सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान शनिवार दोपहर को सीजेपी पदाधिकारियों व केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच अंतिम दौर की बात होनी थी, बावजूद इसके प्रदर्शनकारियों का हुड़दंग रुका नहीं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कुछ घंटे पहले प्रदर्शनकारियों ने अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल पत्थरबाजों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। फिर हल्का लाठीचार्ज किया। पत्थरबाजी में दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (स्पेशल सेल) अनिल शुक्ला और एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गए। वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से किए जा रहे हंगामे को बढ़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की। इससे पहले सोमवार, मंगलवार और बुधवार को भी जंतर-मंतर के पास जमकर बवाल हुआ था।सीपी से लेकर एनडीएमसी सेंटर तक प्रदर्शनकारियों का कब्जा था। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था। देश भक्ति के गीत चल रहे थे और प्रदर्शनकारी भारत माता के नारे लगा रहे थे। उस समय कनॉट प्लेस की तरफ से प्रदर्शनकारियों का एक समूह आया।करीब दो बजे एनडीएमसी बिल्डिंग चौराहे के पास प्रदर्शनकारियों ने अचानक नारेबाजी करने के दौरान पहले पुलिसकर्मियों पर पानी की बोतल और चप्पल-जूते फेंके और फिर पथराव शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी करीब 15 मिनट तक पत्थरबाजी करते रहे। पुलिस को स्थिति को संभालने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इससे कुछ प्रदर्शनकारी युवतियां मामूली रूप से घायल हो गईं। अन्य प्रदर्शनकारी एक युवती को पानी पिलाते और उनके ऊपर पानी डालते दिखे।दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार विशेष पुलिस आयुक्त शुक् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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