युवाओं के आंदोलन के जरिए विपक्ष ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की है। लेकिन इसका असली असर अगले साल की पहली छमाही में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में दिखाई देगा। सबसे ज्यादा नजर उत्तर प्रदेश पर रहेगी, जहां कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मिलकर भाजपा का मुकाबला करेंगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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