Explainer: अमेरिका-ईरान जंग में अब तक कितने भारतीयों की गई जान, कहां-कब-किसके हमले का शिकार बने देश के लोग?

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्ध शुरू हो चुका है। जहां ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को नियंत्रित करने और अपने बताए मार्गों से गुजरने के लिए मजबूर करने के लिए उन पर हमला कर रहा है तो वहीं अमेरिका की तरफ से तेहरान की इस कोशिश पर लगाम लगाए जाने की भरसक कोशिश की जा रही है। हालांकि, ईरान भी अब होर्मुज को पूरी तरह नियंत्रित करने पर अड़ा है। अमेरिका पर जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने पश्चिम एशिया में न सिर्फ उसके ठिकानों को निशाना बनाया है, बल्कि होर्मुज में जहाजों-टैंकरों पर भी हमले जारी रखे हैं। अगर हालिया हमलों की बात करें तो सोमवार (13 जुलाई) को संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि ईरान की मिसाइलो ने ओमान के जलक्षेत्र में उसके दो टैंकरों को निशाना बनाया। इस घटना में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हुई है, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। इनमें चार गंभीर रूप से घायल हैं। इससे पहले रविवार को भी ईरान की तरफ से साइप्रस के झंडे वाले एक जहाज पर हमला किया गया था, जिसमें सवार 11 भारतीयों में से 10 को बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय लापता बताया गया। भारतीय नाविकों वाले इन दो टैंकरों पर हुए हमले के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को ईरान के राजनयिक को तलब किया और इन घटनाओं को लेकर जवाब मांगा। अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से यह पहला मौका नहीं है, जब भारतीय किसी हमले या उसकी वजह से जनित किसी दुर्घटना का शिकार हुए हैं। अब तक दोनों देशों के युद्ध में कम से कम 13 ऐसे मौके आए, जब भारतीय नागरिकों की जान पर खतरा पैदा हुआ।इन कुल 13 में से नौ घटनाएं ईरान के हमले से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ी रहीं, जबकि तीन घटना अमेरिका से जुड़ी रही। वहीं एक घटना को लेकर दोनों ही …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia LIVE: होर्मुज पर टोल लगाने की होड़, ट्रंप के एलान के तुरंत बाद ईरानी संसद में बिल पेश

12:10 PM, 14-Jul-2026 होरमुज में दो जहाजों की टक्कर होरमुज जलडमरूमध्य में केश्म द्वीप के उत्तर में दो जहाजों की टक्कर के बाद ईरान ने एक बल्क कैरियर के 23 विदेशी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया। अर्ध-सरकारी फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, टक्कर में बल्क कैरियर के ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा और उसमें पानी भरने लगा। स्थिति बिगड़ने पर जहाज के कप्तान ने तत्काल आपातकालीन निकासी का आदेश दिया, जिसके बाद सभी 23 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित रूप से केश्म द्वीप पहुंचा दिया गया। 12:03 PM, 14-Jul-2026 होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संसद में बिल पेश ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और उसके प्रबंधन को लेकर संसद में ‘स्ट्रैटेजिक एक्शन फॉर द सिक्योरिटी एंड सस्टेनेबल प्रोग्रेस ऑफ द स्ट्रेट ऑफ होरमुज एंड द पर्शियन गल्फ’ नामक विधेयक औपचारिक रूप से पेश किया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह कदम अमेरिकी ड्रोन गिराए जाने की घटना के साथ ही उठाया गया है। अजीजी ने कहा कि ईरान अपनी ‘रेड लाइन्स’ की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, खासकर होरमुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन के मुद्दे पर। उन्होंने इसे पहला कदम बताते हुए संकेत दिया कि आने वाले समय में इस दिशा में और भी कदम उठाए जाएंगे। ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और उसके प्रबंधन को लेकर संसद में ‘स्ट्रैटेजिक एक्शन फॉर द सिक्योरिटी एंड सस्टेनेबल प्रोग्रेस ऑफ द स्ट्रेट ऑफ होरमुज एंड द पर्शियन गल्फ’ नामक विधेयक औपचारिक रूप से पेश किया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी में देश का सबसे महंगा एक्सप्रेस-वे: रफ्तार 120, नहीं होंगे टोल प्लाजा, इस तकनीक से चलते-चलते कटेगा टैक्स

यूपी में देश का सबसे महंगा एक्सप्रेस-वे: रफ्तार 120, नहीं होंगे टोल प्लाजा, इस तकनीक से चलते-चलते कटेगा टैक्स एनएचएआई द्वारा जारी टोल दरों के मुताबिक 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर कार, जीप और वैन के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपया तय किया गया है। इस हिसाब से प्रति किलोमीटर टोल करीब 4.37 रुपया बैठता है, जो देश के सभी प्रमुख एक्सप्रेसवे से अधिक है। इसकी तुलना में मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर प्रति किलोमीटर टोल 3.39 रुपये, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर 3.23 रुपये और दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे पर 3.21 रुपये है। गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे पर यह दर लगभग 2.55 रुपया प्रति किलोमीटर बैठती है, जबकि आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 2.24 रुपया, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर 2.15 रुपया और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 1.99 रुपया प्रति किलोमीटर टोल है। एनएचएआई द्वारा जारी टोल दरों के मुताबिक 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर कार, जीप और वैन के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपया तय किया गया है। इस हिसाब से प्रति किलोमीटर टोल करीब 4.37 रुपया बैठता है, जो देश के सभी प्रमुख एक्सप्रेसवे से अधिक है।इसकी तुलना में मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर प्रति किलोमीटर टोल 3.39 रुपये, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर 3.23 रुपये और दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे पर 3.21 रुपये है। गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे पर यह दर लगभग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

Himachal Weather Update: हिमाचल में कमजोर पड़ा मानसून, 17 जुलाई तक भारी बारिश से राहत; 18 से फिर बदलेगा मौसम

पूर्वानुमान के अनुसार 13 से 17 जुलाई के बीच मैदानी, मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 18 और 19 जुलाई को मानसून फिर से सक्रिय होगा। इन दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि बारिश कम होने के बावजूद पिछले दिनों हुई भारी वर्षा का असर अब भी प्रदेश में दिखाई दे रहा है। सोमवार शाम तक राज्य में 69 सड़कें बंद रहीं। इसके अलावा 13 बिजली ट्रांसफार्मर और 80 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। कुल्लू जिले में सबसे अधिक 38 सड़कें बंद हैं, जबकि मंडी, सिरमौर, शिमला, कांगड़ा, ऊना और लाहौल-स्पीति में भी कई सड़कें अभी तक पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहेगा, लेकिन 18 जुलाई के बाद एक बार फिर मानसूनी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों और प्रशासन को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

'वैकल्पिक नौकरी देनी चाहिए थी': CRPF को घायल जवान को नौकरी से हटाना पड़ा भारी, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की आलोचना की। बल ने सेवा के दौरान दृष्टिहीनता के शिकार हुए एक ड्राइवर को वैकल्पिक पद पर समायोजित करने के बजाय चिकित्सकीय रूप से अयोग्य घोषित कर दिया था। न्यायालय ने कहा कि बल एक आदर्श नियोक्ता के रूप में अपने कर्तव्य में विफल रहा। न्यायालय ने पूर्व कांस्टेबल को 1.25 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया। यह राशि बकाया वेतन, ब्याज और लागत के लिए है। न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के बहाली के निर्देश को संशोधित किया, क्योंकि कांस्टेबल पहले ही सेवानिवृत्ति की आयु पार कर चुके हैं। सरकार की अपील को क्यों खारिज की? न्यायमूर्ति दीपंकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने केंद्र सरकार की अपील खारिज कर दी। यह अपील हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ थी। हाई कोर्ट ने कहा था कि सीआरपीएफ ने दिव्यांगजन (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 की धारा 47 का उल्लंघन किया। सीआरपीएफ ने प्रतिवादी को सेवा में बनाए रखने के बजाय चिकित्सकीय रूप से अयोग्य घोषित कर दिया था। न्यायालय ने पाया कि सीआरपीएफ उसे वैकल्पिक पद देने में विफल रहा। यह सरकारी प्रतिष्ठानों पर धारा 47 के तहत एक कर्तव्य है। न्यायालय ने कहा कि दिव्यांगजन अधिनियम की धारा 47 अनिवार्य प्रकृति की है। यह उचित समायोजन के अधिकार को दिखाती है। न्यायालय ने साफ किया कि अगर सेवा के दौरान शारीरिक दिव्यांगता आती है, तो व्यक्ति को समान वेतन और सेवा लाभ वाले किसी अन्य पद पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए। अगर यह संभव नहीं है, तो नियोक्ता को उसे किसी अन्य पद पर समायोजित करना होगा। इसके लिए एक सुपरन्यूमेरी पद भी बनाया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

चिंताजनक: हॉटस्पॉट जिलों में मलेरिया बड़ी चुनौती, सरकार की बढ़ी मुश्किलें; आदिवासी इलाकों में फैल रहा संक्रमण

सरकार का लक्ष्य 2027 तक देश में स्थानीय मलेरिया संक्रमण को पूरी तरह खत्म करना और 2030 तक डब्ल्यूएचओ से मलेरिया उन्मूलन का प्रमाणपत्र हासिल करना है। लेकिन मानसून के बीच देश के कई राज्यों से आ रहे मलेरिया के मामले सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं।सबसे गंभीर स्थिति झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में है, जहां सेरेब्रल मलेरिया से पहले चार बच्चों की मौत हुई और बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर छह तक पहुंच गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान चलाया। करीब तीन हजार लोगों की जांच में 150 से अधिक संक्रमित मिले। लगातार नए मरीज सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के साथ उपचार, निगरानी और रोकथाम व्यवस्था की समीक्षा की। असम के बोडोलैंड क्षेत्र के तमुलपुर जिले के चाय बागानों में एक महीने के भीतर 95 मलेरिया मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अलर्ट जारी किया।स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल फ्रेमवर्क फॉर मलेरिया एलिमिनेशन (2016-2030) और नेशनल स्ट्रैटेजिक प्लान (2023-2027) के तहत चरणबद्ध रणनीति बनाई है। इसके तहत 2027 तक स्थानीय मलेरिया संक्रमण शून्य करने की तैयारी है। इसके बाद 2030 तक डब्ल्यूएचओ से मलेरिया उन्मूलन का प्रमाणपत्र प्राप्त करना है। 160 से अधिक जिलों में स्थानीय संक्रमण पहले ही समाप्त होने का दावा किया जा रहा है। 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वार्षिक परजीवी संक्रमण दर (एपीआई) प्रति हजार आबादी पर एक से नीचे पहुंच चुकी है। इंटेंसिफाइड मलेरिया एलिमिनेशन प्रोजेक्ट (आईएमईपी-3) के तहत 12 राज्यों के 159 उच्च जोखिम वाले जिलों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अनुसार, दे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

Weather: उत्तर भारत में फिर कमजोर पड़ा मानसून, पूर्वोत्तर में बाढ़ का कहर; क्यों कम हो रही मानसूनी बारिश?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मानसूनी ट्रफ इस समय उत्तर की ओर खिसकर हिमालय की तलहटी में चली गई है। मानसून ट्रफ यानी कम दबाव वाले क्षेत्रों की लंबी और विस्तृत पट्टी भारत में मानसून हवाओं को आकर्षित करती है और बारिश का मुख्य कारण बनती है। इसके उत्तर में खिसकने से उत्तर भारत में मानसून की स्थिति कमजोर पड़ गई है, जिसे आमतौर पर मानसून ब्रेक के रूप में वर्णित किया जाता है। इस मौसमी बदलाव के कारण ही पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में झमाझम बारिश हो रही है। आईएमडी के मुताबिक, उत्तर भारत में अगले सात दिन अधिकतम तापमान में कोई बदलाव होने की उम्मीद नहीं है और उमस भरी गर्मी बनी रहेगी। सोमवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 38 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया।अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ और भीषण भूस्खलन के कारण सड़कें टूट गई हैं और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के इस मौजूदा सिलसिले ने अब तक राज्य भर में 7 मासूम लोगों की जान ले ली है, जबकि 29 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। राज्य के 26 जिलों के 425 गांव प्रभावित हुए हैं और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।नई दिल्ली। कमजोर मानसून के कारण धान जैसी खरीफ फसलों की बुवाई का रकबा मौजूदा सत्र में 10 जुलाई तक 16 फीसदी घटकर 531.25 लाख हेक्टेयर रह गया। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 632.69 लाख हेक्टेयर था। कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 10 जुलाई तक धान की बुवाई का रकबा 8.63 फीसदी घटकर 114.69 लाख हेक्टेयर रह गया। एक साल पहले की समान अवधि में 12 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: यूएई के तेल टैंकरों पर ईरान के हमले में एक भारतीय की मौत; उत्तर भारत में कमजोर पड़ा मानसून

आज मंगलवार, 14 जुलाई 2026 की तारीख में देश-दुनिया की अहम खबरों की श्रृंखला लेकर एक बार फिर अमर उजाला हाजिर है। सबसे पहले बात पश्चिम एशिया की, होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी नौवहन मार्ग पर यूएई के दो टैंकरों पर ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला हुआ। इस हमले में एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि छह भारतीयों समेत आठ लोग घायल हुए हैं। उधर, अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि पुलिस ने पहले ही ट्रस्ट को एआई कैमरे लगाने और सुरक्षा बढ़ाने की सलाह दी थी, लेकिन इन सुझावों को नजरअंदाज कर दिया गया। इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने हालिया समझौता तोड़ दिया, इसलिए अमेरिका उसकी सैन्य और नौवहन क्षमताओं पर लगातार हमले कर रहा है। वहीं, उत्तर भारत में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उमस बढ़ गई है, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश जारी है। अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से करीब एक लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इधर, केंद्र सरकार ने 2030 तक भारत को मलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य दोहराते हुए मामलों और मौतों में बड़ी कमी का दावा किया है। पंजाब में डिलीवरी बॉय की वर्दी पहनकर हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। वहीं, भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 के अस्थायी सदस्य पद के लिए अपना चुनाव अभियान शुरू कर दिया है। उधर, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप के शुल्क प्रस्ताव को ईरान ने खारिज करते हुए खुद को इस मार्ग का वास्तविक संरक्षक बताया। वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता अगले कुछ महीनों मे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

UNSC: भारत ने यूएनएससी की अस्थायी सदस्यता के लिए शुरू किया अभियान, सीट के दावे पर क्या बोले एस जयशंकर?

विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय गहरे विरोधाभास का सामना कर रही है। हम हिंसा और अस्थिरता के ऐसे स्तर देख रहे हैं जो दूर बैठे लोगों के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है कि सदस्य देश वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय शांति में उसके योगदान के रिकॉर्ड का आकलन करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुरक्षा परिषद में भारत की मौजूदगी से व्यापक विचार-विमर्श और हितों के तालमेल के माध्यम से इस महत्वपूर्ण संस्था के निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।वैश्विक शासन के प्रति भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करते हुए जयशंकर ने ‘शांति’ (SHANTI) दृष्टिकोण को सामने रखा। इसका पूरा नाम ‘सिक्योरिंग होलिस्टिक एडवांसमेंट थ्रू नॉर्म्स, ट्रस्ट एंड इंटीग्रिटी’ (नियमों, विश्वास और ईमानदारी के माध्यम से समग्र प्रगति को सुरक्षित करना) है। उन्होंने इसे एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और न्यायसंगत दुनिया के लिए भारत के प्रयासों का मार्गदर्शक सिद्धांत बताया। उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रमों ने दिखाया है कि शांति, प्रगति और समृद्धि को टुकड़ों में बनाए नहीं रखा जा सकता। दुनिया को समग्र प्रगति पर ध्यान देना चाहिए। यह यात्रा तभी प्रभावी हो सकती है जब वैश्विक व्यवस्था का सम्मान हो और नियमों का पालन किया जाए।संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भारत के योगदान पर प्रकाश डालते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के बाद से भारत ने लगभग 50 शांति मिशनों में करीब 3,00,000 सैनिकों को तैनात किया है। वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के 11 सक्रिय मिशनों में से 10 में भारत के 4,300 सैनिक तैनात हैं। भारत बेहतर उपकरणों, तकनीक स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Tensions: अमेरिकी हमलों से फिर दहला ईरान, लगातार तीसरे दिन की बमबारी; होर्मुज में नाकेबंदी का एलान

At 4:45 p.m. ET today, U.S. Central Command began launching the third consecutive night of strikes against Iran, at the Commander in Chief’s direction. These strikes will continue imposing a heavy cost on Iranian forces and degrade their ability to attack innocent civilians and… — U.S. Central Command (@CENTCOM) July 13, 2026 इन हमलों से पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कमांडर इन चीफ के निर्देश पर 14 जुलाई को शाम 4 बजे (पूर्वी समय) से ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी फिर से शुरू करने का एलान किया। अमेरिकी बल उन सभी जहाजों के खिलाफ नाकेबंदी लागू कर रहे हैं जो ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आ-जा रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी सेना उन जहाजों को क्षेत्रीय जलमार्ग से गुजरने में मदद दे रही है जो इस नाकेबंदी का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं।अमेरिका ने इससे पहले 13 अप्रैल से 18 जून तक ईरान की नाकेबंदी की थी। उस दो महीने की अवधि के दौरान अमेरिकी बलों ने नियमों का पालन करने वाले 140 से अधिक जहाजों के रास्ते बदले थे। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले नौ जहाजों को निष्क्रिय किया गया था। वहीं, मानवीय सहायता ले जाने वाले 50 से अधिक व्यापारिक जहाजों को नाकेबंदी के बीच से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई थी।अमेरिकी सेना ने सभी नाविकों को सलाह दी है कि वे ‘नोटिस टू मरीनर्स’ प्रसारण पर लगातार नजर रखें। ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्तों में काम करते समय नाविकों को ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16 पर अमेरिकी नौसेना बलों से संपर्क बनाए रखने के लिए कहा गया है। व्यापारिक नाविकों को जल्द ही एक औपचारिक नोटिस के जरिए अतिरिक्त जानकारी भी दी जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk