विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक चुनौतियों, जलवायु संबंधी झटकों और बहुपक्षीय व्यवस्था पर बढ़ते दबाव से निपटने के लिए ‘ग्लोबल साउथ’ देशों के बीच ज्यादा सहयोग का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों पर मनमानी नहीं होनी चाहिए। सप्लाई चेन, फाइनेंस या कनेक्टिविटी में ‘चोक पॉइंट्स’ (रुकावट वाली जगहों) को स्वीकार या वैध नहीं मानना चाहिए। एनर्जी सिक्योरिटी विकास के केंद्र में है। राजनीतिक फायदे के लिए इसकी उपलब्धता और कीमतों में हेर-फेर नहीं होनी चाहिए। फूड सिक्योरिटी एक साझा लक्ष्य है। इससे जुड़ी चुनौतियों, खासकर अनाज और फर्टिलाइजर की सप्लाई से जुड़ी समस्याओं का तेजी से समाधान करना चाहिए। सनिष्पक्ष आर्थिक और व्यापारिक तौर-तरीके सुनिश्चित करना जो हमारी उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाएं। साथ ही औद्योगीकरण के अधिकार से हमें वंचित नहीं किया जाना चाहिए। समुद्री इलाकों (मैरीटाइम कॉमन्स) को सुरक्षित रखना, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना और नाविकों व कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा की गारंटी देना जरूरी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आ रहे बदलावों के कारण नई तरह की दूरियां या विभाजन नहीं बनने चाहिए। ग्लोबल साउथ को उन फैसलों को लेने वाले ढांचों का हिस्सा बनना चाहिए जो हमारे भविष्य से सीधे जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं। 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ‘ग्लोबल साउथ’ देशों की बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि वैश्विक स्थिति में टकराव का बढ़ना, सप्लाई चेन और व्यापार पर दबाव, निवेश के बिखरे हुए प्रवाह, कर्ज का बढ़ता जोखिम और विकास के लिए अपर्याप्त फंड जैसी चुनौतियां शामिल हैं।उन्होंने कहा, ‘आज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
यूएन: 'ग्लोबल साउथ की वैश्विक चुनौतियां ज्यादा, लेकिन हम ही फैसले नहीं ले सकते', जयशंकर ने किसे सुनाई खरी-खरी?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक चुनौतियों, जलवायु संबंधी झटकों और बहुपक्षीय व्यवस्था पर बढ़ते दबाव से निपटने के लिए 'ग्लोबल साउथ' देशों के बीच ज्यादा सहयोग का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों पर मनमानी नहीं होनी चाहिए। सप्लाई चेन, फाइनेंस या कनेक्टिविटी में 'चोक पॉइंट्स' (रुकावट वाली जगहों) को स्वीकार या वैध नहीं मानना चाहिए। एनर्जी सिक्योरिटी विकास के केंद्र में है। राजनीतिक फायदे के लिए इसकी उपलब्धता और कीमतों में हेर-फेर नहीं होनी चाह