आज का शब्द: सुवास और अनामिका सिंह ‘अना’ की कविता- हमने तुलसी चौरे मेटे ‘हिंदी हैं हम’ शब्द शृंखला में आज का शब्द है- सुवास, जिसका अर्थ है- सुगंध, सुंदर या अच्छा घर। प्रस्तुत है अनामिका सिंह ‘अना’ की कविता- हमने तुलसी चौरे मेटे हमने तुलसी चौरे मेटे सींची नागफनी । देकर निर्वासन पुष्पों को कृत्रिम इत्र मिले । बन्धक चन्दन की सुवास कर, विषधर नहीं हिले । आँख कान की सन्दर्भों पर सच से नहीं बनी । सद्भावों से रहे अपरिचित ख़ुद के लिए जिए । आयातित यशमण्डन ख़ातिर , तलवे चूम लिए । रीढ़ झुका दी दरबारों में , जो कल रही तनी । रिश्तों के अंकुर झुलसाने, मठ्ठा डाल दिया, अन्तहीन लिप्सा के विष को जीवन हेतु पिया । मूल्यों की लोलुपता ने की, पग-पग राहजनी । हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें। 4 घंटे पहले …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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