बांग्लादेश में 35 साल बाद राष्ट्रपति चुनाव: मिर्जा फखरुल ने ओली अहमद को हराया, कब लेंगे शपथ?

बांग्लादेश को नया राष्ट्रपति मिल गया है। सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्नल ओली अहमद को हराया। यह चुनाव कई मायनों में खास रहा। बांग्लादेश में 35 साल बाद राष्ट्रपति पद के लिए सीधा मुकाबला हुआ। 1991 के बाद पहली बार इस पद के लिए दो उम्मीदवार आमने-सामने थे। हाल के वर्षों में राष्ट्रपति का चुनाव ज्यादातर आम सहमति या निर्विरोध हुआ था। मुख्य चुनाव आयुक्त और राष्ट्रपति चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी एएमएम नासिर उद्दीन ने नतीजों का एलान किया। उनके मुताबिक, मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को 255 वोट मिले। वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी ओली अहमद को 88 वोट हासिल हुए। यानी आलमगीर ने 167 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।राष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 349 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से 343 सांसदों ने मतदान किया। छह सांसदों ने वोट नहीं डाला। वोटिंग गुरुवार को संसद भवन में हुई। मतदान के बाद वोटों की गिनती की गई। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने नतीजे घोषित किए और आलमगीर को बांग्लादेश का निर्वाचित राष्ट्रपति घोषित किया।ओली अहमद लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष हैं। वह जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार थे। वहीं, 78 वर्षीय मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर सत्तारूढ़ बीएनपी के उम्मीदवार थे। चुनाव जीतने के साथ ही वह बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति चुने गए हैं।यह राष्ट्रपति चुनाव अचानक खाली हुए पद की वजह से कराना पड़ा। बांग्लादेश के तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था। मोहम्मद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk

RSS पर राहुल गांधी का हमला: 'कोई कैसे जान सकता है 1.5 अरब लोगों की सच्चाई?' स्वराज-शिक्षा व्यवस्था पर भी बरसे

दिल्ली में ‘हरा भरा स्वराज: राजीव गांधी के विजन को श्रद्धांजलि’ कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी एक समूह या व्यक्ति को यह मानने का अधिकार नहीं है कि वह देश की 1.5 अरब आबादी की सच्चाई जानता है। राहुल गांधी ने कहा “यही आरएसएस के साथ मेरी समस्या है। आरएसएस ने तय कर लिया है कि वह 1.5 अरब लोगों की सच्चाई जानता है। मैं कहता हूं कि केवल 1.5 अरब लोग ही अपनी सच्चाई जान सकते हैं।” उन्होंने कहा कि अगर वह यह मान लें कि वह किसी दूसरे व्यक्ति की सच्चाई जानते हैं तो यह गलत होगा, क्योंकि उन्होंने उस व्यक्ति के अनुभवों और परिस्थितियों को नहीं देखा है। भारत की असली वैचारिक लड़ाई क्या है? राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में वैचारिक लड़ाई सिर्फ पर्यावरण, राजनीति या स्वतंत्र मीडिया जैसे मुद्दों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, असली सवाल यह है कि क्या कोई समूह यह तय कर सकता है कि देश के हर व्यक्ति की सच्चाई वही जानता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों से जुड़े एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि इसका मतलब यह संदेश देना है कि “मैं सब कुछ जानता हूं, आप कुछ नहीं जानते।” राहुल गांधी ने ‘स्वराज’ को लेकर क्या कहा? राहुल गांधी ने कहा कि जब छात्रों ने विरोध किया तो मोहन भागवत की ओर से भी छात्रों पर हमला नहीं करने की बात कही गई, लेकिन उनके अनुसार छात्रों पर लगातार हमला इसलिए हो रहा है क्योंकि कुछ लोग मानते हैं कि वे उनकी सच्चाई जानते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि अगर देश के हर कारोबार का मालिक एक ही व्यक्ति हो तो बड़ी आबादी के लिए स्वराज संभव नहीं है। उन्होंने कहा “अगर एक व्यक्ति इस देश के हर एक कारोबा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk

JPSC विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 11वीं-13वीं परीक्षा और नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर रोक

झारखंड सरकार की ओर से 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में बीते दिन बुधवार को दो अलग-अलग रिट याचिकाएं दायर की गई थी। वहीं, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी परीक्षा रद्द किए जाने के खिलाफ भी हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दाखिल की गई थी।इस दौरान जेएएस अधिकारी सूर्य प्रकाश कुजूर ने कहा, “हमें सरकार की ओर से देर रात करीब 12:30 या 1 बजे नोटिस मिला था। जब हमें 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा रद्द किए जाने की जानकारी मिली तो हम पूरी तरह टूट गए थे। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे साथ ऐसा कुछ हो सकता है। गौरतलब है कि झारखंड परीक्षा विवाद को लेकर हुए छात्र आंदोलन के दबाव के बाद प्रदेश सरकार को 45 परीक्षाएं रद्द और स्थगित करनी पड़ी है। सरकार को झुकना पड़ा। इस सच को हलक से नीचे उतारने में सरकार को 25 दिन से ज्यादा का समय लग गया। वहीं, जब सरकार ने सच स्वीकार किया तो परिणाम सामने आया 22 परीक्षाओं का रद्दीकरण, छह परीक्षाओं का स्थगन और 17 आयोजित परीक्षाओं की सीआईडी जांच का फैसला लिया था। लेकिन सीजीएल परीक्षा रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन का आज तीसरा दिन है। रांची में अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगा हुआ है। ऐसे में सरकार के सामने चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अभ्यर्थियों ने सरकार से नियुक्तियां रद्द करने के फैसले को वापस लेने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने गले में फंदा डालकर विरोध जताया और कहा कि सरकार नौकरी नहीं दे सकती तो उन्हें फांसी दे दे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk

35 साल बाद भी मां के दर्द को नहीं भूले राहुल, सोनिया की किताब पर हुए भावुक; बोले- 'पापा आज मुस्कुरा रहे होंगे

सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ नवंबर में प्रकाशित होने जा रही है। राहुल गांधी ने इस मौके पर अपनी मां के संघर्ष, साहस और निजी जीवन को याद करते हुए भावुक संदेश लिखा है। आत्मकथा में सोनिया गांधी के इटली के बचपन, राजीव गांधी से प्रेम और विवाह, गांधी परिवार में प्रवेश, इंदिरा और संजय गांधी की मौत, राजनीति में आने के कारणों और 2004 में प्रधानमंत्री पद ठुकराने जैसे महत्वपूर्ण प्रसंग शामिल हैं। किताब के जरिए वह छह दशकों के भारत के सामाजिक और आर्थिक बदलावों को भी अपने निजी अनुभवों की नजर से सामने रखेंगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 1 min · National Desk

Bihar News: बाहुबली अनंत सिंह अचानक क्यों पहुंचे नीतीश कुमार से मिलने, सात सर्कुलर आवास पर क्या बातचीत हुई?

मोकामा के विकास कार्यों पर हुई चर्चा बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान अनंत सिंह ने मोकामा विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी। क्षेत्र की विभिन्न जरूरतों और लंबित कार्यों को लेकर भी चर्चा हुई। अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के स्वास्थ्य की जानकारी भी ली। कुछ दिन पहले नीतीश कुमार को लेकर क्या बोले थे बता दें कि बांकीपुर में भाजपा की हार पर अनंत सिंह ने कहा था कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद के हटने से जनता दुखी है। वह इनसब के लिए भाजपा को दोषी मानती है। यह खेल जनता को पसंद नहीं है। जनता यह सोच रही है कि नीतीश कुमार के साथ भाजपा ने गलत किया। इस बात से जनता दुखी है। हालांकि, अनंत सिंह ने यह भी कहा कि इस बात में सच्चाई नहीं है। नीतीश कुमार ने अपने मन से मुख्यमंत्री पद का त्याग किया है। लेकिन, जनता यह सच नहीं समझ रही। अनंत सिंह ने राजद पर भी निशाना साधा था। कहा था कि वह पार्टी ही नहीं है। एक आदमी उनके साथ चलने के लिए तैयार नहीं है। दो दिन पहले संजय झा के आवास पर सुपर सीएम के नारे लगे थे इससे दो दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पहुंचे थे। उस दौरान जदयू के कई कार्यकर्ता वहां मौजूद थे। नीतीश कुमार के पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के साथ ‘सुपर सीएम जिंदाबाद’ के नारे भी सुनाई दिए। बताया गया कि नीतीश कुमार ने संजय झा से कार्यकर्ताओं से मिलने और उनकी समस्याएं सुनने को कहा था। उन्होंने संजय झा को सभी लोगों से मिलने, उनकी बातें और कागजात लेने तथा बाद में उनसे मिलने के लिए कहा। सांसद संजय झा ने कहा कि लोग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk

राहुल गांधी का दावा: पीएम मोदी का शासन आखिरी दौर में, उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हुई; कांग्रेस को क्या सलाह दी?

सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा, नरेंद्र मोदी का सियासी अंत हो चुका है। इनका वक्त खत्म हो गया है। मोदी का शासन आखिरी दौर में है। इनके उत्तराधिकारी की तलाश चल रही है। राहुल गांधी ने मोदी सरकार को पूरी तरह पीछे हटने की स्थिति में बताया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सरकार के खिलाफ और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ने को कहा। ये बातें दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक के दौरान कही गईं। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने देश की राजनीतिक स्थिति और अहम मुद्दों पर पार्टी की रणनीति पर चर्चा की। ये भी पढ़ें: खरगे ने मोदी सरकार पर क्या आरोप लगाए? कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बैठक को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पिछले 12 साल में युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है। खरगे ने दावा किया कि हाल के वर्षों में 94 हजार स्कूल बंद हो चुके हैं। उन्होंने युवाओं के लिए साफ, व्यापक और तय समय में पूरा होने वाला ‘शिक्षा से रोजगार रोडमैप’ बनाने की मांग की। राम मंदिर के चढ़ावे पर क्या बोले? खरगे ने राम मंदिर ट्रस्ट को मिले पैसे, सोने और दूसरी चीजों के रूप में मिले चढ़ावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि इस चढ़ावे का हिसाब कैसे रखा जा रहा है और इनका इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी तरह की वित्तीय गड़बड़ी हुई है, तो उसकी ठीक से जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। सीडब्ल्यूसी की बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई? बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk

UGC Regulations 2026: क्या बदलेंगे यूजीसी के इक्विटी नियम? केंद्र ने SC में कहा- दोबारा कर रहे विचार

UGC Equity Regulations 2026: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि यूजीसी के इक्विटी नियमों, 2026 पर दोबारा विचार किया जा रहा है। ये नियम फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण लागू नहीं हैं। केंद्र और यूजीसी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार इन नियमों पर फिर से विचार कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि दोबारा विचार के बाद फैसला किस दिशा में जाएगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 1 min · National Desk

चाय की चुस्की हुई मंहगी: टूटा 80 साल का रिकॉर्ड, यूपी की 19 मिलों ने बढ़ाए दाम, 61 रुपये किलो पहुंची चीनी

प्रदेश की 19 मिलें लगातार दाम बढ़ाती जा रही हैं, जिससे चीनी के दाम आठ दशक के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए हैं। डेढ़ माह के भीतर 17 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है और पिछले एक पखवाड़े से रोजाना एक से दो रुपये दाम बढ़ रहा है। बुधवार को अलीगढ़ में चीनी 61 रुपये प्रति किलोग्राम में बिक रही थी। जुलाई में छह रुपये किलो तक भाव बढ़े थे, तब से कम नहीं हुए हैं। डेढ़ माह में 17 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। चीनी मिलों में एथनॉल उत्पादन बढ़ाए जाने चीनी उत्पादन कम हुआ है और भाव बढ़े हैं। -विशाल भगत, थोक व्यापारी। चीनी की कीमत रोजाना बढ़ने से अब ग्राहक बहस कर रहे हैं। उन्हें समझाना मुश्किल हो रहा है। सावन और त्योहारी सीजन में चीनी की मांग बढ़ने का भी असर है।-मनोज कुमार, फुटकर व्यापारी। चीनी की कीमतें अपने रिकाॅर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। महंगाई से परेशान आम आदमी के लिए यह एक और बड़ा झटका है। अब घर पर भी कुछ मीठा बनाना मुश्किल हो रहा है। -सुभाष राजा, फुटकर व्यापारी। कुछ व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में चीनी की कीमत 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। रोजाना बढ़ रहे दाम से बाजारों में दुकानदार-ग्राहकों के बीच बहस भी शुरू हो गई है। चीनी की इस महंगाई की वजह गन्ना से अधिकाधिक मात्रा में एथनॉल के निर्माण को बताया जा रहा है। थोक व्यापारियों के अनुसार चीनी के भाव को नियंत्रित करने और घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार अक्तूबर से एथनॉल उत्पादन में गन्ना के इस्तेमाल को सीमित करने पर विचार कर रही है, जिससे आपूर्ति बढ़ेगी और भाव नियंत्रित होंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk

बांग्लादेश में 35 साल बाद राष्ट्रपति चुनाव आज: किसका किससे है मुकाबला, कौन दौड़ में सबसे आगे? जानिए समीकरण

आलमगीर (78 वर्षीय) सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के उम्मीदवार हैं। वहीं, अहमद (84 वर्षीय)लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के अध्यक्ष हैं। वह जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने 16 अगस्त को दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को सही मानते हुए मंजूर कर लिया था।बांग्लादेश में 1991 के बाद यह पहला राष्ट्रपति चुनाव है, जिसमें उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हो रहा है। पिछले कई दशकों में राष्ट्रपति का चुनाव आमतौर पर आपसी सहमति से या बिना मुकाबले के होता रहा है।बीएनपी की संसदीय दल की बैठक में बुधवार को आलमगीर ने पार्टी के सांसदों से राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें वोट देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘अगर मैंने कोई गलती की है या अनजाने में किसी को दुख पहुंचाया है, तो मैं माफी मांगता हूं।‘आलमगीर बीएनपी में संयुक्त महासचिव, कार्यवाहक महासचिव और महासचिव जैसे पदों पर रह चुके हैं। बैठक में मौजूद कई सांसदों ने बताया कि वरिष्ठ नेता भावुक हो गए और कई बार उनकी आंखों से आंसू निकल आए। आलमगीर ने वादा किया कि वह देश की आजादी और संप्रभुता से कभी समझौता नहीं करेंगे।डेली स्टार अखबार ने संसद सचिवालय के सूत्रों के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार शुक्रवार शाम बंगभवन के दरबार हॉल में बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। यह राष्ट्रपति चुनाव इसलिए जरूरी हुआ, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी माने जाने वाले मोहम्मद शहाबुद्दीन ने पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था। उनका पांच साल का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ था।प्रधानमंत्री और बीएनपी के अध्यक्ष ता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका में RSS पर बैन लगाने की मांग: भागवत के US दौरे पर USCIRF सख्त; बोला- संघ नेताओं को न मिले सम्मान

अमेरिका की धार्मिक स्वतंत्रता पर काम करने वाली सलाहकार संस्था यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम (यूएससीआईआरएफ) के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने अमेरिकी सरकार से अपील की है कि वह आरएसएस नेताओं को राजनयिक सम्मान न दे और न ही उनके साथ किसी तरह की हाई-लेवल मीटिंग करे। यह बयान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित अमेरिका दौरे से पहले आया है। वहीं, भारत पहले ही यूएससीआईआरएफ की रिपोर्टों को पक्षपातपूर्ण और वैचारिक पूर्वाग्रह पर आधारित बताते हुए खारिज कर चुका है। यूएससीआईआरएफ के चेयरमैन आसिफ महमूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य हैं। उन्होंने आरएसएस को एक ‘अंब्रेला ऑर्गनाइजेशन’ यानी ऐसा मुख्य संगठन बताया, जिसके सहयोगी संगठनों पर धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले करने के आरोप लगते रहे हैं। महमूद की ये टिप्पणियां आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे से कुछ हफ्ते पहले सामने आई हैं। भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में ‘अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग’ की ओर से आयोजित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ (एकता का उत्सव) में शामिल होने वाले हैं।यूएससीआईआरएफ कमिश्नर जीन मिल्स ने कहा कि आरएसएस नेताओं को, भले ही वे भारत सरकार से जुड़े हों, हाई-लेवल मीटिंग या राजनयिक सम्मान नहीं दिया जाना चाहिए। इसके बजाय, अमेरिकी सरकार (USG) को उन आरएसएस सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने पर ध्यान देना चाहिए, जो फ्रीडम ऑफ रिलिजन ऑर बिलीफ यानी धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए गए हैं। यूएससीआईआरएफ ने आसिफ महमूद और जीन मिल्स की इन टिप्पणियों को अपने एक्स अकाउ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk