अयोध्या: राम मंदिर कर्मियों के लिए गाइडलाइन तैयार कर रहे सीईओ, फीडबैक लेकर तय होंगे कामकाज के मानक

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त सीईओ एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र कर्मियों के लिए नई गाइडलाइन तैयार कर रहे हैं। इसके लिए मंदिर परिसर में अलग-अलग दायित्व संभाल रहे कर्मचारियों से फीडबैक लिया जा रहा है। इसके आधार पर उनके कामकाज, जिम्मेदारी, अनुशासन और श्रद्धालु सुविधाओं से जुड़े मानक तय किए जाएंगे। प्रस्तावित गाइडलाइन में कर्मियों की ड्यूटी, जिम्मेदारी, व्यवहार, समयपालन, कार्य की निगरानी और जवाबदेही को प्रमुखता दी जा रही है। मंदिर की विभिन्न व्यवस्थाओं में बड़ी संख्या में कर्मचारी तैनात हैं। ऐसे में सभी के लिए एक समान कार्यप्रणाली लागू करने की तैयारी है। जितेंद्र मिश्र ने कार्यभार संभालने के बाद से मंदिर की व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर समझने पर जोर दिया है। वह अधिकारियों के साथ बैठक करने के साथ कर्मचारियों से उनकी समस्याएं और कामकाज में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों की जानकारी भी ले रहे हैं। फीडबैक के आधार पर मौजूदा व्यवस्था में सुधार और आवश्यक कार्यों के लिए स्पष्ट मानक तय किए जाएंगे।नई गाइडलाइन का प्रारूप तैयार होने के बाद इसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के समक्ष रखा जाएगा। ट्रस्ट की सहमति मिलने के बाद इसे मंदिर परिसर में लागू किया जाएगा। इसके बाद तय मानकों के अनुपालन की निगरानी भी की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, इसका उद्देश्य व्यवस्था को व्यक्ति आधारित तरीके के बजाय निर्धारित प्रक्रिया और जवाबदेही के आधार पर संचालित करना है।नई व्यवस्था के तहत मंदिर परिसर में तैनात कर्मचारियों के लिए गेरुआ या पीले रंग की ड्रेस तय करने पर सहमति बनी है। हालांकि, रंग को लेकर अंतिम निर्णय होना बाकी है। ड्रेस में जेब नहीं होगी, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

रूस से तेल खरीदने पर 100% टैरिफ का खतरा: जयशंकर ने रूबियो के सामने उठाई भारत की चिंता, क्या-क्या हुई बात?

100 प्रतिशत तक टैरिफ का प्रावधान: नए अमेरिकी कानून के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर राष्ट्रपति 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते हैं। नए अमेरिकी कानून के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर राष्ट्रपति 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते हैं। भारत और चीन भी दायरे में: कानून में रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों में भारत और चीन जैसे देशों को भी शामिल किया गया है। कानून में रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों में भारत और चीन जैसे देशों को भी शामिल किया गया है। भारत ने आर्थिक हितों की बात कही: नई व्यवस्था पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने कहा था कि वह अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। नई व्यवस्था पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने कहा था कि वह अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। ऊर्जा सुरक्षा पर भी जोर: नई दिल्ली ने यह भी स्पष्ट किया था कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। भारत की चिंता ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका ने रूस और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों को लेकर नया कानून बनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम 2026 पर हस्ताक्षर किए थे। इस कानून के तहत राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया है। इसमें भारत और चीन जैसे देश भी शामिल हैं।मुलाकात के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर बैठक को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका प्रमुख क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को लेकर समन्वय कर रहे हैं। रूबियो ने यह भी कहा कि दोनों देश …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

‘धन ही सब कुछ नहीं’: राष्ट्रपति मुर्मू ने छात्रों को सेवा का बताया महत्व, कहा- देश और समाज के हित को रखें ऊपर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को छात्रों से कहा कि वे अपने काम के क्षेत्र में देश और समाज के हितों को सबसे ऊपर रखें। ऐसा करने से देश और समाज के साथ-साथ उनकी भी तरक्की होगी। राष्ट्रपति महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा के 75वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सही मायने में सार्थक होगी, जब इससे देश और समाज को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी शिक्षा का इस्तेमाल सिर्फ अपने और अपने परिवार के लिए करने से आगे बढ़कर सोचना चाहिए। यह विचार करना चाहिए कि वे समाज के बड़े हित में कैसे योगदान दे सकते हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘अगर छात्र अपने काम के क्षेत्र में देश और समाज के हितों को सबसे ऊपर रखते हैं, तो देश और समाज के साथ-साथ उनकी भी तरक्की होगी।‘उन्होंने कहा कि ऐसी तरक्की से उन्हें बहुत संतुष्टि मिलेगी। उन्हें अपनी शिक्षा की सार्थकता का एहसास होगा। अगर आप इंजीनियर बन रहे हैं, तो ऐसी तकनीकें विकसित करें जिनसे लोगों का जीवन बेहतर हो। अगर आप डॉक्टर बन रहे हैं, तो चिकित्सा को सिर्फ एक पेशा न समझें। इसे एक सेवा मानें।‘उन्होंने कहा, ‘सेवा में ही मानवता और शांति निहित है। इससे संतुष्टि मिलती है। जीवन जीने के लिए संसाधनों की जरूरत तो होती है, लेकिन धन ही सब कुछ नहीं है। दूसरों की सेवा करने से ही सच्ची संतुष्टि मिलती है।’ राष्ट्रपति ने कहा कि वैज्ञानिकों को मानवता के हित में समस्याओं के समाधान पर काम करना चाहिए, जबकि कलाकारों और लेखकों को अपनी कला और रचनाओं के माध्यम से समाज की संवेदनशीलता को समृद्ध करना चाहिए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

राजस्थान भाजपा में बड़ा फेरबदल: संजय भाटिया बने नए प्रदेश प्रभारी, कविता पाटीदार-कुलजीत चहल सह-प्रभारी नियुक्त

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए राजस्थान के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी में बदलाव किया है। पार्टी ने हरियाणा से राज्यसभा सांसद संजय भाटिया को राजस्थान का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं अब तक राजस्थान प्रभारी रहे राधामोहन दास अग्रवाल को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। उनके साथ कविता पाटीदार और कुलजीत चहल को राजस्थान में सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। राजस्थान में प्रभारी स्तर पर यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब हाल ही में निकाय चुनाव संपन्न हुए हैं और अब प्रदेश में पंचायती राज चुनाव की तैयारियां तेज हैं। पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान किसी भी समय होने की संभावना के बीच भाजपा के केंद्रीय संगठन ने राजस्थान की जिम्मेदारी में बदलाव किया है। ऐसे में नए प्रभारी के सामने आगामी पंचायत चुनाव में संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को गति देने की चुनौती होगी।वहीं राजस्थान से राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया के प्रभार में भी बदलाव किया गया है। पूनिया को पंजाब के साथ अब जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसके साथ ही उन्हें हरियाणा के प्रभारी पद से मुक्त कर दिया गया है। भाजपा के इस संगठनात्मक फेरबदल को अलग-अलग राज्यों में पार्टी की आगामी रणनीति और संगठनात्मक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।राजस्थान में राधामोहन दास अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान पार्टी ने विधानसभा के बाद निकाय चुनाव में भी संगठनात्मक स्तर पर काम किया। निकाय चुनाव के परिणाम आने के बाद उनके स्थान पर संजय भाटिया की नियुक्ति हुई है। चुनाव के दौरान ही प्रदेश प्रभारी की सक्रियता को लेकर पार्टी के राजनीतिक हलकों में च …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: अधिकतर नए चेहरे पर दांव लगाएगी भाजपा, इन तीन को मिलेगा दोबारा मौका!; इस बार भी पहले जैसा ही जातीय समीकरण

यूपी: अधिकतर नए चेहरे पर दांव लगाएगी भाजपा, इन तीन को मिलेगा दोबारा मौका!; इस बार भी पहले जैसा ही जातीय समीकरण उत्तर प्रदेश में पार्टी की योजना वर्तमान आठ सांसदों में से कम से कम पांच सांसदों को दोबारा मौका नहीं देने की है। इनमें से एक दिनेश शर्मा पहले ही उपराज्यपाल बनने के कारण सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बार भी जातीय समीकरण पहले जैसा ही होगा, मगर ज्यादातर चेहरे बदल जाएंगे। वर्तमान में आठ सांसदों में 4 अगड़ा, दो ओबीसी, एक अल्पसंख्यक और एक एससी बिरादरी से हैं। उत्तर प्रदेश में पार्टी की योजना वर्तमान आठ सांसदों में से कम से कम पांच सांसदों को दोबारा मौका नहीं देने की है। इनमें से एक दिनेश शर्मा पहले ही उपराज्यपाल बनने के कारण सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं।पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बार भी जातीय समीकरण पहले जैसा ही होगा, मगर ज्यादातर चेहरे बदल जाएंगे। वर्तमान में आठ सांसदों में 4 अगड़ा, दो ओबीसी, एक अल्पसंख्यक और एक एससी बिरादरी से हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पूर्व दस सीटों पर होने जा रहे राज्यसभा चुनाव में भाजपा सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर नए चेहरे पर दांव लगाएगी। उत्तराखंड की इकलौती सीट पर भी भाजपा वर्तमान सांसद नरेश बंसल की जगह राज्य के कद्दावर नेता को उम्मीदवार बनाएगी। इस बार भी समीकरण करीब-करीब यही रहे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

यूएन: 'ग्लोबल साउथ की वैश्विक चुनौतियां ज्यादा, लेकिन हम ही फैसले नहीं ले सकते', जयशंकर ने किसे सुनाई खरी-खरी?

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक चुनौतियों, जलवायु संबंधी झटकों और बहुपक्षीय व्यवस्था पर बढ़ते दबाव से निपटने के लिए ‘ग्लोबल साउथ’ देशों के बीच ज्यादा सहयोग का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों पर मनमानी नहीं होनी चाहिए। सप्लाई चेन, फाइनेंस या कनेक्टिविटी में ‘चोक पॉइंट्स’ (रुकावट वाली जगहों) को स्वीकार या वैध नहीं मानना चाहिए। एनर्जी सिक्योरिटी विकास के केंद्र में है। राजनीतिक फायदे के लिए इसकी उपलब्धता और कीमतों में हेर-फेर नहीं होनी चाहिए। फूड सिक्योरिटी एक साझा लक्ष्य है। इससे जुड़ी चुनौतियों, खासकर अनाज और फर्टिलाइजर की सप्लाई से जुड़ी समस्याओं का तेजी से समाधान करना चाहिए। सनिष्पक्ष आर्थिक और व्यापारिक तौर-तरीके सुनिश्चित करना जो हमारी उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाएं। साथ ही औद्योगीकरण के अधिकार से हमें वंचित नहीं किया जाना चाहिए। समुद्री इलाकों (मैरीटाइम कॉमन्स) को सुरक्षित रखना, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना और नाविकों व कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा की गारंटी देना जरूरी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आ रहे बदलावों के कारण नई तरह की दूरियां या विभाजन नहीं बनने चाहिए। ग्लोबल साउथ को उन फैसलों को लेने वाले ढांचों का हिस्सा बनना चाहिए जो हमारे भविष्य से सीधे जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं। 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ‘ग्लोबल साउथ’ देशों की बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि वैश्विक स्थिति में टकराव का बढ़ना, सप्लाई चेन और व्यापार पर दबाव, निवेश के बिखरे हुए प्रवाह, कर्ज का बढ़ता जोखिम और विकास के लिए अपर्याप्त फंड जैसी चुनौतियां शामिल हैं।उन्होंने कहा, ‘आज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

मौसम का हाल: यूपी-बिहार से बंगाल तक बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी; ओडिशा, आंध्र-तेलंगाना में स्कूल बंद

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, मौसम संबंधी इस प्रणाली का असर मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार के तराई क्षेत्र और पश्चिम बंगाल के दोआब क्षेत्र में भी देखने को मिलेगा। दार्जीलिंग और तीस्ता की पहाड़ियों में अचानक भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बना हुआ है और मौसम विभाग ने बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारत के साथ ही नेपाल और तिब्बत में भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अब गहरे दबाव यानी कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है और इसका असर ओडिशा से लेकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक दिखाई दे रहा है। मंगलवार को ओडिशा के तटीय और दक्षिणी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। मौसम के बिगड़ते हालात को देखते हुए ओडिशा सरकार ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और कई जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। तेलंगाना में भी 23 और 24 सितंबर को कई जिलों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 1 min · National Desk

शत्रुघ्न सिन्हा: 'ममता बनर्जी ही मेरी नेता, विपक्ष भाग्यशाली उसे राहुल जैसा नेता मिला'; भाजपा पर क्या बोले?

तृणमूल सांसद और जाने-माने फिल्मी सितारे शत्रुघ्न सिन्हा का कहना है कि विपक्ष बहुत भाग्यशाली है कि राहुल गांधी जैसा तेजतर्रार और दबंग नेता लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया में होने वाली धांधली को देश के सामने खोलकर रख दिया। राहुल अकेले सौ पर भारी हैं। शत्रुघ्न ने यह भी कहा कि वह अभिषेक बनर्जी की वजह से नहीं बल्कि ममता बनर्जी की वजह से तृणमूल कांग्रेस में आए और उन्हें ही अपना नेता मानते हैं। शत्रुघ्न सिन्हा के मुताबिक, जब भाजपा में संवाद के नाम पर उनकी उपेक्षा हुई तो उन्होंने उसे छोड़ा। भाजपा ने उन्हें नहीं निकाला। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि अटल आडवाणी की भाजपा में लोकशाही थी अब तानाशाही है। सिन्हा ने यह सारी बातें अमर उजाला डॉटकॉम के कार्यक्रम खरी बात में दिए साक्षात्कार में कहीं।बंगाल में ममता की हार की वजह वह एसआईआर के जरिये लाखों मतदाताओं के नाम कटने, बेतहाशा केंद्रीय सुरक्षा बल लगाने और चुनाव आयोग की तरफ से ऊपर से नीचे तक अधिकारियों के अंधाधुंध तबादलों को मानते हैं। सिन्हा का आरोप है, चुनाव आयोग ने तृणमूल को हराने के लिए भाजपा की खुलकर मदद की। उन्होंने ममता का साथ छोड़ने वाले सांसदों और विधायकों को भी आड़े हाथों लिया। बिहार में बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत को एक नई परिवर्तनकारी राजनीति की शुरुआत बताया।शत्रुघ्न सिन्हा कहते हैं, ममता जी ने मेरा कठिन समय में साथ दिया इसलिए उनके कठिन समय में मैं उनका साथ नहीं छोड़ सकता। इसलिए मैने कहा कि टिकाऊ हूं बिकाऊ नहीं हूं। जो लोग गए हैं, मैं उनके खिलाफ ज्यादा नहीं बोलूंगा। मैने सारा ड्रामा देखा है कि कैसे कुछ सांसद ममता जी की नकल करती थीं। उनकी तरह रैंप पर चलन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

कम दबाव क्षेत्र ने बढ़ाई टेंशन: ओडिशा से आंध्र-तेलंगाना तक झमाझम बारिश के आसार, कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद

बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अब गहरे दबाव यानी कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है और इसका असर ओडिशा से लेकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक दिखाई दे रहा है। मंगलवार को ओडिशा के तटीय और दक्षिणी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। मौसम के बिगड़ते हालात को देखते हुए ओडिशा सरकार ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और कई जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। तेलंगाना में भी 23 और 24 सितंबर को कई जिलों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 1 min · National Desk

'स्कूल ठीक करो अभियान': तीन स्कूलों में पहुंचे सीजेपी के सौरव दास, कहीं भी घुसने न दिया गया, स्थानीय लोग भिड़े

सौरव दास ने कहा कि उनका उद्देश्य यह देखना था कि सरकारी स्कूलों में बच्चे किन परिस्थितियों में पढ़ रहे हैं और उन्हें शौचालय, कक्षाएं, साफ-सफाई समेत बुनियादी सुविधाएं कैसी मिल रही हैं। इससे पहले टीम को पिछले दिनों नोएडा के गढ़ी चौखंडी के एक प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश मिला था। वहां की व्यवस्थाएं देखने के बाद टीम अन्य स्कूलों में पहुंची, लेकिन तीन स्कूलों में प्रवेश नहीं दिया गया। वहीं निवासियों ने सौरभ दास से मौके पर कहा कि उनके स्कूलों में सुविधाएं काफी बेहतर है। किराएदार क्या बताएंगे। इसी दौरान स्थानीय निवासियों से सीजेपी के पदाधिकारियों से धक्कामुक्की भी हो गई। विरोध करने वाले लोगों का कहना था कि जांच करने वाले आप लोग कौन होते हो? हमें दिक्कत होगी तो शिकायत करेंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 22, 2026 · 1 min · National Desk