अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्ध शुरू हो चुका है। जहां ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को नियंत्रित करने और अपने बताए मार्गों से गुजरने के लिए मजबूर करने के लिए उन पर हमला कर रहा है तो वहीं अमेरिका की तरफ से तेहरान की इस कोशिश पर लगाम लगाए जाने की भरसक कोशिश की जा रही है। हालांकि, ईरान भी अब होर्मुज को पूरी तरह नियंत्रित करने पर अड़ा है। अमेरिका पर जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने पश्चिम एशिया में न सिर्फ उसके ठिकानों को निशाना बनाया है, बल्कि होर्मुज में जहाजों-टैंकरों पर भी हमले जारी रखे हैं। अगर हालिया हमलों की बात करें तो सोमवार (13 जुलाई) को संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि ईरान की मिसाइलो ने ओमान के जलक्षेत्र में उसके दो टैंकरों को निशाना बनाया। इस घटना में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हुई है, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। इनमें चार गंभीर रूप से घायल हैं। इससे पहले रविवार को भी ईरान की तरफ से साइप्रस के झंडे वाले एक जहाज पर हमला किया गया था, जिसमें सवार 11 भारतीयों में से 10 को बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय लापता बताया गया। भारतीय नाविकों वाले इन दो टैंकरों पर हुए हमले के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को ईरान के राजनयिक को तलब किया और इन घटनाओं को लेकर जवाब मांगा। अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से यह पहला मौका नहीं है, जब भारतीय किसी हमले या उसकी वजह से जनित किसी दुर्घटना का शिकार हुए हैं। अब तक दोनों देशों के युद्ध में कम से कम 13 ऐसे मौके आए, जब भारतीय नागरिकों की जान पर खतरा पैदा हुआ।इन कुल 13 में से नौ घटनाएं ईरान के हमले से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ी रहीं, जबकि तीन घटना अमेरिका से जुड़ी रही। वहीं एक घटना को लेकर दोनों ही …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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