'जन-गण-मन और वंदे मातरम बराबर नहीं': केंद्र के फैसले पर ओवैसी बोले- संविधान, भारत के लोगों से शुरू होता है

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार के उस फैसले पर आपत्ति जताई है, जिसमें वंदे मातरम को राष्ट्रीय गान जन गण मन के समान वैधानिक संरक्षण देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को राष्ट्रगान के बराबर नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह एक देवी की स्तुति है। ओवैसी ने क्या कहा? ओवैसी ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि जन गण मन भारत और उसके लोगों का उत्सव मनाता है, किसी विशेष धर्म का नहीं। धर्म राष्ट्र नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम लिखने वाले बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ब्रिटिश शासन के प्रति सहानुभूति रखते थे और मुसलमानों के प्रति नकारात्मक सोच रखते थे। ओवैसी ने दावा किया कि नेताजी बोस, गांधी, नेहरू और टैगोर ने भी इसे राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार नहीं किया था। संविधान का क्या दिया हवाला? संविधान का हवाला देते हुए ओवैसी ने कहा कि प्रस्तावना हम भारत के लोग से शुरू होती है, न कि भारत माता के नाम से। उन्होंने कहा कि संविधान भारत को राज्यों का संघ बताता है और देश किसी देवी-देवता के नाम पर नहीं चलता। भाजपा ने किया पलटवार ओवैसी ने यह भी कहा कि संविधान सभा में प्रस्तावना को देवी या ईश्वर के नाम से शुरू करने और उसके नागरिकों की जगह उसकी प्रजा लिखने जैसे संशोधन प्रस्तावित किए गए थे, लेकिन उन्हें खारिज कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि भारत यानी भारत के लोग। राष्ट्र कोई देवी नहीं है और यह किसी एक देवी-देवता का नहीं है। इस बीच तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन रामचंदर राव ने ओवैसी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि एआईएमआईएम नेतृत्व सांस्कृतिक एकीकरण को धार्मिक अलगाववाद के लिए खतरे के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि मोहम् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

'ईरान पर हमला सिर्फ प्यार की थपकी': तेहरान पर सैन्य कार्रवाई के बाद ट्रंप का बयान, बोले- युद्धविराम अब भी लागू

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हालिया सैन्य कार्रवाई को लव टैप बताया है। इसका मतलब है कि यह प्यार या दुलार में की गई मामूली कार्रवाई है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच लागू युद्धविराम अब भी प्रभावी है और हालिया घटनाओं को युद्ध की वापसी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। होर्मुज में बढ़ा तनाव दरअसल, यह तनाव होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी और ईरानी सैन्य गतिविधियों के बाद बढ़ा। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना के तीन विध्वंसक युद्धपोत होर्मजु से सफलतापूर्वक गुजर रहे थे, तभी उन पर ईरान की ओर से हमला किया गया। उनके मुताबिक, ईरानी बलों ने मिसाइल, ड्रोन और छोटी नौकाओं के जरिए अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी सेना ने सभी हमलों को रोक दिया। अमेरिका और ईरान की बातचीत पर ट्रंप क्या बोले? ट्रंप ने आगे दावा किया कि जवाबी कार्रवाई में ईरानी नौकाओं को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ने मिसाइलों और ड्रोन को बीच रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर लिया था, जिससे अमेरिकी युद्धपोतों को कोई नुकसान नहीं हुआ। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अच्छी चल रही है, लेकिन समझौते की जरूरत अमेरिका से ज्यादा ईरान को है। ट्रंप ने कहा कि बातचीत अच्छी चल रही है… वे इस समझौते पर मुझसे ज्यादा हस्ताक्षर करना चाहते हैं। उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिका फिलहाल दबाव की स्थिति में नहीं है, जबकि ईरान तेजी से किसी समझौते तक पहुंचना चाहता है। इसी दौरान ट्रंप ने हालिया सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान को कुछ ही मिनटों में बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

Russia-Ukraine War: रूस ने यूक्रेन के साथ युद्धविराम की घोषणा की, 8-10 मई तक लागू रहेगा सीजफायर; जानें सबकुछ

सरकारी रूसी न्यूज एजेंसी ताश के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूसी संघ के राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर व्लादिमीर पुतिन के फैसले के अनुसार, महान देशभक्ति युद्ध में सोवियत लोगों की जीत की 81वीं वर्षगांठ के समारोह के दौरान, 8 मई की आधी रात से 10 मई तक रूस की ओर से युद्धविराम घोषित किया जाता है।चार मई को येवरेन में हुए 8वें यूरोपीय पॉलिटिकल कम्युनिटी समिट में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 9 मई को होने वाली रूस की विक्ट्री परेड का जिक्र करते हुए कहा था कि इस बार शायद परेड में सैन्य उपकरण न दिखें। अगर ऐसा होता है, तो यह कई वर्षों में पहली बार होगा। वे सैन्य उपकरण नहीं ला सकते और उन्हें डर है कि रेड स्क्वायर के ऊपर ड्रोन मंडरा सकते हैं।रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि अगर यूरोपीय संघ के देशों को लगता है कि वे जेलेंस्की के आक्रामक बयानों को नजरअंदाज कर सकते हैं, तो वे गलत हैं। उन्होंने कहा, ‘हम अच्छी तरह जानते हैं कि 9 मई को लेकर पश्चिमी देशों का रवैया क्या है। वे लगातार सोवियत स्मारकों को नष्ट कर रहे हैं, सोवियत सैनिकों की यादों को मिटा रहे हैं और इतिहास को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।‘रिपोर्ट के मुताबिक, मॉस्को में होने वाली विक्ट्री परेड पर संभावित यूक्रेनी ड्रोन हमले की चेतावनी के जवाब में रूस के राजनयिकों और सैन्य अधिकारियों ने कहा कि रूसी सेना कीव के केंद्र पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमला कर सकती है। उनका कहना था कि अब तक रूस ने ऐसा करने से परहेज किया है, जबकि उसके पास इसकी क्षमता मौजूद है।रूस के विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि जेलेंस्की के येवरेन में दिए गए बयानों को लेकर आर्मेनिया के राजदूत को तलब कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal: पश्चिम बंगाल में राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग की; कोलकाता में कल भाजपा विधायक दल की बैठक

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने राज्य विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया है। लोक भवन, पश्चिम बंगाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह आदेश भारत के संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत प्रदत्त शक्तियों के अनुसार जारी किया गया है। Governor of West Bengal, RN Ravi, has issued an Order dissolving the West Bengal Legislative Assembly with effect from 07 May 2026. pic.twitter.com/IuEAylWege जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा को 7 मई 2026 से प्रभावी रूप से भंग कर दिया गया है। यह कदम संवैधानिक प्रावधानों के तहत लिया गया है। लोक भवन की अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत राज्यपाल को प्राप्त अधिकारों के आधार पर लिया गया है। कार्यकाल पूरा होने के बाद फैसला वर्तमान विधानसभा का गठन मई 2021 में हुआ था, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की थी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हाल ही में संपन्न दो चरणों के चुनाव के बाद विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो गया, जिसके बाद इसे औपचारिक रूप से भंग करने का निर्णय लिया गया। इसी पश्चिम बंगाल में शनिवार को शुभेंदु अधिकारी नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए शासित सभी 20 राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, सहयोगी दलों के अध्यक्ष और वरिष्ठ मंत्री शिरकत करेंगे। यह कार्यक्रम कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। इससे पहले, केंद्रीय पर्यवेक्षक गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में शुक्रवार शाम चार बजे विधायक दल की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk

तमिलनाडु में सरकार गठन पर घमासान जारी: माकपा ने राज्यपाल से कहा- लोकतांत्रिक परंपरा निभाएं, टीवीके को दें मौका

माकपा महासचिव एम ए बेबी ने गुरुवार को कहा कि जब किसी दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तब संवैधानिक परंपरा यही कहती है कि सबसे बड़ी पार्टी के नेता को सरकार बनाने के लिए बुलाया जाए। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, इसलिए राज्यपाल को विजय को शपथ लेने का मौका देना चाहिए। एम ए बेबी ने 1996 का उदाहरण भी दिया, जब अटल बिहारी वाजपेयी को सबसे बड़ी पार्टी का नेता होने के नाते सरकार बनाने के लिए बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का पद किसी भी शक से ऊपर होना चाहिए और फैसले में देरी नहीं होनी चाहिए।एम ए बेबी ने यह भी माना कि डीएमके के साथ उनका गठबंधन चुनाव में हार गया है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद अलग और चुनौतीपूर्ण है। माकपा नेतृत्व जल्द चेन्नई में बैठक करेगा और आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा। तमिलनाडु की राजनीति में इस समय अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। सरकार गठन को लेकर जारी खींचतान आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने राज्यपाल से मुलाकात कर मांग की है कि तमिलगा वेत्री कड़गम के प्रमुख विजय को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया जाए। थिरुमावलवन का तर्क है कि संविधान के अनुसार, त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में सबसे बड़ी पार्टी के नेता को मौका मिलना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अमित शाह और मोदी तमिलनाडु की राजनीति में हस्तक्षेप कर भ्रम पैदा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विजय को अपना बहुमत राजभवन में नहीं, बल्कि विधानसभा के फ्लोर पर साबित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।23 अप्रैल को हुए चुनावों में किसी को स्पष्ट जनादेश नहीं मिला, लेकिन अभिने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk

‘विजय को मिले बहुमत साबित करने का मौका’, प्रकाश राज ने किया थलापति का समर्थन; राज्यपाल पर उठाए सवाल

राज्यपाल को विजय को बहुत साबित करने देना चाहिए तमिलनाडु के राज्यपाल की कड़ी आलोचना करते हुए प्रकाश राज ने कहा कि अगर विजय के पास बहुमत है, तो उन्हें दावा पेश करने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए। विजय के 108 सीटों के समर्थन और कांग्रेस की पांच सीटों के दावे का जिक्र करते हुए अभिनेता ने कहा कि राज्यपाल का घर सच्चाई नहीं है। इसके अलावा यह सदन का पटल है। राज्यपाल को इस मामले का फैसला सदन में करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें दावा करने दीजिए, उन्हें सदन में साबित करने दीजिए। जनादेश के साथ उन्हें लोकतांत्रिक अधिकार भी क्यों नहीं दिया जा रहा है? यह लोकतंत्र नहीं है, यह वाकई अन्यायपूर्ण है। विजय के विरोधी भी उन्हें नेता के रूप में स्वीकार करें अभिनेता ने कहा कि जो लोग विजय को नेता के रूप में स्वीकार नहीं करते, उन्हें भी इंतजार करना चाहिए और देखना चाहिए। विजय के पास अब अपने आलोचकों को गलत साबित करने का मौका है। हालांकि, शासन केवल मुख्यमंत्री पर ही नहीं, बल्कि मंत्रिमंडल और पूरे प्रशासन पर भी निर्भर करेगा। उन्होंने विजय की पार्टी के वित्त, कृषि, शिक्षा और नौकरशाही के मैनेजमेंट को लेकर रणनीति पर भी सवाल किया। सभी पार्टियां चुनावी वादे करती हैं और उनका मूल्यांकन इस आधार पर किया जाना चाहिए कि क्या वे उन वादों के प्रति जवाबदेह हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk

Niti Ayog Report: सरकारी स्कूलों में क्यों घट रहे छात्र और क्या है प्राइवेट स्कूलों की असलियत? जानिए कड़वा सच

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था और उसका भविष्य शिक्षा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे पर निर्भर करता है। वर्तमान में भारत के स्कूली शिक्षा सिस्टम में एक बड़ा ढांचागत बदलाव देखा जा रहा है। नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो दशकों में भारतीय माता-पिता का झुकाव सरकारी के बजाय प्राइवेट स्कूलों की तरफ तेजी से बढ़ा है। हालांकि, शिक्षा के क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर की इस तेज वृद्धि ने गुणवत्ता, समानता और रेगुलेशन को लेकर भी कई गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। आइए, इस महत्वपूर्ण रिपोर्ट और इसके आर्थिक व सामाजिक प्रभावों को सवाल-जवाब के माध्यम से आसान भाषा में समझते हैं। सवाल: सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में कितनी गिरावट दर्ज की गई है? जवाब: नीति आयोग की रिपोर्ट के डेटा के अनुसार, पिछले दो दशकों में सरकारी स्कूलों में दाखिले में भारी गिरावट आई है। साल 2005 में जहां 71 प्रतिशत छात्र सरकारी स्कूलों में पढ़ते थे, वहीं वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा गिरकर मात्र 49.24 प्रतिशत रह गया है। इसके विपरीत, अब माध्यमिक शिक्षा के स्तर पर 44.01 प्रतिशत संस्थान प्राइवेट स्कूलों के रूप में संचालित हो रहे हैं। सवाल: अभिभावक सरकारी स्कूलों के मुकाबले प्राइवेट स्कूलों को क्यों चुन रहे हैं? जवाब: यह शिफ्ट मुख्य रूप से एक धारणा से प्रेरित है। अभिभावकों का मानना है कि प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को बेहतर अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा, कड़ा अनुशासन और भविष्य में रोजगार के अधिक बेहतर अवसर मिलते हैं। इसी कारण वे प्राइवेट संस्थानों को प्राथमिकता दे रहे हैं। सवाल: क्या प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा का स्तर वास्तव में बेहतर है? जवाब: रिपोर्ट आगाह करती है कि अभिभावकों की उम्मीदें हमेशा जम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk

ऑपरेशन सिंदूर प्रेस कॉन्फ्रेंस: एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने बताया पाकिस्तान के कैसे धोया, कितना हुआ नुकसान

आज भारत ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ बना रहा है। इस मौके पर डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की उस प्रतिक्रिया के रूप में वर्णित किया, जब उसकी शांति की प्रतिबद्धता को कमजोरी और संयम को निष्क्रियता समझा जाता है। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, एयर मार्शल भारती ने कहा कि भारत ने हमेशा “जियो और जीने दो” के दर्शन का पालन किया है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि जब भी इस भावना का उल्लंघन होता है, तो राष्ट्र निर्णायक और समझौताहीन कार्रवाई के साथ जवाब देता है। यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। उन्होंने आगे बताया हमने 7 मई को उनके 9 आतंकवादी कैंपों पर हमला किया और उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया। इसका सबूत सबके सामने है। हमने उनके 11 हवाई अड्डों पर हमला किया। हमने उनके 13 विमानों को नष्ट कर दिया, चाहे वे ज़मीन पर हों या हवा में।उन्होंने बताया कि पाकिस्तान हमे कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा पाए हैं। न तो कोई सैन्य ढांचा और न ही ज्यादातर नागरिक ढांचे… वे चाहे कुछ भी कहें, याद रखें कि किस्से-कहानियां और बयानबाजी आपको जीत नहीं दिलाते। जीत का पैमाना तो ठोस तथ्य होते हैं…“इसी प्रेस वार्ता में मौजूद लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि पाकिस्तान ने 100 से ज्यादा सैनिक खो दिए। उन नौ आतंकवादी कैंपों में 100 आतंकवादी मारे गए।उन्होंने कहा, उनकी सम्मान और पुरस्कारों की सूची, जो इंटरनेट पर जारी हुई थी, उससे हमें पता चला कि उनमें से कई पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए थे। नियंत्रण रेखा पर हुई झड़पों में उन्हें जो नुकसान उठाना पड़ा, उसमें उन्होंने 1 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk

SC: संजय कपूर संपत्ति विवाद में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप, पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ करेंगे सुलह की कोशिश

दिवंगत उद्योगपति और सोना ग्रुप के मालिक संजय कपूर की मौत के बाद शुरू हुआ करोड़ों की संपत्ति और फैमिली ट्रस्ट का विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। लंबे समय से अदालतों में चल रही इस कानूनी लड़ाई को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने देश के पूर्व सीजेआई डी. वाई. चंद्रचूड़ को इस मामले में मध्यस्थ नियुक्त किया है। इस मध्यस्थता प्रक्रिया के लिए परिवार के सभी पक्षों ने अपनी सहमति दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर यह मामला इसी तरह अदालतों में चलता रहा, तो इसे सुलझने में कई दशक लग सकते हैं, इसलिए अब अदालत चाहती है कि परिवार आपसी बातचीत और समझौते के जरिए इस विवाद को खत्म करने की कोशिश करे।सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को सख्त निर्देश भी दिए। अदालत ने कहा कि अब इस विवाद को लेकर कोई भी पक्ष मीडिया में बयान नहीं देगा और न ही सोशल मीडिया पर इस मामले से जुड़ी कोई बात पोस्ट करेगा। कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई अगस्त में करेगा। क्या है मामला? दरअसल, यह पूरा मामला संजय कपूर की मौत के बाद उनकी संपत्ति, फैमिली ट्रस्ट और विरासत को लेकर शुरू हुआ था। संजय कपूर की मां रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर फैमिली ट्रस्ट को रद्द करने की मांग की। उनका आरोप है कि यह ट्रस्ट उनकी जानकारी और अनुमति के बिना बनाया गया था। रानी कपूर का कहना है कि इस ट्रस्ट के जरिए परिवार की संपत्तियों और विरासत पर कब्जा करने की कोशिश की गई। उन्होंने अदालत से मांग की कि जब तक मामले का अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक संपत्तियों के ट्रांसफर और किसी भी तरह की बिक्री पर यथास्थिति बनाए रखी जाए। यह भी पढ़ें- Congress: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कांग्रेस का सरकार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk

Op Sindoor: 'हम आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने के इरादे पर मजबूती से कायम', वर्षगांठ पर बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प को सलाम किया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि एक साल पहले भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अद्वितीय बहादुरी का परिचय देते हुए पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने वालों को करारा जवाब दिया था। A year ago, our armed forces displayed unparalleled courage, precision and resolve during #OperationSindoor. They gave a fitting response to those who dared to attack innocent Indians at Pahalgam. The entire nation salutes our forces for their valour. Operation Sindoor reflected… — Narendra Modi (@narendramodi) May 7, 2026 भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा गृह मंत्री ने आतंकियों को दी चेतावनी #OperationSindoor stands as an epochal mission of India that will always remind our enemies of the infallible striking power of our armed forces. History will remember it as the day of the precise striking power of our armed forces, meticulous intelligence of our agencies, and… — Amit Shah (@AmitShah) May 7, 2026 ऑपरेशन सिंदूर के हुए आज एक साल प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ कठोर नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के अटूट संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस अभियान ने भारतीय सेनाओं की पेशेवर क्षमता, तैयारी और आपसी समन्वय को दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया। साथ ही यह भी दिखाया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों ने देश की सुरक्षा को और मजबूत किया है। मोदी ने कहा कि ए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk