'कल जेन अल्फा, बीटा आ जाएगी': छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने को लेकर वकील की दलील, CJI सूर्य कांत ने क्या कहा?

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि हाल के छात्र प्रदर्शनों में हिंसा से जुड़े मामलों को केवल किसी राजनीतिक समझौते के आधार पर वापस न लिया जाए। चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहन की बेंच ने इस मामले को छात्र प्रदर्शनों से जुड़े अन्य मामलों के साथ जोड़ दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पष्ट किया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जा सकती हैं। मनीष कुमार सोलंकी की ओर से दायर याचिका में प्रदर्शन के आयोजकों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता के वकील ने क्या कहा? याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील रिजवान अहमद ने कहा, यह प्रदर्शन मंत्री और पुलिस की जवाबदेही को लेकर था। हम इसे स्वीकार करते हैं। 15 दिन बीत चुके हैं। लेकिन आयोजकों की जवाबदेही का क्या? वे एक चैनल से दूसरे चैनल पर जाकर भड़काऊ बयान दे रहे हैं और आग को शांत करने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, इन तथाकथित आयोजकों की जवाबदेही कहां है? मैं उन्हें तथाकथित आयोजक इसलिए कह रहा हूं क्योंकि यह कोई पंजीकृत संगठन नहीं है। उनका इशारा ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की ओर था, जिसने नीट 2026 पेपर लीक के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था। रिजवान अहमद ने कहा कि कानून के मुताबिक किसी भी सभा या प्रदर्शन के दौरान अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए आयोजक भी जिम्मेदार होते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों की मांग मानते हुए उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने पर सहमत हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 5, 2026 · 2 min · National Desk

अनुच्छेद 370 हटने के 7 साल: पीएम मोदी बोले- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख ने विकास का नया दौर देखा; गिनाईं ये उपलब्धि

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज ही के दिन सात वर्ष पहले अनुच्छेद 370 और 35(ए) इतिहास बन गए थे। इससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की विकास यात्रा में एक निर्णायक नए अध्याय की शुरुआत हुई।” उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में दोनों क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है और शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता तथा खेल जैसे क्षेत्रों में नए अवसर बढ़े हैं।पीएम मोदी ने कहा, “चाहे महिलाएं हों या वंचित समुदाय, जिन लोगों को दशकों तक अपने मूल संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा गया, उन्हें भारतीय संविधान के पूर्ण रूप से लागू होने के कारण सशक्त बनाया गया है।” उन्होंने कहा कि इस वर्ष 5 अगस्त का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि देश डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मना रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा, “राष्ट्रीय एकता के प्रति उनका आजीवन समर्पण आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है। उन्होंने दशकों पहले जो सपना देखा था, वह 5 अगस्त 2019 को ऐतिहासिक रूप से साकार हुआ।” पीएम मोदी ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की प्रगति के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है और यह सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है कि हर नागरिक बड़े सपने देख सके, उन्हें पूरा कर सके और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सके।वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘‘मां भारती का मस्तक सदा ऊंचा रहे। 5 अगस्त, 2019 भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता के इतिहास का स्वर्णिम दिवस है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से अनुच्छेद 370 की समाप्ति के साथ ‘एक विधान-एक निशान-एक प्रधान’ के स्वप् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 5, 2026 · 2 min · National Desk

Supreme Court: खाली सीटों पर उपचुनाव कब और कैसे, चुनाव आयोग की दलीलें क्या? समयसीमा पर 22 सितंबर को अहम सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 151ए की व्याख्या से जुड़े मुद्दे पर 22 सितंबर को सुनवाई करेगा। यह धारा संसद के दोनों सदनों और राज्य विधानमंडलों में रिक्त सीटों को भरने की समयसीमा से संबंधित है। इस प्रावधान के अनुसार, यदि किसी रिक्त सीट के संबंध में संबंधित सदस्य का शेष कार्यकाल एक वर्ष या उससे अधिक का हो, तो निर्वाचन आयोग को रिक्ति की तिथि से छह महीने के भीतर उपचुनाव कराना अनिवार्य है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ निर्वाचन आयोग की ओर से दायर याचिका समेत दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। निर्वाचन आयोग ने दिसंबर 2023 में पारित बॉम्बे हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी है।बॉम्बे हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में तत्कालीन सांसद के निधन से रिक्त हुई पुणे लोकसभा सीट पर तत्काल उपचुनाव कराने का निर्देश निर्वाचन आयोग को दिया था। इस मामले को लेकर मंगलवार को सुनवाई के दौरान पक्षों की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिनियम की धारा 151ए की व्याख्या किए जाने की आवश्यकता है। एक अधिवक्ता ने दलील दी कि मुख्य चिंता इस बात को लेकर है कि निर्वाचन आयोग अलग-अलग उपचुनावों के मामलों में धारा 151ए की अलग-अलग तरीके से व्याख्या कर रहा है।अधिवक्ता ने कहा, ऐसा प्रतीत होता है कि निर्वाचन आयोग मामलों का चयन अपनी सुविधा के अनुसार कर रहा है। इस पर पीठ ने कहा, इस मामले में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 151ए की व्याख्या किए जाने की आवश्यकता है। इसके बाद शीर्ष कोर्ट ने मामले को 22 सितंबर को विस्तृत सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2024 में बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें निर्वाचन आयोग को …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 5, 2026 · 2 min · National Desk

Anthropic India Plan: भारत में ही रहेगा एआई डाटा; एंथ्रोपिक की साझेदारी की योजना में क्या, किसे मिलेगा लाभ?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षेत्र की कंपनी एंथ्रोपिक ने भारत में अपने कारोबार का विस्तार करते हुए घोषणा की है कि उसके क्लाउड एआई मॉडल अब अमेजन बेडराॅक के भारतीय बुनियादी ढांचे के जरिए उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही क्लाउड एआई का संचालन भारत में मौजूद सर्वर पर ही होगा। इसे इन-कंट्री इन्फेरेंस कहा जाता है। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ बैंकिंग, सरकारी एजेंसियों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और अन्य विनियमित क्षेत्रों को मिलेगा, जहां संवेदनशील और गोपनीय डाटा का उपयोग होता है। स्थानीय सर्वर पर प्रोसेसिंग होने से डाटा देश की सीमाओं के भीतर ही रहेगा। इससे एआई आधारित एप्लीकेशन तैयार करने के दौरान डाटा रेजिडेंसी और कानूनी अनुपालन से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करना आसान होगा। एडब्ल्यूएस इंडिया के अध्यक्ष संदीप दत्ता ने कहा कि अमेजन बेडराॅक के जरिये एंथ्रोपिक के क्लाउड मॉडल अब एडब्ल्यूएस के भारतीय बुनियादी ढांचे पर उपलब्ध होंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 5, 2026 · 1 min · National Desk

यरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद पर तनाव बढ़ा: जॉर्डन ने इस्लामिक देशों की आपात बैठक बुलाई; इस्राइल पर क्या आरोप?

यरूशलम के सबसे पवित्र मुस्लिम धार्मिक स्थल अल-अक्सा मस्जिद परिसर पर इस्राइल के कब्जे के बढ़ते खतरे को लेकर पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव गहरा गया है। जॉर्डन ने इस स्थिति को अत्यंत गंभीर बताते हुए आगाह किया है कि अगर ऐतिहासिक धार्मिक व्यवस्था से खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो यह मामला पूरे क्षेत्र में एक भयानक धार्मिक युद्ध का रूप ले सकता है। इस संकट पर चर्चा करने के लिए जॉर्डन ने अरब और इस्लामिक जगत के देशों के विदेश मंत्रियों की बुधवार को आपातकालीन बैठक बुलाई है। अंतरराष्ट्रीय समझौतों और ऐतिहासिक परंपरा के तहत अल-अक्सा मस्जिद और डोम ऑफ द रॉक (कुब्बत अल-सखरा) परिसर की देखरेख जॉर्डन का राजपरिवार करता है। नियम के मुताबिक, इस परिसर में केवल मुसलमानों को ही नमाज अदा करने की इजाजत है, लेकिन यह यहूदियों के लिए भी पवित्र स्थल (टेंपल माउंट) माना जाता है। हाल के दिनों में इस्राइल के सरकार समर्थित कुछ गुटों की ओर से इस परिसर में घुसपैठ की घटनाएं बढ़ी हैं। 23 जुलाई को इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर की अगुआई में लगभग 2,000 से अधिक इस्राइली नागरिक परिसर में प्रवेश कर धार्मिक अनुष्ठान किए।यहूदियों के प्रवेश पर जॉर्डन ने जताई चिंताजॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफादी ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि अल-अक्सा की यथास्थिति से छेड़छाड़ करना एक चिंगारी की तरह है। यरूशलम बारूद का ढेर बन चुका है। अगर यह आग भड़की, तो इसका असर केवल फलस्तीन या जॉर्डन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरे इस्लामिक जगत को अपनी चपेट में ले लेगा। सफादी की ओर से बुलाई गई आपात बैठक में अरब लीग के सदस्यों के अलावा तुर्की, इंडोनेशिया, मलेशिया और पाकिस्तान जैसे प्रमुख मुस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 5, 2026 · 2 min · National Desk

लाल सागर में भारतीय जहाज पर हमला: कार्गो पोत डूबा, 13 भारतीय नाविक सुरक्षित; सरकार ने क्या दिए निर्देश?

लाल सागर में एक बार फिर समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यमन के समुद्री क्षेत्र के पास भारतीय ध्वज वाले मालवाहक पोत एमएसवी फैजे नूरे ओलिया पर हमला हुआ, जिसके बाद जहाज समुद्र में डूब गया। राहत की बात यह रही कि चालक दल के सभी 14 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद भारत सरकार ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि यमन के समुद्री क्षेत्र के पास भारतीय ध्वज वाले मैकेनाइज्ड सेलिंग वेसल एमएसवी फैजे नूरे ओलिया को एक प्रोजेक्टाइल ने निशाना बनाया। हमले के कारण जहाज पलट गया और बाद में समुद्र में डूब गया।जानकारी के अनुसार, नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स (NRF) का दावा है कि जहाज पर विस्फोटकों से लदी एक नाव से हमला किया गया। यह घटना हूती नियंत्रण वाले होदेदाह बंदरगाह से करीब 13 समुद्री मील दक्षिण में हुई। हालांकि, इस आरोप पर हूती विद्रोही समूह की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।सोनोवाल ने बताया कि जहाज पर कुल 14 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 13 भारतीय और एक यमनी नागरिक शामिल थे। यमन के तटरक्षक बल ने सभी को सुरक्षित बचाकर मोखा बंदरगाह पहुंचाया। बचाव के बाद सभी को आवश्यक चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई गई और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने महानिदेशक समुद्री प्रशासन (DGMA) को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में मौजूद सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही बचाए ग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 5, 2026 · 2 min · National Desk

Red Sea Attack: लाल सागर में भारतीय जहाज पर हमला, डूबा कार्गो पोत; 13 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचाया गया

हमला कैसे हुआ और किस पर आरोप लगा? बचाव अभियान में क्या हुआ? क्या लाल सागर में पहले भी ऐसे हमले हुए? लाल सागर का समुद्री मार्ग क्यों महत्वपूर्ण? भारतीय ध्वज वाले कार्गो पोत फैजे नूरे ओलिया पर यमन के पश्चिमी तट के पास हमला हुआ। सरकारी समर्थन प्राप्त नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स (एनआरएफ) के अनुसार, यह हमला हूती नियंत्रण वाले होदेदाह बंदरगाह से करीब 13 समुद्री मील दक्षिण में हुआ। इसके बाद यमन के तटरक्षक और नौसेना ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी को चिकित्सा सहायता दी गई और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।एनआरएफ के मुताबिक जहाज पर विस्फोटकों से लदी एक नाव से हमला किया गया। इस हमले के बाद कार्गो पोत समुद्र में डूब गया। एनआरएफ ने इस हमले के लिए यमन के हूती विद्रोही समूह को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि खबर लिखे जाने तक हूती समूह की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हमले का सटीक समय भी सार्वजनिक नहीं किया गया।हमले के बाद यमन की तटरक्षक और नौसैनिक इकाइयों ने तुरंत संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान जहाज पर मौजूद सभी 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इनमें 13 भारतीय नाविक और एक यमन का नागरिक शामिल था। बचाए गए सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनकी चिकित्सकीय जांच भी कराई गई। अधिकारियों के अनुसार किसी भी चालक दल के सदस्य को गंभीर चोट नहीं आई।हाल के महीनों में लाल सागर में कई व्यापारिक जहाजों पर हमले हुए हैं। पिछले महीने भी एक सऊदी कंपनी के स्वामित्व वाले तेल टैंकर पर हमला हुआ था, जिससे जहाज के अगले हिस्से में आग लग गई थी। उस घटना में भी चालक दल सुरक्षित बच गया थ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 4, 2026 · 2 min · National Desk

Tamil Nadu: 'मुझे डराया नहीं जा सकता', रिहाई के बाद बोले- उदयनिधि स्टालिन; तृषा पर टिप्पणी मामले पर क्या बोले?

क्या बोले उदयनिधि स्टालिन? गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर क्या आरोप लगाए? कावेरी मुद्दे पर क्या कहा? मामले में आगे क्या हो सकता है? उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार सुबह चेन्नई स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया और तंजावुर के पास सेंगिपट्टी पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वहां करीब एक घंटे तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। मद्रास हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के अनुसार पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें स्टेशन बेल पर रिहा कर दिया गया। गिरफ्तारी के करीब नौ घंटे बाद जब वह पुलिस स्टेशन से बाहर निकले तो डीएमके कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।रिहाई के बाद उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि कावेरी मुद्दे पर किसानों के समर्थन में डीएमके के प्रदर्शन और उनके भाषण को किसानों का व्यापक समर्थन मिला। उनका आरोप है कि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले सरकार इस मुद्दे पर होने वाली बहस से ध्यान हटाना चाहती थी। उन्होंने कहा कि उनके भाषण का संपादित वीडियो जारी कर यह झूठा दावा किया गया कि उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उनके अनुसार इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा, “मैंने पुलिस का पूरा सहयोग किया, लेकिन जिन शब्दों को मैंने कभी कहा ही नहीं, उनके लिए मुझे गिरफ्तार किया गया।“उदयनिधि ने कहा कि सरकार उन्हें चुप कराने और डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह दिवंगत एम. करुणानिधि के पोते, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे और द्रविड़ मुनेत्र कषगम के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की कार्रवाई से पीछे हटने वाली नहीं है और वह कानूनी व राजनीतिक दोनों स्तरों पर इसका सामना करेंग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 4, 2026 · 2 min · National Desk

MEA: दो भारतीय अब भी लापता, यूक्रेन में जहाज पर हमले को लेकर विदेश मंत्रालय सख्त; PoJK चुनाव पर क्या कहा?

पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर पर भारत ने क्या कहा? व्यापार समझौते और बांग्लादेश पर क्या जानकारी दी गई? म्यांमार सीमा और शेख हसीना के कार्यक्रम पर क्या बोला विदेश मंत्रालय? रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारतीय दूतावास दोनों लापता नागरिकों के परिवारों के संपर्क में भी हैं और उन्हें हर संभव सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि खोज और बचाव अभियान यूक्रेन और रोमानिया के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय में चलाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने भरोसा दिलाया कि जब तक दोनों भारतीयों का पता नहीं चल जाता, तब तक सभी जरूरी प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि विदेशों में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में शामिल है।विदेश मंत्रालय ने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को फिर कड़ा संदेश दिया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सभी देशों से आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील करता है और विशेष रूप से पाकिस्तान को अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे को पूरी तरह खत्म करना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में कराए जा रहे दूसरे चरण के स्थानीय चुनावों को भी दिखावा बताया। उनके अनुसार, वहां जनता विरोध कर रही है, जबकि पाकिस्तान दमन, गोलीबारी, ब्लैकआउट और डर का माहौल बनाकर चुनावों के जरिए वैधता दिखाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जून से अब तक कम से कम 90 नागरिकों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हुए हैं।विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर काफी प्रगति हो चुकी है। कुछ मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है और दोनों देश इस दिशा में काम कर रह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 4, 2026 · 2 min · National Desk

Politics: राहुल गांधी का PM मोदी पर निशाना, बोले- दर्द में छात्र, उन्हें प्रधानमंत्री से माफी की जरूरत नहीं

देश में छात्रों के मुद्दे, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सियासी बहस तेज है। इसी बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के छात्र दर्द में हैं, उन्हें माफी की नहीं बल्कि रोजगार, निष्पक्ष परीक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। क्या बोले राहुल गांधी, छात्रों और युवाओं के मुद्दे पर? राहुल गांधी ने कहा कि छात्र रोजगार मांग रहे हैं, निष्पक्ष परीक्षाएं चाहते हैं और ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं जो सही तरीके से काम करे। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री छात्रों को ‘माफ’ करने की बात करते हैं। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री को देश के युवाओं के भविष्य को माफ करने का अधिकार किसने दिया। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि ऐसा अधिकार उन्हें कहां से मिला। राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवा भारी पीड़ा में हैं। वे नौकरी की मांग कर रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता चाहते हैं। उनका कहना था कि युवाओं की आवाज सुनने के बजाय सरकार अलग दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। आरएसएस की सोच पर राहुल गांधी ने क्या कहा? राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों, खासकर आरएसएस की सोच के पीछे एक खतरनाक विचार है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सोच भारत को उसकी विविधता के रूप में नहीं देखती। राहुल गांधी ने कहा कि भारत अनेक परंपराओं, भाषाओं और संस्कृतियों का देश है और इसी विविधता का सम्मान होना चाहिए। संविधान में राज् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 4, 2026 · 2 min · National Desk