विदेश मंत्रालय के राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 29 जनवरी को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साल 2021 से 2025 के बीच विदेशों में कुल 37,740 भारतीय श्रमिकों की जान गई। हालांकि, सरकार ने इन मौतों के कारणों का अलग से कोई ब्यौरा नहीं दिया है।आंकड़ों के अनुसार, साल 2021 में सबसे ज्यादा 8,234 भारतीय श्रमिकों की मौत हुई। इसके बाद 2022 में यह संख्या घटकर 6,614 हुई। लेकिन इसके बाद मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया। साल 2023 में 7,291, साल 2024 में 7,747 और साल 2025 में 7,854 श्रमिकों की मौत दर्ज की गई।इन मौतों में से 86 प्रतिशत से ज्यादा मामले सिर्फ खाड़ी देशों से जुड़े हैं। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब में सबसे ज्यादा श्रमिकों की जान गई। पिछले पांच वर्षों (2021-25) में यूएई में 12,380, सऊदी अरब में 11,757, कुवैत में 3,890, ओमान में 2,821, मलयेशिया में 1,915 और कतर में 1,760 श्रमिकों की मौत हुई। इनके अलावा अमरिका में 454, सिंगापुर में 451, नाइजीरिया में 210, यूके में 188 मौतें हुईं।इस सबके अलावा सरकार ने विदेशों में भारतीय श्रमिकों के साथ होने वाले शोषण और दुर्व्यवहार से जुडी शिकायतों का भी व्योंरा दिया। सरकार के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच विदेशों में मौजूद भारतीय मिशनों को शोषण, दुर्व्यवहार और काम से जुड़ी शिकायतों के कुल 80,985 मामले मिले। शिकायतों के मामले में भी यूएई सबसे आगे रहा, जहां से 16,965 शिकायतें आईं। इसके बाद कुवैत से 15,234, ओमान से 13,295 और सऊदी अरब से 12,988 शिकायतें दर्ज की गईं।साल 2018 की एक पुरानी रिपोर्ट के साथ तुलना करने पर पता चलता है कि हालात और खराब हुए हैं। उस समय के आंकड़ों के अनुसार, 2012 से 20 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
विदेशों में हर दिन मर रहे 20 से ज्यादा भारतीय श्रमिक: खाड़ी देशों में हालात बदतर, यूएई के आंकड़ों ने डराया
विदेश मंत्रालय के राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 29 जनवरी को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साल 2021 से 2025 के बीच विदेशों में कुल 37,740 भारतीय श्रमिकों की जान गई। हालांकि, सरकार ने इन मौतों के कारणों का अलग से कोई ब्यौरा नहीं दिया है।आंकड़ों के अनुसार, साल 2021 में सबसे ज्यादा 8,234 भारतीय श्रमिकों की मौत हुई। इसके बाद 2022 में यह संख्या घटकर 6,614 हुई। लेकिन इसके बाद मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया। साल 2023 में 7,291, साल 2024 में 7,747 और साल 2025 में 7,