जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में भले ही सबसे अधिक चर्चा सोनम वांगचुक की हो रही हो, लेकिन उनके साथ 30 से अधिक प्रदर्शनकारी भी भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सभी की साझा लड़ाई है। जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। सोनम वांगचुक के साथ भूख हड़ताल पर बैठे अधिकांश प्रदर्शनकारी पहली बार किसी लंबे आंदोलन का हिस्सा बने हैं। कोई छात्र है, कोई सामाजिक कार्यकर्ता तो कोई नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियां छोड़कर यहां पहुंचा है। हम्माद, उज्जवल, नीतीश, आदित्य, श्रवण, पुंडी मस्कल बद्रा, विकास, रंगला तंवर, सूर्य प्रकाश, संजय नोगिया, पवन, आर्यन, नवीन, बहादुर सिंह, दीपक, अरीब और अर्पित समेत 30 से अधिक लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।प्रदर्शनकारी उज्जवल बताते हैं कि उनका उद्देश्य केवल अपनी बात सरकार तक पहुंचाना और मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकालना है। वहीं, पवन ने कहा कि भले ही मीडिया में सोनम वांगचुक का चेहरा अधिक दिखाई देता हो, लेकिन यहां मौजूद हर व्यक्ति समान प्रतिबद्धता के साथ आंदोलन का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी भी की जा रही है। नीतीश ने कहा कि आंदोलन को केवल एक व्यक्ति तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। यहां मौजूद हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है और लंबे संघर्ष के लिए तैयार है। अर्पित ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Jantar Mantar: सोनम वांगचुक के साथ अनशन पर डटे हैं 30 से अधिक प्रदर्शनकारी, कई राज्यों से पहुंचे हैं लोग
जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में भले ही सबसे अधिक चर्चा सोनम वांगचुक की हो रही हो, लेकिन उनके साथ 30 से अधिक प्रदर्शनकारी भी भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सभी की साझा लड़ाई है। जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। सोनम वांगचुक के साथ भूख हड़ताल पर बैठे अधिकांश प्रदर्शनकारी पहली बार किसी लंबे आंदोलन का हिस्सा बने हैं। कोई छात्र है, कोई सामाजिक कार्यकर्ता तो कोई नौकरी और परिवार की जिम्