MP: दतिया उपचुनाव के नतीजों से पहले कांग्रेस का बड़ा एक्शन, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती 6 साल के लिए निष्कासित

दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से ठीक पहले कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह लगातार राजेंद्र भारती पर चुनाव में भीतरघात और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगा रहे थे। हाल के दिनों में दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप खुले तौर पर सामने आए थे। राजेंद्र भारती दतिया की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। वे तीन बार विधायक रह चुके हैं और वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर पूरे प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गए थे। उनके पिता स्वर्गीय श्याम सुंदर श्याम भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक रहे थे, जिससे दतिया में भारती परिवार का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है।हालांकि, इसी वर्ष एक पुराने सहकारी बैंक धोखाधड़ी मामले में विशेष अदालत से तीन वर्ष की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। इसी कारण दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराया गया। बाद में दोषसिद्धि पर रोक पाने की उनकी कोशिशों के बीच मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, लेकिन वे चुनाव नहीं लड़ सके।उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया। मतदान के बाद घनश्याम सिंह ने राजेंद्र भारती पर भाजपा के साथ मिलकर भीतरघात करने और कांग्रेस प्रत्याशी को हराने की कोशिश करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों के बाद पार्टी में अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग तेज हो गई थी। अब मतगणना से पहले कांग्रेस ने राजेंद्र भारती को छह साल के लिए निष्कासित कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 2, 2026 · 2 min · National Desk

अखिलेश का बड़ा आरोप: बीते दस वर्षों में बंद हुए हैं प्रदेश के 26 हजार से ज्यादा स्कूल, लगातार घट रहे छात्र

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए सबसे बड़ा संकट भाजपा सरकार है। प्रदेश की समस्याओं का समाधान तभी होगा, जब भाजपा सत्ता से बाहर होगी। रविवार को सपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में अखिलेश ने ये आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों, नौजवानों और बेटियों के साथ अन्याय किया है। आंदोलनकारी छात्रों से किए गए वादे भी तोड़ दिए गए हैं। सरकार ने भरोसा दिया था कि छात्रों पर मुकदमे नहीं होंगे, पर अब उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। अखिलेश ने पूछा कि जब सरकार वादे से मुकर जाए तो जनता किस पर भरोसा करे। उन्होंने कहा कि एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का दावा करने वाली सरकार पहले सरकारी स्कूलों में बिजली-पानी दे। भाजपा पर 2017 के बाद भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया। सरकारी तालाबों और जमीनों पर कब्जा कराने की बात भी कही। फतेहपुर में पानी और पंखों की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले बच्चों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मांग मान लेने के बाद भी बच्चों और उनके परिवारों को परेशान किया जा रहा है। अखिलेश ने एलान किया कि समाजवादी पार्टी के विधायक पीड़ित परिवारों से मिलेंगे। विधायक उन्हें हरसंभव मदद देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार में भ्रष्टाचार और लूट चरम पर है। एक्सप्रेसवे और चढ़ावा चोरी को लेकर बोला हमला अखिलेश ने कहा कि एक्सप्रेसवे निर्माण और सड़क परियोजनाओं में भ्रष्टाचार हुआ। लखनऊ-कानपुर सड़क उद्घाटन के बाद धंस गई, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे भी टूट गया। अखिलेश ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक कराने वाले लोग भाजपा सरका …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 2, 2026 · 2 min · National Desk

कर्नाटक में कल कैबिनेट विस्तार संभव: दिल्ली से तय होंगे मंत्री, सिद्धारमैया के करीबियों की होगी वापसी?

कर्नाटक कैबिनेट विस्तार का लंबे समय से जारी इंतजार सोमवार को खत्म होने की संभावना है। कांग्रेस हाईकमान मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार द्वारा तैयार की गई नए मंत्रियों की सूची को कई दौर की हाई-लेवल चर्चाओं के बाद अंतिम मंजूरी दे सकता है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट विस्तार अंतिम चरण में पहुंच गया है। हालांकि, मंत्रियों की सूची को अभी पार्टी नेतृत्व की औपचारिक मंजूरी मिलनी बाकी है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से प्रस्तावित विस्तार पर चर्चा की है, लेकिन सूची को अभी औपचारिक रूप से मंजूरी नहीं मिली है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री शिवकुमार ने मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए 20 विधायकों की अस्थायी सूची तैयार की है। यह सूची कांग्रेस हाईकमान को सौंप दी गई है, जो एक और दौर की चर्चा के बाद अंतिम फैसला लेगा।कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला के सोमवार दोपहर तक हाईकमान से मंजूर सूची लेकर बेंगलुरु पहुंचने की उम्मीद है। उनके दौरे से नए मंत्रियों के नामों की आधिकारिक घोषणा और शपथ ग्रहण समारोह का कार्यक्रम तय होने का रास्ता साफ हो सकता है।शपथ ग्रहण सोमवार शाम लोक भवन के ग्लास हाउस में होने की संभावना है। सरकार ने अभी आधिकारिक समय की घोषणा नहीं की है, लेकिन मुख्यमंत्री के मौखिक निर्देशों के बाद समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं।यह विस्तार शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद संभालने के ठीक दो महीने बाद हो रहा है। उनका 14 सदस्यीय मंत्रिमंडल 3 जून को शपथ ले चुका है, जिसके बाद 20 मंत्री पद खाली रह गए थे। पार्टी के भीतर विचार-विमर्श और कांग्रेस हाईकमान की मंजूरी की जरूरत के कारण यह विस्तार कई बार टल चुका था, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 2, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: क्या है कावेरी जल विवाद, जिसके लिए बड़ी तैयारी में कर्नाटक सीएम शिवकुमार, तमिलनाडु से टकराव क्यों?

Explainer: क्या है कावेरी जल विवाद, जिसके लिए बड़ी तैयारी में कर्नाटक सीएम शिवकुमार, तमिलनाडु से टकराव क्यों? ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर कर्नाटक के मुख्यमंत्री की तरफ से आज कावेरी जल विवाद पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक क्यों बुलाई गई है? कावेरी नदी के जल को लेकर क्या विवाद है? हालिया समय में इसे लेकर क्या-क्या हुआ है? आइये जानते हैं… कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को अपने आधिकारिक आवास पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में जिस मुद्दे पर चर्चा तय की गई, वह है कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कई वर्षों से चल रहा कावेरी नदी के जल को साझा करने से जुड़ा विवाद। बताया गया है कि इस बैठक में कांग्रेस से लेकर भाजपा और जेडीएस जैसी प्रमुख पार्टियों के नेता पहुंचे। पहले जानें- कर्नाटक के सीएम ने क्यों बुलाई कावेरी जल विवाद पर बैठक? 1. तमिलनाडु सरकार की तैयारियां हाल ही में तमिलनाडु सरकार ने कावेरी नदी के जल साझाकरण को लेकर आपत्ति जताई है। तमिलनाडु सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपने हिस्से का पानी पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी। राज्य के कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने शुक्रवार को कहा कि कर्नाटक की ओर से पानी छोड़ने से इनकार किया गया है। इसके चलते अब तमिलनाडु कानूनी रास्ता अपनाएगा। कानून मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु को कानून के अनुसार जितना पानी मिलना चाहिए, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 2, 2026 · 2 min · National Desk

कांग्रेस में बगावत: वड़िंग पर कुर्सी छोड़ने का दबाव, हाईकमान की चुप्पी से नाराजगी; पंजाब में स्थिति चिंताजनक

कांग्रेस में बगावत: वड़िंग पर कुर्सी छोड़ने का दबाव, हाईकमान की चुप्पी से नाराजगी; पंजाब में स्थिति चिंताजनक इस पूरे प्रकरण में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल की स्थिति भी असहज हो गई है क्योंकि नाराज नेताओं की नाराजगी दूर किए बिना ही उन्होंने नौ दिन का चुनाव अभियान हर बूथ-कांग्रेस मजबूत शुरू कर दिया है। 31 जुलाई को शुरू हुए इस अभियान के पहले दिन ही पूर्व सीएम चन्नी समेत उनके गुट के वरिष्ठ नेताओं ने इस कार्यक्रम से किनारा कर लिया था। दूसरे दिन ये कार्यक्रम पटियाला और संगरूर में आयोजित हुआ मगर वहां वो हुआ जिसकी अपेक्षा कांग्रेस को बिल्कुल नहीं थी। पंजाब कांग्रेस में बगावत बढ़ती जा रही है। प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व पर छिड़ा विवाद और विरोध अब बैठकों से निकलकर पार्टी के सार्वजनिक कार्यक्रमों तक पहुंच गया है। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी गुट के समर्थकों ने वड़िंग के खिलाफ खुला मोर्चा छेड़ दिया है। इसके चलते वड़िंग पर अब कुर्सी छोड़ने का दबाव बढ़ गया है। उधर, इस बगावत पर हाईकमान की चुप्पी से भी चन्नी गुट के नेताओं की नाराजगी और बढ़ गई है। वड़िंग और बघेल के सामने चन्नी गुट के समर्थकों ने चन्नी के जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए जबकि संगरूर में तो वड़िंग और चन्नी गुट के समर्थक भिड़ गए और उनमें कुर्सियां तक चलीं। पार्टी सूत्र बताते हैं कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 2, 2026 · 2 min · National Desk

UP: अखिलेश यादव का तंज, बोले- सिर्फ चार दिन की सरकार बची है इसलिए विधानसभा सत्र भी चार दिन का हो रहा है

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार से शुरू हो रहे यूपी विधानसभा सत्र को लेकर कहा कि भाजपा सरकार अब सिर्फ चार दिन की ही बची है इसलिए विधानसभा सत्र भी सिर्फ चार दिन के लिए ही आयोजित हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहला दिन भाजपा सरकार श्रद्धांजलि देने में निकाल देगी। दूसरा दिन अयोध्या के प्रभु राम जी के मंदिर में हुई सुनियोजित चोरी के महापाप की जिम्मेदारी, अपने ऊपर से हटाकर केंद्र सरकार पर डालकर, अपना पल्ला झाड़ने में निकाल देगी। तीसरा दिन प्रयागराज जैसे पूरे प्रदेश में हुए छात्र आंदोलन से बचने में निकाल देगी। चौथा दिन दुखी मां के सरेआम अपमान पर मुंह छिपाकर जल्दी से सत्र खत्म करने की घोषणा करने में निकाल देगी।लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सत्र की कार्यवाही के दौरान सपा विधायक बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगेंगे। एक्सप्रेस-वे और बिजली दरों का मुद्दा उठाया जाएगा। हम राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा भी उठाएंगे। उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय को ढहाने को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि 2027 में सपा की सरकार बनी तो बेहतर जेपीएनआईसी बनाएंगे।उन्होंने कहा कि सच तो ये है कि अब भाजपा को भी मालूम है कि वो फिर कभी सरकार में वापस नहीं आएंगे, इसीलिए विधानसभा को महत्व नहीं दे रहे हैं बस सत्र आयोजित करने की औपचारिकता निभा रहे हैं। भाजपा की चलाचली की बेला का मानसून सत्र भी चलाचली टाइप का सत्र है। अब भाजपा जाएगी, फिर कभी न आएगी!अखिलेश यादव ने पीडीए ऑडिट- 4 जारी करते हुए कहा कि कहा कि प्रदेश में 26 हजार सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। इन स्कूलों के बंद होने से पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज के बच्चे सर्व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 2, 2026 · 2 min · National Desk

'मेरा नंबर लीक किया, दुष्कर्म की धमकियां मिल रहीं': PM को गाली देने वाली छात्रा का छलका दर्द; लगाया ये आरोप

मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर लीक होने का आरोप। अज्ञात लोगों से दुष्कर्म और हत्या की धमकियां मिलने का दावा। पुलिस के बार-बार घर आने और तलाश करने का आरोप। लगातार घटनाओं के कारण मानसिक तनाव में होने की बात। छात्रा ने कहा कि अज्ञात नंबरों से लगातार धमकी भरे फोन आ रहे हैं। उसके मुताबिक, कॉल करने वाले अश्लील और हिंसक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे वह और उसका परिवार बेहद डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मेरा मोबाइल नंबर लीक कर दिया गया है। लगातार धमकी भरे फोन आ रहे हैं। कहा जा रहा है कि जहां भी मिलूंगी, दुष्कर्म करेंगे और मार देंगे। मैं बहुत डरी हुई हूं।छात्रा का आरोप है कि पुलिस लगातार उसके घर पहुंच रही है और उसे ऐसे तलाश रही है, जैसे उसने कोई गंभीर अपराध किया हो। उसने कहा कि मामला दर्ज होने के बाद से परिवार पर भी दबाव का माहौल है।छात्रा ने कहा कि वह पहले ही सार्वजनिक रूप से अपने बयान के लिए माफी मांग चुकी है। उसने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से माफी स्वीकार किए जाने की बात सामने आने के बावजूद पुलिस कार्रवाई जारी है। उसने अपील की कि अब उसे इस मामले में राहत दी जाए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 2, 2026 · 2 min · National Desk

युद्धपोत कम, मिसाइलें घटीं: शीर्ष जनरल की पेंटागन को चेतावनी, इस्राइल को ईरानी हमले से बचा पाएगा अमेरिका?

अमेरिकी जनरल ने अतिरिक्त युद्धपोत तैनात करने की मांग की। इस्राइल की सुरक्षा और अमेरिकी मातृभूमि के बीच चुनाव की चेतावनी। अमेरिका ने इस्राइल से ज्यादा इंटरसेप्टर मिसाइलें दागीं। THAAD और Patriot समेत कई मिसाइल सिस्टम का बड़ा स्टॉक खर्च हो चुका। मिसाइल भंडार दोबारा भरने में कई साल लगने की आशंका। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, जनरल ग्रिनकेविच ने भूमध्य सागर में एक और अमेरिकी विध्वंसक तैनात करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका को भविष्य में एक कठिन फैसला लेना पड़ सकता है। उसे यह तय करना होगा कि वह अपनी मातृभूमि की सुरक्षा को प्राथमिकता दे या फिर इस्राइल की रक्षा के लिए अपने संसाधन खर्च करता रहे। रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा युद्ध के दौरान अमेरिका ने इस्राइल की तुलना में कहीं ज्यादा इंटरसेप्टर मिसाइलें दागी हैं। इन मिसाइलों का इस्तेमाल ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए किया गया।रक्षा मामलों से जुड़े थिंक टैंक सीएसआईएस और अमेरिकी रक्षा विभाग के आंतरिक आकलन के अनुसार, अमेरिका के कई अहम मिसाइल सिस्टम का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल हो चुका है। इनमें थाड और पेट्रियट जैसे एयर डिफेंस सिस्टम के करीब 50 फीसदी इंटरसेप्टर खर्च हो चुके हैं। इसके अलावा प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल , टॉमहॉक क्रूज मिसाइल, JASSM और SM-3/SM-6 जैसी मिसाइलों के भंडार में भी कमी आई है।सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इन अत्याधुनिक मिसाइलों का उत्पादन आसान नहीं है। युद्ध के दौरान खर्च हुए हथियारों की भरपाई करने और पुराने स्तर का स्टॉक तैयार करने में अमेरिकी सेना को कई साल लग सकते हैं। यही वजह है कि रक्षा विशेषज्ञ भविष्य में किसी नए बड़े …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 2, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi: पीएम मोदी आज करेंगे नशे के खिलाफ देशव्यापी अभियान का आगाज, 10 हजार स्थानों पर एक साथ होंगे कार्यक्रम

यह अभियान माई भारत (MY Bharat) के युवा स्वयंसेवकों के नेतृत्व में देशव्यापी जन भागीदारी अभियान के रूप में शुरू किया जाएगा। इसका लक्ष्य युवाओं को नशे के खिलाफ एकजुट करना और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में उनकी भूमिका को मजबूत करना है।आधिकारिक बयान के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी युवाओं से अपने-अपने क्षेत्रों में सकारात्मक सामाजिक बदलाव के दूत बनने का आह्वान करेंगे। अभियान की शुरुआत के साथ ही देशभर के करीब 10 हजार स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें एक करोड़ से अधिक युवा नशे के खिलाफ राष्ट्रीय संकल्प लेंगे।इस अभियान के तहत देशभर में प्रत्येक रविवार को विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े और नशामुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित हो। इन गतिविधियों में खेल प्रतियोगिताएं, वॉकाथॉन, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक, परिचर्चा, कला प्रतियोगिताएं और सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम शामिल होंगे।अभियान से जुड़े स्वयंसेवकों और संगठनों के उत्कृष्ट योगदान को 50वें, 75वें और 100वें सप्ताह पर सम्मानित किया जाएगा। यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के ‘नशा मुक्त भारत’ के विजन के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मजबूत करना है।अभियान का मुख्य संदेश है कि “नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।” सरकार का उद्देश्य इस राष्ट्रव्यापी अभियान के जरिए यह संदेश देश के हर युवा तक पहुंचाना और उन्हें स्वस्थ, जागरूक तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 2, 2026 · 2 min · National Desk

कम होगी खाड़ी देशों पर निर्भरता?: होर्मुज संकट के बीच इराक-तुर्किये का बड़ा तेल समझौता, ऐसे बढ़ाएंगे निर्यात

होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी बाधाओं के बीच इराक ने अपने तेल निर्यात को सुरक्षित और स्थिर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इराक और तुर्किये ने शनिवार को एक साल के लिए तेल पाइपलाइन समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत इराक तुर्किये के भूमध्यसागरीय बंदरगाह जेहान तक पाइपलाइन के जरिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का निर्यात करेगा। इराक का मानना है कि इससे खाड़ी के समुद्री मार्गों पर उसकी निर्भरता कम होगी और तेल निर्यात में आने वाली बाधाओं से राहत मिलेगी। समझौते में क्या तय हुआ? इराक के तेल मंत्री बासेम मोहम्मद खुदैर अल-अबादी ने बताया कि यह समझौता एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान दोनों देश तेल, बिजली और जल संसाधन क्षेत्रों में व्यापक सहयोग के लिए दीर्घकालिक ढांचा समझौता तैयार करेंगे। नए समझौते के तहत किर्कुक से तुर्किये के जेहान बंदरगाह तक जाने वाली पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन कम से कम 7.5 लाख बैरल इराकी कच्चे तेल का निर्यात किया जाएगा। यह कदम इराक के तेल निर्यात के लिए एक वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। होर्मुज संकट के बीच इस समझौते की जरूरत क्यों पड़ी? यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब फरवरी में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे इराक के तेल निर्यात पर भी असर पड़ा, क्योंकि युद्ध से पहले इराक प्रतिदिन लगभग 35 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात करता था और उसका अधिकांश हिस्सा दक्षिणी टर्मिनलों से होकर होर्मुज मार्ग के जरिए भेजा जाता था। नई पाइपलाइन के जरिए होने वाला निर्यात युद्ध से पहले के स्तर तक तो नहीं पहुंचेगा, लेकिन मौजूदा लगभग 2 लाख बैरल प्रतिदिन के निर्यात की तुल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 2, 2026 · 2 min · National Desk