Railway: ट्रेनों को सुपरफास्ट बताकर यात्रियों से वसूले 168 करोड़, इस रिपोर्ट में सफाई व्यवस्था भी कटघरे में

सीएजी ने रेलवे के इंटीग्रेटेड कोच मैनेजमेंट सिस्टम के आंकड़ों की भी जांच की। इसमें सामने आया कि चिन्हित 190 से ज्यादा ट्रेनों में से 100 ट्रेनें मार्च 2026 तक भी 55 किमी प्रति घंटा की औसत रफ्तार हासिल नहीं कर सकीं। इसके बावजूद इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों से सुपरफास्ट सरचार्ज लिया जा रहा था। रिपोर्ट में इसे रेलवे के निर्धारित नियमों और निर्देशों के पालन में कमी से जोड़कर देखा गया है।वही सीएजी यानी नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की रिपोर्ट ने रेलवे में बायो टॉयलेट के रखरखाव और बजट के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेन में ऑनबोर्ड सफाई व्यवस्था से करीब 50 प्रतिशत यात्री संतुष्ट नहीं हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों की सुविधा पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। सीएजी ने संसद में पेश रिपोर्ट में कहा कि बजट की कमी नहीं है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर काम और वित्तीय अनुशासन में कमी सामने आई है।इसके अलावा ट्रेनों में सफाई की स्थिति पर खराब मिली। सर्वे में 40 फीसदी से ज्यादा यात्रियों ने टॉयलेट में बदबू और पानी जमा होने की शिकायत की। वहीं,50 प्रतिशत से ज्यादा यात्री ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सेवा और सफाई कर्मचारियों की कमी से असंतुष्ट मिले। डिब्बों की आधुनिक सफाई के लिए मंजूर ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट जैसी परियोजनाओं की समय पर प्रगति भी नहीं हुई। इनका समयबद्ध क्रियान्वयन शून्य रहा। झांसी और ग्वालियर जैसे प्रमुख स्टेशनों के लिए बजट मिलने के बावजूद परियोजनाएं अटकी रहीं।रेलवे स्वच्छता और रखरखाव पर हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करने का दावा करता है। लेकिन ऑडिट टीम को यह साफ नहीं बताया जा सका कि कितना बजट सफाई पर खर्च …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 14, 2026 · 2 min · National Desk

'पंजाब की शांति बिगाड़ना चाहते हैं कुछ ताकतें': हमले के बाद गरजे सुखबीर सिंह बादल, बोले- ऐसा नहीं होने दूंगा

सुखबीर बादल ने कहा कि उन्हें दो बार सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में निशाना बनाने की कोशिश हुई। उन्होंने बताया कि पहली घटना अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में हुई थी और दूसरी बार नांदेड़ के तख्त हजूर साहिब स्थित माता साहिब देवन जी गुरुद्वारे में हमला हुआ। उन्होंने कहा, ‘दोनों बार उन्होंने मुझ पर सबसे पवित्र स्थानों पर हमला किया।‘बादल ने पंजाबी कहावत का जिक्र करते हुए कहा, ‘जिसके सिर पर गुरु साहिब का हाथ हो, उसे कोई आंच नहीं आती।’ उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का धन्यवाद किया और कहा कि यह उनकी धरती है। उन्होंने कहा कि पंजाब की शांति के दुश्मनों ने बहुत कोशिश की, लेकिन गुरु ने उन्हें बचा लिया।बादल ने कहा कि वह डरे नहीं हैं और पंजाब के भाईचारे के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल किसी भी तरह का बलिदान देने को तैयार है, क्योंकि उनके लिए पंजाब का विकास ही देश का विकास है। उन्होंने कहा कि उनके पिता प्रकाश सिंह बादल ने मुख्यमंत्री रहते हुए सभी समुदायों और धर्मों के बीच सौहार्द और सम्मान बनाए रखा था।सुखबीर सिंह बादल ने यह भी कहा कि पिछले साल भी उन्हें निशाना बनाने की कोशिश हुई थी। उनका आरोप है कि ऐसी ताकतों का मकसद पंजाब की स्थिति पर नियंत्रण करना और राज्य की शांति भंग करना है।गुरुवार को नांदेड़ शहर के बाहरी इलाके में स्थित माता साहिब देवन जी मुगत गुरुद्वारे के अंदर निहंग समुदाय के एक सदस्य ने सुखबीर बादल पर कृपाण से हमला किया था। हमले में घायल होने के बाद बादल की स्थानीय अस्पताल में सर्जरी हुई। उन्हें शुक्रवार दोपहर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने कथित हमलावर जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 14, 2026 · 2 min · National Desk

वतन का हाथ थामा तो मिली मौत की सजा: पीओके में तिरंगा लहराया तो उजाड़ दिया घर, 79 साल बाद भी मीरपुर लौटने की आस

1947 से अपने ही वतन में शरणार्थी हैं 97 वर्षीय पुष्पा देवी बताती हैं कि पाकिस्तानी फौज ने इस कदर कत्लेआम मचा रखा था कि वह अपने छह माह के दुधमुंह बेटे विनोद को छोड़कर चली आई थीं। दूसरे दिन मेरी सास उसे गोद में लिए पहुंची तो आंसू थमे। बताती हैं कि बाकी चार बच्चे यहीं पैदा हुए। जम्मू के बख्शीनगर/मीरपुर कॉलोनी मेंं रहने के दौरान मजदूरी कर सभी को पढ़ाया। बड़ा बेटा विनोद ओएनजीसी से उपनिदेशक पद से रिटायर हुए। अरुण कुमार जेएंडके बैंक से एजीएम, बेटी प्रवीन कुमारी इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य, सुमन बाला और सरोज बाला केंद्रीय विद्यालय से रिटायर हैं। 1947 से अपने ही वतन में शरणार्थी हैं जेएंडके बैंक के एजीएम पद से रिटायर अरुण कुमार कहते हैं कि मां आज भी मीरपुर जाने की जिद करती हैं। पुराने दौर को याद कर बिलखती रहती हैं। बख्शीनगर मेंं मिले आवास के बदले वर्ष 1970 में 4500 रुपये प्रदेश सरकार ने लिए थे, लेकिन मीरपुर में लूटे गए हमारे मकान-दुकान का कोई मुआवजा नहीं मिला। अपने ही आजाद वतन में हम 1947 से लेकर आज तक शरणार्थी ही हैं। जन्म से लेकर मृत्यु तक सरकार ने कभी कोई मदद नहीं की। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 14, 2026 · 1 min · National Desk

नवाबी संपत्ति मामला: ईओडब्ल्यू ने सैफ अली खान से मांगे मूल दस्तावेज, जानिए क्यों हो रही ये कार्रवाई

ईओडब्ल्यू भोपाल ने समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बुलाया था। अमिताभ अग्निहोत्री ने अपने अधिवक्ता प्रशांत पांडे के साथ लिखित साक्ष्य और दस्तावेज सौंपे हैं। भोपाल के कोहेफिजा, नयापुरा और हलालपुर क्षेत्रों की नवाबी संपत्तियों पर कानूनी विवाद है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कार्यालय से जांच की मांग की गई थी। इसके बाद पूरा नवाब परिवार जांच के दायरे में आया है। इसमें सैफ अली खान, सोहा अली खान, सबा अली खान और शर्मिला टैगोर के नाम हैं। शिकायती आवेदन में कहा गया है कि सैफ अली खान ने उच्च न्यायालय में 1,370 एकड़ जमीन को नवाब की व्यक्तिगत संपत्ति बताया था। जांच समिति से इन जमीनों की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। नवाब हमीदुल्लाह खान की बड़ी बेटी के पाकिस्तान जाने से उनकी संपत्ति शत्रु संपत्ति घोषित हुई थी। ये भी पढ़ें- शत्रु संपत्ति और भूमि सौदे आफताब जहां बेगम के नाम वर्ष 1959 के राजस्व अभिलेखों में बेहटा में लगभग 655 एकड़ और बोरबन में करीब 102 एकड़ भूमि दर्ज थी। आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तानी नागरिक होने का तथ्य छिपाकर करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि का सौदा किया। यह सौदा शत्रु संपत्ति अधिनियम के बावजूद हुआ। आफताब जहां बेगम ने 31 मई, 1994 को बेहटा की 30.55 एकड़ भूमि एक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को 30.55 लाख रुपये में बेची। इसमें 1.55 लाख रुपये चेक से लिए गए और शेष 29 लाख रुपये चार किस्तों में देने का अनुबंध हुआ था। मूल दस्तावेज और रिकॉर्ड की पड़ताल शिकायत में कस्टोडियन विभाग मुंबई और भोपाल कलेक्टर के निर्देशों पर हुई कार्रवाई की जांच मांगी गई है। वर्ष 2021 और 2022 में नवाब की संपत्तियों को ‘शत्रु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 14, 2026 · 2 min · National Desk

भारत को धमकी, घर में घमासान: अंदर से दरक रहा पाकिस्तान; पानी की एक-एक बूंद को शहबाज ने बताया 'रेड लाइन'

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत को पानी के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित एक कार्यक्रम में शरीफ ने सिंधु जल संधि को पाकिस्तान के लिए ‘रेड लाइन’ बताते हुए कहा कि भारत को अपने रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए, वरना उसे ‘सीधा जवाब’ दिया जाएगा। शरीफ ने भारत पर ‘शांति का दुश्मन’ होने का आरोप भी लगाया। हालांकि, भारत के खिलाफ इस आक्रामक बयानबाजी के बीच पाकिस्तान खुद कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी हिंसा, बलूचिस्तान में असंतोष, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में विरोध प्रदर्शन, मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की लगातार जेल में मौजूदगी ने इस्लामाबाद की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 14, 2026 · 1 min · National Desk

Sukhbir Badal Attacked: जेड प्लस सुरक्षा के बाद भी हमला कैसे हुआ, 2015 के बाद से क्यों निशाने पर सुखबीर

Sukhbir Badal Attacked: जेड प्लस सुरक्षा के बाद भी हमला कैसे हुआ, 2015 के बाद से क्यों निशाने पर सुखबीर सुखबीर सिंह बादल को जेड प्लस सुरक्षा मिली है। इसके बावजूद दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और अब महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा साहिब में उन तक हमलावर के पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सवाल यह है कि धार्मिक स्थलों की खुली व्यवस्था और भारी भीड़ के बीच उच्च श्रेणी की सुरक्षा कितनी प्रभावी है। सुखबीर की सुरक्षा के संदर्भ में अक्सर ब्लू बुक का जिक्र होता है। हालांकि प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति जैसे अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा के विशेष नियमों और अन्य संरक्षित व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था को एक समान नहीं माना जा सकता। गृह मंत्रालय के अनुसार सुरक्षा खतरे के आकलन और लागू नियमों के आधार पर तय की जाती है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब के पास हमला हुआ। सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणियों में से एक है जेड प्लस जेड प्लस देश की सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणियों में से एक है। इसमें प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी और कमांडो तैनात किए जा सकते हैं। इनकी संख्या तय नहीं होती बल्कि खतरे, कार्यक्रम और स्थान की परिस्थितियों के अनुसार बदलती है। सुरक्षा की प्रभावशीलता का आकलन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 14, 2026 · 2 min · National Desk

स्वतंत्रता दिवस पर जांबाजों का सम्मान: 301 को वीरता पदक; 92 को राष्ट्रपति पदक, 664 को सराहनीय सेवा सम्मान

स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर पुलिस, फायर, होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस और सुधार सेवाओं के 1,057 कर्मियों को वीरता और सेवा पदकों से सम्मानित किया गया। इनमें 301 वीरता पदक, 92 राष्ट्रपति पदक और 664 सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं। वीरता पदकों में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के 197 कर्मियों को सबसे अधिक सम्मान मिला। गृह मंत्रालय के मुताबिक, 301 वीरता पदकों में से सबसे अधिक पुरस्कार उन कर्मियों को दिए गए हैं, जिन्होंने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में अदम्य साहस का परिचय दिया। इनमें ऐसे 197 कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के 51, पूर्वोत्तर के 12 और देश के अन्य हिस्सों के 41 कर्मियों को वीरता पदक प्रदान किए गए हैं।केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस और फायर सर्विस के कर्मियों को कुल 301 वीरता पदक दिए गए हैं। इनमें 272 पुलिस कर्मी और 29 फायर सर्विस कर्मी शामिल हैं।सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वीरता पदक जीवन और संपत्ति की रक्षा करने, अपराध को रोकने या अपराधियों को पकड़ने में दिखाई गई असाधारण बहादुरी के लिए दिया जाता है। इसके लिए संबंधित अधिकारी के दायित्वों और कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए उनके द्वारा उठाए गए जोखिम का भी आकलन किया जाता है।गृह मंत्रालय ने बताया कि 301 वीरता पुरस्कारों में सबसे बड़ी संख्या वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर्मियों की है। ऐसे 197 कर्मियों को उनके साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में बहादुरी दिखाने वाले 51 कर्मियों, पूर्वोत्तर के 12 कर्मियों और अन्य क्षेत्रों के 41 कर्मियों को भी वीरता पदक मिला है।केंद्र सरकार ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 14, 2026 · 2 min · National Desk

UAE में छिपा था ड्रग किंगपिन बसोया: NCB ने भारत लाकर कसा शिकंजा; अमित शाह बोले- तस्कर कहीं भी छिपे बचेंगे नहीं

एनसीबी ने UAE से कथित ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया को भारत वापस लाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे नशीले पदार्थों के खिलाफ मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की बड़ी उपलब्धि बताया। बसोया पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट चलाने का आरोप है। सरकार ने 2026-2029 के लिए तीन साल की राष्ट्रीय ड्रग-विरोधी योजना भी तैयार की है, जिसमें 40 से अधिक मंत्रालय और विभाग मिलकर प्रवर्तन, खुफिया तंत्र, रोकथाम और पुनर्वास पर काम करेंगे। साथ ही NDPS एक्ट और ड्रग उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले प्रीकर्सर केमिकल्स के वर्गीकरण की भी समीक्षा की जा रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 14, 2026 · 1 min · National Desk

UP Politics: बसपा की सियासी नर्सरी से छिटक रहे कई ब्राह्मण नेता, अब सतीश मिश्रा पर सारा दारोमदार

अंटू मिश्रा समेत कई प्रमुख ब्राह्मण नेताओं के अलग होने से बसपा की इस समुदाय को जोड़ने की मुहिम को झटका लगा है। अब इसकी पूरी जिम्मेदारी राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के कंधों पर है। संगठन में वही प्रमुख ब्राह्मण चेहरा रह गए हैं। वह लंबे समय से ब्राह्मण सम्मेलनों की अगुवाई करते रहे हैं। उनके बेटे कपिल मिश्रा और अन्य परिजन भी इन अभियानों में सहयोग करते रहे हैं। वर्ष 2007 से पहले सतीश चंद्र मिश्रा के कई परिजन भी बसपा में शामिल हुए थे। ब्राह्मणों का समर्थन हासिल करने के लिए बसपा ने बिकरू कांड की आरोपी खुशी दुबे का मुकदमा लड़ने की कवायद की थी। वर्ष 2021 में पार्टी ने ब्राह्मण सम्मेलन भी किया। मायावती समय-समय पर भाजपा सरकार पर ब्राह्मणों की उपेक्षा का आरोप लगाती रही हैं। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने पहला प्रत्याशी भी ब्राह्मण बनाया और इसके बाद सादाबाद सीट से भी ब्राह्मण उम्मीदवार घोषित किया। इसके बावजूद दूसरे दलों के बड़े ब्राह्मण नेता बसपा में आने से कतरा रहे हैं। भाजपा दफ्तर जाने पर मचा था हंगामा अंटू मिश्रा दो वर्ष पूर्व अचानक भाजपा प्रदेश कार्यालय आए थे, जिसके बाद हड़कंप मच गया था। वह मार्च, 2024 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने वाले बसपा के एक नेता के साथ पहुंचे थे, हालांकि उनको सदस्यता ग्रहण नहीं कराई गई थी। उस दौरान भाजपा नेताओं ने अंटू मिश्रा को दिल्ली में सदस्यता ग्रहण कराए जाने का बयान दिया था। हालांकि उन्हें भाजपा में शामिल करने का फैसला नहीं हो सका। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 14, 2026 · 2 min · National Desk

Today Earthquakes: हिमाचल, नासिक और अफगानिस्तान में भूकंप, पांच बार कांपी धरती; रिक्टर स्केल पर तीव्रता कितनी?

देश के अलग-अलग हिस्सों और पड़ोसी क्षेत्र अफगानिस्तान में शुक्रवार सुबह भूकंप के झटके दर्ज किए गए। उपलब्ध भूकंपीय आंकड़ों के मुताबिक नासिक, हिमाचल प्रदेश के चंबा और अफगानिस्तान में कुल चार भूकंप दर्ज हुए। इनमें अफगानिस्तान में आए एक भूकंप की तीव्रता सबसे ज्यादा 4.4 रही। महाराष्ट्र में इससे पहले पालघर में भी दो भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप के झटकों का सिलसिला रात करीब 12:05 बजे शुरू हुआ और सुबह 6:36 बजे तक अलग-अलग इलाकों में भूकंपीय गतिविधियां दर्ज होती रहीं। यानी करीब सात घंटे के दौरान नासिक, चंबा और अफगानिस्तान में कई बार धरती कांपी। नासिक में कितनी तीव्रता का भूकंप आया? महाराष्ट्र के नासिक में शुक्रवार सुबह 5 बजकर 32 मिनट 39 सेकंड पर भूकंप दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.4 रही। भूकंप की गहराई जमीन के भीतर करीब तीन किलोमीटर थी। दिए गए विवरण के मुताबिक भूकंप का स्थान 20.461 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 73.748 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। झटके महसूस होने के बाद लोगों में डर जरूर पैदा हुआ, लेकिन फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की जानकारी नहीं दी गई है। हिमाचल के चंबा में कितनी रही तीव्रता? हिमाचल प्रदेश के चंबा में भी शुक्रवार सुबह भूकंप का झटका दर्ज किया गया। यहां सुबह 6 बजकर 36 मिनट 28 सेकंड पर 3.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई जमीन के भीतर पांच किलोमीटर थी। चंबा में आए भूकंप का स्थान 33.131 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.585 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। फिलहाल की जानकारी तक इस भूकंप से भी किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। अफगानिस्तान में कितनी बार कांपी धरती? अफगानिस्तान में शुक्रवार तड़के दो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 14, 2026 · 2 min · National Desk