Mann Ki Baat: 'आज कारगिल विजय दिवस है, ये दिन हमें गर्व से भर देता है'; 'मन की बात' कार्यक्रम में बोले PM मोदी

साथियों, आज का भारत अपने वीरों को सिर्फ याद ही नहीं करता है, बल्कि नई पीढ़ी तक उनकी गाथा भी पहुंचाता है। इसी भावना से इस वर्ष से विशेष शौर्य विजय यात्रा निकाली गई है। 14 जुलाई को दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल से शुरू हुई मोटरसाइकिल यात्रा द्रास के कारगिल वॉर मेमोरियल तक पहुंचेगी। इसका संदेश है, वन राइड, वन नेशन , वन सैल्यूट। ये यात्रा हमें याद दिलाती है, कि राष्ट्र के लिए दिया गया बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है।साथियों, आज भारत अपने सैनिकों के साहस के साथ-साथ अपनी तकनीकी क्षमता को भी लगातार मजबूत कर रहा है। पीएम मोदी ने आगे कहा- कुछ दिन पहले भारतीय नौसेना में आईएनएस महेंद्रगिरि शामिल किया गया। यह आधुनिक जंगी जहाज भारत में ही डिजाइन किया गया है, भारत में ही बना है। इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है। यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती शक्ति का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने इस दौरान बताया कि इसी महीने डीआरडीओ ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का भी सफल परीक्षण किया। इस सफलता के पीछे हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों का सामूहिक परिश्रम है। दो-तीन दिन पूर्व ही डीआरडीओ ने कुशा मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया है।प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा- आज रक्षा उत्पादन हो, रक्षा निर्यात हो या मित्र देशों के साथ राजनीतिक सहयोग भारत लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। इस महीने की शुरुआत में मैं इंडोनेशिया में था, जहां ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों के लिए एक बड़ा समझौता हुआ है। दुनिया का भरोसा भारत के रक्षा उपकरणों और तकनीक पर बढ़ रहा है। आइए, इस कारगिल विजय दिवस पर हम अपने अमर शहीदों को नमन करें और एक सुरक्षित सक्षम और आत्मनिर्भर भारत के निर्मा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 26, 2026 · 2 min · National Desk

BJP: धर्मेंद्र प्रधान ने पहले दिन ही इस्तीफे की पेशकश की थी, फिर क्या हुआ? कैलाश विजयवर्गीय ने बताई पूरी कहानी

विदेशी ताकतों की साजिश को लेकर विजयवर्गीय ने क्या दावा किया? धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने से क्यों रोका गया? कांग्रेस पर हमला बोलते हुए क्या कहा? राहुल गांधी और आरएसएस पर क्या बोले विजयवर्गीय? इंदौर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने हर जिम्मेदारी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाई। उन्होंने दावा किया कि छात्र आंदोलन शुरू होते ही प्रधान ने भाजपा अध्यक्ष से कहा था कि अगर पार्टी को जरूरत लगे तो वह शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। लेकिन उस समय पार्टी अध्यक्ष ने उन्हें स्पष्ट रूप से कहा कि इस मुद्दे पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है, इसलिए वह न तो इस्तीफा दें और न ही इस बारे में किसी से चर्चा करें।कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन विदेशी ताकतों की योजना को विफल करने वाला कदम साबित हुआ, जो हिंसा फैलाकर भारत को अस्थिर करना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पहले बांग्लादेश और श्रीलंका में भी देखने को मिली थीं। विजयवर्गीय ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने उन विदेशी ताकतों की साजिश को नाकाम कर दिया, जो हिंसा के जरिए भारत को अस्थिर करना चाहती थीं। मैं उनके इस फैसले के लिए उन्हें बधाई देता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रधान ने अपने कार्यकाल के दौरान हर जिम्मेदारी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाई।विजयवर्गीय ने दावा किया कि छात्र आंदोलन शुरू होने के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने भाजपा अध्यक्ष से कहा था कि यदि पार्टी को उचित लगे तो वह शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार, भाजपा अध्यक्ष ने उस समय कहा कि इस मुद्दे पर अभी कोई फैसला नही …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 26, 2026 · 2 min · National Desk

राहुल-अखिलेश की चुनौती: क्या यूपी चुनाव तक बरकरार रहेगा युवाओं का यह जोश? जेन-जी को साधने में जुटे दोनों नेता

युवाओं के आंदोलन के जरिए विपक्ष ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की है। लेकिन इसका असली असर अगले साल की पहली छमाही में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में दिखाई देगा। सबसे ज्यादा नजर उत्तर प्रदेश पर रहेगी, जहां कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मिलकर भाजपा का मुकाबला करेंगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें

July 26, 2026 · 1 min · National Desk

ऐसे बनी प्रधान के इस्तीफे की सूरत: IB-शाह की रिपोर्ट से चिंतित थी सरकार, सफाई देने संघ गए पूर्व शिक्षा मंत्री

चार दिन पहले तक केंद्र सरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी बचाने के लिए पूरी तरह जुटी थी। लेकिन प्रधान के इस्तीफे से 24 घंटे पहले आईबी, गृह मंत्री अमित शाह और संघ-भाजपा की अलग-अलग रिपोर्टों ने नीट पेपर लीक आंदोलन को लेकर सरकार की चिंता बढ़ा दी थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें

July 26, 2026 · 1 min · National Desk

Jantar Mantar Protest: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कुछ घंटे पहले और बाद में पत्थरबाजी, स्पेशल सीपी-एसआई घायल

सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान शनिवार दोपहर को सीजेपी पदाधिकारियों व केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच अंतिम दौर की बात होनी थी, बावजूद इसके प्रदर्शनकारियों का हुड़दंग रुका नहीं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कुछ घंटे पहले प्रदर्शनकारियों ने अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल पत्थरबाजों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। फिर हल्का लाठीचार्ज किया। पत्थरबाजी में दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (स्पेशल सेल) अनिल शुक्ला और एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गए। वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से किए जा रहे हंगामे को बढ़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की। इससे पहले सोमवार, मंगलवार और बुधवार को भी जंतर-मंतर के पास जमकर बवाल हुआ था।सीपी से लेकर एनडीएमसी सेंटर तक प्रदर्शनकारियों का कब्जा था। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था। देश भक्ति के गीत चल रहे थे और प्रदर्शनकारी भारत माता के नारे लगा रहे थे। उस समय कनॉट प्लेस की तरफ से प्रदर्शनकारियों का एक समूह आया।करीब दो बजे एनडीएमसी बिल्डिंग चौराहे के पास प्रदर्शनकारियों ने अचानक नारेबाजी करने के दौरान पहले पुलिसकर्मियों पर पानी की बोतल और चप्पल-जूते फेंके और फिर पथराव शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी करीब 15 मिनट तक पत्थरबाजी करते रहे। पुलिस को स्थिति को संभालने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इससे कुछ प्रदर्शनकारी युवतियां मामूली रूप से घायल हो गईं। अन्य प्रदर्शनकारी एक युवती को पानी पिलाते और उनके ऊपर पानी डालते दिखे।दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार विशेष पुलिस आयुक्त शुक् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 26, 2026 · 2 min · National Desk

Anahat New Squash Champion: भारत की अनाहत सिंह जूनियर स्क्वैश विश्व चैंपियन, खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनीं

युवा सनसनी अनाहत की जीत के बाद खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने उन्हें बधाई दी। फाइनल मुकाबले के अंतिम लम्हों का वीडियो एक्स हैंडल पर साझा करते हुए मांडविया ने लिखा, ‘इतिहास रचा गया! अनाहत सिंह को विश्व स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनने पर हार्दिक बधाई ! यह अभूतपूर्व उपलब्धि हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।’ Anahat New Squash Champion: भारत की अनाहत सिंह ने जूनियर स्क्वैश विश्व चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। अनाहत यह टाइटल जीतने वाली पहली भारतीय हैं। फाइनल में अनाहत का सामना मिस्र की रुकय्या सालेम (दूसरी वरीय) से हुआ। कनाडा में आयोजित टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में अनाहत ने रुकय्या को 11-3, 11-7, 11-9 से हराया। अनाहत की ये जीत कई मायनों में ऐतिहासिक है। ऐसा इसलिए क्योंकि 21 साल के बाद किसी भारतीय ने न केवल फाइनल में जगह बनाई, बल्कि देश को खिताब भी दिलाया। सेमीफाइनल में किसे हराया था, विश्व रैंकिंग में कौन सा स्थान? इससे पहले देश की स्टार स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने सेमीफाइनल में मिस्र की तीसरी/चौथी वरीय बार्ब सामेह को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया था। विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज अनाहत ने पिछले साल कांस्य पदक जीता था। जोशना चिनप्पा के बाद पहली फाइनलिस्ट, मंजिल के बारे में क्या कहा? 2005 में भारत की एक और स्क्वैश स्टार जोशना चिनप्पा ने इस टूर्नामेंट के फाइनल तक का सफर त. किया था। हालांकि, वे टाइटल जीतने से चूक गई थीं। ऐसे में 2025 का सेमीफाइनल जीतने के बाद भारत को चैंपियन बनाने की उम्मीदों को फिर से जिंदा करने वाली अनाहत के युवा कंधों पर देश की आस टिकी थी। सेमीफाइनल जीतने के बाद उनके फौलादी इरादों की झलक मिल गई …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 26, 2026 · 2 min · National Desk

'PM मोदी की उम्मीद पर खरा उतरूंगा': शिक्षा मंत्रालय की कमान मिलने पर बोले जोशी; प्रधान की तारीफ में क्या कहा?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद देर रात दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उन्हें अभी-अभी जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है। मैं कर्तव्य, विनम्रता और पूरी निष्ठा के साथ इस जिम्मेदारी को स्वीकार करता हूं तथा इसके लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 26, 2026 · 1 min · National Desk

नॉर्मल हुई राजधानी: मध्य दिल्ली में इंटरनेट बहाल, सभी मेट्रो स्टेशन के खुले प्रवेश द्वार; सबने ली राहत की सांस

1 of 5 सीजेपी का धरना खत्म, इंटरनेट और सभी मेट्रो स्टेशन खोले गए - फोटो : अमर उजाला खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें Link Copied कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आंदोलन वापस लेने के बाद जंतर मंतर और मध्य दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है। सरकार से अपनी मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद सीजेपी ने यह निर्णय लिया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने भी अपने सभी स्टेशनों पर नियमित यात्री सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं। डीएमआरसी ने बताया कि दिल्ली मेट्रो तंत्र के सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार अब खुले हैं। 2 of 5 बंद मेट्रो स्टेशन - फोटो : अमर उजाला बंद थे 18 मेट्रो स्टेशन प्रशासन ने नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक को लेकर युवाओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान कई दिनों तक क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवा के लिए जैमर का उपयोग किया था। सुरक्षा प्रतिबंधों और 18 प्रमुख मध्य दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर चरणबद्ध बंद के बाद यह निर्णय लिया गया। इनमें राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, आईटीओ और नई दिल्ली जैसे स्टेशन शामिल थे। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों को नई दिल्ली क्षेत्र की ओर यात्रा से बचने की सलाह दी थी। पुलिस ने भारी भीड़ और यातायात जाम के कारण यह सलाह दी। पुलिस ने एक्स पर एक बयान में कहा कि यात्रियों को देरी से बचने और परेशानी मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना चाहिए। सीजेपी ने सरकार से आश्वासन मिलने के बाद “सद्भाव” में अपना …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 25, 2026 · 2 min · National Desk

आजमगढ़ में अखिलेश यादव का तंज: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों के आंदोलन की पहली बड़ी जीत, 2027 में बदलाव तय

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को निजामाबाद के विधायक रहे आलम बदी के आवास पर पहुंचे। उन्होंने परिवार से मिलकर सांत्वना दी। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी युवाओं, छात्रों और किसानों के साथ खड़ी है। 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता बदलाव के लिए मतदान करेगी। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को छात्रों के आंदोलन की सफलता बताते हुए कहा कि यह युवाओं की पहली बड़ी जीत है। साथ ही आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को हर संभव सहायता देने की मांग की। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और आरक्षण के साथ अन्याय का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले भी पेपर लीक का ऑडिट कर चुकी है और सरकार ने जानबूझकर भर्ती प्रक्रियाओं में देरी की। उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती समेत विभिन्न मामलों में प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की जरूरत है। प्राथमिक विद्यालयों के विलय, सरकारी स्कूलों की स्थिति और आधुनिक शिक्षा की कमी पर चिंता जताते हुए उन्होंने एआई, इंटरनेट और नई तकनीक के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने की वकालत की। उनका कहना था कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर शिक्षा और रोजगार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और आरक्षण के साथ अन्याय का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले भी पेपर लीक का ऑडिट कर चुकी है और सरकार ने जानबूझकर भर्ती प्रक्रियाओं में देरी की। उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती समेत विभिन्न मामलों में प्रभावित अभ्यर् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 25, 2026 · 2 min · National Desk

जंतर-मंतर पर 'क्रेडिट वॉर': श्रेय लेने की होड़ में उतरे राजनीतिक दल, प्रदर्शनकारी बोले- धूप-बारिश हमने झेली

1 of 5 जश्न मनाते प्रदर्शनकारी - फोटो : अमर उजाला खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें Link Copied शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शनकारियों ने एक दूसरे को गले लगाकर इस पल का स्वागत किया। लेकिन, यह जश्न ज्यादा देर तक सिर्फ प्रदर्शनकारियों का नहीं रहा। शनिवार को कुछ ही समय में अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जंतर मंतर पहुंचने लगे। देखते ही देखते प्रदर्शन का मंच राजनीतिक झंडों, नारों और नेताओं की मौजूदगी से भर गया। इसी के साथ जंतर मंतर पर प्रदर्शन की जीत का श्रेय लेने की होड़ शुरू हो गई। आंदोलन की सफलता के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि आखिर इस जीत का असली श्रेय किसे मिलना चाहिए। 2 of 5 जंतर मंतर पर जश्न मनाते प्रदर्शनकारी - फोटो : जी पाल राजनीतिक गतिविधियां तेज प्रदर्शनकारियों के अनुसार, जब प्रदर्शन अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा था, तब वह दिन रात सड़क पर डटे रहे। तेज धूप, बारिश और लंबा इंतजार झेलने के बाद जब सरकार ने फैसला लिया, तब कई राजनीतिक दल जश्न में शामिल होने पहुंच गए। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर फैलते ही जंतर मंतर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। 3 of 5 जंतर मंतर पर जश्न मनाते प्रदर्शनकारी - फोटो : जी पाल आप, कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी पहुंची आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, आजाद समाज पार्टी समेत कई दलों के नेता और समर्थक अपने अपने झंडों और बैनरों के साथ पहुंचे। मंच के आसपास अलग अलग दलों के नारे सुनाई देने ल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 25, 2026 · 2 min · National Desk