हवाई सफर करने वाले यात्रियों को झटका: एयरलाइन्स के विरोध के बाद पीछे हटी सरकार, 60% सीट फ्री नियम पर लगी रोक

केंद्र सरकार ने फ्लाइट यात्रियों को राहत देने के लिए गया फैसला फिलहाल टाल दिया है। सरकार ने हर उड़ान में कम से कम 60 फीसदी सीटें मुफ्त देने के आदेश को अगले निर्देश तक स्थगित कर दिया है। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्रायल ने कहा है कि, यात्रियों से जुड़ी अन्य सुविधाओं को जारी रखा जाएगा। इसमें सीट अलॉटमेंट में पारदर्शिता,एक ही पीएनआर पर यात्रियों को साथ बैठाने की व्यवस्था, संगीत वाद्ययंत्र, खेल सामान और पालतू जानवरों के परिवहन से जुड़े नियमों का पालन और सभी शुल्कों की स्पष्ट जानकारी देना शामिल है। दरअसल, पहले सरकार ने एयरलाइंस कंपनियों से कहा था वे अपनी हर फ्लाइट में 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराएं, ताकि यात्रियों को महंगी टिकटों से राहत मिल सके। हालांकि, इस फैसले का एयरलाइंस और इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों ने विरोध किया। उनका कहना था कि इससे उनकी लागत बढ़ेगी और किराया तय करने की व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। नागर विमानन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है, इस नियम के प्रभाव का पूरी तरह आकलन होने तक इसे लागू नहीं किया जाएगा। यानी फिलहाल यात्रियों को सीट चुनने के लिए पहले की तरह ही अतिरिक्त शुल्क देना होगा। एयरलाइन कम्पनियों ने जताई थी आपत्ति सरकार के इस फैसले के बाद एयरलाइंस कंपनियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) के माध्यम से 20 मार्च को नागर विमानन मंत्रालय को पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई थी। कंपनियों का कहना है कि, बड़ी संख्या में सीटें मुफ्त करने से उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ेगा और उन्हें टिकट के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं। ये भी पढ़ें: Income Tax: करदाताओं को राहत, विभाग ने ए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 3, 2026 · 2 min · National Desk

होर्मुज पर ब्रिटेन में 60+ देशों की बड़ी बैठक: भारत से शामिल हुए मिसरी; कहा- हमने नाविक खोए, जल्द रुके तनाव

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की पहल पर करीब 60 से अधिक देशों के विदेश मंत्रियों ने ऑनलाइन तरीके से होर्मुज संकट पर गुरुवार को चर्चा की। सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व विक्रम मिसरी ने किया और अध्यक्षता ब्रिटेन के विदेश मंत्री यवेट कूपर ने की। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य की आंशिक नाकाबंदी के मद्देनजर सुरक्षित समुद्री परिवहन सुनिश्चित करना था। मिसरी ने वर्चुअल माध्यम से चर्चा में भाग लेते हुए क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन मार्गों की सुरक्षा पर नई दिल्ली का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने दुनियाभर के देशों के सामने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर जहाजों की बेरोकटोक आवाजाही हर देश का हक है। इससे कोई समझौता नहीं हो सकता। विदेश सचिव ने चिंता जताई कि इस पूरे संकट का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहा है।ब्रिटेन की ओर से बुलाई गई बैठक में सबसे महत्वपूर्ण बात जो भारत ने दुनिया के सामने रखी, वह थी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा। विदेश सचिव ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में भारत इकलौता ऐसा देश है, जिसने अपने जांबाज नाविकों को खोया है। उन्होंने कहा कि इस समस्या का हल और अधिक युद्ध नहीं है। अगर दुनिया को इस संकट से बाहर निकलना है, तो सभी पक्षों को तुरंत हथियारों को शांत कर बातचीत की मेज पर लौटना होगा।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, भारत का पक्ष स्पष्ट है। हम स्वतंत्र और खुले वाणिज्यिक परिवहन और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समुद्री सुरक्षा के पक्षधर हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 2, 2026 · 2 min · National Desk

हवाई सफर करने वाले यात्रियों को झटका: एयरलाइन्स के विरोध के बाद पीछे हटी सरकार, 60% सीट फ्री नियम पर लगी रोक

केंद्र सरकार ने फ्लाइट यात्रियों को राहत देने के लिए गया फैसला फिलहाल टाल दिया है। सरकार ने हर उड़ान में कम से कम 60 फीसदी सीटें मुफ्त देने के आदेश को अगले निर्देश तक स्थगित कर दिया है। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्रायल ने कहा है कि, यात्रियों से जुड़ी अन्य सुविधाओं को जारी रखा जाएगा। इसमें सीट अलॉटमेंट में पारदर्शिता,एक ही पीएनआर पर यात्रियों को साथ बैठाने की व्यवस्था, संगीत वाद्ययंत्र, खेल सामान और पालतू जानवरों के परिवहन से जुड़े नियमों का पालन और सभी शुल्कों की स्पष्ट जानकारी देना शामिल है। दरअसल, पहले सरकार ने एयरलाइंस कंपनियों से कहा था वे अपनी हर फ्लाइट में 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराएं, ताकि यात्रियों को महंगी टिकटों से राहत मिल सके। हालांकि, इस फैसले का एयरलाइंस और इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों ने विरोध किया। उनका कहना था कि इससे उनकी लागत बढ़ेगी और किराया तय करने की व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। नागर विमानन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है, इस नियम के प्रभाव का पूरी तरह आकलन होने तक इसे लागू नहीं किया जाएगा। यानी फिलहाल यात्रियों को सीट चुनने के लिए पहले की तरह ही अतिरिक्त शुल्क देना होगा। एयरलाइन कम्पनियों ने जताई थी आपत्ति सरकार के इस फैसले के बाद एयरलाइंस कंपनियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) के माध्यम से 20 मार्च को नागर विमानन मंत्रालय को पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई थी। कंपनियों का कहना है कि, बड़ी संख्या में सीटें मुफ्त करने से उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ेगा और उन्हें टिकट के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं। ये भी पढ़ें: Income Tax: करदाताओं को राहत, विभाग ने ए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 2, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया संकट: US ने ईरान के सबसे उंचे पुल को हवाई हमले में किया तबाह, तेहरान का करज से संपर्क टूटा

रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुल के अलावा करज शहर के कई अन्य इलाकों को भी निशाना बनाया गया है, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल है।जिस बी1 ब्रिज को इस हमले में निशाना बनाया गया है, वह ईरान के लिए सिर्फ एक रास्ता भर नहीं था। यह पश्चिमी एशिया के सबसे आधुनिक इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में से एक था, जिसे पूरी तरह से ईरानी तकनीक की मदद से तैयार किया गया था। इस पुल की खासियतें हैरान करने वाली थीं। यह पुल 1,050 मीटर लंबा था और आठ हिस्सों में बंटा था। इसका सबसे लंबा हिस्सा 176 मीटर का था। इसे थामने के लिए 136 मीटर ऊंचा एक विशाल खंभा बनाया गया था। इसे बनाने में करीब 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारी-भरकम लागत आई थी।इसी साल की शुरुआत में पुल का उद्घाटन हुआ था। दावा किया गया था कि यह पुल न सिर्फ दो बड़े शहरों को जोड़ेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी नई रफ्तार देगा। लेकिन इस हमले ने ईरान के इस सपने को तगड़ी चोट पहुंचाई है।पुल के तबाह होने के साथ ही गुरुवार को ईरान के मशहूर ‘पाश्चर इंस्टीट्यूट’ पर हुए हमले ने भी पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि अमेरिकी-इस्राइली हमलावरों ने ईरान के पाश्चर इंस्टीट्यूट पर हमला किया है।आपको बता दें कि यह संस्थान ईरान ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिम एशिया का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित सार्वजनिक स्वास्थ्य और अनुसंधान केंद्र है। इसकी स्थापना साल 1920 में पेरिस के पाश्चर इंस्टीट्यूट और तत्कालीन ईरानी सरकार के बीच एक खास समझौते के तहत की गई थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 2, 2026 · 2 min · National Desk

Assam Congress Manifesto: राहुल गांधी ने असम के लिए जारी किया कांग्रेस का घोषणापत्र, 11 क्षेत्रों पर फोकस

यह वीडियो/ हटाएं घोषणापत्र में 11 क्षेत्रों पर फोकस घोषणा पत्र में कुल 11 संकल्प शामिल हैं- शासन, पहचान, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा विकास, औद्योगीकरण, कृषि, ग्रामीण और शहरी विकास, जलवायु परिवर्तन और सुरक्षित असम। कांग्रेस ने इससे पहले 29 मार्च को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दौरे के दौरान ‘पांच गारंटी’ भी जारी की थीं- बिना शर्त महिलाओं को 50 हजार रुपये तक का कर्ज। सभी वरिष्ठ नागरिकों को 1250 रुपये की पेंशन। 25 लाख रुपये का कैशलेस इलाज। भूमि पुत्रों के लिए म्यादी पट्टा। जुबीन गर्ग मामले में 100 दिन के अंदर दोषियों को सजा । राज्य में कब होगा मतदान? 126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि इसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। रैली में राहुल गांधी ने क्या कहा? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, असम फूलों का एक गुलदस्ता है, जिसमें अलग-अलग धर्म, जाति और विचारधारा के लोग रहते हैं। कांग्रेस की सोच है- हिंदुस्तान की जनता के हाथ में असली ताकत हो, देश को चलाने में हर वर्ग को भागीदारी मिले। दूसरी तरफ भाजपा की विचारधारा है कि असम को दिल्ली से चलाया जाए- यही लड़ाई चल रही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी 244 (ए) लेकर आई थी, क्योंकि हमारी सोच है कि असम को न गुवाहाटी से चलाया जाए और न दिल्ली से। 244 (ए) से असम की जनता को ताकत मिलती है और ये उन्हें फैसले लेने की शक्ति देता है। कांग्रेस और भाजपा में यही फर्क है। ये भी पढ़ें: कांग्रेस नेता ने कहा, (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) को (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रंप नियंत्रित करते हैं। ट्रंप सरेआम नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहते हैं। वह कहते हैं- नरेंद्र मुझे सर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 2, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान का पलटवार: US की पाषण युग वाली धमकी पर कहा- 250 साल के इतिहास वाला देश 6000 साल पुरानी सभ्यता को धमका रहा

यह वीडियो/ हटाएं ब्रिगेडियर जनरल सैयद मजीद मूसावी ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की एयरोस्पेस फोर्स के प्रमुख हैं। एयरोस्पेस फोर्स को ‘सेपाह’ भी कहा जा जाता है। उन्होंने ‘एक्स’ पर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की पोस्ट का जवाब देते हुए कहा, ‘अपने सैनिकों को आप कब्र में भेज रहे हैं, ईरान नहीं। आप ईरान को पाषाण युग में ले जाने की बात कर रहे हैं। हॉलीवुड की कल्पनाओं ने आपके दिमाग को इतना प्रभावित किया है कि 250 साल के छोटे से इतिहास के साथ आप 6,000 साल पुरानी सभ्यता को धमकी दे रहे हैं।’ हेगसेथ और ट्रंप ने क्या कहा था? हेगसेथ ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था, पाषाण युग में वापसी। उनकी यह पोस्ट तब आई थी, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को पाषाण युग में पहुंचाने की धमकी दी। ये भी पढ़ें: ट्रंप ने एक्स पर लिखा, ईरान के नए शासन के राष्ट्रपति, जो पहले से कम कट्टर और ज्यादा समझदार हैं, उन्होंने अमेरिका से युद्धविराम का अनुरोध किया है। हम इस पर तब विचार करेंगे जब होर्मुज जलडमरूमध्य खुला, स्वतंत्र और सुरक्षित होगा। तब तक हम ईरान को पूरी तरह तबाह कर देंगे या जैसा कहा जाता है, उसे पाषाण युग में वापस भेज देंगे। अमेरिका और इस्राइल के हमलों से शुरू हुई जंग पश्चिम एशिया में संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हवाई हमलों से शुरू हुआ था। जंग अब पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों की संपत्तियों पर हमले किए। तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 2, 2026 · 2 min · National Desk

इस बार जनगणना में क्या खास: आपसे कौन से सवाल पूछे जाएंगे, अगर जनगणना कर्मी घर नहीं आए तो क्या करना होगा?

इस बार जनगणना में क्या खास: आपसे कौन से सवाल पूछे जाएंगे, अगर जनगणना कर्मी घर नहीं आए तो क्या करना होगा? यह वीडियो/ हटाएं यह जनगणना 15 से भी ज्यादा वर्षों के बाद कराई जा रही है। बड़ी संख्या में लोग पहली बार इससे सीधी तरह से जुड़ेंगे। ऐसे में लोगों के मन में जनगणना को लेकर दर्जनों सवाल हैं। आइये सवाल-जवाब में जानते हैं कि इस बार जनगणना में क्या-क्या नया होने वाला है और इसमें शामिल होने वाले लोगों के लिए क्या-क्या जानना अहम है? दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना कार्यक्रम शुरू हो चुका है। भारत में करोड़ों लोग अगले कुछ महीनों में घर आए जनगणना कर्मियों को अपनी निजी जिंदगी से लेकर घर के हालात और सामाजिक ताने-बाने तक की जानकारी तक देंगे। हालांकि, यह पूरी जानकारी कानूनी रूप से गुप्त रखी जाएगी। इसी के साथ यह पहली बार होगा, जब भारत में जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। इसके साथ ही नागरिकों को खुद से अपनी जनगणना का डाटा मुहैया कराने की सुविधा भी दी गई है। सवाल 1: जनगणना की पूरी प्रक्रिया क्या होगी? जवाब: जनगणना मुख्य रूप से दो चरण में पूरी होगी… पहला चरण: मकानों की सूची बनाना और आवासीय जनगणना यह चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है। यह सितंबर 2026 तक चलेगा। इस चरण में स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प जनगणना कर्मी के डोर-टू-डोर सर्वे के लिए आ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 2, 2026 · 2 min · National Desk

मालदा में बवाल पर BJP आक्रामक: सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ममता सरकार को घेरा, अराजकता फैलाने का लगाया आरोप

इस घटना के बाद देश की सियासत गरमा गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला है। भाटिया ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में शायद ही कभी ऐसी स्थिति देखी गई हो, जहां सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद पश्चिम बंगाल में चल रही कानूनी प्रक्रिया को इस तरह से रोका गया हो। उन्होंने कहा कि कोई सोच भी नहीं सकता था कि ममता बनर्जी की सरकार में कानून-व्यवस्था की हालत इतनी बिगड़ जाएगी।भाजपा नेत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि भ्रष्टाचार और टीएमसी, हिंसा और टीएमसी एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं। पश्चिम बंगाल की जनता ने यह संकल्प लिया है कि भ्रष्टाचार-मुक्त पश्चिम बंगाल बनाने के लिए, डर के माहौल को खत्म करने के लिए, महिलाओं की गरिमा को बनाए रखने के लिए, पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनाना जरूरी हो गया है।वहीं, सांसद रवि किशन ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करता हूं। पिछले दो चुनावों से, जब भी मैं प्रचार के लिए बाहर जाता था, तो मुझे वहां सुरक्षा नहीं दी जाती थी। यह एक गंभीर समस्या थी। भाजपा सदस्यों के साथ ऐसा होता रहा है। अब तक वहां सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है। दीदी चुनाव हार रही हैं और भाजपा सरकार बना रही है।दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट की जांच और सुधार के लिए ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) प्रक्रिया चलाने का आदेश दिया था। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस काम की जिम्मेदारी न्यायिक अधिकारियों को सौंपी गई थी। 1 अप्रैल को मालदा जिले के कालियाचक-II ब्लॉक में ये अधिकारी अपना काम कर रहे थे।इसी दौरान दोपहर करीब दो से तीन बजे के बीच भीड़ ने दफ्तर को घेर लिया। इतना ही नहीं, भीड़ ने अधिकारियों को बंध …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 2, 2026 · 2 min · National Desk

The Bonus Market Update: बिकवाली के बाद हरियाली; सेंसेक्स 185 अंक चढ़ा, निफ्टी 22700 के पार और रुपया भी मजबूत

शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ा उतार-चढ़ाव दिखा। गुरुवार के मध्य सत्र के कारोबार में इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी आई और निवेशकों द्वारा निचले स्तरों पर ब्लू-चिप आईटी शेयरों की खरीदारी के चलते इनमें आई गिरावट की भरपाई होती दिखी। इस बीच रुपया भी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। रुपये में बीते 13 वर्षों में सबसे बड़ी एक दिवसीय बढ़त दर्ज की गई। रुपया डॉलर के मुकाबले एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त हासिल करते हुए 93.10 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स-निफ्टी में लौटी हरियाली शुरुआती कारोबार में दोनों सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,588.51 अंक गिरकर 71,545.81 के अंतर-दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, आगे चलकर बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान पर बंद होने में सफल रहे। 30 शेयरों का सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 185.23 (0.25%) अंकों की बढ़त के साथ 73,319.55 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 33.70(0.15%) अंकों की बढ़त के साथ 22,713.10 के स्तर पर बंद हुआ। एशियाई बाजारों में भी दिखी गिरावट भारी खरीदारी के चलते, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और इंफोसिस जैसी आईटी क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के शेयरों में 3 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई। मारुति सुजुकी इंडिया, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और आईटीसी भी लाभ कमाने वालों में शामिल थे।हालांकि, 30 शेयरों वाले सेंसेक्स समूह में इटरनल, एशियन पेंट्स, सन फार्मास्युटिकल्स, एनटीपीसी, पावरग्रिड, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट और अदानी पोर्ट्स जैसी कंपनिया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 2, 2026 · 2 min · National Desk

विदेशों में हर दिन मर रहे 20 से ज्यादा भारतीय श्रमिक: खाड़ी देशों में हालात बदतर, यूएई के आंकड़ों ने डराया

विदेश मंत्रालय के राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 29 जनवरी को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साल 2021 से 2025 के बीच विदेशों में कुल 37,740 भारतीय श्रमिकों की जान गई। हालांकि, सरकार ने इन मौतों के कारणों का अलग से कोई ब्यौरा नहीं दिया है।आंकड़ों के अनुसार, साल 2021 में सबसे ज्यादा 8,234 भारतीय श्रमिकों की मौत हुई। इसके बाद 2022 में यह संख्या घटकर 6,614 हुई। लेकिन इसके बाद मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया। साल 2023 में 7,291, साल 2024 में 7,747 और साल 2025 में 7,854 श्रमिकों की मौत दर्ज की गई।इन मौतों में से 86 प्रतिशत से ज्यादा मामले सिर्फ खाड़ी देशों से जुड़े हैं। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब में सबसे ज्यादा श्रमिकों की जान गई। पिछले पांच वर्षों (2021-25) में यूएई में 12,380, सऊदी अरब में 11,757, कुवैत में 3,890, ओमान में 2,821, मलयेशिया में 1,915 और कतर में 1,760 श्रमिकों की मौत हुई। इनके अलावा अमरिका में 454, सिंगापुर में 451, नाइजीरिया में 210, यूके में 188 मौतें हुईं।इस सबके अलावा सरकार ने विदेशों में भारतीय श्रमिकों के साथ होने वाले शोषण और दुर्व्यवहार से जुडी शिकायतों का भी व्योंरा दिया। सरकार के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच विदेशों में मौजूद भारतीय मिशनों को शोषण, दुर्व्यवहार और काम से जुड़ी शिकायतों के कुल 80,985 मामले मिले। शिकायतों के मामले में भी यूएई सबसे आगे रहा, जहां से 16,965 शिकायतें आईं। इसके बाद कुवैत से 15,234, ओमान से 13,295 और सऊदी अरब से 12,988 शिकायतें दर्ज की गईं।साल 2018 की एक पुरानी रिपोर्ट के साथ तुलना करने पर पता चलता है कि हालात और खराब हुए हैं। उस समय के आंकड़ों के अनुसार, 2012 से 20 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 2, 2026 · 2 min · National Desk