपये का वेंचर कैपिटल फंड: स्पेस स्टार्टअप्स को निवेश उपलब्ध कराने के लिए फंड बनाया गया। 2025 500 करोड़ रुपये का प्रौद्योगिकी अपनाने का कोष (टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड): नई अंतरिक्ष तकनीकों के विकास और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए फंड बनाया गया। एसएसएलवी तकनीक का हस्तांतरण: छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) की तकनीक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को सौंपी गई। 2026 पीपीपी मॉडल पर पृथ्वी अवलोकन उपग्रह नेटवर्क: सरकार और निजी कंपनियों की साझेदारी (पीपीपी मॉडल) के तहत पृथ्वी की निगरानी करने वाले उपग्रहों का नेटवर्क विकसित करने की पहल की गई। भारत के स्पेस स्टार्टअप की स्थिति? सरकार के अनुसार, वर्ष 2014 में देश में केवल एक पंजीकृत स्पेस स्टार्टअप था, लेकिन फरवरी 2026 तक इनकी संख्या 400 से अधिक हो गई। भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स में अब तक 50 करोड़ डॉलर (500 मिलि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 18, 2026 · 2 min · National Desk

Geothermal Wells: लद्दाख की पुगा घाटी में देश के पहले दो जियोथर्मल कुएं शुरू, एलजी ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

लद्दाख की पुगा घाटी में भारत के पहले और सबसे गहरे दो जियोथर्मल (भू-तापीय) कुओं का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इन कुओं को राष्ट्र को समर्पित किया। ओएनजीसी एनर्जी सेंटर द्वारा विकसित दोनों कुएं 14 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर 1000-1000 मीटर की गहराई तक खोदे गए हैं। इनके शुरू होने से लद्दाख में देश के पहले एक मेगावाट क्षमता वाले डेमो स्केल जियोथर्मल पॉवर प्लांट की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्बन न्यूट्रल लद्दाख के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। जियोथर्मल ऊर्जा के उपयोग से लद्दाख को स्वच्छ ऊर्जा का केंद्र बनाने के साथ ही भविष्य में क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को नवीकरणीय स्रोतों से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।पूर्व में लद्दाख प्रशासन और ओएनजीसी एनर्जी सेंटर के बीच हुए समझौते की अवधि समाप्त होने से परियोजना कुछ समय के लिए ठप हो गई थी। बाद में उपराज्यपाल वीके सक्सेना के हस्तक्षेप से जून 2026 में एमओयू को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाया गया, जिसके बाद कुओं की ड्रिलिंग का कार्य दोबारा शुरू हुआ।प्रोजेक्ट इंजीनियरों ने बताया कि 400 मीटर की गहराई पर अधिकतम तापमान 135 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगे की टेस्टिंग चल रही है। इंजीनियरों को उम्मीद है कि एक मेगावाट के पायलट जियोथर्मल पॉवर प्रोजेक्ट के संचालन और जियोथर्मल ऊर्जा के व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए और भी ज्यादा तापमान मिलगा। यह प्रोजेक्ट दुनिया के सबसे मुश्किल कामकाजी माहौल में शुरू किया गया है। बेहद खराब मौसम और ऊबड़-खाबड़ जमीन पर काम करने का समय भी काफी कम मिलता है।जियोथर्मल गतिविधियों, जमीन के नीचे की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 18, 2026 · 2 min · National Desk

Jantar Mantar: सोनम वांगचुक के साथ अनशन पर डटे हैं 30 से अधिक प्रदर्शनकारी, कई राज्यों से पहुंचे हैं लोग

जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में भले ही सबसे अधिक चर्चा सोनम वांगचुक की हो रही हो, लेकिन उनके साथ 30 से अधिक प्रदर्शनकारी भी भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सभी की साझा लड़ाई है। जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। सोनम वांगचुक के साथ भूख हड़ताल पर बैठे अधिकांश प्रदर्शनकारी पहली बार किसी लंबे आंदोलन का हिस्सा बने हैं। कोई छात्र है, कोई सामाजिक कार्यकर्ता तो कोई नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियां छोड़कर यहां पहुंचा है। हम्माद, उज्जवल, नीतीश, आदित्य, श्रवण, पुंडी मस्कल बद्रा, विकास, रंगला तंवर, सूर्य प्रकाश, संजय नोगिया, पवन, आर्यन, नवीन, बहादुर सिंह, दीपक, अरीब और अर्पित समेत 30 से अधिक लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।प्रदर्शनकारी उज्जवल बताते हैं कि उनका उद्देश्य केवल अपनी बात सरकार तक पहुंचाना और मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकालना है। वहीं, पवन ने कहा कि भले ही मीडिया में सोनम वांगचुक का चेहरा अधिक दिखाई देता हो, लेकिन यहां मौजूद हर व्यक्ति समान प्रतिबद्धता के साथ आंदोलन का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी भी की जा रही है। नीतीश ने कहा कि आंदोलन को केवल एक व्यक्ति तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। यहां मौजूद हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है और लंबे संघर्ष के लिए तैयार है। अर्पित ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 18, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi Manish Tewari Video: जब कांग्रेस सांसद ने थामा पीएम मोदी का हाथ! गपशप के गवाह बने नड्डा, वीडियो वायरल

मनीष तिवारी और पीएम मोदी की जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, इसमें देखा जा सकता है कि, पंजाब से निर्वाचित कांग्रेस पार्टी के सांसद मनीष तिवारी प्रधानमंत्री का हाथ थामकर उनसे कुछ कहते हैं। पीएम मोदी ने उनकी बातों को ध्यान से सुनने के बाद न केवल मनीष तिवारी की तरफ इशारा किया, बल्कि उन्हें कुछ दिलचस्प जवाब भी दिया। दोनों के बीच बातचीत कितनी बेबाकी से हुई, इसका अंदाजा कैमरे की तरफ चेहरा करके खड़े, जेपी नड्डा को देखने से होता है। वे कौतूहल से कभी पीएम मोदी को देखते हैं, कभी मनीष तिवारी की तरफ मुखातिब होते हैं।भले ही पीएम मोदी के पंजाब दौरे की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, लेकिन पीएम मोदी और मनीष तिवारी के बीच क्या संवाद हुआ, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। इस वीडियो पर चर्चा का एक कारण यह भी है कि बीते दिनों मनीष तिवारी ने अपने एक्स हैंडल पर दशकों तक कांग्रेस पार्टी की सेवा करने और जो भी होगा देखा जाएगा, जैसे भाव का इजहार किया था।दरअसल, पंजाब में पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्तियों के समय मनीष को उचित सम्मान और तरजीह नहीं मिली है, ऐसी रिपोर्ट्स के आधार पर उनकी नाराजगी की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। हालांकि, उन्होंने खुद खुलकर अभी ऐसा बयान नहीं दिया है।चंडीगढ़ में हुई पीएम मोदी और मनीष तिवारी की मुलाकात से इतर प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को पंजाब में हजारों करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया। पीएम मोदी ने इस यात्रा के दौरान ही जालंधर में रेलवे स्टेशन के कायाकल्प के बाद उसका मुआयना भी किया। उन्होंने देशवासियों को भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात भी दी।जालंधर में गर्मजोशी के साथ पीएम मोदी का स्वागत किए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 18, 2026 · 2 min · National Desk

सोनम वांगचुक का अनशन जारी है: 24 घंटे में घटा 350 GM वजन, डॉक्टरों ने दी स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी

20 के बाद भूत बनकर वापस आऊंगा भूख हड़ताल के बीच सोनम वांगचुक ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका शरीर कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन आंदोलन को लेकर उनका हौसला मजबूत है। उन्होंने बताया कि मैं किसी भी हालत में 20 जुलाई तक जीवित रहूंगा, ताकि आप सभी के साथ संसद तक मार्च कर सकूं। अगर 20 जुलाई को हमारा मार्च सफल नहीं हुआ, तो मैं भूत बनकर वापस आऊंगा। सोनम वांगचुक ने लोगों से इस मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह मार्च लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को देश के सामने रखने का माध्यम होगा। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, वह देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 18, 2026 · 1 min · National Desk

MEA: 'बुलेट ट्रेन पर जापान के पूर्व मंत्री के दावे निजी', जानिए सरकार ने आरोपों पर क्या-क्या कहा

मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, यह एक व्यक्तिगत राय है और तथ्यों से काफी अलग है। वास्तव में, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड ट्रेन को लेकर भारत और जापान के बीच बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, जापान ई-20 ट्रेन श्रृंखला उपलब्ध कराएगा। लेकिन यह 2030 के शुरुआती वर्षों में ही संभव होगा। यह ट्रेन अभी विकास के चरण में है। उन्होंने कहा, इस बीच, निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहला हिस्सा वर्ष 2027 में ही शुरू हो जाएगा। इसलिए दोनों पक्षों ने भारतीय हाई स्पीड ट्रेन के साथ परिचालन शुरू करने पर सहमति जताई है। जायसवाल ने कहा, इसी के अनुसार सिग्नल देने वाले उपकरणों का ऑर्डर दिया गया है और ये अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं। इस मामले में जापान की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला था। परियोजना का काम इस साझा लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ रहा है कि हाई स्पीड ट्रेन परियोजना को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि परियोजना में देरी की सबसे बड़ी वजह भारतीय पक्ष का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वह खुद इस परियोजना से जुड़े रहे हैं और जापानी टीम ने पूरी मेहनत के साथ काम किया। लेकिन उम्मीद के मुताबिक प्रगति नहीं हो सकी। उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए गए वादों को पूरा नहीं किया और समझौतों के बावजूद बाद में शर्तों में बदलाव किए गए। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से परियोजना की रफ्तार प्रभावित हुई। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 17, 2026 · 2 min · National Desk

Rahul Gandhi Dehradun Visit: पेपर लीक पर राहुल का निशाना, छात्रों के भविष्य पर बताया खतरा, भाषण की बड़ी बातें

छात्रों की गूंज में युवाओं ने उठाया रोजगार का मुद्दा राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में पहुंचे युवाओं ने अपने मुद्दों को मजबूती से उठाया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और कॅरिअर के सीमित अवसरों पर चिंता जताई। युवाओं ने कहा कि आज के समय में सबसे बड़ी जरूरत रोजगार की है और इस दिशा में ठोस नीतिगत फैसले किए जाने चाहिए। कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा करते हुए कहा कि डिग्री हासिल करने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याएं उनके सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हैं। युवाओं ने यह भी कहा कि सरकार को युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए। -पढ़ाई पूरी करने के बाद भी नौकरी नहीं मिल रही है। भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होती, जिससे निराशा बढ़ रही है। - तनिषा -महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने चाहिए। युवाओं के मुद्दों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। - सुर -सरकारी नौकरियों की संख्या कम हो रही है, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं में लाखों युवा शामिल होते हैं। युवाओं के हाथा खाली हैं। - दिव्यांशी ये भी पढ़ें…Badrinath Temple: हेराफेरी मामले में मंदिर के पूर्व अधिकारी गिरफ्तार, 30 जून को हुए थे सेवानिवृत्त -स्किल डेवलपमेंट की बात तो होती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका असर कम ही दिखता है। वर्तमान समय में रोजगार बहुत बड़ा मुद्दा है। - निष्कर्ष भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता बेहद जरूरी है। सरकार को इस पर ध्यान देना होगा। - प्रशांत अगर समय रहते रोजगार और शिक्षा से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 17, 2026 · 2 min · National Desk

'संघ के लिए हिंदू कोई धार्मिक पहचान नहीं': रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले- RSS को लेकर बनाया गया गलत नैरेटिव

100 वर्षों के सेवा और समर्पण पर आधारित है पुस्तक यह पुस्तक आरएसएस के स्थापना काल से लेकर अब तक के 100 वर्षों के सफर, राष्ट्र सेवा, सामाजिक एकता और संगठन के स्वयंसेवकों द्वारा दिए गए बलिदानों पर प्रकाश डालती है। लेखक श्याम जाजू और अनुपम त्रिवेदी द्वारा लिखी गई इस किताब के विमोचन के अवसर पर राजनीति, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं। रक्षा मंत्री ने पुस्तक के सह-लेखकों को बधाई देते हुए कहा कि यह किताब संघ के वास्तविक स्वरूप और उसके सेवा कार्यों को आम जनता के सामने सही परिप्रेक्ष्य में रखने का काम करेगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 17, 2026 · 1 min · National Desk

Rahul Gandhi Dehradun Visit Live: छात्रों से राहुल का संवाद, पेपर लीक पर कही बड़ी बात; युवाओं को दिया ये संदेश

08:22 PM, 17-Jul-2026 छात्रों ने साझा किया दर्द, बोले- वर्षों की मेहनत पर पेपर लीक फेर देता है पानी राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान छात्रों से मंच पर संवाद किया। इस दौरान एक छात्रा ने बताया कि हमने 2020 में बहुत मेहनत की थी। परीक्षा देकर बाहर निकले तो पता चला कि पेपर लीक हो गया। इससे हमारा मन पूरी तरह टूट गया। एक अन्य छात्रा ने कहा, ‘मैंने पिछले साल 2025 में पटवारी भर्ती की परीक्षा दी थी, लेकिन उसका पेपर भी लीक हो गया। इस बार दोबारा परीक्षा देनी पड़ी।’ वहीं, एक छात्र ने कहा, ‘हमारी वर्षों की मेहनत दांव पर लग जाती है, लेकिन सरकार पेपर लीक नहीं रोक पा रही है। निजी मेडिकल कॉलेज लगातार खुल रहे हैं, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटों पर भी योग्य छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।’ 08:11 PM, 17-Jul-2026 ‘युवाओं के सामने दो रास्ते, एक मेहनत का और दूसरा पेपर लीक का’ राहुल गांधी ने कहा कि सच्चाई सिर्फ यही नहीं है। आपके सामने एक बहुत बड़ा सवाल है। आज देश के युवाओं के सामने दो रास्ते हैं। पहला रास्ता मेहनत का है और दूसरा पेपर लीक का। अगर आपके पास पैसा है, आप भ्रष्ट हैं और चोरी करना चाहते हैं, तो आपके लिए पेपर लीक का रास्ता खुला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाएं मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हैं। 07:52 PM, 17-Jul-2026 राहुल गांधी बोले- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवा और पूरा परिवार करता है वर्षों तक संघर्ष राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के करोड़ों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपनी सामान्य जिंदगी से कई वर्षों तक दूरी बना लेते हैं। उन्होंने कहा कि छात्र दिन-रात आठ से दस घंट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 17, 2026 · 2 min · National Desk

Bullet Train Row: 'बुलेट ट्रेन पर जापान के पूर्व मंत्री के दावे निजी', जानिए सरकार ने आरोपों पर क्या कहा

मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, यह एक व्यक्तिगत राय है और तथ्यों से काफी अलग है। वास्तव में, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड ट्रेन को लेकर भारत और जापान के बीच बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, जापान ई-20 ट्रेन श्रृंखला उपलब्ध कराएगा। लेकिन यह 2030 के शुरुआती वर्षों में ही संभव होगा। यह ट्रेन अभी विकास के चरण में है। उन्होंने कहा, इस बीच, निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहला हिस्सा वर्ष 2027 में ही शुरू हो जाएगा। इसलिए दोनों पक्षों ने भारतीय हाई स्पीड ट्रेन के साथ परिचालन शुरू करने पर सहमति जताई है। जायसवाल ने कहा, इसी के अनुसार सिग्नल देने वाले उपकरणों का ऑर्डर दिया गया है और ये अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं। इस मामले में जापान की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला था। परियोजना का काम इस साझा लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ रहा है कि हाई स्पीड ट्रेन परियोजना को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि परियोजना में देरी की सबसे बड़ी वजह भारतीय पक्ष का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वह खुद इस परियोजना से जुड़े रहे हैं और जापानी टीम ने पूरी मेहनत के साथ काम किया। लेकिन उम्मीद के मुताबिक प्रगति नहीं हो सकी। उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए गए वादों को पूरा नहीं किया और समझौतों के बावजूद बाद में शर्तों में बदलाव किए गए। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से परियोजना की रफ्तार प्रभावित हुई। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 17, 2026 · 2 min · National Desk