SA vs NZ T20 Live Streaming: कोलकाता में इतने बजे से खेला जाएगा पहला सेमीफाइनल, जानें कब-कहां देख सकेंगे मैच

SA vs NZ T20 Live Streaming: कोलकाता में इतने बजे से खेला जाएगा पहला सेमीफाइनल, जानें कब-कहां देख सकेंगे मैच और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच बुधवार को कोलकाता के ईडेन गार्डेंस पर टी20 विश्व कप के पहले सेमीफाइनल मैच खेला जाएगा। यह रोमांचक मुकाबला होने की संभावना है जिसमें दोनों टीम के कप्तानों की भूमिका अहम होगी। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम और न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर इस समय शानदार फॉर्म में हैं। अमूमन ऐसा नहीं होता कि दोनों टीमों के कप्तान ही सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हों। ऐसे में मार्करम और सैंटनर के बीच मुकाबला दिलचस्प होगा जो ईडन गार्डंस में हजारों दर्शकों को रोमांच से भर देगा। मार्करम बनाम सैंटनर इस मुकाबले के केंद्र में दो ऐसे कप्तान हैं, जिनकी अक्सर उतनी प्रशंसा या चर्चा नहीं होती जितनी होनी चाहिए थी क्योंकि वह रणनीतिक और तकनीकी रूप से उन कप्तानों से कहीं बेहतर हैं जिनकी कहीं अधिक प्रशंसा की जाती है। मार्करम ने अभी तक इस टूर्नामेंट में 175 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 268 रन बनाए हैं। उन्होंने पावरप्ले में गेंदबाजों को अच्छी तरह से निशाना बनाया है। दूसरी तरफ सैंटनर ने 6.35 की इकॉनमी रेट के साथ बल्लेबाजों को बांधे रखा है। उन्होंने बल्लेबाजी में भी कमाल दिखाया है। कुल मिलाकर कई ऐसे कारक है …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

Chandra Grahan 2026: दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में कब दिखेगा चंद्र ग्रहण? ये रहा सटीक समय और कारण

बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट धार्मिक मान्यताओं के चलते कई लोग ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और स्नान आदि भी करते हैं। हालांकि वैज्ञानिक इसे एक खगोलीय घटना मानते हैं, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं ताकि पूजा करने वाले लोग भगवान की प्रतिमा और शुभ चिह्नों को स्पर्श न कर सकें। बताया कि इस समय खाना पकाना या भोजन करना भी वर्जित होता है। इसमें पूजा, हवन यज्ञ और नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। सूतक काल से पहले अपने घर में मौजूद तरल पदार्थों जल, दूध, घी, तेल, अचार, शहद में कुशा और तुलसी डालना अच्छा होता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 1 min · National Desk

West Asia Crisis LIVE: PM मोदी ने ओमान के सुल्तान और कुवैत के क्राउन प्रिंस से की बात, दुबई से लौटे 23 भारतीय

05:11 PM, 03-Mar-2026 पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान और कुवैत के क्राउन प्रिंस से की बात खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान और कुवैत के शीर्ष नेताओं से फोन पर बातचीत की। उन्होंने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से हालात पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों में हालिया हमलों पर चिंता जताई और वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा व कुशलक्षेम के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। भारत ने खाड़ी देशों के साथ अपने करीबी संबंधों को दोहराते हुए सहयोग और समन्वय जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान और कुवैत के शीर्ष नेताओं से फोन पर बातचीत की। उन्होंने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से हालात पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों में हालिया हमलों पर चिंता जताई और वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा व कुशलक्षेम के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। भारत ने खाड़ी देशों के साथ अपने करीबी संबंधों को दोहराते हुए सहयोग और समन्वय जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। 04:42 PM, 03-Mar-2026 दुबई से सकुशल लौटे महाराष्ट्र के 23 पर्यटक मध्य पूर्व में तनाव के बीच दुबई गए महाराष्ट्र में कोल्हापुर जिले के 23 पर्यटक सकुशल भारत लौट आए हैं। खाड़ी क्षेत्र में हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानें रद्द होने से उनकी वापसी टल गई थी। पर्यटकों ने बताया कि उनके होटल के प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

'हर तरफ मिसाइलें, सहम गए थे बच्चे': हमलों के बीच कैसे बीते खौफनाक दिन; मस्कट से लौटे भारतीयों ने सुनाई दास्तां

खबरों के अनुसार, इस्राइल-अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने उन देशों पर मिसाइल हमले किए जहां अमेरिका के सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। ईरान ने दुबई, बहरीन और कुवैत समेत कई देशों को निशाना बनाया, जिसके बाद वहां आम लोगों की जान मुश्किल में पड़ गई।मस्कट से दिल्ली पहुंची एक यात्री अनीशा अग्रवाल ने बताया कि मिसाइलों को हवा में ही रोका जा रहा था, जिससे हम डर गए और हमने वापस लौटने का फैसला किया। सरकार ने स्थिति को बहुत अच्छे से संभाला। हमारे साथ बच्चे थे, इसलिए हम बहुत चिंतित थे। मिसाइलों की आवाज से बच्चे सहम गए थे। वहां के हालात देखकर हम घबरा गए थे। मिसाइलों को रोकने से होने वाली तेज आवाजों से बच्चे परेशान हो रहे थे।मस्कट से लौटे एक अन्य यात्री ने कहा कि हम वहां खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे थे, इसलिए वापस आ गए। मिसाइल रोकने वाली प्रणाली बहुत अच्छे से काम कर रही थी। मुझे डर नहीं था, लेकिन बच्चों के कारण हमने भारत लौटना ही बेहतर समझा। अब यहां आकर सब ठीक लग रहा है।एक यात्री आदिल ने बताया कि वहां अनिश्चितता का माहौल था। कई उड़ानें रद्द हो रही थीं, जिससे हमें अपनी फ्लाइट छूटने का डर था। हमने मदद के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क किया। भारत लौटकर मैं बहुत राहत और खुशी महसूस कर रहा हूं। अब हवाई सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं और मेरी वापसी की यात्रा आसान रही।ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण कुछ दिनों के लिए हवाई अड्डों का संचालन बंद कर दिया गया था। इस वजह से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हजारों भारतीय फंस गए थे और उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अब दुबई और अबू धाबी से कई उड़ानों का संचालन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Tension: खाड़ी संकट की आंच भारत तक, लंदन से मुंबई का किराया नौ लाख रुपये हुआ, जानिए सबकुछ

इस्राइल- अमेरिका की सैन्य कार्रवाई भले ईरान में हो रही हो, लेकिन उसका असर भारत के आम यात्रियों की जेब पर साफ दिखाई दे रहा है। खाड़ी क्षेत्र के ऊपर से गुजरने वाले हवाई मार्गों में बाधा और अस्थायी एयरस्पेस बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोमवार को स्थिति इतनी भयंकर रही कि लंदन से मुंबई आने का किराया कुछ यूरोपीय एयरलाइंस में प्रति यात्री 9 लाख रुपये तक पहुंच गया। इकॉनमी क्लास का टिकट जहां सामान्यतः 20 से 50 हजार रुपये के बीच होता है। वहीं वह 2.9 लाख रुपये तक बिकता दिखा। बिजनेस क्लास का किराया 1.2 से 2.5 लाख रुपये से बढ़कर 9 लाख रुपये तक पहुंच गया। क्यों बढ़े किराये इतने ज्यादा? एयरलाइन कंपनियों का कहना है कि मुख्य कारण रूट का लंबा हो जाना है। खाड़ी क्षेत्र से बचते हुए उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे: उड़ान समय बढ़ रहा है। ईंधन लागत में इजाफा हो रहा है। क्रू ड्यूटी टाइम और ऑपरेशनल खर्च बढ़ रहे हैं। बड़ी संख्या में उड़ाने हो रही रद्द लेकिन यह पूरी कहानी नहीं है। सोमवार को करीब 700 उड़ानें रद्द हुईं। मंगलवार को भी बंगलूरू, मुंबई और दिल्ली एयरपोर्ट्स से लगभग 230 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। कोलकाता से भी प्रतिदिन करीब 20 उड़ानें प्रभावित हो रही हैं। जब बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द होती हैं, तो सीटों की उपलब्धता घट जाती है। ऐसे में डिमांड और सप्लाई के बीच भारी अंतर पैदा हो जाता है। सीमित सीटों पर ज्यादा यात्रियों की मांग किरायों को असामान्य स्तर तक धकेल देती है। यात्रियों को बाहर निकालने के लिए अतिरिक्त उड़ानें हो रही संचालित भारतीय कंपनियां जैसे एअर इंडिया और इंडिगो भी बढ़े हुए किराय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया का घमासान: ऑपरेशन एपिक फ्यूरी से अमेरिका के खजाने और हथियारों के भंडार पर कितना असर? जानिए सबकुछ

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा टकराव अब एक खुले सैन्य युद्ध में बदल गया है। शनिवार को अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर किए गए साझा हवाई हमलों के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह सैन्य अभियान चार से पांच सप्ताह तक चल सकता है। इस वैश्विक घटनाक्रम के बीच यह समझना बेहद जरूरी है कि इस युद्ध का अमेरिका के रक्षा बजट, अर्थव्यवस्था और सैन्य स्थिरता पर क्या प्रभाव पड़ेगा। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ क्या है और इसके तात्कालिक परिणाम क्या रहे? आइए इसे आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं। 28 फरवरी को राष्ट्रपति ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिका ईरान के भीतर एक प्रमुख युद्ध अभियान चला रहा है, इसका उद्देश्य ईरान के मिसाइल उद्योग को नष्ट करना है। पेंटागन ने इसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया है। अमेरिकी गोला-बारूद भंडार पर अपडेट देते हुए दो टूक कहा कि युद्ध हमेशा चलते रह सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास मध्यम और उच्च श्रेणी के हथियारों की आपूर्ति अब तक के सबसे अच्छे स्तर पर है और इन हथियारों की उपलब्धता लगभग असीमित है। अमेरिकी सेना ने ईरान में 1,250 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है और 11 ईरानी जहाजों को नष्ट किया है। इस हमले के पहले चरण में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की उनके तेहरान स्थित परिसर में मौत हो गई। ईरानी रेड क्रीसेंट के आंकड़ों के अनुसार, 130 स्थानों पर अब तक 787 लोगों की जान जा चुकी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि मौजूदा भंडार के दम पर युद्ध लंबे समय तक और प्रभावी ढंग से लड़े जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये हथियार अन्य देशों के सबसे उन्नत हथियारों से भी बेहतर हैं। उन्होंने साफ कहा कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

‘छात्राें का दर्द महसूस करता हूं, खुद वहीं से आया हूं’, विनीत कुमार ने ‘हैलो बच्चों’ को बताया खास प्रोजेक्ट

इस किरदार की तैयारी कैसी रही? इस किरदार की तैयारी गहरी रिसर्च और लगातार ऑब्जर्वेशन मांगती थी, क्योंकि यह अलख पांडे से प्रेरित है, जिन्हें लाखों बच्चे फॉलो करते हैं। कोशिश यही थी कि मेरी तरफ से कोई कसर न रह जाए। असली फीडबैक दर्शक ही देंगे जब शो देखेंगे। मेरे लिए एक व्यक्तिगत फायदा यह था कि बचपन से ही मेरे घर में टीचिंग का माहौल रहा है। मेरे पिता गणितज्ञ हैं इसलिए शिक्षकों के धैर्य, समर्पण और स्टूडेंट्स की जर्नी को मैं बहुत करीब से समझता हूं। बचपन की कोई ऐसी घटना जो आज भी दिल में बसी हो? मेरे घर में शिक्षा और मदद का माहौल हमेशा रहा है। एक बार पापा मंदिर गए तो उन्हें एक लड़का मिला जो फीस न दे पाने की वजह से कॉलेज नहीं जा पा रहा था। पापा उसे घर लाए और हम सबको साफ निर्देश दिया कि उसकी हर जरूरत का ध्यान रखना है। पापा ने उसे हमें पढ़ाने के लिए लगा दिया और इस तरह वो खुद भी पढ़ता था और पैसे भी कमाता था। आगे जाकर उसी एक घंटे की क्लास ने उसकी पूरी हायर एजुकेशन का खर्च संभाल लिया। जिस दिन उसे अच्छी नौकरी मिली उसने पापा के पैर छूकर धन्यवाद कहा। यह घटना मेरे लिए जीवन भर की सीख रही। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

Nishant Kumar: जदयू कोटे के मंत्री बोले- निशांत कुमार राजनीति में आ रहे, भाजपा बोली- स्वागत को तैयार

जब विधानसभा चुनाव आया तो वह रास्ता। जब चुनाव निकल गया तो विधान परिषद् के रास्ते जाने की बात आई। अब राज्यसभा चुनाव की बारी आई तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री का रास्ता पक्का बताया जा रहा है। पहले की तरह ही जनता दल यूनाईटेड के मंत्रियों ने ही यह जानकारी दी है। यह भी कहा जा रहा है कि इस बार नीतीश कुमार ने सहमति दी है। उन्हें नीतीश कुमार के बाद जदयू अध्यक्ष बनाने की भी बात कही जा रही है। अब तक नीतीश ने इसपर खुद आकर कुछ नहीं कहा है, क्योंकि वह परिवारवाद पर लगातार हमलावर रहे हैं। इधर, जदयू के दिग्गज नेता दावा कर रहे हैं कि निशांत कुमार जल्द ही पार्टी में पूरी तरह से एक्टिव हो जाएंगे। सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा है कि निशांत कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की तैयारी चल रही है? इस सवाल पर जनता दल यूनाइटेड के किसी भी नेता ने तो कुछ नहीं कहा लेकिन निशांत की जदयू एंट्री पर जरूर बड़ा बयान दे दिया है। सीएम नीतीश के करीबी और बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने कह दिया है कि जल्द ही वह सक्रिय राजनीति में आ रहे हैं।ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट कहा है कि निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति प्रवेश करने की पूरी संभावना बन गई है। उनके बारे में बिहार के नौजवान और जदयू नेता चाहते हैं कि निशांत सक्रिय राजनीति में आए। अब जल्द ही सबकी चाहत पूरी होने वाली है। उनके उनके जदयू में आगमन की जल्द ही घोषणा होगी और पार्टी के अंदर काम करेंगे।इधर, निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश की खबरों पर बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मैं नई पीढ़ी का राजनीति में स्वागत करता हूं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में नेतृत्व करने के लिए मैं म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Crisis: इस्राइल स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा- अपने नागरिकों को बाहर निकालने में नहीं कर सकते कोई मदद

The U.S. Embassy is not in a position at this time to evacuate or directly assist Americans in departing Israel. The following is provided for your information as you make your own security plans. The Israeli Ministry of Tourism has begun operating shuttles to the Taba… pic.twitter.com/E6a5z0mE58— U.S. Embassy Jerusalem (@usembassyjlm) March 3, 2026 पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात को देखते हुए इस्राइल स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को घरों में ही रहने की सलाह दी है। अगले आदेश तक उन्हें अपने आवास के आसपास ही सुरक्षित रहने को कहा गया है। हालांकि जो लोग देश छोड़ना चाहते हैं, उनके लिए कुछ विकल्प दिए गए हैं। इस्राइल के पर्यटन मंत्रालय ने दो मार्च से ताबा बॉर्डर के लिए बस सेवा शुरू की है। इस बस में जगह पाने के लिए यात्रियों को मंत्रालय के फॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।अमेरिकी दूतावास ने साफ किया है कि वह पर्यटन मंत्रालय की शटल सेवा के संबंध में कोई सिफारिश (समर्थन या विरोध) नहीं कर सकता। यदि आप प्रस्थान के लिए इस विकल्प का उपयोग करना चाहते हैं, तो अमेरिकी सरकार आपकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती। यात्री अपनी जिम्मेदारी पर ही इस विकल्प को चुनें। जो लोग जॉर्डन जाना चाहते हैं, वे बस से एलाट जा सकते हैं। वहां से टैक्सी लेकर यित्जाक राबिन बॉर्डर तक पहुंचा जा सकता है।बसें पकड़ने के लिए यात्री कुछ खास तय जगहों पर पहुंच सकते हैं। इनमें- हर्जलिया रेलवे स्टेशन, हाइफा का याद हाश्मोना स्टेशन, यरूशलम का टेडी स्टेडियम और तेल अवीव का सैविडोर सेंटर शामिल हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

Chandra Grahan 2026 Time Live: चंद मिनटों बाद शुरू होगा चंद्र ग्रहण, जानिए हर इससे जुड़ी हर एक जानकारी

03:03 PM, 03-Mar-2026 Chandra Grahan 2026: आज इस राशि में लगेगा चंद्र ग्रहण अब से थोड़ी देर बाद साल का पहला चंद्र ग्रहण शुरू हो जाएगा। भारत में इस ग्रहण को देखा जा सकेगा जिसके चलते इसका सूतक काल प्रभावी होगा। यह एक खंडग्रास ग्रहण होगा। यह चंद्र ग्रहण सूर्य की राशि सिंह में लगेगा, जहां पहले से छाया ग्रह केतु पहले से विराजमान हैं अब से थोड़ी देर बाद साल का पहला चंद्र ग्रहण शुरू हो जाएगा। भारत में इस ग्रहण को देखा जा सकेगा जिसके चलते इसका सूतक काल प्रभावी होगा। यह एक खंडग्रास ग्रहण होगा। यह चंद्र ग्रहण सूर्य की राशि सिंह में लगेगा, जहां पहले से छाया ग्रह केतु पहले से विराजमान हैं 02:40 PM, 03-Mar-2026 Chandra Grahan 2026: भारत में कहां-कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण ? साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत में पूर्ण रूप से नजर आने वाला है। चंद्रग्रहण पर आसमान में चांद लाल रंग का नजर आने वाला है। यह दिल्ली-एनसीआर, उत्तर-प्रदेश, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई और हैदराबाद में स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है। इसके अलावा गुवाहाटी व ईटानगर में भी यह प्रभावी रहने वाला है। ज्योतिषियों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण भारत सहित पूरे एशिया, ऑस्ट्रेलिया, पैसिफिक द्वीपों और उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका में भी नजर आने वाला है। साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत में पूर्ण रूप से नजर आने वाला है। चंद्रग्रहण पर आसमान में चांद लाल रंग का नजर आने वाला है। यह दिल्ली-एनसीआर, उत्तर-प्रदेश, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई और हैदराबाद में स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है। इसके अलावा गुवाहाटी व ईटानगर में भी यह प्रभावी रहने वाला है। ज्योतिषियों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण भारत सहित पूरे एशिया, ऑस्ट्रेलिया, पैसिफिक द्वीपों और उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका में भी नज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk