T20 World Cup Super-8: अब तक छह टीमें सुपर-आठ में, बचे दो स्थानों के लिए छह देशों में जंग; ये आठ रेस से बाहर

ग्रुप A: भारत (X1), नामीबिया, नीदरलैंड्स, पाकिस्तान (Y3), अमेरिका ग्रुप B: ऑस्ट्रेलिया (X2), आयरलैंड, ओमान, श्रीलंका (Y4), जिम्बाब्वे (ऑस्ट्रेलिया बाहर हुआ तो X2 सीड जिम्बाब्वे को, अगर जिम्बाब्वे की टीम क्वालिफाई की तो) ग्रुप C: इंग्लैंड (Y1), इटली, नेपाल, स्कॉटलैंड, वेस्टइंडीज (X3) ग्रुप D: अफगानिस्तान, कनाडा, न्यूजीलैंड (Y2), दक्षिण अफ्रीका (X4), यूएई ग्रुप-1 सीड (X): भारत, जिम्बाब्वे (अभी तय नहीं, पहले ऑस्ट्रेलिया था यहां, लेकिन उस पर बाहर होने का खतरा है), वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका। ग्रुप-2 सीड (Y): इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान (अभी तय नहीं, नामीबिया पर जीत से तय होगा) और श्रीलंका। ग्रुप स्टेज से क्वालिफाई करने वाली आठ टीमें सुपर-8 चरण में खेलेंगी। यहां इन टीमों को चार-चार टीमों के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। हर टीम अपने ग्रुप में मौजूद बाकी तीन टीमों के खिलाफ तीन मैच खेलेगी। आईसीसी ने सुपर-8 के लिए पहले से सीडिंग सिस्टम तय कर रखा है। हालांकि, अगर कोई बड़ी या सीडेड टीम ग्रुप स्टेज में बाहर हो जाती है, तो उसे हराकर क्वालिफाई करने वाली टीम उसी स्लॉट में सुपर-8 खेलेगी। यानी जो कोड पुरानी टीम को दिया गया था, वह नहीं बदलेगा, बस टीम बदल जाएगी।उदाहरण के तौर पर आईसीसी को यकीन था कि ऑस्ट्रेलिया सुपर-8 में क्वालिफाई कर जाएगी और उसे X2 सीड दिया गया था। अब जब जिम्बाब्वे ने उलटफेर किया और उसका सुपर-8 में जाना तय और ऑस्ट्रेलिया का बाहर होना तय माना जा रहा है तो X2 सीड अब जिम्बाब्वे को दी जाएगी। जो चार ग्रुप हैं और उनमें आईसीसी द्वारा पहले से दी गई सीड इस प्रकार हैं- …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 17, 2026 · 2 min · National Desk

Great Nicobar Project: ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को NGT की मंजूरी; भारत के लिए क्यों अहम? जानें विरोध की वजह

अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल टाउनशिप और क्षेत्रीय विकास 450 MVA गैस और सौर आधारित पावर प्लांट लेदरबैक समुद्री कछुए के संरक्षण निकोबार मेगापोड पक्षी खारे पानी के मगरमच्छ निकोबार मकाक और रॉबर क्रैब मैंग्रोव पुनर्स्थापन और कोरल ट्रांसलोकेशन शोम्पेन और निकोबारी जनजातियों के हितों की रक्षा इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत:पर्यावरणीय मंजूरी को पहले भी चुनौती दी गई थी, जिसमें आईलैंड कोस्टल रेगुलेशन जोन (ICRZ) नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था।एनजीटी ने कहा कि पहले दौर की सुनवाई में भी पर्यावरणीय मंजूरी में हस्तक्षेप से इनकार किया गया था और जिन मुद्दों की पहचान की गई थी, उन्हें उच्चस्तरीय समिति ने संबोधित किया है। अदालत ने माना कि यह परियोजना राष्ट्रीय और सामरिक दृष्टि से अहम है, लेकिन पर्यावरणीय सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। ग्रेट निकोबार में प्रस्तावित यह परियोजना भारत की समुद्री और रणनीतिक क्षमता को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सख्त निगरानी की जरूरत पर जोर दिया गया है।एनजीटी ने कहा कि पर्यावरणीय स्वीकृति में विशेष रूप से निम्न संरक्षण उपाय शामिल किए गए हैं:ट्रिब्यूनल ने यह भी निर्देश दिया कि तटरेखा में किसी प्रकार का कटाव या परिवर्तन न हो और द्वीप के रेतीले समुद्र तट सुरक्षित रहें, क्योंकि ये कछुओं और पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण घोंसला स्थल हैं।एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि परियोजना का रणनीतिक महत्व नकारा नहीं जा सकता। साथ ही, आईसीआरजेड अधिसूचना की शर्तों की अनदेखी भी नहीं की जा सकती। इसलिए विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलित दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। ट्रिब्यूनल ने यह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 17, 2026 · 2 min · National Desk

दुनिया के दिग्गजों ने कहा इमरान का हो इलाज: 14 कप्तानों ने शहबाज सरकार से की अपील, इनमें कोई पाकिस्तानी नहीं

दुनिया के दिग्गजों ने कहा इमरान का हो इलाज: 14 कप्तानों ने शहबाज सरकार से की अपील, इनमें कोई पाकिस्तानी नहीं और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में चिंता बढ़ गई है। 73 वर्षीय इमरान की बिगड़ती सेहत की खबरों के बीच दुनिया के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को एक संयुक्त पत्र लिखकर उन्हें तत्काल और उचित चिकित्सा सुविधा देने की मांग की है। हालांकि, आश्चर्य की बात तो यह है कि इस लिस्ट में एक भी पाकिस्तानी कप्तान नहीं है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व कप्तानों ने इस याचिका में सीधे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अपील की है। किन-किन दिग्गजों ने किए हस्ताक्षर? इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में भारत के सुनील गावस्कर और कपिल देव के अलावा ग्रेग चैपल, बेलिंडा क्लार्क, माइकल एथरटन, नासिर हुसैन, इयान चैपल, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रियरले, डेविड गावर, किम ह्यूज, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट शामिल हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इस सूची में किसी भी पूर्व पाकिस्तानी कप्तान का नाम नहीं है। पत्र में क्या कहा गया? पत्र में पूर्व कप्तानों ने लिखा है, ‘हम, अपने-अपने देशों की राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के पूर्व कप्तान, इमरान खान की हिरासत और उन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 17, 2026 · 2 min · National Desk

Trade Deals: 'वैश्विक साझेदारों के साथ अधिक मजबूती से जुड़ रहा भारत', हालिया व्यापार समझौतों पर बोले जयशंकर

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत आज दुनिया के देशों के साथ पहले से ज्यादा मजबूती के साथ जुड़ रहा है और यह भारत की बढ़ती ताकत को दिखाता है। मुंबई में आयोजित ग्लोबल इकोनॉमिक कोऑपरेशन कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने कहा कि हाल में हुए कई व्यापार समझौते इस बात का प्रमाण हैं कि भारत अब वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति में है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 17, 2026 · 1 min · National Desk

Tanker Seizure: भारत ने ईरान से जुड़े तीन तेल टैंकर जब्त किए, नाम-झंडा भी बदला; अमेरिका ने लगाया था प्रतिबंध

भारत ने इस महीने तीन अमेरिकी प्रतिबंधित तेल टैंकर जब्त किए, जो ईरान से जुड़े थे। इस कदम का उद्देश्य अपनी समुद्री सीमा में अवैध तेल व्यापार और जहाजों के बीच छिपे हुए ट्रांसफर को रोकना है, जिससे तेल की वास्तविक उत्पत्ति का पता नहीं चलत। सूत्रों के अनुसार इन तीन टैंकरों (स्टेलर रूबी, अस्फाल्ट स्टार और अल जफजिआ) ने अक्सर अपनी पहचान बदलकर कानून से बचने की कोशिश की। इन टैंकरों के मालिक विदेशों में स्थित हैं। जबकि ईरान की राष्ट्रीय तेल कंपनी ने बताया कि इन तीन टैंकरों का उनके साथ कोई संबंध नहीं था। भारतीय तटरक्षक ने अपने समुद्री क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी के लिए लगभग 55 जहाज और 10-12 विमान तैनात किए हैं। पिछले महीने ही एक अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी गिरोह को भी तटरक्षक ने पकड़ा था। सूत्रों के अनुसार, ये टैंकर बड़े पैमाने पर सस्ते तेल और तेल आधारित माल को मध्य समुद्र में अन्य जहाजों में ट्रांसफर कर तस्करी करते थे। बताया गया है कि ये जहाज पहचान छिपाने के लिए बार-बार अपना नाम, झंडा और अन्य पहचान बदल रहे थे। भारत की तटरक्षक टीम ने इलेक्ट्रॉनिक डेटा, दस्तावेजों की जांच और क्रू से पूछताछ कर अपराधियों के काम करने का तरीका उजागर किया।अमेरिका के ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फोरेन असेस्ट्स कंट्रोल (OFAC) ने पिछले साल ग्लोबल पीस, चिल 1 और ग्लोरी स्टार 1 नाम के जहाजों पर बैन लगाया था। उनके IMO नंबर मुंबई में जब्त जहाजों से मेल खाते हैं। इस कारण इन जहाजों के प्रतिबंधों का उल्लंघन कर तेल व्यापार में शामिल होने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन और सुरक्षा भारतीय तटरक्षक की यह कार्रवाई डिजिटल निगरानी और विस्तारित समुद्री उपस्थिति के माध्यम से की गई। इस ऑपरेशन ने भारत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 17, 2026 · 2 min · National Desk

AI: सिर्फ एक तकनीक नहीं, पूरी कहानी गढ़ रहे हैं देश, एनवीडिया और मोजिला के दिग्गज क्या बोले जानिए सबकुछ

सम्मेलन में बोलते हुए रेडमंड ने कहा कि जब वह वैश्विक स्तर पर विभिन्न देशों से बात करती हैं, तो एक स्पष्ट ट्रेंड दिखाई देता है- राष्ट्र ‘लॉन्ग गेम’ (लंबी पारी) खेलने की तैयारी में हैं। वे केवल पहली रिलीज या किसी एक एप्लिकेशन के सफल होने का इंतजार नहीं कर रहे। इसके बजाय, उनकी नजर पूरे टेक्नोलॉजी स्टैक पर है।रेडमंड ने बताया कि सरकारें अब हार्डवेयर, फाउंडेशनल मॉडल्स और उस इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने पर जोर दे रही हैं जो बेहतरीन एप्लिकेशंस बनाने के लिए जरूरी है। यह दृष्टिकोण केवल सॉफ्टवेयर खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि घरेलू स्तर पर डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों को मजबूत करने पर केंद्रित है। इसे ही ‘सोवेरन एआई’ का नाम दिया गया है, जिसमें स्थानीय टीमों द्वारा स्थानीय डेटासेट पर प्रशिक्षित लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स शामिल हैं।समिट के दौरान टेक लीडर्स ने ‘ओपन सोर्स एआई’ की भूमिका पर भी गहन चर्चा की। मोजिला के अध्यक्ष मार्क सुरमन ने इस बात पर जोर दिया कि एआई का केंद्रीकरण किसी भी देश की डिजिटल संप्रभुता के लिए सबसे बड़ा खतरा है।सुरमन के अनुसार, ओपन वेब और ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी इस खतरे का जवाब हैं। उन्होंने कहा कि ओपन सोर्स की मूल भावना यही है कि कोई भी, कहीं भी, अपनी शर्तों पर तकनीक का निर्माण कर सके। हालांकि इसमें अपनी चुनौतियां हैं, लेकिन यह तकनीक को इस तरह डिजाइन करने की आजादी देता है जिससे देशों को अपनी संप्रभुता बनाए रखने का बेहतर मौका मिलता है। रेडमंड ने भी माना कि दशकों से ओपन सोर्स एक ‘ग्रेट लेवलर’ (समान अवसर प्रदान करने वाला) रहा है।भारत सरकार की रणनीतियां रेडमंड के इन विचारों से पूरी तरह मेल खाती हैं। भारत का ‘इंडिया एआई मिशन’ एक व्याप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 17, 2026 · 2 min · National Desk

UP: पाकिस्तान में जन्म, यूपी में ठिकाना, नाजिया ने बनवा लिए थे दो नामों से दो वोटर कार्ड; चौंकाने वाले खुलासे

1 of 8 pakistani woman - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी Link Copied सोमवार को देहली गेट थाना पुलिस ने 23 साल बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। नाजिया और उसकी बेटी एमन फरहत पर फर्जी पासपोर्ट, वोटर कार्ड आदि बनवाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद यह कार्रवाई की है। मेरठ के नादिर अली बिल्डिंग निवासी फरहत मसूद से शादी कर लगभग 37 साल पहले भारत में आई पाकिस्तान निवासी सबा मसूद उर्फ नाजिया ने वर्ष 2003 में दो अलग-अलग नाम से वोटर कार्ड बनवाए थे। इन दोनों नाम से ही वोटर कार्ड बनवाए थे। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 8 मेरठ थाने में पूछताछ - फोटो : अमर उजाला प्राथमिकी दर्ज कराने वाली महिला ने नाजिया के आईएसआई से भी जुड़े होने का शक जाहिर किया है। देहली गेट की कोठी अतानस निवासी रुखसाना ने दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा कि जली कोठी की नादिर अली बिल्डिंग निवासी बैंड कारोबारी फरहत मसूद (पुत्र मसूद अहमद) ने वर्ष 1988 में पाकिस्तान के लाहौर जाकर सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया नाम की महिला से पाकिस्तान में निकाह किया था। 3 of 8 30 साल से बिना नागरिकता रहने का आरोप - फोटो : अमर उजाला इसके लगभग एक साल बाद वह पति फरहत के साथ लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत आ गई और दंपती के तीन संतान हुई। इनमें दो बेटे भारत में हुए। वर्ष 1993 में नाजिया पाकिस्तान गईं। वहां उसने 25 मई 1993 को बेटी एमन फरहत को जन्म दिया। आरोप है कि पाकिस्तान से लौटते समय नाजिया अपने पाकिस्तानी पासपोर्ट पर एमन फरहत को भारत में ले आई। 4 of 8 महिला का पासपोर्ट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी यहां आने के बाद एमन का दाखिला कैंट के एक प्रतिष्ठित स्कूल में करा दिया गया। पाकिस्तान में जन्म होने के कारण एम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 17, 2026 · 2 min · National Desk

US: 'सहयोगियों पर चीन से दूरी का दबाव नहीं डालेगा अमेरिका', विदेश मंत्री रुबियो बोले- राष्ट्रीय हित सर्वोपरि

अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह अपने सहयोगी देशों से चीन से दूरी बनाने की कोई वैचारिक शर्त नहीं रखेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका की प्राथमिकता यह है कि दुनिया का हर देश अपने राष्ट्रीय हित में निर्णय ले। हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान रुबियो ने कहा ‘हम किसी भी देश से यह नहीं कह रहे कि वे खुद को किसी से अलग-थलग करें, चाहे वह चीन ही क्यों न हो।’ यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और चीन के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज है। हालांकि, रुबियो ने स्पष्ट किया कि प्रतिस्पर्धा का मतलब संबंध खत्म करना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पागलपन होगा कि अमेरिका और चीन आपस में बातचीत या संबंध न रखें।रुबियो ने संकेत दिया कि ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति वैचारिक दबाव के बजाय व्यावहारिक दृष्टिकोण पर आधारित है। उन्होंने कहा कि हर देश को अपनी भौगोलिक, आर्थिक और ऐतिहासिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर फैसले लेने होते हैं।इस दौरे के दौरान अमेरिका और हंगरी के बीच नागरिक परमाणु कार्यक्रम में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए। हंगरी, जो नाटो और यूरोपीय संघ का सदस्य है, हाल के वर्षों में चीन के निवेश को बढ़ावा देता रहा है। रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और हंगरी केप्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन के बीच बहुत करीबी व्यक्तिगत और कार्य संबंध हैं, जिसने द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत किया है। ऑर्बन ने मौजूदा दौर को अमेरिका-हंगरी संबंधों का स्वर्ण युग बताया।हालांकि अमेरिका चीन से रिश्ते बनाए रखने की बात कर रहा है, लेकिन रुबियो ने आर्थिक निर्भरता को लेकर स्पष्ट चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा दुनि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 17, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: मैक्रों-पीएम मोदी की द्विपक्षीय वार्ता, आज से CBSE बोर्ड की परीक्षा; बांग्लादेश में रहमान की ताजपोशी

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों मंगलवार को मुंबई पहुंचे, जहां उनका राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों आज द्विपक्षीय बैठक करेंगे। वहीं, सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हो रही हैं, जिसमें 15,649 केंद्रों पर 43 लाख से अधिक छात्र शामिल होंगे। साल का पहला सूर्य ग्रहण भी आज लगेगा, लेकिन भारत में इसे देखा नहीं जा सकेगा। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश के आसार हैं, जबकि दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में उमस भरा मौसम रहेगा। उधर, बांग्लादेश में तारिक रहमान आज प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। वहीं, पंजाब में चुनाव से पहले भाजपा सिद्धू दंपती की घर वापसी की रणनीति पर काम कर रही है। जम्मू के बाल सुधार गृह में सुरक्षा चूक के चलते दो पाकिस्तानी नागरिक समेत तीन कैदी फरार हो गए और छह पुलिसकर्मी निलंबित किए गए। वहीं, हॉलीवुड के दिग्गज और ऑस्कर विजेता अभिनेता रॉबर्ट डुवैल का 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। टी20 विश्व कप में श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर सुपर-8 की स्थिति बदल दी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 17, 2026 · 1 min · National Desk

आज से CBSE 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा: 43 लाख से ज्यादा छात्र शामिल, 15,649 केंद्रों पर परीक्षा, सख्त इंतजाम

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार यानी आज से शुरू हो रही हैं। इस साल दोनों कक्षाओं में कुल 43 लाख से अधिक छात्र पंजीकृत हैं। 10वीं की परीक्षा की शुरुआत गणित बेसिक और गणित स्टैंडर्ड पेपर से होगी। वहीं 12वीं की परीक्षा बायोटेक्नोलॉजी, उद्यमिता और शॉर्टहैंड विषय से शुरू होगी। बोर्ड के मुताबिक 10वीं में 25,08,319 छात्र पंजीकृत हैं, जिनमें 14,08,546 छात्र और 10,99,773 छात्राएं शामिल हैं। 12वीं में 18,59,551 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 10,27,552 छात्र और 8,31,999 छात्राएं हैं। परीक्षाओं के लिए देशभर में 15,649 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 10वीं के लिए 8,075 और 12वीं के लिए 7,574 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा का समय सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक रहेगा। छात्रों को सुबह 10.00 बजे के बाद प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट अतिरिक्त दिए जाएंगे।बोर्ड ने परीक्षा के निष्पक्ष संचालन के लिए सख्त इंतजाम किए हैं। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रहेगी और सभी केंद्र सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं। छात्रों को स्कूल ड्रेस और प्रवेश पत्र के साथ ही केंद्र में प्रवेश मिलेगा। मोबाइल फोन, ईयरफोन समेत किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा।विद्यार्थी प्रत्येक प्रश्नपत्र को शांत मन आत्मविश्वास और सुविचारित रणनीति के साथ हल करें। निर्धारित समय में प्रश्न पत्र को ध्यानपूर्वक पढ़ें, समय का संतुलित प्रबंधन करें तथा उत्तर स्पष्ट, सुसंगठित एवं मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करते हुए लिखें। प्रश्न पत्र हल करने के बाद अंत में उत्तर-पुस्तिका का पुनरावलोकन जरूर करें। परीक्षा के बाद अनावश्यक चर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 17, 2026 · 2 min · National Desk