हमला कैसे हुआ और किस पर आरोप लगा? बचाव अभियान में क्या हुआ? क्या लाल सागर में पहले भी ऐसे हमले हुए? लाल सागर का समुद्री मार्ग क्यों महत्वपूर्ण? भारतीय ध्वज वाले कार्गो पोत फैजे नूरे ओलिया पर यमन के पश्चिमी तट के पास हमला हुआ। सरकारी समर्थन प्राप्त नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स (एनआरएफ) के अनुसार, यह हमला हूती नियंत्रण वाले होदेदाह बंदरगाह से करीब 13 समुद्री मील दक्षिण में हुआ। इसके बाद यमन के तटरक्षक और नौसेना ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी को चिकित्सा सहायता दी गई और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।एनआरएफ के मुताबिक जहाज पर विस्फोटकों से लदी एक नाव से हमला किया गया। इस हमले के बाद कार्गो पोत समुद्र में डूब गया। एनआरएफ ने इस हमले के लिए यमन के हूती विद्रोही समूह को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि खबर लिखे जाने तक हूती समूह की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हमले का सटीक समय भी सार्वजनिक नहीं किया गया।हमले के बाद यमन की तटरक्षक और नौसैनिक इकाइयों ने तुरंत संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान जहाज पर मौजूद सभी 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इनमें 13 भारतीय नाविक और एक यमन का नागरिक शामिल था। बचाए गए सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनकी चिकित्सकीय जांच भी कराई गई। अधिकारियों के अनुसार किसी भी चालक दल के सदस्य को गंभीर चोट नहीं आई।हाल के महीनों में लाल सागर में कई व्यापारिक जहाजों पर हमले हुए हैं। पिछले महीने भी एक सऊदी कंपनी के स्वामित्व वाले तेल टैंकर पर हमला हुआ था, जिससे जहाज के अगले हिस्से में आग लग गई थी। उस घटना में भी चालक दल सुरक्षित बच गया थ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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