Israel: सीरिया में तुर्किये की सैन्य विस्तार योजना पर इस्राइल की चेतावनी, राजदूत बोले- हद पार कर दी गई है

उनकी यह टिप्पणी इस्राइल द्वारा सीरिया में किए गए हवाई हमलों के बाद आई है। इन हमलों की सीरिया और तुर्किये दोनों की सरकारों ने आलोचना की थी। लेइटर ने कहा, “यह तुर्किये की ओर से समझौतों का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा था। जिन लोगों को खुफिया जानकारी दी जानी जरूरी थी, उन्हें वह जानकारी मिल गई। जिन्हें पता होना चाहिए था कि क्या होने वाला है, उन्हें इसकी जानकारी थी। हमने स्पष्ट कर दिया था कि यह हमारे समझौतों का उल्लंघन है और इसी वजह से इस्राइल ने कार्रवाई की।“लेइटर के मुताबिक, मंगलवार को अलेप्पो के पास सीरिया में अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इस्राइल ने जो हमला किया, वह कथित तुर्किये के कदम को लेकर दी गई चेतावनियों पर ध्यान नहीं दिए जाने के बाद किया गया। सीरियाई अधिकारियों ने कहा था कि एयरफील्ड पर कम से कम आठ हमले हुए। बाद में सैटेलाइट तस्वीरों में रनवे को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई।इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को कहा था, “इस्राइल ने संदेश स्पष्ट कर दिया है: ऐसा मत करो।” लेइटर ने कहा कि तुर्की का कथित कदम अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के दौरान इस्राइल और सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के प्रशासन के बीच बनी समझ के खिलाफ था। इस समझ के तहत सीरिया में मौजूदा स्थिति को “स्थिर” रखा गया था।उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में पेरिस में हुई एक बैठक के दौरान भी इन समझों की पुष्टि की गई थी। बैठक में सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी, अमेरिका के सीरिया मामलों के दूत टॉम बैरक, लेइटर, तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद प्रमुख गिल रीच और नेतन्याहू के सैन्य सचिव रोमन गोफमैन शामिल हुए थे। गोफमैन अब मोसाद के निदेशक हैं।लेइटर ने कहा, “इस रोक का मत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 21, 2026 · 2 min · National Desk

आज के दिन: गृह मंत्री अमित शाह का सिलीगुड़ी दौरा, हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र का आगाज

जेन-जी एंटरप्रेन्योर्स से सीधा संवाद करेंगे सीएम सैनी हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी 21 अगस्त को गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में जेन-जी एंटरप्रेन्योर्स के साथ सीधा संवाद करेंगे। कार्यक्रम में स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक युवाओं को सफल उद्यमियों से कारोबार शुरू करने, धन की व्यवस्था और तकनीकी सहायता से जुड़ी जानकारी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्यक्रम में औपचारिकता कम रखने और युवाओं के साथ सीधे संवाद पर जोर देने के निर्देश दिए हैं। सीएम की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित बैठक के दौरान अधिकारियों ने इस कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से चर्चा की। (संबंधित खबर यहां पढ़ें) …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 21, 2026 · 1 min · National Desk

Politics: शशि थरूर ने नए संसद भवन को बताया 'बेजान कॉन्फ्रेंस सेंटर', बोले- पुरानी इमारत में अपनापन था

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने नए संसद भवन की डिजाइन और वहां के माहौल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने नए संसद भवन को ‘बेजान कॉन्फ्रेंस सेंटर’ बताते हुए कहा कि इसमें पुराने संसद भवन जैसा अपनापन और सहज बातचीत का माहौल नहीं है। उनके मुताबिक, इमारत की बनावट संसद में बढ़ती राजनीतिक दूरी और ध्रुवीकरण का प्रतीक जैसी लगती है। थरूर ने यह बात पत्रकार और लेखिका शोभना के. नायर की नई किताब ‘हाउसिंग द रिपब्लिक: ए बायोग्राफी ऑफ द इंडियन पार्लियामेंट’ के विमोचन के दौरान कही। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 21, 2026 · 1 min · National Desk

पाकिस्तान-चीन दोनों अलग चुनौती: पूर्व सेना प्रमुख नरवणे ने ड्रैगन को बताया प्रतिस्पर्धी, किससे ज्यादा खतरा?

भारत के सामने पाकिस्तान और चीन दोनों से सुरक्षा चुनौतियां हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में चीन को देश का मुख्य प्रतिस्पर्धी मानना चाहिए। पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे ने कहा है कि पाकिस्तान के मामले में भारत का तत्काल ध्यान आतंकवाद के लगातार बने खतरे के कारण पश्चिमी सीमा पर रहता है। वहीं चीन राजनीतिक, आर्थिक, व्यापार और सैन्य समेत कई क्षेत्रों में भारत का दीर्घकालिक मुख्य प्रतिस्पर्धी बनने वाला है। नरवणे ने यह बात अपनी नई किताब के विमोचन के मौके पर कही। चीन को दुश्मन नहीं, प्रतिस्पर्धी क्यों मानते हैं नरवणे? जनरल मनोज नरवणे ने चीन के लिए दुश्मन शब्द इस्तेमाल करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि वह चीन को भारत का मुख्य प्रतिस्पर्धी मानते हैं। उनके अनुसार भारत और चीन के बीच लंबे समय से सीमा विवाद और कई मतभेद हैं। दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव भी रहा है। लेकिन इन मतभेदों को बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से सुलझाने की कोशिश होनी चाहिए। नरवणे ने साफ किया कि प्रतिस्पर्धा होने का मतलब हमेशा युद्ध नहीं होता, लेकिन इससे कुछ स्तर पर टकराव की संभावना बनी रह सकती है। पाकिस्तान और चीन को अलग नजर से क्यों देखते हैं? नरवणे ने कहा कि पाकिस्तान और चीन भारत के लिए अलग-अलग तरह की चुनौती हैं। भारत दोनों देशों के साथ युद्ध लड़ चुका है और दोनों के साथ सीमा विवाद भी हैं। पाकिस्तान के मामले में आतंकवाद भारत की तत्काल चिंता है। पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद को लगातार समर्थन मिलता रहा है। इसके कारण भारत का ध्यान पश्चिमी सीमा पर बना रहता है। चीन के मामले में चुनौती ज्यादा व्यापक है। आने वाले लंबे समय में उसका प्रभाव कई क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है। किन क्षेत्रों में चीन भारत का प्रति …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 21, 2026 · 2 min · National Desk

पाकिस्तान: पूर्व पीएम इमरान खान को अस्पताल ट्रांसफर की तैयारी लगभग पूरी; बहन अलीमा भी पहुंचीं अदियाला जेल

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ संस्थापक इमरान खान को अदियाला जेल से शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने की तैयारियां पूरी होने की खबर है। पाकिस्तानी मीडिया एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इमरान खान फिलहाल अदियाला जेल में हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्हें इलाज के लिए अस्पताल स्थानांतरित किए जाने की तैयारी चल रही है। शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में क्या हो रहा है? इमरान खान के संभावित ट्रांसफर के मद्देनजर इस्लामाबाद पुलिस के महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शिफा इंटरनेशनल अस्पताल पहुंचे। वहां वरिष्ठ अधिकारियों ने आईजी इस्लामाबाद को सुरक्षा इंतजामों के बारे में जानकारी दी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत अस्पताल के बाहर खड़े वाहनों को भी लिफ्टर की मदद से हटाया जा रहा है, ताकि सुरक्षा और आवाजाही से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुचारु किया जा सके। इमरान खान की बहन अलीमा खान कहां पहुंचीं? इमरान खान की बहन अलीमा खान अदियाला जेल पहुंचीं। उनके चचेरे भाई कासिम खान भी वहां मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार, अलीमा खान को जेल के प्रवेश द्वार पर पुलिस ने रोक दिया। इमरान खान के अस्पताल ट्रांसफर को लेकर जेल के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। क्या अस्पताल के एक हिस्से को सब-जेल बनाया जाएगा? रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान को अस्पताल ले जाने की स्थिति में शिफा इंटरनेशनल अस्पताल के एक हिस्से को सब-जेल घोषित किए जाने की संभावना है। इससे अस्पताल में इलाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी और इमरान खान की हिरासत भी जारी रह सकेगी। इमरान खान को अस्पताल ले जाने की संभावित प्रक्रिया को …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 21, 2026 · 2 min · National Desk

इथेनॉल बनाने से देश में चीनी का संकट: केजरीवाल का केंद्र पर हमला, बोले- निर्यात करने वाला देश अब आयात को मजबूर

निर्यात करने वाला देश अब आयात को मजबूर केजरीवाल ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाकर विदेशी मुद्रा बचाने का तर्क दिया था। लेकिन, इस नीति के चलते गन्ने को चीनी उत्पादन के बजाय इथेनॉल बनाने की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। इसका सीधा नतीजा यह हुआ कि चीनी के उत्पादन में भारी गिरावट आ गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो भारत कुछ समय पहले तक दुनिया भर में चीनी का निर्यात करता था, वह आज अपनी गलत नीतियों के कारण चीनी आयात करने की योजना बना रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 1 min · National Desk

'युवाओं और यूनिवर्सिटी से बढ़ाएं जुड़ाव': बैठक में PM मोदी ने सचिवों को दिया मंत्र, बोले-नीति में आए नई सोच

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर भारत सरकार के सचिवों के साथ तीसरी उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी, सुरक्षा एवं विदेश मामलों तथा सुशासन से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भविष्य के कार्य एजेंडे पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि सचिव केवल तत्काल चुनौतियों और आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि देश के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि भारत के विकास की दिशा तय करने के लिए लंबी अवधि की सोच जरूरी है। बैठक में विभागों के बीच तालमेल की कमी (साइलो) को बड़ी चुनौती बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल संगठनात्मक नहीं, बल्कि सोच से जुड़ी समस्या भी है। उन्होंने अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों का स्वामित्व लेने और अपनापन की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी और पश्चिम एशिया संकट का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौरान विभिन्न मंत्रालयों और विभागों ने बेहतर समन्वय के साथ काम किया था। उन्होंने कहा कि ऐसी समन्वय व्यवस्था सरकार की कार्य संस्कृति का स्थायी हिस्सा बननी चाहिए।प्रधानमंत्री ने नीति निर्माण में नए विचार लाने के लिए सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच अधिक संवाद बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं और शिक्षण संस्थानों की भागीदारी से नए और अपरंपरागत विचार सामने आ सकते हैं। रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के रक्षा उद्योग को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जाना चाहिए। इसके लिए रक्षा शिक्षा और मानव संसाध …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk

मंत्रियों का सोशल मीडिया रिपोर्ट कार्ड: पीएम मोदी सबसे आगे, युवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए क्या है नई रणनीति?

मंत्रियों की फेसबुक, लिंक्डइन, एक्स और इंस्टाग्राम पर मौजूदगी और प्रदर्शन का विश्लेषण किया गया। सरकार ने अब मंत्रियों को इन मंचों पर अपनी पहुंच बढ़ाने और खासकर युवाओं से बेहतर तरीके से जुड़ने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में मई से 15 अगस्त तक की गतिविधियों का अध्ययन किया गया। कुछ आकलनों में एक मई से 15 अगस्त, 2026 के बीच इंस्टाग्राम, एक्स और फेसबुक पर मंत्रियों की गतिविधियों को आधार बनाया गया।रिपोर्ट में मंत्रियों के सोशल मीडिया पोस्ट और उन पर लोगों की प्रतिक्रिया को देखा गया। इसके लिए औसत दैनिक पोस्ट, कुल जुड़ाव, प्रति पोस्ट औसत जुड़ाव, पसंद और फॉलोअर्स की संख्या जैसे पैमानों को शामिल किया गया। एक आकलन में फेसबुक, लिंक्डइन, एक्स और इंस्टाग्राम पर मंत्रियों की गतिविधियों और बातचीत का विश्लेषण किया गया। वहीं समग्र रैंकिंग तैयार करने के लिए इंस्टाग्राम, एक्स और फेसबुक के आंकड़ों को आधार बनाया गया। इस रिपोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीर्ष स्थान पर रहे। आकलन सिर्फ मंत्रियों की आपसी तुलना तक सीमित नहीं था। इसमें देश के शीर्ष नेताओं से लेकर जमीनी स्तर के नेताओं तक के सोशल मीडिया प्रभाव और सामग्री पर मिलने वाली प्रतिक्रिया को भी देखा गया।केंद्र सरकार अब सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय और प्रभावी मौजूदगी चाहती है। खासतौर पर उन मंचों पर जोर दिया जा रहा है, जहां युवा बड़ी संख्या में सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से अपने सोशल मीडिया दायरे को बढ़ाने को कहा है। रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल के छात्र आंदोलनों और कागज लीक के विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार को सोशल मीडिया पर नाराजगी और आलोचना का सामना करना पड़ा था।सरकार अब छोटे वीडियो, कम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk

कौन हैं मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर?: छात्र नेता से बांग्लादेश के राष्ट्रपति तक; जानें पांच दशक का सियासी सफर

क्या छात्र राजनीति से शुरू हुआ था मिर्जा फखरुल का सफर? मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने राजनीति में कदम उस दौर में रखा, जब बांग्लादेश आजाद देश नहीं था और उसे पूर्वी पाकिस्तान के तौर पर जाना जाता था। ढाका विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान वह वामपंथी विचारधारा वाले ईस्ट पाकिस्तान स्टूडेंट्स यूनियन से जुड़े। 1969 में तत्कालीन सैन्य समर्थित सरकार के खिलाफ हुए जन आंदोलन के दौरान आलमगीर संगठन की ढाका विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष बने। यह वह दौर था जब पूर्वी पाकिस्तान में राजनीतिक असंतोष तेजी से बढ़ रहा था और आगे चलकर यही घटनाक्रम बांग्लादेश के स्वतंत्रता आंदोलन की पृष्ठभूमि बना। 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान आलमगीर ने वामपंथी विचारों वाले स्वतंत्रता सेनानियों के संगठन और लामबंदी में मदद की। उन्होंने भारत में शरण लेकर भी इस प्रक्रिया में भूमिका निभाई। यानी उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत सीधे किसी बड़े राजनीतिक दल से नहीं हुई थी। वह पहले छात्र आंदोलन और विचारधारा आधारित राजनीति से जुड़े और धीरे-धीरे सक्रिय राजनीतिक जीवन की ओर बढ़े। राजनीति में आने से पहले क्या करते थे मिर्जा फखरुल? राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले आलमगीर सरकारी सेवा में थे। 1972 में उन्होंने सिविल सेवा के शिक्षा कैडर में प्रवेश किया और अर्थशास्त्र के शिक्षक बने। सरकारी सेवा के दौरान उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। लेकिन 1986 में उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी और सक्रिय राजनीति में उतर गए। इसके दो साल बाद, 1988 में वह अपने गृह क्षेत्र ठाकुरगांव की नगरपालिका के अध्यक्ष चुने गए। खास बात यह थी कि उन्होंने यह चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीता था। यहीं से उनकी स्थानीय राजनीति में पकड़ मजबूत हुई …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: लद्दाख में होगी J&K हाईकोर्ट की बेंच, अमित शाह बोले- न्याय तक पहुंच होगी आसान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लद्दाख में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने का फैसला लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से लद्दाख के दूरदराज इलाकों में रहने वाले नागरिकों को न्याय तक पहुंच आसान होगी। अमित शाह के मुताबिक, हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने से लोगों को अपनी कानूनी सेवाओं का लाभ लेने में लगने वाला समय कम होगा। अमित शाह ने फैसले को लेकर क्या कहा? अमित शाह ने अपने पोस्ट में कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला लद्दाख के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच को बेहतर करेगा। उनके अनुसार, लोगों को उन कानूनी सेवाओं को हासिल करने में कम समय लगेगा, जिनके वे हकदार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लद्दाख के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। The Union Cabinet, under the leadership of the PM Shri @narendramodi Ji, has decided to set up a bench of the High Court of Jammu and Kashmir in Ladakh. This will significantly enhance access to justice for citizens living in remote areas of Ladakh by reducing the time required… — Amit Shah (@AmitShah) August 20, 2026 लद्दाख के लोगों को क्या फायदा होगा? सरकार के मुताबिक, हाईकोर्ट की बेंच बनने से लद्दाख के दूरदराज इलाकों में रहने वाले नागरिकों को न्यायिक सेवाओं तक पहुंच बनाने में सुविधा होगी। कानूनी सेवाओं के लिए लगने वाला समय कम होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। इस फैसले का उद्देश्य लद्दाख में न्याय व्यवस्था तक नागरिकों की पहुंच को और बेहतर करना है। अमित …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk