Iran-US: ईरान के इस हथियार ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन, जानें अमेरिका-ब्रिटेन के सैन्य ठिकाने पर कैसे किया हमला

जानकारी के मुताबिक, ईरान ने इस सैन्य ठिकाने पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से एक मिसाइल उड़ान के दौरान ही खराब हो गई, जबकि दूसरी को रोकने के लिए अमेरिकी युद्धपोत ने इंटरसेप्शन किया। अभी यह साफ नहीं है कि दूसरी मिसाइल पूरी तरह नष्ट हुई या नहीं, लेकिन राहत की बात यह रही कि दोनों में से कोई भी मिसाइल अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और बेस सुरक्षित रहा।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में कहा था कि उनकी बैलिस्टिक मिसाइलों की अधिकतम रेंज करीब 2000 किलोमीटर है। लेकिन डिएगो गार्सिया पर हमला इस दावे को चुनौती देता है। यह दूरी करीब 4000 किलोमीटर है, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान के पास घोषित से कहीं ज्यादा लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता हो सकती है।इस्राइल के अल्मा रिसर्च एंड एजुकेशन सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास अभी ज्यादातर छोटी दूरी की मिसाइलें हैं जो 1000 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं और कुछ मध्यम दूरी की मिसाइलें हैं जिनकी रेंज 3000 किलोमीटर तक है। लेकिन रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को विकसित करने के अंतिम चरण में पहुंच चुका है।डिएगो गार्सिया हिंद महासागर के बीच स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है। यहां से अमेरिका अपने बमवर्षक विमान, परमाणु पनडुब्बियां और गाइडेड मिसाइल जहाज तैनात करता है। यह बेस एशिया और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य रणनीति का एक मजबूत केंद्र है। ऐसे में इस पर हमला होने की कोशिश को बेहद गंभीर माना जा रहा है।इस घटना के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ गई है। अगर ईरान सच में इतनी लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता हासिल कर चुका है, तो यह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बड़ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

क्या थमने वाला है ईरान युद्ध?: पश्चिम एशिया संकट के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- जंग रोकने पर कर रहे विचार

ईरान की मिसाइल क्षमता और लॉन्च सिस्टम को पूरी तरह खत्म करना। ईरान के रक्षा उद्योग को कमजोर और नुकसान पहुंचाना। ईरान की नौसेना और वायुसेना की ताकत को खत्म करना, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम सहित। ईरान को परमाणु हथियार क्षमता हासिल करने से हर हाल में रोकना। इस्राइल, सऊदी अरब, कतर, यूएई समेत सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को लगभग हासिल कर चुका है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका का मकसद ईरान की मिसाइल ताकत को खत्म करना, रक्षा ढांचे को कमजोर करना और उसे परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकना है। ट्रंप के मुताबिक अब हालात ऐसे हैं कि युद्ध को धीरे-धीरे खत्म करने पर विचार किया जा सकता है।इस हफ्ते इस्राइल ने ईरान के एक अहम गैस फील्ड पर हमला किया, जिससे हालात और बिगड़ गए। इसके जवाब में ईरान ने कतर में दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी प्लांट को निशाना बनाया। इस टकराव का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा और तेल-गैस की कीमतों में तेज उछाल देखा गया।ईरान के जवाबी हमलों में एक अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। हालांकि पायलट सुरक्षित बताया गया है। इस बीच तेल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई संकट को देखते हुए अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर अस्थायी राहत देने का फैसला किया है, ताकि वैश्विक बाजार में संतुलन बनाया जा सके।ट्रंप के बयान से यह संकेत जरूर मिला है कि अमेरिका युद्ध को लंबा खींचने के मूड में नहीं है, लेकिन जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। ईरान और इस्राइल के बीच हमले जारी हैं और किसी भी समय हालात और बिगड़ सकते हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि क्या कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ते …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

Iran Oil: रूस के बाद अब ईरान से तेल खरीद पर हटा प्रतिबंध, अमेरिका बोला- फैसला अस्थायी, जानें क्यों लिया फैसला

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कदम बढ़ती तेल कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयास के तहत उठाया गया है। इस बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपने जवाबी हमलों का दायरा बढ़ाकर दुनिया भर के पर्यटन और मनोरंजन स्थलों को भी निशाना बना सकता है।इसी दौरान अमेरिका ने पश्चिम एशिया में और अधिक युद्धपोत और मरीन तैनात करने की घोषणा की। हालांकि कुछ घंटों बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनका प्रशासन क्षेत्र में सैन्य अभियान को कम करने पर विचार कर रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय आया, जब तेल कीमतों में उछाल के कारण अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई।युद्ध के बीच विरोधाभासी संकेत सामने आ रहे हैं और संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है। ईरान ने इस्राइल और खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। यह घटनाक्रम उस समय हो रहा है, जब क्षेत्र में धार्मिक महत्व का दिन मनाया जा रहा था और ईरान में लोग पारंपरिक नववर्ष नवरोज का उत्सव मना रहे थे।ईरान से सीमित जानकारी सामने आने की वजह से यह साफ नहीं है कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों से उसके परमाणु, सैन्य या ऊर्जा ठिकानों को कितना नुकसान हुआ है। ये हमले 28 फरवरी से जारी हैं। हालांकि, ईरान के हमलों के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे न केवल पश्चिम एशिया बल्कि वैश्विक स्तर पर खाद्य और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।अमेरिका और इस्राइल ने इस युद्ध के अलग-अलग कारण बताए हैं। इनमें ईरान के नेतृत्व को कमजोर करने के साथ उसके परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को खत्म करना शामिल है। इन तमाम वजहों के बाद भी ईरान में फिलहाल न तो किसी बड़े जनविद्रोह के संकेत मिले हैं और न ही युद्ध के जल्द खत्म होने की कोई संभा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Conflict LIVE: ईरान ने डिएगो गार्सिया बेस पर दागी बैलिस्टिक मिसाइल, बगदाद एयरपोर्ट के पास धमाके

06:55 AM, 21-Mar-2026 ईरान ने डिएगो गार्सिया बेस को बनाया निशाना ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया, जो कि अमेरिका और ब्रिटेन का संयुक्त सैन्य बेस है, पर दो इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह जानकारी कई अमेरिकी अधिकारियों ने दी है। इन मिसाइलों में से कोई भी बेस को निशाना नहीं बना सकी। सूत्रों के अनुसार, इन दो मिसाइलों में से एक उड़ान के दौरान विफल हो गई, जबकि अमेरिकी युद्धपोत ने दूसरी मिसाइल को रोकने के लिए SM-3 इंटरसेप्टर दागा। अधिकारियों के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि मिसाइल को रोका गया या नहीं। ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया, जो कि अमेरिका और ब्रिटेन का संयुक्त सैन्य बेस है, पर दो इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह जानकारी कई अमेरिकी अधिकारियों ने दी है। इन मिसाइलों में से कोई भी बेस को निशाना नहीं बना सकी। सूत्रों के अनुसार, इन दो मिसाइलों में से एक उड़ान के दौरान विफल हो गई, जबकि अमेरिकी युद्धपोत ने दूसरी मिसाइल को रोकने के लिए SM-3 इंटरसेप्टर दागा। अधिकारियों के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि मिसाइल को रोका गया या नहीं। 06:45 AM, 21-Mar-2026 बेरूत पर इस्राइली हमले तेज इस्राइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर हवाई हमले करने की पुष्टि की है। सेना ने कहा कि वह शहर के कुछ इलाकों को निशाना बना रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2 मार्च के बाद से इस्राइल के हमलों में लेबनान में 1,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हाल ही में बेरूत के दक्षिणी घनी आबादी वाले इलाकों के छह क्षेत्रों के लिए लोगों को जबरन खाली करने की चेतावनी भी जारी की गई थी। इस्राइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर हवाई …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

TOP News: देशभर में ईद का जश्न आज; आंधी-बारिश से बदला मौसम का मिजाज; ट्रंप बोले- ईरान के साथ युद्धविराम नहीं

मार्च में मौसम ने ऐसा करवट बदली कि मानसून जैसे हालात बन गए। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जहां जनजीवन प्रभावित किया, वहीं रबी की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। इसी बीच जुमे की रात ईद का चांद नजर आते ही देशभर में खुशियों की लहर दौड़ गई, बाजारों से लेकर गली-मुहल्लों तक रौनक देखने को मिली। आज देशभर में ईद का जश्न पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार है, जहां ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम से साफ इनकार करते हुए ब्रिटेन की देरी से मदद पर नाराजगी जताई। उधर, सूरत में एलपीजी संकट गहराने से प्रवासी मजदूरों का पलायन तेज हो गया है, जिससे उद्योगों में श्रमिकों की कमी भी बढ़ती जा रही है। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर… …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 1 min · National Desk

West Bengal: क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक गठजोड़ ही सत्ता की चाबी; पहचान बनाम राष्ट्रीयता के बीच सिमटी असली लड़ाई

बंगाल में विधानसभा की कुल सीटें 294 हैं। 2021 में तृणमूल ने 213 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा को 77 सीटें मिली थीं। चार सीटें निर्दलीयों के खाते में गई थीं। यह महज एक समग्र आंकड़ा नहीं है। इसकी असली ताकत तब समझ आती है, जब भौगोलिक क्षेत्रों में बांटकर देखते हैं। 2026 का चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का चुनाव नहीं, बल्कि दो अलग-अलग राजनीतिक मॉडल वेलफेयर और क्षेत्रीय पहचान बनाम विकास और राष्ट्रीय राजनीति के बीच सीधी टक्कर है। जिसने क्षेत्रीय गणित साध लिया, वही बंगाल की सत्ता पर काबिज होगा।एक ओर तृणमूल कांग्रेस है, जो अपनी कल्याणकारी योजनाओं व बंगाली अस्मिता के मुद्दे को केंद्र में रखकर चुनाव लड़ रही है। पार्टी महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, मुफ्त राशन, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं के सहारे सीधे मतदाताओं तक पहुंच बनाने में जुटी है। साथ ही बाहरी बनाम स्थानीय की बहस को भी धार दे रही है।वहीं, दूसरी ओर भाजपा विकास, निवेश और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के एजेंडे के साथ मैदान में है। वह रोजगार, उद्योग और कानून-व्यवस्था को मुख्य मुद्दा बना रही है। साथ ही बांग्लादेशी घुसपैठियों के जरिये राष्ट्रीयता के मुद्दे को हवा दे रही है, तो केंद्रीय योजनाओं और डबल इंजन सरकार के जरिए तेज विकास का दावा कर रही है। विश्लेषक कहते हैं बंगाल का चुनाव फिर यह साफ कर रहा है कि यहां सत्ता का फैसला किसी एक मुद्दे से नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संतुलन और वोट ट्रांसफर से होता है।उत्तर बंगाल में कुल 54 सीटें हैं। यह भाजपा का गढ़ माना जाता है। 2021 में उसे 30 सीटें मिली थीं, जबकि तृणमूल को 24। सीमावर्ती व पहाड़ी इलाकों में भाजपा ने मजबूत पकड़ बनाई। यही वह क्षेत्र था, जिसने उसे बंगाल में मुख्य विप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

Eid: रमजान के बाद दिखा खुशियों का चांद, देशभर में ईद का जश्न आज; छोटे-बड़े बाजारों से लेकर गली-मुहल्ले तक रौनक

रमजान के पूरे तीस रोजे और इबादतों के बाद शुक्रवार को ईद का चांद दिखाई दिया। मस्जिदों से जानकारी दी गई और आसमान में रंग-बिरंगे पटाखे दिखाई दिए। अकीदतमंदों के चेहरे खुशी से खिल उठे और एक-दूसरे के गले लगकर चांद और ईद की मुबारकबाद दी। जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद समेत तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों में शनिवार को देशभर में हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-फितर का त्योहार मनाने का एलान कर दिया गया। चांद दिखाई देने के बाद से दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद, फतेहपुरी मस्जिद और हजरत निजामुद्दीन दरगाह के आसपास का माहौल बदल गया। बाजारों में रौनक बढ़ गई। चांदनी चौक, जामा मस्जिद और ओखला जैसे इलाकों में लोग ईद की आखिरी खरीदारी के लिए उमड़ पड़े। कहीं सेवइयों की खुशबू आई, तो कहीं नए कपड़ों और इत्र की दुकानों पर भीड़ देखी गई । बच्चों में ईद को लेकर खासा उत्साह नजर आया, जो देर रात तक अपने नए कपड़ों और जूतों की तैयारियों में जुटे रहे।चांद रात के दिन उर्दू बाजार, मटिया महल बाजार, चितली कबर बाजार और ओखला बाजार समेत राजधानी के अन्य बाजारों में देर रात तक जमकर खरीदारी हुई। लोग अपने और अपने परिवार के लिए टोपी, कुर्ता, इत्र, सेवइयां, और मिठाई खरीदते हुए नजर आए।चितली कबर बाजार में खरीदारी करने आए मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि उसने ईद की सारी तैयारियां कर ली है। वे बाजार में अब्बू के लिए कुर्ता और टोपी खरीदने आए हैं। सेवई और खजूर कारोबारी आमिर अली ने बताया कि इस बार रमजान में अच्छा मुनाफा हुआ है। ऐसे में उनकी ईद की खुशी दोगुनी हो गई है।रमजान के 30 मुकम्मल रोजों के बाद मिलने वाला यह इनाम केवल जश्न का ही नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, मोहब्बत और जरूरतमंदों की मदद करने का भी दिन है। अकीदतमंदों ने फितरा और जक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Conflict: अमेरिका-ईरान जंग के बीच यूरोप में क्यों बढ़ी घबराहट? जानिए क्या है इसका मॉस्को कनेक्शन

अमेरिका ने यूरोप से बड़ी संख्या में पैट्रियट (Patriot) एयर डिफेंस मिसाइलों को पश्चिम एशिया की ओर स्थानांतरित किया है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इसका उद्देश्य ईरान पर युद्ध में अपनी सुरक्षा बढ़ाना है, लेकिन इससे यूरोप में रूस के खिलाफ वायु सुरक्षा में चिंताजनक अंतर पैदा हुआ है। अमेरिका ने पिछले सप्ताह जर्मनी से दो पैट्रियट मिसाइल सिस्टम तुर्की के इंसिरलिक एयर बेस भेजे, जहां अमेरिकी और NATO बल तैनात हैं। ये कदम तब उठाए गए जब ईरान ने युद्ध की शुरुआत के बाद से कई बैलिस्टिक मिसाइलें तुर्की की ओर दागी थीं।एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यूरोप में पैट्रियट मिसाइलों का स्टॉक काफी कम हो गया है। उन्होंने कहा स्थिति काफी चिंताजनक है। हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लीविट ने कहा कि अमेरिकी सेना के पास पर्याप्त हथियार और मिसाइल स्टॉक हैं। नाटो (NATO) की यूरोप रक्षा क्षमता अभी भी पर्याप्त है, लेकिन अमेरिका की रणनीति वैश्विक शक्ति प्रदर्शन के लिए मिसाइलों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात करने की है।पैट्रियट मिसाइल सिस्टम 1980 के दशक से इस्तेमाल हो रहा है और यह विमान, क्रूज मिसाइल और शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल को रोक सकता है। यूक्रेन युद्ध ने दिखाया है कि पैट्रियट सिस्टम कैसे हाइपरसोनिक और अन्य उच्च तकनीकी मिसाइलों के खिलाफ प्रभावी है। लेकिन पश्चिम एशिया में अमेरिकी अधिकारी बताते हैं कि पैट्रियट मिसाइलें कम तकनीकी ईरानी शाहेद ड्रोन को रोकने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं, जबकि उन्हें उच्च तकनीक वाले लक्ष्यों की सुरक्षा में तैनात होना चाहिए।तुर्की ने बताया कि नाटो ने मालाट्या प्रांत में एक और पैट्रियट सिस्टम तैनात किया है। अमेरिकी और नाटो कमांडर जनरल एल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

Delhi Budget: 24 मार्च को आएगा बजट, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ली किन्नर समुदाय से राय; कई मुद्दों पर बात

बजट से पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को किन्नर समुदाय से उनकी समस्याएं और सुझाव लिए। सरकार ने भरोसा दिया कि इन सुझावों को बजट में जगह दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में किन्नर समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक की। इसमें समुदाय के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए और रोजगार, स्वास्थ्य, आवास व बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने पूरी बात सुनी और भरोसा दिया कि किन्नर समुदाय के सुझावों को आगामी बजट में प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ऐसा बजट बनाना चाहती है, जो हर वर्ग की जरूरतों को पूरा करे और सभी को साथ लेकर चले। बैठक में प्रतिनिधियों ने सहेली पिंक कार्ड के जरिए डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा के फैसले का स्वागत किया और इसे बड़ी राहत बताया। उनका कहना था कि इससे रोजमर्रा की जिंदगी आसान होगी और आर्थिक बोझ भी कम होगा।समुदाय ने सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा संवेदनशील बनाने और कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने की मांग रखी। बेहतर आवास, साफ-सफाई और जरूरी सुविधाओं पर भी जोर दिया गया। पहचान पत्र और दस्तावेज से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की मांग की।इससे पहले, बजट सत्र की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से मुलाकात की। 23 मार्च से सत्र शुरू होगा और तय हुआ कि 24 मार्च को दिल्ली का बजट पेश किया जाएगा। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिस्ट और मुख्य सचेतक अभय वर्मा भी मौजूद रहे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

'ईरान के साथ युद्धविराम नहीं': ट्रंप ने ब्रिटेन के देरी से मदद देने पर जताई नाराजगी, बताया कब खत्म होगी जंग

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच जारी संघर्ष पर अपनी सख्त टिप्पणी की। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा “हम बातचीत कर सकते हैं, लेकिन युद्धविराम पर कोई विचार नहीं है। ट्रंप ने कहा जब आप सामने वाले पक्ष को पूरी तरह से नष्ट कर रहे हैं, तो युद्धविराम नहीं होता… हमारा मकसद यही नहीं है। #WATCH | On the US-Israel vs Iran conflict, US President Donald Trump says, “We can have dialogue, but I don’t want to do a ceasefire. You don’t do a ceasefire when you’re literally obliterating the other side… we’re not looking to do that.” (Source: US Network Pool Via… pic.twitter.com/4Y5AUK4jG0— ANI (@ANI) March 20, 2026 ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी और इस्राइली कार्रवाइयों में ईरान की नौसेना, वायु सेना और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा सैन्य दृष्टि से वे समाप्त हो चुके हैं। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है विजय हासिल करना। ट्रंप ने ईरानी शासन की आलोचना करते हुए कहा हमने उन्हें बहुत कड़ी मार दी है। ये लोग अपराधी और निर्दयी हैं। मुझे हैरानी नहीं हुई कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन करने वाले 3 युवाओं को फांसी दी।इसके अलावा ट्रंप से जब ब्रिटेन की धीमी प्रतिक्रिया पर सवाल पूछा गया तब उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान पर सैन्य कार्रवाई में मदद देने के लिए यूके को और तेजी से कदम उठाना चाहिए था। ब्रिटिश सेना ने अमेरिकी बलों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के ठिकानों पर हमले के लिए अपने बेस इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी।खार्ग द्वीप पर अमेरिकी रणनीति के सवाल पर ट्रंप ने कहा मैं इसके बारे में अभी कुछ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk