Sukhbir Badal Attacked: जेड प्लस सुरक्षा के बाद भी हमला कैसे हुआ, 2015 के बाद से क्यों निशाने पर सुखबीर सुखबीर सिंह बादल को जेड प्लस सुरक्षा मिली है। इसके बावजूद दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और अब महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा साहिब में उन तक हमलावर के पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सवाल यह है कि धार्मिक स्थलों की खुली व्यवस्था और भारी भीड़ के बीच उच्च श्रेणी की सुरक्षा कितनी प्रभावी है। सुखबीर की सुरक्षा के संदर्भ में अक्सर ब्लू बुक का जिक्र होता है। हालांकि प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति जैसे अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा के विशेष नियमों और अन्य संरक्षित व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था को एक समान नहीं माना जा सकता। गृह मंत्रालय के अनुसार सुरक्षा खतरे के आकलन और लागू नियमों के आधार पर तय की जाती है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब के पास हमला हुआ। सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणियों में से एक है जेड प्लस जेड प्लस देश की सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणियों में से एक है। इसमें प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी और कमांडो तैनात किए जा सकते हैं। इनकी संख्या तय नहीं होती बल्कि खतरे, कार्यक्रम और स्थान की परिस्थितियों के अनुसार बदलती है। सुरक्षा की प्रभावशीलता का आकलन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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