'भारतीय राजनीति के जोकर': संजय राउत पर भाजपा का हमला, कहा- देश की छवि खराब कर रहे विपक्षी नेता

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संबोधित सोशल मीडिया पोस्ट पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने राउत को भारतीय राजनीति का जोकर बताते हुए उन पर भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब करने का आरोप लगाया। देश की छवि खराब करने का काम कर रहे भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि संजय राउत और कांग्रेस नेता राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में देश की छवि खराब करने का काम कर रहे हैं। पूनावाला ने कहा कि संजय राउत भारतीय राजनीति के जोकर हैं। वह और राहुल गांधी घरेलू राजनीतिक लड़ाई के लिए भारत की छवि खराब करने की सुपारी लेकर बैठे हैं। मोदी विरोध में ये लोग देश का विरोध कर रहे हैं। पूनावाला का दावा उन्होंने दावा किया कि दुनिया भर में भारतीय लोकतंत्र की सराहना हो रही है, लेकिन विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर झूठे नैरेटिव फैलाने में जुटा है। पूनावाला ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन पर दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और खबरों के मुताबिक ट्रंप ने भी भाजपा को बधाई दी है। भाजपा प्रवक्ता ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि जब भी चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं आते, तब वे संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने लगते हैं। क्या है मामला? दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर राउत ने शुक्रवार को एक्स पर एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने उन खबरों पर सवाल उठाए, जिनमें दावा किया गया था कि ट्रंप ने चुनाव में भाजपा की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है। राउत ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव भारत के संघीय लोकतंत्र का आंतरिक म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

IPL 2026: केएससीए ने मांगे थे 10000 मुफ्त टिकट? बंगलूरू से फाइनल की मेजबानी छिन जाने के बाद BCCI का बड़ा दावा

IPL 2026: केएससीए ने मांगे थे 10000 मुफ्त टिकट? बंगलूरू से फाइनल की मेजबानी छिन जाने के बाद BCCI का बड़ा दावा और पढ़ें आईपीएल 2026 के फाइनल की मेजबानी बंगलूरू के बजाय अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम को दी गई है। इसे लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है। गत चैंपियन होने के नाते फाइनल मैच बंगलूरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में ही कराया जाना था, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ज (बीसीसीआई) ने अहमदाबाद में खिताबी मुकाबला कराने का फैसला लिया। इतना ही नहीं बंगलूरू में प्लेऑफ का एक भी मैच नहीं होगा। कितनी है चिन्नास्वामी स्टेडियम की दर्शक क्षमता? बीसीसीआई सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) द्वारा अतिरिक्त 10,057 मानार्थ टिकटों की मांग किए जाने के कारण एम चिन्नास्वामी स्टेडियम से आईपीएल फाइनल और प्लेऑफ मैचों को स्थानांतरित किया गया। परंपरा के अनुसार, मौजूदा चैंपियन होने के कारण रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को फाइनल की मेजबानी करनी थी। आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने हालांकि कहा कि अपेक्षाकृत कम क्षमता वाले इस स्टेडियम में मानार्थ टिकटों की अत्यधिक मांग के कारण बंगलूरू में फाइनल आयोजित करना असंभव हो गया था। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की क्षमता लगभग 35,000 दर्शकों की है। प्लेऑफ और फाइनल का कार्यक्रम इस सत्र के प्लेऑफ मुकाबले धर्मशाला (26 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

The Bonus Market Updates: बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से बाजार फिसला; जानिए सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट

पश्चिम एशिया में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुए सैन्य तनाव ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों की चिंताओं को गहराई से बढ़ा दिया है। इस ताजा तनाव के कारण क्षेत्र में युद्धविराम की उम्मीदें कमजोर हुई हैं, जिसका सीधा असर शुक्रवार को भारतीय इक्विटी बाजार पर देखने को मिला। अनिश्चितता के इस माहौल में निवेशकों द्वारा की गई भारी मुनाफावसूली के चलते घरेलू बाजार दबाव में रहे और दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी के आंकड़े क्या कह रहे? हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा। प्रमुख शेयर सूचकांक बीएसई (बीएसई) सेंसेक्स 516.33 अंकों (0.66 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 77,328.19 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 150.50 अंक (0.62 प्रतिशत) फिसलकर 24,176.15 के स्तर पर आ गया। विशेषज्ञों की बाजार के बारे में क्या राय है? जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ताजा सैन्य कार्रवाई के कारण बाजार में ‘रिस्क-ऑफ’ (जोखिम से बचने) का माहौल देखा गया है, जिसने मुनाफावसूली को प्रेरित किया। हालांकि, इस दबाव के बीच कुछ सकारात्मक कारक भी हैं। नायर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों के 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रहने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के नरम होने से समग्र बाजार भावनाओं और भारतीय रुपये को लगातार समर्थन मिल रहा है। अलग-अलग सेक्टर्स और कमोडिटी मार्केट का क्या हाल है? शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान विभिन्न सेक्टर्स में मिला-जुला रुझान देखने को मिला, जबकि सुरक्ष …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal: ममता बनर्जी ने अब तक नहीं बदली सोशल मीडिया प्रोफाइल, 'मुख्यमंत्री' का टैग अभी भी बरकरार

पश्चिम बंगाल में 17वीं विधानसभा भंग हो गई है। इसके बावजूद भी तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल नहीं बदली है। वह आधिकारिक तौर पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री बन चुकी हैं, लेकिन सोशल मीडिया प्रोफाइल में अभी भी मुख्यमंत्री का टैग बरकरार रखा है। प्रोफाइल अबतक नहीं बदला ममता बनर्जी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक और एक्स पर अभी भी ‘माननीय मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल’ का इस्तेमाल कर रही हैं। हार के बावजूद ममता ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के इनकार किया था, जिसे वे सोशल मीडिया पर बरकरार रखे हुए हैं। इससे पहले, गुरुवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने 17वीं विधानसभा को भंग कर दिया। 17वीं विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को पूरा हो चुका था। राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 174 (2)(बी) से प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए विधानसभा को भंग किया। लोकभवन, कोलकाता की तरफ से जारी पत्र में कहा गया कि राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग करने का आदेश दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।2021 में 17वीं विधानसभा का चुनाव जीतकर ममता बनर्जी तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं। वे 2011 से लगातार सत्ता पर काबिज रहीं। हालांकि, इस बार विधानसभा चुनाव में उन्हें करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। तृणमूल कांग्रेस बंगाल में अपनी सत्ता को बरकरार रखने में नाकाम रही और ममता बनर्जी को भी भवानीपुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा।2026 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा ने 293 में से 207 सीटें जीतीं, जबकि तृणमूल 80 सीटों तक ही सिमट कर रह गई। हालांकि, विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने भाजपा और चु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

DRDO: ओडिशा तट पर 'TARA' की परीक्षण उड़ान सफल, जानें पहले स्वदेशी ग्लाइड वेपन सिस्टम की खासियत

भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। स्वदेशी रूप से विकसित ग्लाइड वेपन सिस्टम ‘टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन’ (TARA) का पहला सफल परीक्षण उड़ान किया गया है। किसने किया तैयार? ओडिशा तट के पास गुरुवार को किए गए इस परीक्षण को भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायुसेना (IAF) ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। रक्षा मंत्रालय ने इसे भारत की प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। TARA की क्या है खासियत? रक्षा मंत्रालय के अनुसार, TARA भारत का पहला स्वदेशी ग्लाइड वेपन सिस्टम है। इसे बिना दिशा-निर्देश वाले वारहेड को अत्यधिक सटीक निशाना साधने वाले प्रिसिजन गाइडेड हथियार में बदलने के लिए विकसित किया गया है। इस तकनीक के जरिए पारंपरिक और कम लागत वाले हथियारों की मारक क्षमता और सटीकता को कई गुना बढ़ाया जा सकता है। क्या है इस प्रणाली का उद्देश्य? मंत्रालय ने बताया कि इस प्रणाली को हैदराबाद स्थित डीआरडीओ की प्रमुख प्रयोगशाला रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने अन्य डीआरडीओ लैब्स के सहयोग से विकसित किया है। इसका उद्देश्य कम लागत में ऐसे अत्याधुनिक हथियार तैयार करना है, जो दुश्मन के जमीनी ठिकानों को बेहद सटीकता के साथ निशाना बना सकें। परीक्षण के दौरान किन चीजों को ध्यान रखा गया? विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्लाइड वेपन सिस्टम पारंपरिक बमों को आधुनिक गाइडेंस तकनीक से लैस करता है, जिससे वे लंबी दूरी तक जाकर लक्ष्य को अधिक सटीकता से भेद सकते हैं। TARA प्रणाली में अत्याधुनिक लेकिन कम लागत वाली तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे भविष्य में भारतीय सशस्त्र बलों को कम खर्च में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

America: अदालत के फैसले से ट्रंप के टैरिफ को बड़ा झटका, क्या भारत को व्यापार समझौते से पीछे हट जाना चाहिए?

अमेरिका के व्यापारिक फैसलों में इन दिनों भारी उथल-पुथल मची हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दुनिया भर पर लगाए गए नए 10 प्रतिशत टैरिफ को अमेरिकी संघीय अदालत ने अमान्य और गैर-कानूनी करार दे दिया है। इस एक फैसले ने ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत के लिए भी एक अनिश्चितता का माहौल बना दिया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका में चल रही इस कानूनी खींचतान के बीच भारत को अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए? आइए इस पूरे विषय को आसान सवालों और जवाबों के जरिए समझते हैं। सवाल: अमेरिकी अदालत ने ट्रंप के टैरिफ पर क्या फैसला सुनाया है? जवाब: अमेरिकी संघीय अदालत ने सात मई को दो-एक के बहुमत से दिए गए एक अहम फैसले में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 10 प्रतिशत के वैश्विक टैरिफ को कानून के खिलाफ बताते हुए रद्द कर दिया है। ट्रंप ने ये टैरिफ 24 फरवरी को 150 दिनों के लिए लागू किए थे, जो अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके पहले के करों को रद्द करने के ठीक बाद लगाए गए थे। अदालत का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ने इन करों को लगाकर 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत कांग्रेस द्वारा दी गई शक्तियों का उल्लंघन किया है। सवाल: अदालत के इस फैसले का भारत और अमेरिका के व्यापार समझौते पर क्या असर होगा? जवाब: व्यापार विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि अमेरिकी अदालतों में ट्रंप प्रशासन को मिल रहे इन झटकों के कारण अमेरिका की टैरिफ व्यवस्था में भारी अनिश्चितता पैदा हो गई है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव के अनुसार, जब तक अमेरिक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

UP: सरकारी नौकरियों में सीएम फेलो को मिलेगी उम्र में छूट, 100 अंकों की मेरिट से होगा चयन, इंटरव्यू ऐसा होगा

प्रदेश के हर जिले में तैनात होने वाले सीएम फैलो को सरकारी नौकरियों में उम्र में छूट मिलेगी। इस पद के लिए योग्य युवाओं के चयन के लिए पूरी प्रक्रिया जारी की गई है। तैनाती से पहले दो हफ्ते का प्रशिक्षण कराया जाएगा। प्रयोग सफल होने पर ये संख्या बढ़ाई जाने का भी प्रस्ताव है। उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवारों को अतिरिक्त लाभ प्रक्रिया के तहत प्रदेश के सभी जिलों में तैनात किए जाने वाले सीएम फेलो को सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट देने का प्रावधान किया गया है। पिछले सप्ताह यूपी कैबिनेट से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब चयन प्रक्रिया और तैनाती व्यवस्था पर तेजी से काम शुरू हो गया है।अपर मुख्य सचिव नियोजन आलोक कुमार के मुताबिक, इस पद के लिए चयन यूपी स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के तहत होगा जो मेरिट आधारित होगा। कुल 100 अंकों की चयन प्रणाली बनाई गई है, जिसमें 50 अंक लिखित परीक्षा, 30 अंक अधिमानी अर्हता और 20 अंक साक्षात्कार के निर्धारित किए गए हैं। इससे केवल अकादमिक योग्यता ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक समझ, नेतृत्व क्षमता और क्षेत्रीय कार्य अनुभव वाले युवाओं को भी मौका मिलेगा। लिखित परीक्षा में नीति निर्माण, प्रशासनिक समझ, समसामयिक घटनाक्रम, डेटा विश्लेषण, डिजिटल गवर्नेंस और समस्या समाधान से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। अधिमानी अर्हता के तहत नीति अनुसंधान, सामाजिक क्षेत्र में कार्य अनुभव, डिजिटल टेक्नोलॉजी, डाटा मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग और प्रतिष्ठित संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवारों को अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा। तैनाती से पहले चयनित फेलो को दो सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रयोग सफल रहने पर बढ़ाई जाएगी संख्या शुरुआती चरण में सीमित संख् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

कानपुर ‘महा-घोटाला’: महफूज ने 400 कारोबारियों के 3200 करोड़ ट्रांसफर कराए, 25 लाख की लूट ने खोल दिया काला राज

कानपुर में बैंक खातों में करीब 3200 करोड़ के अवैध लेनदेन के मामले में फरार चल रहे महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। वह दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल में छिपता फिर रहा था। पुलिस ने शहर आते ही उसे दबोच लिया। उसने अपने गिरोह संग मिलकर 400 से अधिक कारोबारियों, टेनरी संचालकों और बड़ी फर्मों की वैध और अवैध रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कराई। फिर उसे कैश के रूप में निकाल लिया। यह कारोबारी दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, गुजरात के हैं। इस खेल में बैंक के अधिकारियों व स्टाफ की भी संलिप्तता मिली है। और पढ़ें श्यामनगर क्षेत्र में 16 फरवरी की रात क्षेत्र के मो. वासिद और अरशद से मारपीट कर लूट हुई थी। बाइक सवार बदमाश दोनों से करीब 25 लाख रुपये लेकर भाग निकले। युवकों ने पहले लूट की सूचना दी लेकिन फिर मुकर गए। पुलिस ने नजदीक लगे सीसीटीवी फुटेज देखे, तो लूट की पुष्टि हुई। आठ दिन बाद लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि मो. वासिद और अरशद ने जाजमऊ के अहफूज अली उर्फ पप्पू छुरी के बैंक खाते से 3.20 करोड़ रुपये निकाले थे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 1 min · National Desk

Govt Formation LIVE: टीवीके को समर्थन देने पर अंतिम फैसला लेगी माकपा, आज बैठक; DMK ने पारित किए चार प्रस्ताव

10:10 AM, 08-May-2026 पलानीस्वामी ने नव-निर्वाचित विधायकों के साथ की बैठक एआईएडीएमके के महासचिव ईके पलानीस्वामी ने गुरुवार को तमिलनाडु के नव-निर्वाचित विधायकों के साथ पुडुचेरी के बाहरी इलाके अरियानकुप्पम के पास एक होटल में बैठक की। इस बैठक में लगभग 40 विधायक मौजूद थे। बैठक करीब एक घंटे तक चली। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पलानीस्वामी ने विधायकों से कहा कि वे एकजुट रहें और धैर्य बनाए रखें। उन्होंने कहा, अगले कुछ दिनों में अच्छी चीजें सामने आएंगी, इसलिए आप सभी एकजुट और धैर्य बनाकर रखें। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब टीवीके तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने पहले ही टीवीके को समर्थन दे दिया है। एआईएडीएमके के महासचिव ईके पलानीस्वामी ने गुरुवार को तमिलनाडु के नव-निर्वाचित विधायकों के साथ पुडुचेरी के बाहरी इलाके अरियानकुप्पम के पास एक होटल में बैठक की। इस बैठक में लगभग 40 विधायक मौजूद थे। बैठक करीब एक घंटे तक चली।पार्टी सूत्रों के अनुसार, पलानीस्वामी ने विधायकों से कहा कि वे एकजुट रहें और धैर्य बनाए रखें। उन्होंने कहा, अगले कुछ दिनों में अच्छी चीजें सामने आएंगी, इसलिए आप सभी एकजुट और धैर्य बनाकर रखें। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब टीवीके तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने पहले ही टीवीके को समर्थन दे दिया है। 08:54 AM, 08-May-2026 पश्चिम बंगाल में लोगों ने दबाव में वोट डाला: अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान लोगों ने दबाव में वोट डाला। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

ट्रंप को बड़ा झटका!: अमेरिकी अदालत ने खारिज किया नया टैरिफ आदेश, कहा- व्यापार कानून का हुआ गलत इस्तेमाल

व्यापार अधिनियम कानून क्यों बनाया गया था? ट्रंप क्या साबित करने में विफल रहे? अदलात ने क्या दी चेतावनी? ट्रंप के पुराने टैरिफ को कोर्ट ने किया था खारिज कैसे आया यह मामला सामने? ट्रंप पर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने 2-1 के फैसले में कहा कि ट्रंप प्रशासन 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 का इस्तेमाल व्यापक व्यापार घाटे और चालू खाता घाटे के आधार पर नहीं कर सकता। अदालत के मुताबिक, यह कानून 1970 के दशक की विशेष बैलेंस ऑफ पेमेंट्स यानी भुगतान संतुलन संकट से निपटने के लिए बनाया गया था, न कि आधुनिक दौर के सामान्य व्यापार घाटे के लिए।जज मार्क ए. बार्नेट और क्लेयर आर. केली ने अपने फैसले में कहा कि ट्रंप की घोषणा यह साबित करने में विफल रही कि कानून के जरिए आवश्यक शर्तें पूरी हुई हैं। बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में ये टैरिफ लगाए थे।अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि अगर राष्ट्रपति को इतनी व्यापक व्याख्या की अनुमति दे दी जाए, तो उन्हें लगभग असीमित टैरिफ लगाने की शक्ति मिल जाएगी। कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना संवैधानिक सवाल खड़ा कर सकता है, क्योंकि टैरिफ और व्यापार नीति तय करने का अधिकार मुख्य रूप से कांग्रेस के पास है।दरअसल, इस साल की शुरुआत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की पहले वाली टैरिफ व्यवस्था को भी खारिज कर दिया था, जिसे उन्होंने आपातकालीन शक्तियों वाले कानून के तहत लागू किया था। इसके बाद फरवरी में ट्रंप ने धारा 122 का इस्तेमाल करते हुए नया टैरिफ लागू किया। यह प्रावधान राष्ट्रपति को अधिकतम 150 दिनों के लिए 15 प्रतिशत तक अस्थायी आयात शुल्क लगाने की अनुमति देता है।ट्रंप प्रशासन ने दावा किया था कि अमेरिका के बड़े …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk