दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को दिल्ली से जोड़ने वाले डीएनडी-केएमपी लिंक एक्सप्रेसवे के मीठापुर-महारानी बाग के नौ किलोमीटर लंबे स्ट्रेच पर मंगलवार रात से दोनों तरफ यातायात शुरू हो गया। इससे फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम और सोहना से दिल्ली व नोएडा आने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, बुधवार को नए मार्ग पर कई जगह साइन बोर्ड स्पष्ट नहीं होने और गूगल मैप पर रास्ता सक्रिय नहीं दिखने के कारण वाहन चालक भ्रमित नजर आए। कई चालक गलत दिशा में वाहन ले गए तो कुछ मोड़ों पर रुककर स्थानीय लोगों से रास्ता पूछते दिखे। कालिंदी कुंज की ओर एग्जिट लेते समय भी कई चालक रास्ता समझने के लिए रुकते दिखाई दिए। आसपास मौजूद लोगों से रास्ता पूछने के कारण कुछ देर के लिए वाहनों की गति भी प्रभावित हुई। एनएचएआई ने दिशा-सूचक बोर्ड लगाए हैं, लेकिन नए मार्ग से पहली बार गुजर रहे कई वाहन चालकों के लिए ये पर्याप्त साबित नहीं हुए। देश के 1,386 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से अब राजस्थान के दौसा तक दिल्ली से निर्बाध कनेक्टिविटी हो गई है। डीएनडी-केएमपी लिंक एक्सप्रेसवे की कुल 59 किलोमीटर लंबी सड़क में सोहना से मीठापुर तक करीब 50 किलोमीटर हिस्से पर दोनों तरफ यातायात वर्ष 2025 में ही शुरू हो गया था। मीठापुर से डीएनडी और रिंग रोड तक करीब नौ किलोमीटर हिस्से पर निर्माण कार्य चल रहा था। शुक्रवार को रिंग रोड से मीठापुर की ओर एक तरफ का मार्ग खोला गया था, जबकि दूसरी दिशा बंद थी। मंगलवार रात से मीठापुर से रिंग रोड और महारानी बाग की ओर जाने वाला मार्ग भी खोल दिया गया।अमर उजाला की टीम ने बुधवार को मीठापुर से महारानी बाग और रिंग रोड तक नए मार्ग का जायजा लिया। मीठापुर के एंट्री प्वाइंट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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