मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, यह एक व्यक्तिगत राय है और तथ्यों से काफी अलग है। वास्तव में, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड ट्रेन को लेकर भारत और जापान के बीच बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, जापान ई-20 ट्रेन श्रृंखला उपलब्ध कराएगा। लेकिन यह 2030 के शुरुआती वर्षों में ही संभव होगा। यह ट्रेन अभी विकास के चरण में है। उन्होंने कहा, इस बीच, निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहला हिस्सा वर्ष 2027 में ही शुरू हो जाएगा। इसलिए दोनों पक्षों ने भारतीय हाई स्पीड ट्रेन के साथ परिचालन शुरू करने पर सहमति जताई है। जायसवाल ने कहा, इसी के अनुसार सिग्नल देने वाले उपकरणों का ऑर्डर दिया गया है और ये अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं। इस मामले में जापान की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला था। परियोजना का काम इस साझा लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ रहा है कि हाई स्पीड ट्रेन परियोजना को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि परियोजना में देरी की सबसे बड़ी वजह भारतीय पक्ष का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वह खुद इस परियोजना से जुड़े रहे हैं और जापानी टीम ने पूरी मेहनत के साथ काम किया। लेकिन उम्मीद के मुताबिक प्रगति नहीं हो सकी। उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए गए वादों को पूरा नहीं किया और समझौतों के बावजूद बाद में शर्तों में बदलाव किए गए। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से परियोजना की रफ्तार प्रभावित हुई। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Bullet Train Row: 'बुलेट ट्रेन पर जापान के पूर्व मंत्री के दावे निजी', जानिए सरकार ने आरोपों पर क्या कहा
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, यह एक व्यक्तिगत राय है और तथ्यों से काफी अलग है। वास्तव में, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड ट्रेन को लेकर भारत और जापान के बीच बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, जापान ई-20 ट्रेन श्रृंखला उपलब्ध कराएगा। लेकिन यह 2030 के शुरुआती वर्षों में ही संभव होगा। यह ट्रेन अभी विकास के चरण में है। उन्होंने कहा, इस बीच, निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहला हिस्सा वर्ष 2027 में ही शुरू हो जाएगा। इसलि