100 प्रतिशत तक टैरिफ का प्रावधान: नए अमेरिकी कानून के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर राष्ट्रपति 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते हैं। नए अमेरिकी कानून के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर राष्ट्रपति 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते हैं। भारत और चीन भी दायरे में: कानून में रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों में भारत और चीन जैसे देशों को भी शामिल किया गया है। कानून में रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों में भारत और चीन जैसे देशों को भी शामिल किया गया है। भारत ने आर्थिक हितों की बात कही: नई व्यवस्था पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने कहा था कि वह अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। नई व्यवस्था पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने कहा था कि वह अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। ऊर्जा सुरक्षा पर भी जोर: नई दिल्ली ने यह भी स्पष्ट किया था कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। भारत की चिंता ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका ने रूस और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों को लेकर नया कानून बनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम 2026 पर हस्ताक्षर किए थे। इस कानून के तहत राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया है। इसमें भारत और चीन जैसे देश भी शामिल हैं।मुलाकात के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर बैठक को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका प्रमुख क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को लेकर समन्वय कर रहे हैं। रूबियो ने यह भी कहा कि दोनों देश …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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