बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट धार्मिक मान्यताओं के चलते कई लोग ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और स्नान आदि भी करते हैं। हालांकि वैज्ञानिक इसे एक खगोलीय घटना मानते हैं, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं ताकि पूजा करने वाले लोग भगवान की प्रतिमा और शुभ चिह्नों को स्पर्श न कर सकें। बताया कि इस समय खाना पकाना या भोजन करना भी वर्जित होता है। इसमें पूजा, हवन यज्ञ और नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। सूतक काल से पहले अपने घर में मौजूद तरल पदार्थों जल, दूध, घी, तेल, अचार, शहद में कुशा और तुलसी डालना अच्छा होता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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