ग्रुप A: भारत (X1), नामीबिया, नीदरलैंड्स, पाकिस्तान (Y3), अमेरिका ग्रुप B: ऑस्ट्रेलिया (X2), आयरलैंड, ओमान, श्रीलंका (Y4), जिम्बाब्वे (ऑस्ट्रेलिया बाहर हुआ तो X2 सीड जिम्बाब्वे को, अगर जिम्बाब्वे की टीम क्वालिफाई की तो) ग्रुप C: इंग्लैंड (Y1), इटली, नेपाल, स्कॉटलैंड, वेस्टइंडीज (X3) ग्रुप D: अफगानिस्तान, कनाडा, न्यूजीलैंड (Y2), दक्षिण अफ्रीका (X4), यूएई ग्रुप-1 सीड (X): भारत, जिम्बाब्वे (अभी तय नहीं, पहले ऑस्ट्रेलिया था यहां, लेकिन उस पर बाहर होने का खतरा है), वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका। ग्रुप-2 सीड (Y): इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान (अभी तय नहीं, नामीबिया पर जीत से तय होगा) और श्रीलंका। ग्रुप स्टेज से क्वालिफाई करने वाली आठ टीमें सुपर-8 चरण में खेलेंगी। यहां इन टीमों को चार-चार टीमों के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। हर टीम अपने ग्रुप में मौजूद बाकी तीन टीमों के खिलाफ तीन मैच खेलेगी। आईसीसी ने सुपर-8 के लिए पहले से सीडिंग सिस्टम तय कर रखा है। हालांकि, अगर कोई बड़ी या सीडेड टीम ग्रुप स्टेज में बाहर हो जाती है, तो उसे हराकर क्वालिफाई करने वाली टीम उसी स्लॉट में सुपर-8 खेलेगी। यानी जो कोड पुरानी टीम को दिया गया था, वह नहीं बदलेगा, बस टीम बदल जाएगी।उदाहरण के तौर पर आईसीसी को यकीन था कि ऑस्ट्रेलिया सुपर-8 में क्वालिफाई कर जाएगी और उसे X2 सीड दिया गया था। अब जब जिम्बाब्वे ने उलटफेर किया और उसका सुपर-8 में जाना तय और ऑस्ट्रेलिया का बाहर होना तय माना जा रहा है तो X2 सीड अब जिम्बाब्वे को दी जाएगी। जो चार ग्रुप हैं और उनमें आईसीसी द्वारा पहले से दी गई सीड इस प्रकार हैं- …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें