नेपाल त्रासदी: तबाही के 38 मिनट बाद पहुंचा अलर्ट, क्या समय पर चेतावनी मिलती तो बच सकती थीं इतनी जिंदगियां?

इस हादसे ने सीमा पार आपदा निगरानी की कमी को भी उजागर किया है। ल्हेंदे खोला का उद्गम तिब्बत में होता है और इसके बाद यह नदी नेपाल में प्रवेश करती है। लेकिन नेपाल और चीन के बीच इस तरह की अचानक आने वाली आपदाओं के लिए समान रूप से संचालित प्रभावी अर्ली वार्निंग प्रोटोकॉल नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, हिमालयी इलाकों का दुर्गम भूगोल और सीमित संसाधन दूरदराज के क्षेत्रों में निगरानी को बेहद चुनौतीपूर्ण बनाते हैं।बचाव दल अब भी मलबे के बीच लोगों की तलाश में जुटे हैं। खासतौर पर हाइड्रोपावर सुरंगों के आसपास खुदाई, ड्रिलिंग और मलबा हटाने का काम जारी है, जहां लोगों के फंसे होने की आशंका है। काठमांडू में बड़ी संख्या में परिवारों ने बरामद शवों की पहचान में मदद के लिए डीएनए नमूने दिए हैं। शवगृहों में जगह कम पड़ने के कारण कुछ पीड़ितों का अंतिम संस्कार भी किया जा चुका है। भारत में भी नीचे की ओर बहने वाली नदियों से कम से कम 17 शव बरामद किए गए हैं। 07:39 AM, 03-Sep-2026 नेपाल त्रासदी: तबाही के 38 मिनट बाद पहुंचा अलर्ट, क्या समय पर चेतावनी मिलती तो बच सकती थीं इतनी जिंदगियां? नेपाल में चीन सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने देश के आपदा चेतावनी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 26 अगस्त को सुबह 8:37 बजे ल्हेंदे घाटी में बर्फ और चट्टानों का भारी मलबा नीचे आया, लेकिन प्रभावित इलाकों के लिए चेतावनी 38 मिनट बाद सुबह 9:15 बजे जारी की गई। कुछ लोगों तक यह संदेश इससे भी देर से पहुंचा।26 अगस्त की सुबह ल्हेंदे घाटी में ग्लेशियर के टूटने के साथ बर्फ, पानी, चट्टानों और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर बढ़ा। अचानक आई इस बाढ़ ने रास्ते में आने वाले इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नेपाल में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 2 min · National Desk

अहतियात: उत्तराखंड का अर्ली वार्निंग सिस्टम तैयार, परीक्षण की तैयारी; वसुंधरा झील पर लगेगा पायलट प्रोजेक्ट

उत्तराखंड में हिमनद झीलों पर अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़े हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की इस सिस्टम पर करीब तीन साल से कार्य कर रहा है। अब इसके परीक्षण की तैयारी है और इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वसुंधरा झील पर लगाने की योजना है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सैद्धांतिक तौर पर परीक्षण के लिए सहमति दे दी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 1 min · National Desk

पहाड़ से मैदान तक आफत की बारिश: अगले 4 दिन और बरसेगा पानी, 12 से अधिक राज्यों में अलर्ट; भूस्खलन से रास्ते बंद

उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते आदि कैलाश और चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-गुंजी सड़क दो दिन से बंद है इससे व्यास घाटी का संपर्क कटा है। दारमा और चौदास घाटी को जोड़ने वाली धारचूला-तवाघाट बॉर्डर रोड पर भी आठ घंटे यातायात ठप रहा। राज्य में भूस्खलन के चलते 150 से ज्यादा सड़कों पर यातायात बाधित रहा, जिसके चलते लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बुधवार को मूसलाधार बारिश से चार धाम यात्रा मार्ग पर भी दिन भर यातायात बाधित होता रहा। कई लिंक मार्गों के बंद होने से कई गांवों अलग-थलग पड़ गए हैं।जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में भारी बारिश से सहार खड्ड में बाढ़ आ गई और आसपास के दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क कट गया। कठुआ में 101.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। अनंतनाग जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में एक इनोवा गाड़ी के आने से ओडिशा के एक पर्यटक की मौत हो गई।पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा के अंबाला, रोहतक, फरीदाबाद, पलवल, कुरुक्षेत्र, कैथल व जींद के कुछ एरिया में बारिश हुई। वहीं, यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज के पास लापता हुए नाहन की पैराट्रूप यूनिट के दो कमांडो में से एक कमांडों का शव देर शाम बरामद कर लिया है। दूसरे का अभी तक सुराग नहीं लगा। सर्च टीम दो हेलिकॉप्टरों की मदद से लगातार तलाश में जुटी है।बिहार और नेपाल में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया है। रोहतास जिले के इंद्रपुरी में सोन बैराज के सभी 69 फाटक खोल दिए गए हैं, जिससे भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया संघर्ष: राष्ट्रपति ट्रंप बोले- जंग ज्यादा लंबी नहीं चलेगी; ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान पर ‘बहुत बड़ा हमला’ किया था। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हाल में लगाए गए सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया गया। इनमें रडार और मिसाइल से जुड़ी प्रणाली शामिल थे। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने हल्का जवाब दिया, लेकिन अमेरिका ने बहुत जोरदार हमला किया। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का ‘बहुत मजबूत नियंत्रण’ है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैनिकों ने इस अहम समुद्री मार्ग से बारूदी सुरंगें हटा दी हैं। अमेरिकी सेना ऐसे जहाजों को भी वहां से निकाल रही है, जो लाखों बैरल तेल लेकर जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरानी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में रडार और मिसाइल प्रणाली को फिर से तैयार करने की कोशिश कर रही थी। वह बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता भी दोबारा हासिल करने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका कई जहाजों को निशाना बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास रडार नहीं है, क्योंकि अमेरिका ने उसे नष्ट कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका जब चाहे तब और हमले करने के लिए तैयार है। जब ट्रंप से पूछा गया कि नए हमलों का अभियान कितने समय तक चलेगा, तो उन्होंने कहा कि यह जल्द खत्म हो जाएगा।उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि यह बहुत ज्यादा लंबा चलेगा। मुझे नहीं पता कि ईरान और कितना नुकसान सह सकता है। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 2 min · National Desk

आज का शब्द: सुवास और अनामिका सिंह 'अना' की कविता- हमने तुलसी चौरे मेटे

आज का शब्द: सुवास और अनामिका सिंह ‘अना’ की कविता- हमने तुलसी चौरे मेटे ‘हिंदी हैं हम’ शब्द शृंखला में आज का शब्द है- सुवास, जिसका अर्थ है- सुगंध, सुंदर या अच्छा घर। प्रस्तुत है अनामिका सिंह ‘अना’ की कविता- हमने तुलसी चौरे मेटे हमने तुलसी चौरे मेटे सींची नागफनी । देकर निर्वासन पुष्पों को कृत्रिम इत्र मिले । बन्धक चन्दन की सुवास कर, विषधर नहीं हिले । आँख कान की सन्दर्भों पर सच से नहीं बनी । सद्भावों से रहे अपरिचित ख़ुद के लिए जिए । आयातित यशमण्डन ख़ातिर , तलवे चूम लिए । रीढ़ झुका दी दरबारों में , जो कल रही तनी । रिश्तों के अंकुर झुलसाने, मठ्ठा डाल दिया, अन्तहीन लिप्सा के विष को जीवन हेतु पिया । मूल्यों की लोलुपता ने की, पग-पग राहजनी । हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें। 4 घंटे पहले …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 1 min · National Desk

नई राह: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दोनों ओर से शुरू, मगर रास्तों के भ्रम से परेशानी; गूगल भी नहीं दे रहा साथ

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को दिल्ली से जोड़ने वाले डीएनडी-केएमपी लिंक एक्सप्रेसवे के मीठापुर-महारानी बाग के नौ किलोमीटर लंबे स्ट्रेच पर मंगलवार रात से दोनों तरफ यातायात शुरू हो गया। इससे फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम और सोहना से दिल्ली व नोएडा आने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, बुधवार को नए मार्ग पर कई जगह साइन बोर्ड स्पष्ट नहीं होने और गूगल मैप पर रास्ता सक्रिय नहीं दिखने के कारण वाहन चालक भ्रमित नजर आए। कई चालक गलत दिशा में वाहन ले गए तो कुछ मोड़ों पर रुककर स्थानीय लोगों से रास्ता पूछते दिखे। कालिंदी कुंज की ओर एग्जिट लेते समय भी कई चालक रास्ता समझने के लिए रुकते दिखाई दिए। आसपास मौजूद लोगों से रास्ता पूछने के कारण कुछ देर के लिए वाहनों की गति भी प्रभावित हुई। एनएचएआई ने दिशा-सूचक बोर्ड लगाए हैं, लेकिन नए मार्ग से पहली बार गुजर रहे कई वाहन चालकों के लिए ये पर्याप्त साबित नहीं हुए। देश के 1,386 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से अब राजस्थान के दौसा तक दिल्ली से निर्बाध कनेक्टिविटी हो गई है। डीएनडी-केएमपी लिंक एक्सप्रेसवे की कुल 59 किलोमीटर लंबी सड़क में सोहना से मीठापुर तक करीब 50 किलोमीटर हिस्से पर दोनों तरफ यातायात वर्ष 2025 में ही शुरू हो गया था। मीठापुर से डीएनडी और रिंग रोड तक करीब नौ किलोमीटर हिस्से पर निर्माण कार्य चल रहा था। शुक्रवार को रिंग रोड से मीठापुर की ओर एक तरफ का मार्ग खोला गया था, जबकि दूसरी दिशा बंद थी। मंगलवार रात से मीठापुर से रिंग रोड और महारानी बाग की ओर जाने वाला मार्ग भी खोल दिया गया।अमर उजाला की टीम ने बुधवार को मीठापुर से महारानी बाग और रिंग रोड तक नए मार्ग का जायजा लिया। मीठापुर के एंट्री प्वाइंट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 2 min · National Desk

पीएम मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात पर क्यों अमेरिका की नजर?: रूबियो बोले- भारत-ईरान के बीच व्यापार समझौता नहीं

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तोता ब्रायन किल्मीड ने कहा कि पीएम मोदी और पेजेशकियन की मुलाकात में ऐसा लगा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की तैयारी हो रही है। इसके जवाब में रूबियो ने कहा, ‘‘खैर, मुझे नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई व्यापार समझौता है। जाहिर तौर पर, सभी देश अपनी-अपनी विदेश नीति तय करते हैं और दुनिया के कई देश ईरान की सरकार से बातचीत करते हैं।‘‘अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘मेरा मतलब है कि हम भी ईरान की सरकार के कुछ लोगों के साथ मिले हैं। कुछ चर्चाओं के संदर्भ में हमारी उनसे बातचीत और संपर्क हुआ है।’’ रूबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी देश को ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करनी चाहिए।उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी देश को ऐसे तंत्र बनाने में उनकी मदद नहीं करनी चाहिए, जिनके जरिए वे राजस्व जुटा सकें और फिर उसका इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने के साथ परमाणु हथियार बनाने की कोशिश में कर सकें। और अगर देश ऐसा करने का फैसला करते हैं, तो हमें उन पर भी प्रतिबंध लगाना पड़ेगा।‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बैठक की थी। ईरान की अर्द्ध सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी रिश्तों की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और दोनों देशों के लिए अहम क्षेत्रों में ईरान और भारत के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया गया।पश्चिम एशिया संकट के बीच दोनों शीर्ष नेताओं में संवाद कायम रहा है। जून में, पीएम मोदी और पेजेशकिय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 2 min · National Desk

'जल उत्सव को बनाएं जन-आंदोलन': पीएम मोदी बोले- हर बूंद बचाने के लिए अपनाएं आधुनिक टेक्नोलॉजी; और क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने देश में पानी बचाने वाली आधुनिक तकनीकों को बड़े पैमाने पर अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय निर्माताओं और हितधारकों को वैश्विक स्तर के बेहतरीन तरीकों से रूबरू कराने के लिए विशेष प्रदर्शनियां और कार्यशालाएं आयोजित की जानी चाहिए। इससे स्थानीय स्तर पर पानी बचाने के कुशल और सस्ते समाधान विकसित करने और उन्हें पूरे देश में लागू करने में मदद मिलेगी।पीएम मोदी ने जन-भागीदारी पर जोर देते हुए लोगों के बीच जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए ‘जल उत्सव’ जैसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की बात कही। इसके साथ ही, जलाशयों और नदियों से गाद निकालने के काम को एक नियमित कार्यक्रम बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डी-सिल्टिंग के लिए एक स्पष्ट मानदंड और मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जानी चाहिए ताकि जल भंडारण क्षमता को बरकरार रखा जा सके।बांधों की सुरक्षा पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने हर मानसून से पहले कड़े एहतियाती कदम उठाने और पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को शुरुआत से ही जल संरक्षण का महत्व समझाने के लिए इसे स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा, विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में जल प्रबंधन और शासन पर शोध व ज्ञान को मजबूत करने का भी सुझाव दिया।प्रधानमंत्री मोदी ने जल क्षेत्र के डेटा को एक समान प्रारूप में एकत्र, प्रबंधित और विश्लेषण करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करने की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि उपचारित पानी का उपयोग कृषि और उद्योगों में करने के लिए अग्रिम और एकीकृत योजना बनाई जानी चाहिए। अपने गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल का उदाहरण देते हुए पीएम मो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 2, 2026 · 2 min · National Desk

अयोध्या: जीतेंद्र मिश्रा बने मंदिर के पहले CEO, गोविंद देव गिरि महासचिव; जानिए ट्रस्ट की बैठक में क्या कुछ हुआ

इसी के साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट का 15 सदस्यीय स्वरूप फाइनल हो गया है। बैठक में पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है। अब तक कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे स्वामी गोविंददेव गिरि अब महामंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे। महेश भागचंदका नए कोषाध्यक्ष होंगे। बैठक मणिराम दास की छावनी में दो सत्रों में संपन्न हुई। पहले सत्र में तीन नए न्यासियों की नियुक्ति पर चर्चा हुई जबकि दूसरे सत्र में सीईओ के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने की। बैठक में नवनियुक्त महामंत्री गोविंद देव गिरि, जगतगुरु वासुदेवानंद सरस्वती, युगपुरुष परमानंद, महंत दिनेंद्र दास, डॉक्टर कृष्ण मोहन, पदेन सदस्य जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, आमंत्रित सदस्य के रूप में महंत कमल नयन दास, बजरंग लाल बांगड़ा, विहिप के दिनेश चंद्र, ट्रस्ट के सचिव जगदीश आफले, राज गोपाल मिनियार, समीर पांडा शामिल रहे। इसके अलावा जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ, के परासरण के अलावा निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, केंद्र सरकार व राज्य सरकार के प्रतिनिधि ऑनलाइन बैठक से जुड़े। इसी के साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट का 15 सदस्यीय स्वरूप फाइनल हो गया है। बैठक में पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है। अब तक कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे स्वामी गोविंददेव गिरि अब महामंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे। महेश भागचंदका नए कोषाध्यक्ष होंगे। बैठक मणिराम दास की छावनी में दो सत्रों में संपन्न हुई। पहले सत्र में तीन नए न्यासियों की नियुक्ति पर चर्चा हुई जबकि दूसरे सत्र में सीईओ के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई।अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने की। बैठक में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 2, 2026 · 2 min · National Desk

पहले गल्फ ऑफ अमेरिका, अब ट्रंप स्ट्रेट?: होर्मुज का नाम बदलना चाहते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति, जानें पूरा मामला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के बीच इस रणनीतिक जलमार्ग का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ करने का सुझाव दिया है। ट्रंप इससे पहले भी मैक्सिको की खाड़ी और ओंटारियो झील के नाम बदलने को लेकर कदम उठा चुके हैं। वहीं, ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि अब जब यह अमेरिका के नियंत्रण में है, तो क्या हमें होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ कर देना चाहिए? खुद अमेरिका की तरह, यह भी पहले से कहीं ज्यादा ‘हॉट’ (शानदार और चर्चा में) होगा। भौगोलिक स्थानों के नाम बदलने को लेकर ट्रंप का यह ताजा सुझाव है। इससे करीब एक हफ्ते पहले ही उन्होंने कनाडा के साथ जारी ट्रेड वॉर (व्यापार युद्ध) के बीच ओंटारियो झील का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने का आदेश दिया था।ट्रंप ने जनवरी 2025 में राष्ट्रपति पद संभालने के पहले ही दिन मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ करने का आदेश दिया था।हालांकि, मैक्सिको और कनाडा दोनों ने इन नामों में किए गए बदलावों को स्वीकार नहीं किया है। ट्रंप द्वारा नाम बदलने के पिछले कई मामले शुरुआत में उनकी मजाकिया टिप्पणियों के रूप में सामने आए थे, लेकिन बाद में उन्होंने उन्हें वास्तविक फैसलों में बदल दिया।हाल के हफ्तों में ट्रंप कई बार होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा करने की धमकी दे चुके हैं। उन्होंने यहां तक कि एक नक्शा भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसमें इस अहम जलमार्ग को ‘अमेरिका का न …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 2, 2026 · 2 min · National Desk