इस किरदार की तैयारी कैसी रही? इस किरदार की तैयारी गहरी रिसर्च और लगातार ऑब्जर्वेशन मांगती थी, क्योंकि यह अलख पांडे से प्रेरित है, जिन्हें लाखों बच्चे फॉलो करते हैं। कोशिश यही थी कि मेरी तरफ से कोई कसर न रह जाए। असली फीडबैक दर्शक ही देंगे जब शो देखेंगे। मेरे लिए एक व्यक्तिगत फायदा यह था कि बचपन से ही मेरे घर में टीचिंग का माहौल रहा है। मेरे पिता गणितज्ञ हैं इसलिए शिक्षकों के धैर्य, समर्पण और स्टूडेंट्स की जर्नी को मैं बहुत करीब से समझता हूं। बचपन की कोई ऐसी घटना जो आज भी दिल में बसी हो? मेरे घर में शिक्षा और मदद का माहौल हमेशा रहा है। एक बार पापा मंदिर गए तो उन्हें एक लड़का मिला जो फीस न दे पाने की वजह से कॉलेज नहीं जा पा रहा था। पापा उसे घर लाए और हम सबको साफ निर्देश दिया कि उसकी हर जरूरत का ध्यान रखना है। पापा ने उसे हमें पढ़ाने के लिए लगा दिया और इस तरह वो खुद भी पढ़ता था और पैसे भी कमाता था। आगे जाकर उसी एक घंटे की क्लास ने उसकी पूरी हायर एजुकेशन का खर्च संभाल लिया। जिस दिन उसे अच्छी नौकरी मिली उसने पापा के पैर छूकर धन्यवाद कहा। यह घटना मेरे लिए जीवन भर की सीख रही। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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