रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुल के अलावा करज शहर के कई अन्य इलाकों को भी निशाना बनाया गया है, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल है।जिस बी1 ब्रिज को इस हमले में निशाना बनाया गया है, वह ईरान के लिए सिर्फ एक रास्ता भर नहीं था। यह पश्चिमी एशिया के सबसे आधुनिक इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में से एक था, जिसे पूरी तरह से ईरानी तकनीक की मदद से तैयार किया गया था। इस पुल की खासियतें हैरान करने वाली थीं। यह पुल 1,050 मीटर लंबा था और आठ हिस्सों में बंटा था। इसका सबसे लंबा हिस्सा 176 मीटर का था। इसे थामने के लिए 136 मीटर ऊंचा एक विशाल खंभा बनाया गया था। इसे बनाने में करीब 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारी-भरकम लागत आई थी।इसी साल की शुरुआत में पुल का उद्घाटन हुआ था। दावा किया गया था कि यह पुल न सिर्फ दो बड़े शहरों को जोड़ेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी नई रफ्तार देगा। लेकिन इस हमले ने ईरान के इस सपने को तगड़ी चोट पहुंचाई है।पुल के तबाह होने के साथ ही गुरुवार को ईरान के मशहूर ‘पाश्चर इंस्टीट्यूट’ पर हुए हमले ने भी पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि अमेरिकी-इस्राइली हमलावरों ने ईरान के पाश्चर इंस्टीट्यूट पर हमला किया है।आपको बता दें कि यह संस्थान ईरान ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिम एशिया का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित सार्वजनिक स्वास्थ्य और अनुसंधान केंद्र है। इसकी स्थापना साल 1920 में पेरिस के पाश्चर इंस्टीट्यूट और तत्कालीन ईरानी सरकार के बीच एक खास समझौते के तहत की गई थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
पश्चिम एशिया संकट: US ने ईरान के सबसे उंचे पुल को हवाई हमले में किया तबाह, तेहरान का करज से संपर्क टूटा
रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुल के अलावा करज शहर के कई अन्य इलाकों को भी निशाना बनाया गया है, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल है।जिस बी1 ब्रिज को इस हमले में निशाना बनाया गया है, वह ईरान के लिए सिर्फ एक रास्ता भर नहीं था। यह पश्चिमी एशिया के सबसे आधुनिक इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में से एक था, जिसे पूरी तरह से ईरानी तकनीक की मदद से तैयार किया गया था। इस पुल की खासियतें हैरान करने वाली थीं। यह पु