राजस्थान भाजपा में बड़ा फेरबदल: संजय भाटिया बने नए प्रदेश प्रभारी, कविता पाटीदार-कुलजीत चहल सह-प्रभारी नियुक्त

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए राजस्थान के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी में बदलाव किया है। पार्टी ने हरियाणा से राज्यसभा सांसद संजय भाटिया को राजस्थान का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं अब तक राजस्थान प्रभारी रहे राधामोहन दास अग्रवाल को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। उनके साथ कविता पाटीदार और कुलजीत चहल को राजस्थान में सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। राजस्थान में प्रभारी स्तर पर यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब हाल ही में निकाय चुनाव संपन्न हुए हैं और अब प्रदेश में पंचायती राज चुनाव की तैयारियां तेज हैं। पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान किसी भी समय होने की संभावना के बीच भाजपा के केंद्रीय संगठन ने राजस्थान की जिम्मेदारी में बदलाव किया है। ऐसे में नए प्रभारी के सामने आगामी पंचायत चुनाव में संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को गति देने की चुनौती होगी।वहीं राजस्थान से राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया के प्रभार में भी बदलाव किया गया है। पूनिया को पंजाब के साथ अब जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसके साथ ही उन्हें हरियाणा के प्रभारी पद से मुक्त कर दिया गया है। भाजपा के इस संगठनात्मक फेरबदल को अलग-अलग राज्यों में पार्टी की आगामी रणनीति और संगठनात्मक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।राजस्थान में राधामोहन दास अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान पार्टी ने विधानसभा के बाद निकाय चुनाव में भी संगठनात्मक स्तर पर काम किया। निकाय चुनाव के परिणाम आने के बाद उनके स्थान पर संजय भाटिया की नियुक्ति हुई है। चुनाव के दौरान ही प्रदेश प्रभारी की सक्रियता को लेकर पार्टी के राजनीतिक हलकों में च …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: खिड़कियों के शीशों में कंपन, वैष्णवी को तीन झटके; डीजे की तेज आवाज से स्कूल में सात साल की बच्ची की मौत

यूपी: खिड़कियों के शीशों में कंपन, वैष्णवी को तीन झटके; डीजे की तेज आवाज से स्कूल में सात साल की बच्ची की मौत जिस दौरान उसकी तबीयत बिगड़ी, स्कूल के बगल से गणेश प्रतिमा विसर्जन यात्रा गुजर रही थी और तेज आवाज में डीजे बज रहा था। इस घटना से आहत होकर दो पूजा समितियों के पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। यही नहीं, सर्वसम्मति से नगर क्षेत्र में डीजे बजाने पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया, इसलिए मौत की स्पष्ट वजह सामने नहीं आ सकी। पिता सोनू तिवारी ने बताया कि स्कूल से बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। बेटी को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। सीओ अभिषेक सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। जिस दौरान उसकी तबीयत बिगड़ी, स्कूल के बगल से गणेश प्रतिमा विसर्जन यात्रा गुजर रही थी और तेज आवाज में डीजे बज रहा था। इस घटना से आहत होकर दो पूजा समितियों के पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। यही नहीं, सर्वसम्मति से नगर क्षेत्र में डीजे बजाने पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया, इसलिए मौत की स्पष्ट वजह सामने नहीं आ सकी। पिता सोनू तिवारी ने बताया कि स्कूल से बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। बेटी को पहले से कोई बीमार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: अधिकतर नए चेहरे पर दांव लगाएगी भाजपा, इन तीन को मिलेगा दोबारा मौका!; इस बार भी पहले जैसा ही जातीय समीकरण

यूपी: अधिकतर नए चेहरे पर दांव लगाएगी भाजपा, इन तीन को मिलेगा दोबारा मौका!; इस बार भी पहले जैसा ही जातीय समीकरण उत्तर प्रदेश में पार्टी की योजना वर्तमान आठ सांसदों में से कम से कम पांच सांसदों को दोबारा मौका नहीं देने की है। इनमें से एक दिनेश शर्मा पहले ही उपराज्यपाल बनने के कारण सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बार भी जातीय समीकरण पहले जैसा ही होगा, मगर ज्यादातर चेहरे बदल जाएंगे। वर्तमान में आठ सांसदों में 4 अगड़ा, दो ओबीसी, एक अल्पसंख्यक और एक एससी बिरादरी से हैं। उत्तर प्रदेश में पार्टी की योजना वर्तमान आठ सांसदों में से कम से कम पांच सांसदों को दोबारा मौका नहीं देने की है। इनमें से एक दिनेश शर्मा पहले ही उपराज्यपाल बनने के कारण सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं।पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बार भी जातीय समीकरण पहले जैसा ही होगा, मगर ज्यादातर चेहरे बदल जाएंगे। वर्तमान में आठ सांसदों में 4 अगड़ा, दो ओबीसी, एक अल्पसंख्यक और एक एससी बिरादरी से हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पूर्व दस सीटों पर होने जा रहे राज्यसभा चुनाव में भाजपा सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर नए चेहरे पर दांव लगाएगी। उत्तराखंड की इकलौती सीट पर भी भाजपा वर्तमान सांसद नरेश बंसल की जगह राज्य के कद्दावर नेता को उम्मीदवार बनाएगी। इस बार भी समीकरण करीब-करीब यही रहे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

यूएन: 'ग्लोबल साउथ की वैश्विक चुनौतियां ज्यादा, लेकिन हम ही फैसले नहीं ले सकते', जयशंकर ने किसे सुनाई खरी-खरी?

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक चुनौतियों, जलवायु संबंधी झटकों और बहुपक्षीय व्यवस्था पर बढ़ते दबाव से निपटने के लिए ‘ग्लोबल साउथ’ देशों के बीच ज्यादा सहयोग का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों पर मनमानी नहीं होनी चाहिए। सप्लाई चेन, फाइनेंस या कनेक्टिविटी में ‘चोक पॉइंट्स’ (रुकावट वाली जगहों) को स्वीकार या वैध नहीं मानना चाहिए। एनर्जी सिक्योरिटी विकास के केंद्र में है। राजनीतिक फायदे के लिए इसकी उपलब्धता और कीमतों में हेर-फेर नहीं होनी चाहिए। फूड सिक्योरिटी एक साझा लक्ष्य है। इससे जुड़ी चुनौतियों, खासकर अनाज और फर्टिलाइजर की सप्लाई से जुड़ी समस्याओं का तेजी से समाधान करना चाहिए। सनिष्पक्ष आर्थिक और व्यापारिक तौर-तरीके सुनिश्चित करना जो हमारी उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाएं। साथ ही औद्योगीकरण के अधिकार से हमें वंचित नहीं किया जाना चाहिए। समुद्री इलाकों (मैरीटाइम कॉमन्स) को सुरक्षित रखना, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना और नाविकों व कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा की गारंटी देना जरूरी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आ रहे बदलावों के कारण नई तरह की दूरियां या विभाजन नहीं बनने चाहिए। ग्लोबल साउथ को उन फैसलों को लेने वाले ढांचों का हिस्सा बनना चाहिए जो हमारे भविष्य से सीधे जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं। 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ‘ग्लोबल साउथ’ देशों की बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि वैश्विक स्थिति में टकराव का बढ़ना, सप्लाई चेन और व्यापार पर दबाव, निवेश के बिखरे हुए प्रवाह, कर्ज का बढ़ता जोखिम और विकास के लिए अपर्याप्त फंड जैसी चुनौतियां शामिल हैं।उन्होंने कहा, ‘आज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

दिल्ली में एसआईआर की कतार: कागज का पेट भरने में किसी की छूटी दिहाड़ी, कोई बच्चों को छोड़ घंटों लाइन में

अपनी पहचान और पुराने रिकॉर्ड को दुरुस्त कराने के लिए दिल्ली के एसआईआर केंद्रों पर लोगों को घंटों कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। किसी के नाम के आगे मृत दर्ज है, तो किसी के पिता के नाम में गड़बड़ी है। किसी का नाम सूची से गायब है, तो कोई पुराने रिकॉर्ड से अपना और परिवार का नाम जोड़ने के लिए दस्तावेजों का पुलिंदा लेकर पहुंच रहा है। मिनटों में पूरा होने वाला काम कई-कई घंटे ले रहा है। कई लोग दो-दो दिन से केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। इस प्रक्रिया का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जो रोज कमाकर परिवार चलाते हैं। किसी की कई दिन की दिहाड़ी छूट रही है, तो कोई नौकरी से छुट्टी लेकर सुबह से शाम तक कतार में खड़ा है। मोती नगर के एक एसआईआर केंद्र पर मंगलवार दोपहर बाद भी लंबी कतार लगी रही। कोई गोद में डेढ़ साल की बच्ची लेकर खड़ा था, तो कोई बीमार बेटी को घर पर छोड़कर अपनी बारी का इंतजार कर रहा था।लोगों ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के लंच के नाम पर भी लंबे समय तक काम प्रभावित होता है। एक महिला ने परेशान होकर केंद्र पर वीआईपी एंट्री होने का आरोप लगाया और बीएलओ से बहस भी की। हालांकि, केंद्र पर काम में देरी की वजह को लेकर अलग-अलग लोगों की अलग-अलग शिकायतें थीं।रणजीत नगर बूथ पर अपनी मां के नाम में गड़बड़ी ठीक कराने पहुंचीं नाजिया निजी कंपनी में काम करती हैं। उन्होंने दफ्तर से आधे दिन की छुट्टी ली थी। वह सुबह 11 बजे केंद्र पहुंचीं और दोपहर दो बजे तक कतार में खड़ी रहीं। इस दौरान उनकी बारी नहीं आई और उन्हें यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि अभी कितना और इंतजार करना पड़ेगा। एसआईआर केंद्रों पर आने वाले लोगों का कहना है कि कई बीएलओ स्कूल की ड्यूटी पूरी करने के बाद दोपहर म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

मौसम का हाल: यूपी-बिहार से बंगाल तक बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी; ओडिशा, आंध्र-तेलंगाना में स्कूल बंद

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, मौसम संबंधी इस प्रणाली का असर मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार के तराई क्षेत्र और पश्चिम बंगाल के दोआब क्षेत्र में भी देखने को मिलेगा। दार्जीलिंग और तीस्ता की पहाड़ियों में अचानक भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बना हुआ है और मौसम विभाग ने बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारत के साथ ही नेपाल और तिब्बत में भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अब गहरे दबाव यानी कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है और इसका असर ओडिशा से लेकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक दिखाई दे रहा है। मंगलवार को ओडिशा के तटीय और दक्षिणी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। मौसम के बिगड़ते हालात को देखते हुए ओडिशा सरकार ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और कई जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। तेलंगाना में भी 23 और 24 सितंबर को कई जिलों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 1 min · National Desk

शत्रुघ्न सिन्हा: 'ममता बनर्जी ही मेरी नेता, विपक्ष भाग्यशाली उसे राहुल जैसा नेता मिला'; भाजपा पर क्या बोले?

तृणमूल सांसद और जाने-माने फिल्मी सितारे शत्रुघ्न सिन्हा का कहना है कि विपक्ष बहुत भाग्यशाली है कि राहुल गांधी जैसा तेजतर्रार और दबंग नेता लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया में होने वाली धांधली को देश के सामने खोलकर रख दिया। राहुल अकेले सौ पर भारी हैं। शत्रुघ्न ने यह भी कहा कि वह अभिषेक बनर्जी की वजह से नहीं बल्कि ममता बनर्जी की वजह से तृणमूल कांग्रेस में आए और उन्हें ही अपना नेता मानते हैं। शत्रुघ्न सिन्हा के मुताबिक, जब भाजपा में संवाद के नाम पर उनकी उपेक्षा हुई तो उन्होंने उसे छोड़ा। भाजपा ने उन्हें नहीं निकाला। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि अटल आडवाणी की भाजपा में लोकशाही थी अब तानाशाही है। सिन्हा ने यह सारी बातें अमर उजाला डॉटकॉम के कार्यक्रम खरी बात में दिए साक्षात्कार में कहीं।बंगाल में ममता की हार की वजह वह एसआईआर के जरिये लाखों मतदाताओं के नाम कटने, बेतहाशा केंद्रीय सुरक्षा बल लगाने और चुनाव आयोग की तरफ से ऊपर से नीचे तक अधिकारियों के अंधाधुंध तबादलों को मानते हैं। सिन्हा का आरोप है, चुनाव आयोग ने तृणमूल को हराने के लिए भाजपा की खुलकर मदद की। उन्होंने ममता का साथ छोड़ने वाले सांसदों और विधायकों को भी आड़े हाथों लिया। बिहार में बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत को एक नई परिवर्तनकारी राजनीति की शुरुआत बताया।शत्रुघ्न सिन्हा कहते हैं, ममता जी ने मेरा कठिन समय में साथ दिया इसलिए उनके कठिन समय में मैं उनका साथ नहीं छोड़ सकता। इसलिए मैने कहा कि टिकाऊ हूं बिकाऊ नहीं हूं। जो लोग गए हैं, मैं उनके खिलाफ ज्यादा नहीं बोलूंगा। मैने सारा ड्रामा देखा है कि कैसे कुछ सांसद ममता जी की नकल करती थीं। उनकी तरह रैंप पर चलन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

आज का राशिफल 23 सितंबर: तुला और वृश्चिक राशि वालों की दूर होंगी परेशानियां, रिश्तों और करियर में मिलेगा लाभ

1 of 13 23 सितंबर का राशिफल - फोटो : अमर उजाला Link Copied 23 सितंबर 2026 का दिन मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए कई महत्वपूर्ण संकेत लेकर आ सकता है। ग्रहों की स्थिति के आधार पर आज कार्यक्षेत्र, आर्थिक स्थिति, प्रेम संबंध, पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में अलग-अलग अनुभव देखने को मिल सकते हैं। किसी राशि के लिए दिन नई जिम्मेदारियां और अवसर लेकर आ सकता है, तो किसी को अपने फैसलों में थोड़ा धैर्य और सावधानी बरतने की जरूरत पड़ सकती है। आज नौकरीपेशा लोगों को काम से जुड़े नए अवसर या जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार करने वालों के लिए लेन-देन और महत्वपूर्ण फैसलों में सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी रहेगा। आर्थिक मामलों में खर्च और निवेश को लेकर सतर्क रहना फायदेमंद हो सकता है। वहीं प्रेम और पारिवारिक रिश्तों में बातचीत और आपसी समझ का महत्व बढ़ेगा। अगर आप जानना चाहते हैं कि 23 सितंबर 2026 को आपकी राशि के सितारे क्या संकेत दे रहे हैं, तो पढ़ें आज का राशिफल। यहां मेष से लेकर मकर राशि तक के लिए करियर, धन, प्रेम, परिवार और स्वास्थ्य से जुड़े दिनभर के महत्वपूर्ण संकेत विस्तार से जानें। 2 of 13 आज का राशिफल - फोटो : Amar Ujala मेष राशि आज का दिन आपके लिए उत्साह और पारिवारिक खुशियों से भरा रहेगा। कॉलेज से जुड़े किसी काम को लेकर भागदौड़ बनी रह सकती है, वहीं घर में किसी मांगलिक आयोजन की तैयारियों में भी आपकी व्यस्तता बढ़ेगी। राजनीति से जुड़े लोगों का सामाजिक प्रभाव मजबूत होगा और लोग आपकी मददगार प्रवृत्ति की सराहना करेंगे। शाम का समय बच्चों के साथ आनंदपूर्वक बीतेगा और जीवनसाथी के साथ शॉपिंग का कार्यक्रम रिश्ते में मिठास बढ़ाएगा। परिवार में खुशनुमा माहौल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

जम्मू: कठुआ के भाजपा विधायक का बेटा घर के बाहर से लापता, तलाश में पुलिस की दो टीमें भेजी गईं हरियाण-पंजाब

कठुआ जिले के एक भाजपा विधायक का बेटा मंगलवार शाम अचानक घर के बाहर से लापता हो गया। पुलिस के अनुसार वह 12वीं में पढ़ता है। परिजन व दोस्तों से पूछताछ के आधार पर तलाश की जा रही है। देर रात तक विधायक की ओर से प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई। अभी वह विधानसभा के शरदकालीन सत्र में हिस्सा लेने श्रीनगर गए हैं। बेटे के लापता होने की खबर पाकर लौट रहे हैं। उनके कठुआ पहुंचने पर गुमशुदगी दर्ज कराई जाएगी। जिले में कुल छह विधायक हैं, जिनमें एक निर्दलीय व पांच भाजपा के हैं। पुलिस अपने स्तर पर विधायक के बेटे की तलाश में जुटी है। परिजन के अनुसार वह घर से रोजाना की तरह खेलने के लिए बाहर निकला था और फिर देर रात तक वापस नहीं आया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने तलाश शुरू कर दी है। इस संबंध में एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा ने कोई भी टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। उन्होंने बताया कि विधायक पुत्र की सुरक्षा के मद्देनजर सतर्कता बरती जा रही है। सूत्रों के अनुसार विधायक के पुत्र की तलाश में पुलिस टीमों को पंजाब व हरियाणा भी भेजा गया है। जिले में कुल छह विधायक हैं, जिनमें एक निर्दलीय व पांच भाजपा के हैं। पुलिस अपने स्तर पर विधायक के बेटे की तलाश में जुटी है। परिजन के अनुसार वह घर से रोजाना की तरह खेलने के लिए बाहर निकला था और फिर देर रात तक वापस नहीं आया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने तलाश शुरू कर दी है।इस संबंध में एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा ने कोई भी टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। उन्होंने बताया कि विधायक पुत्र की सुरक्षा के मद्देनजर सतर्कता बरती जा रही है। सूत्रों के अनुसार विधायक के पुत्र की तलाश में पुलिस टीमों को पंजाब व हरियाणा भी भेजा गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 2 min · National Desk

कम दबाव क्षेत्र ने बढ़ाई टेंशन: ओडिशा से आंध्र-तेलंगाना तक झमाझम बारिश के आसार, कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद

बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अब गहरे दबाव यानी कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है और इसका असर ओडिशा से लेकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक दिखाई दे रहा है। मंगलवार को ओडिशा के तटीय और दक्षिणी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। मौसम के बिगड़ते हालात को देखते हुए ओडिशा सरकार ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और कई जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। तेलंगाना में भी 23 और 24 सितंबर को कई जिलों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 23, 2026 · 1 min · National Desk