नजर बनेगी सहारा: अब आंखों की हलचल से चलेगा कंप्यूटर, बिना हाथ-पैर भी आसानी से कंट्रोल; दिव्यांगों को नई आजादी

नजर बनेगी सहारा: अब आंखों की हलचल से चलेगा कंप्यूटर, बिना हाथ-पैर भी आसानी से कंट्रोल; दिव्यांगों को नई आजादी यह वीडियो/ हटाएं इस तकनीक की मदद से अब केवल आंखों की हलचल से कंप्यूटर चलाना, संदेश लिखना, अपनी बात व्यक्त करना और उपकरणों को नियंत्रित करना संभव हो गया है। इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे वैज्ञानिक डॉ. अमित लाडी और उनकी टीम ने इस प्रणाली को इस तरह तैयार किया है कि यह रोजमर्रा की परिस्थितियों में भी आसानी से काम कर सके। रोशनी में बदलाव या सिर की हल्की हरकत के बावजूद यह तकनीक प्रभावी ढंग से काम करती है। पहले सीएसआईओ द्वारा उंगली और सिर के इशारों से चलने वाली स्मार्ट व्हीलचेयर विकसित की गई थी, लेकिन अब यह तकनीक उससे एक कदम आगे बढ़ चुकी है। इस तकनीक की मदद से अब केवल आंखों की हलचल से कंप्यूटर चलाना, संदेश लिखना, अपनी बात व्यक्त करना और उपकरणों को नियंत्रित करना संभव हो गया है।इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे वैज्ञानिक डॉ. अमित लाडी और उनकी टीम ने इस प्रणाली को इस तरह तैयार किया है कि यह रोजमर्रा की परिस्थितियों में भी आसानी से काम कर सके। रोशनी में बदलाव या सिर की हल्की हरकत के बावजूद यह तकनीक प्रभावी ढंग से काम करती है।पहले सीएसआईओ द्वारा उंगली और सिर के इशारों से चलने वाली स्मार्ट व्हीलचेयर विकसित की गई थी, लेकिन अब यह तकनीक उस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 3, 2026 · 2 min · National Desk

US Tariff: क्या दवाओं पर ट्रंप के 100% टैरिफ से भारत पर भी असर, नए फैसले से कितना प्रभावित होगा फार्मा सेक्टर?

जेनेरिक दवाओं को टैरिफ से रखा गया बाहर भारत के लिए क्या चुनौती? कंपनियों को लेकर ट्रंप प्रशासन का क्या रुख कैसे लागू होगा टैरिफ? हालांकि भारत के लिए राहत की बात यह है कि जेनेरिक दवाओं को फिलहाल इस टैरिफ से बाहर रखा गया है। अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारतीय कंपनियों की प्रमुख ताकत माने जाने वाले जेनेरिक ड्रग्स पर अभी कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। इससे भारत से अमेरिका को होने वाले सस्ते दवाओं के निर्यात पर तत्काल असर नहीं पड़ेगा।भारत की फार्मा इंडस्ट्री का बड़ा हिस्सा अमेरिकी जेनेरिक बाजार पर निर्भर है और इस छूट से अल्पकाल में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ व्हाइट हाउस अधिकारी के अनुसार, भविष्य में जेनेरिक उत्पादन की स्थिति की समीक्षा कर टैरिफ नीति में बदलाव किया जा सकता है।हालांकि, लंबे समय में यह फैसला भारत के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। पेटेंटेड दवाओं और एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (APIs) पर भारी टैरिफ से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है, जिसमें भारतीय कंपनियां अहम भूमिका निभाती हैं। खासकर कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और इंटरमीडिएट सप्लाई के क्षेत्र में इसका असर देखने को मिल सकता है।अमेरिकी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कंपनियों के पास अमेरिका में उत्पादन शिफ्ट करने की योजना नहीं होगी, उनके भारत से आयातित पेटेंटेड उत्पादों पर 100 प्रतिशत शुल्क लागू होगा। हालांकि, जो कंपनियां उत्पादन अमेरिका में स्थानांतरित करने के लिए प्रतिबद्ध होंगी, उन्हें शुरुआती राहत के तौर पर 20 प्रतिशत टैरिफ दिया जाएगा, जो चार साल में बढ़कर 100 प्रतिशत हो जाएगा।यह टैरिफ जुलाई और सितंबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। ट्रंप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 3, 2026 · 2 min · National Desk

ईंधन संकट: LPG सिलिंडर को लेकर अफवाह फैलाने पर केंद्र की सख्ती, सभी राज्य सरकारों को रोजाना ब्रीफिंग की सलाह

एलपीजी की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने चिंता जताई है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा है कि सिर्फ 17 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश ही नियमित प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं, जो स्थिति को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं है। राज्यों से संचार व्यवस्था को मजबूत करने की अपील पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने अपने पत्र में कहा कि कुछ क्षेत्रों में अब भी अफवाहें और गलत जानकारी फैल रही है, जिससे लोगों में अनावश्यक डर पैदा हो रहा है और कई जगहों पर घबराहट में खरीदारी (पैनिक बायिंग) देखी जा रही है। मंत्रालय ने राज्यों से अपील की है कि वे संचार व्यवस्था को और मजबूत करें ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे। मंत्रालय ने राज्यों को क्या दिया सलाह वर्तमान में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे 17 राज्य/यूटी नियमित या अंतराल पर प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं। केंद्र ने बाकी राज्यों से भी तुरंत इसी तरह के कदम उठाने को कहा है। मंत्रालय ने सलाह दिया है कि वरिष्ठ स्तर पर रोजाना प्रेस ब्रीफिंग की जाए और सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए सही और समय पर जानकारी दी जाए, ताकि लोगों को एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारु वितरण का भरोसा मिल सके और अफवाहों पर रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही केंद्र ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि इस तरह की गलत गतिविधियों को रोकने के लिए जरूरी कदम लगातार उठाए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 3, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Crisis: UN में ड्रैगन का कड़ा विरोध, अमेरिका से कहा- हमले की धमकी के बदले शांति-कूटनीति की राह चुनें

चीन का यह औपचारिक विरोध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के जवाब में आया है। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त लहजे का इस्तेमाल किया था। चाइना डेली के अनुसार, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने इस स्थिति पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि सैन्य तरीके बुनियादी तौर पर किसी भी मुद्दे को हल नहीं कर सकते। माओ निंग ने जोर देकर कहा कि संघर्ष को और बढ़ाना किसी भी पक्ष के हित में नहीं है।अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर ईरान पर बहुत जोरदार हमला करने जा रहा है। इस बयान ने पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ा दिया है। ट्रंप का कहना है कि वाशिंगटन का यह सैन्य अभियान ईरान के खतरे को खत्म करने के करीब है।अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि वे ईरान को वापस वापस भेज देंगे, क्योंकि वह वहीं रहने के लायक है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इस सैन्य तनाव के बीच कूटनीतिक बातचीत भी चल रही है। ट्रंप ने साफ किया कि उनका लक्ष्य ईरान में सत्ता परिवर्तन करना नहीं था। हालांकि उन्होंने दावा किया कि ईरान के पुराने नेताओं की मौत के कारण वहां का नेतृत्व ढांचा बदल गया है और एक तरह से सत्ता परिवर्तन हो चुका है।अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका के विशिष्ट लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक सैन्य अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि अमेरिका बहुत जल्द अपने सभी उद्देश्यों को पूरा करने की राह पर है। चीन ने इन धमकियों पर चिंता जताते हुए शांति और बातचीत का रास्ता अपनाने की सलाह दी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 3, 2026 · 2 min · National Desk

TOP News: अमेरिकी सेना में बड़ा बदलाव; PM मोदी ने की जन विश्वास बिल की तारीफ; अवैध रीफिलिंग पर लगाम कब?

पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जंग लड़ रहे अमेरिका ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अमेरिकी सेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारी रैंडी जॉर्ज को तुरंत प्रभाव से पद छोड़ने के लिए कह दिया है। पेंटागन ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की, लेकिन इस फैसले के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब अमेरिका और इस्राइल, ईरान के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं। वहीं राज्यसभा ने गुरुवार को जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) बिल, 2026 पारित किया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम जनता और व्यापार के लिए एक बड़ी सफलता बताया। पीएम मोदी ने कहा कि यह बिल नागरिकों के लिए विश्वास आधारित प्रणाली को मजबूत करता है और पुराने नियमों और कानूनों को खत्म करने का काम करता है। राजधानी में बुकिंग कराने के बावजूद लोगों को एलपीजी सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतार रोज लग रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे सिलिंडरों की किल्लत से हो रही है। इस कमी ने अवैध रिफिलिंग के धंधे को खुली छूट दे दी है, जिससे न सिर्फ उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ रहा है, बल्कि सुरक्षा पर गंभीर खतरा भी खड़ा हो गया है। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर… यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 3, 2026 · 2 min · National Desk

राज्यसभा में जन विश्वास (संशोधन) बिल पारित: पीएम मोदी बोले- जीवन और व्यापार आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम

राज्यसभा ने गुरुवार को जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) बिल, 2026 पारित किया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम जनता और व्यापार के लिए एक बड़ी सफलता बताया। पीएम मोदी ने कहा कि यह बिल नागरिकों के लिए विश्वास आधारित प्रणाली को मजबूत करता है और पुराने नियमों और कानूनों को खत्म करने का काम करता है। इस बिल से मामलों का तेजी से निपटारा होगा और छोटे अपराधों को अपराध के दायरे से बाहर करके मुकदमों का बोझ कम होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में पीएम मोदी ने आगे कहा कि बिल तैयार करने में संपूर्ण परामर्श प्रक्रिया अपनाई गई और सभी सुझावों को ध्यान में रखा गया। बता दें कि गुरुवार को राज्यसभा में इस बिल के माध्यम से 79 केंद्रीय कानूनों में 784 प्रावधानों में संशोधन किया है, ताकि छोटे अपराधों को सरल बनाया जा सके, व्यापार और जीवन दोनों को आसान बनाया जा सके और लोगों के उत्पीड़न पर रोक लगे।इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) बिल, 2026 पारित किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संसद में जन विश्वास बिल 2026 का पारित होना भारत के लिए जीवन और व्यापार को सरल बनाने में एक विशाल कदम है। उन्होंने कहा कि कई कानूनी प्रावधानों को कम करने से नवभारत की सोच को साकार करना आसान होगा और आम नागरिकों और व्यवसायियों के लिए जिंदगी सरल होगी। इस बिल से छोटे अपराधों का विवादास्पद पहलू समाप्त होगा और व्यापार का वातावरण सुधरेगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 3, 2026 · 2 min · National Desk

ट्रंप की ईरान को चेतावनी: समझौता करो वरना बिगड़ेंगे हालात, ईरानी राष्ट्रपति ने भी किया पलटवार; जानिए क्या कहा?

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 35वें दिन में प्रवेश कर रहा है और पूरे क्षेत्र में तनाव अब भी चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच अब एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने एक बार फिर ईरान को कड़ी और सीधी चेतावनी देते हुए साफ शब्दों में कहा कि ईरान बहुत देर होने से पहले अमेरिका के साथ समझौता कर ले, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं। ट्रंप ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें ईरान के करज इलाके में बीआई ब्रिज पर हुए कथित अमेरिका-इस्राइल हमले को दिखाया गया बताया जा रहा है। इस वीडियो के जरिए उन्होंने ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश की और संकेत दिया कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो ऐसे हमले आगे भी जारी रह सकते हैं।दूसरी ओर ट्रंप के इस चेतावनी और हमलों पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पतालों, दवा बनाने वाली कंपनियों और मेडिकल रिसर्च सेंटर जैसेईरान का पाश्चर संस्थान पर हमला करने का क्या मतलब है। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), रेड क्रॉस और डॉक्टरों की अंतरराष्ट्रीय संस्था डॉक्टर विदाउट बॉर्डर से इस पर प्रतिक्रिया देने की अपील की।इसके अलावा, ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी लड़ाकू विमानों को ड्रोन हमले से निशाना बनाया। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भविष्य में खाड़ी देशों के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 3, 2026 · 2 min · National Desk

भगवंत मान के बयान पर विवाद: नितिन नवीन ने इस भाजपा नेता से मांगा जवाब; जानें पार्टी में क्यों तेज हुई हलचल

यह वीडियो/ हटाएं भाजपा नेतृत्व ने पूर्व सांसद संजीव बालियान से जवाब तलब किया है। मामला उत्तर प्रदेश में हुए एक कार्यक्रम के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन ने बालियान से पूछा है कि जब मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी की जा रही थी, तब उन्होंने विरोध क्यों नहीं किया। बताया जा रहा है कि पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और बालियान को फोन कर स्पष्टीकरण मांगा गया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 3, 2026 · 1 min · National Desk

US: एपस्टीन फाइल्स, विपक्ष पर नाकाफी एक्शन या कुछ और...ट्रंप ने पैम बॉन्डी से क्यों छीना अटॉर्नी जनरल का पद?

यह वीडियो/ हटाएं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी की सराहना करते हुए उन्हें एक महान देशभक्त और वफादार सहयोगी बताया। ट्रंप ने बताया कि पैम बॉन्डी निजी क्षेत्र में नई जिम्मेदारी संभालने जा रही हैं। ट्रंप ने कहा कि अटॉर्नी जनरल के रूप में पैम ने देशभर में अपराध पर कड़ा प्रहार किया। वहीं, डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच को कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 3, 2026 · 1 min · National Desk

होर्मुज पर ब्रिटेन में 60+ देशों की बड़ी बैठक: भारत से शामिल हुए मिसरी; कहा- हमने नाविक खोए, जल्द रुके तनाव

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की पहल पर करीब 60 से अधिक देशों के विदेश मंत्रियों ने ऑनलाइन तरीके से होर्मुज संकट पर गुरुवार को चर्चा की। सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व विक्रम मिसरी ने किया और अध्यक्षता ब्रिटेन के विदेश मंत्री यवेट कूपर ने की। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य की आंशिक नाकाबंदी के मद्देनजर सुरक्षित समुद्री परिवहन सुनिश्चित करना था। मिसरी ने वर्चुअल माध्यम से चर्चा में भाग लेते हुए क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन मार्गों की सुरक्षा पर नई दिल्ली का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने दुनियाभर के देशों के सामने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर जहाजों की बेरोकटोक आवाजाही हर देश का हक है। इससे कोई समझौता नहीं हो सकता। विदेश सचिव ने चिंता जताई कि इस पूरे संकट का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहा है।ब्रिटेन की ओर से बुलाई गई बैठक में सबसे महत्वपूर्ण बात जो भारत ने दुनिया के सामने रखी, वह थी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा। विदेश सचिव ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में भारत इकलौता ऐसा देश है, जिसने अपने जांबाज नाविकों को खोया है। उन्होंने कहा कि इस समस्या का हल और अधिक युद्ध नहीं है। अगर दुनिया को इस संकट से बाहर निकलना है, तो सभी पक्षों को तुरंत हथियारों को शांत कर बातचीत की मेज पर लौटना होगा।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, भारत का पक्ष स्पष्ट है। हम स्वतंत्र और खुले वाणिज्यिक परिवहन और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समुद्री सुरक्षा के पक्षधर हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 3, 2026 · 2 min · National Desk